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भोपाल में साहित्य का उत्सव: ऊर्जा मंत्री के हाथों काव्य संग्रह का विमोचन, भावनाओं की डोर से बंधा शहर

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भोपाल।
राजधानी भोपाल में शनिवार को साहित्य और संवेदनाओं का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे सांस्कृतिक परिदृश्य को जीवंत कर दिया। एजी पब्लिशिंग हाउस द्वारा प्रकाशित चर्चित लेखिका रीना यादुवेन्दु की काव्य कृति “एहसासों की डोर” का भव्य विमोचन एक गरिमामयी समारोह में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्य, सिनेमा और प्रशासन जगत की नामचीन हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कविता केवल शब्दों का मेल नहीं, बल्कि समाज की आत्मा होती है। कविता मनुष्य के भीतर छिपी संवेदनाओं को आवाज देती है और ऐसे समय में, जब संवेदनशीलता कम होती जा रही है, इस तरह की कृतियाँ समाज को मानवीय मूल्यों से जोड़ने का काम करती हैं।

इस मौके पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुप्रसिद्ध लेखक इंद्रा डांगी, वरिष्ठ अभिनेता राजीव वर्मा, प्रसिद्ध लेखिका एवं कवयित्री रहात बद्र, आईएएस दिव्यांक सिंह सहित कई प्रतिष्ठित साहित्यकार और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने एक स्वर में “एहसासों की डोर” को भावनात्मक गहराई से भरपूर रचना बताया और इसे समकालीन कविता का सशक्त दस्तावेज कहा।

काव्य संग्रह “एहसासों की डोर” मानवीय रिश्तों, प्रेम, पीड़ा, उम्मीद और जीवन के सूक्ष्म भावों को बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करता है। पुस्तक की एक खास पहचान इसकी रंगीन और कलात्मक चित्रण शैली है, जो कविताओं के भावों को दृश्य रूप देकर पाठकों को एक अलग ही अनुभूति से जोड़ती है।

प्रकाशक एजी पब्लिशिंग हाउस के संस्थापक योगेश शर्मा और सह-संस्थापक रक्षा बाजपेई ने लेखिका को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पुस्तक भावनात्मक साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एजी पब्लिशिंग हाउस का लक्ष्य केवल पुस्तक प्रकाशित करना नहीं, बल्कि ऐसे साहित्य को मंच देना है जो समाज से संवाद करे।

लेखिका रीना यादुवेन्दु ने मंच से सभी अतिथियों, प्रकाशक टीम और पाठकों का आभार जताते हुए कहा कि “एहसासों की डोर” उनके दिल की अनुभूतियों का प्रतिबिंब है। उन्होंने विश्वास जताया कि पाठक इन कविताओं में अपने जीवन के भावों की झलक जरूर पाएंगे।

कुल मिलाकर, “एहसासों की डोर” का यह विमोचन भोपाल के साहित्यिक इतिहास में एक यादगार और प्रेरणादायक क्षण बनकर उभरा, जहां शब्दों ने संवेदनाओं से हाथ मिलाया और साहित्य ने एक बार फिर अपनी ताकत का एहसास कराया।

दिल्ली में ग्रैप-III के उपाय लागू, AQI 400 पार पहुंचा, इन कामों पर लगा बैन

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दिल्ली की हवा का स्तर बेहद खराब स्तर तक पहुंच गया है। लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। ऐसे में प्रशासन ने ग्रैप-III के उपाय लागू किए हैं।दिल्ली में हवा का स्तर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया है। इससे निपटने के लिए ग्रैप-III के उपाय लागू कर दिए गए हैं। शनिवार सुबह दिल्ली का एक्यूआई 390 दर्ज किया गया। यह बेहद खराब श्रेणी में आता है। इसके बाद ग्रैप-III के उपाय लागू किए गए। सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण के स्तर के आधार पर दिल्ली और आसपास के एनसीआर में जीआरएपी के तहत प्रतिबंध लागू किए जाते हैं। हालांकि, सर्दी के दौरान दिल्ली की औसतन बेहद खराब रहती है। डॉक्टरों के अनुसार इससे फेफड़ों और हृदर को गंभीर नुकसान हो सकता है।

जीआरएपी के चार चरण
जीआरएपी वायु गुणवत्ता को चार चरणों में वर्गीकृत करता है। चरण 1 (खराब, एक्यूआई 201-300), चरण 2 (बहुत खराब, एक्यूआई 301-400), चरण 3 (गंभीर, एक्यूआई 401-450) और चरण 4 (गंभीर से भी अधिक, एक्यूआई 450 से ऊपर)। एक्यूआई की मात्रा बढ़ने के साथ ग्रैप के उपाय बढ़ते जाते हैं और कई तरह के कामों में बैन लग जाता है।

इन कामों पर लगी रोक
जीआरएपी-3 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों में गैर-जरूरी निर्माण और विध्वंस कार्यों के साथ-साथ पत्थर तोड़ने और खनन गतिविधियों पर रोक शामिल है। इसके अंतर्गत दिल्ली में पुराने डीजल मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध है, जबकि कक्षा 5 तक के स्कूल हाइब्रिड मोड में स्थानांतरित हो गए हैं और दिल्ली-एनसीआर में कार्यालय 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर सकते हैं।

वजीरपुर की हालत सबसे खराब
शनिवार की सुबह, राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। वजीरपुर की हालत सबसे खराब रही। यहां का एक्यूआई 443 था। जहांगीरपुरी में 439 और विवेक विहार में 437 एक्यूआई दर्ज किया गया। अन्य क्षेत्रों में आनंद विहार (435), बुराड़ी क्रॉसिंग (415), चांदनी चौक (419), गाजीपुर (435), जहांगीरपुरी (442), आरके पुरम (404) और रोहिणी (436) ऐसे केंद्र रहे, जहां एक्यूआई 400 से ज्यादा रहा।

पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में बनेंगे नए मेडिकल कॉलेज, CM मोहन यादव ने की चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक

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CM मोहन यादव ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की है। सीएम ने इस दौरान अधिकाधिक अस्पतालों और डॉक्टर्स को आयुष्मान योजना से जोड़ने का निर्देश दिया है। उन्होंने बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को प्रदेश में ही सेवाएं देने के लिए तैयार करने को भी कहा है।भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन लाना ही सरकार की मंशा है। स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और चिकित्सा शिक्षा के व्यापक विस्तार के लिए सरकार बहुस्तरीय सुधार लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकाधिक नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाया जाए। जो अस्पताल या डॉक्टर आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं करते हैं या इस योजना में इम्पैनल्ड नहीं है, उन्हें भी इस योजना से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर्स की आपूर्ति के लिए विभाग भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाए। यह प्रयास किया जाए कि फील्ड में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के संचालन के लिए निजी चिकित्सकों की भी सेवाएं ली जाए। इसके लिए उन्हें कॉल पर बुलाने के अलावा अच्छा मानदेय (इन्सेंटिव) भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे विद्यार्थी, जिनकी फीस सरकार द्वारा अदा की जा रही है, ऐसे बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को मध्यप्रदेश में ही सेवाएं देने के लिए रोका जाए। ऐसे डॉक्टर्स को प्रदेश के जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए इन्हें भी आकर्षक मानदेय राशि दी जाए।
अधिक संख्या में डॉक्टर्स की आवश्यकता- मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादन ने कहा कि प्रदेश में तेजी से नए मेडिकल कॉलेजेस स्थापित हो रहे हैं, ऐसे में अधिक संख्या में डॉक्टर्स की आवश्यकता होगी। बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को प्रमोट कर, इनके मानदेय का रिवीजन कर सभी नए मेडिकल कॉलेजेस एवं फील्ड के अस्पतालों में इनकी सेवाएं ली जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सहित खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और संचालित गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राजेन्द्र शुक्ल, राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) नीरज मंडलोई भी उपस्थित थे।

बॉन्ड वाले डॉक्टर्स शासकीय डॉक्टर्स के रूप में भर्ती होंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों तक इनका लाभ समय पर और प्रभावी रूप से पहुंचे, इसके लिए डिलेवरी सिस्टम को और मजबूती और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने फील्ड अमले की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि फील्ड स्तर पर संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही से ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि विभागीय सेवाओं का समन्वय और योजनाबद्ध क्रियान्वयन ही सरकार की लक्ष्य पूर्ति का वास्तविक माध्यम है। बैठक में बताया गया कि बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को शासकीय डॉक्टर्स के रूप में भर्ती करने के लिए, इनके भर्ती नियम संशोधित किए जा रहे हैं। इसके लिए जल्द ही मंत्रीपरिषद की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।

सीजेरियन आपरेशन पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए- मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में तेजी से नए मेडिकल कॉलेजेस की स्थापना के लिए विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में गर्भवती माताओं का बेवजह सीजेरियन आपरेशन करने की शिकायत आती रहती हैं, इस पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस के चालकों द्वारा ज़बरदस्ती मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाने की शिकायत भी आती हैं, इसकी सख्ती से निगरानी करें और ऐसी प्रवृत्ति को रोकें। बताया गया कि बीते दो साल मे 84000 से अधिक कार्डियक सर्जरी शासकीय अस्पतालों में हुई है। प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में शासकीय अस्पतालों में कार्डियक सर्जरी बहुत कम खर्चे में होती है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय व्यवस्थाओं की सराहना की। बताया गया कि प्रदेश में देहदान करने वाले 38 मृतकों को गॉड आफ ऑनर दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक बेहद अच्छी योजना है और पूरे समाज के बीच इसे बेहद प्रमुखता से प्रचारित किया जाना चाहिए।

मेडिकल टूरिज्म हब बनेगा एक जिला
बैठक में उप मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि अगले तीन सालों में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा सीएम-केयर योजना के सफल क्रियान्वयन को कार्ययोजना में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 की समाप्ति तक राजगढ़, मंडला, छतरपुर, उज्जैन, दमोह एवं बुधनी में निर्माणाधीन गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज प्रारंभ कर देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा पीपीपी मोड पर तैयार किए जाने वाले सभी मेडिकल कॉलेजेस का निर्माण कार्य भी इसी अवधि के दौरान पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश के एक जिले को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लिया गया है। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालय में कैथलैब की स्थापना भी वर्ष 2028 तक कर दी जाएगी। वर्ष 2028 तक मातृ मृत्यु दर 100 प्रति लाख जीवित जन्म करने का लक्ष्य लिया गया है। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रशासन के सुदृढ़ीकरण के लिए FSSAI द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए 41.07 करोड़ रुपए की कार्ययोजना मंजूर कर दी गई है। इसी प्रकार औषधि प्रशासन के सुदृढ़ीकरण के लिए 211 करोड़ रुपए की लागत से 5 साल की कार्ययोजना बनाकर CDSCO को भेज दी गई है। इसमें उल्लेखित सभी पूंजीगत कार्य 3 साल की समय-सीमा में पूरे कर लिए जाएंगे।

बीते दो वर्ष की विभागीय उपलब्धियां
बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव द्वारा बीते दो वर्षों में विभाग को मिली उपलब्धियों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में नवाचार की दृष्टि से निजी निवेशकों को अस्पताल के निर्माण के लिए एक रुपए में जमीन देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। निजी निवेशकों के सहयोग से पीपीपी मोड पर कटनी, धार, पन्ना और बैतूल जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा पीपीपी मोड पर ही 9 जिलों अशोक नगर, मुरैना, सीधी, गुना, बालाघाट, भिंड, टीकमगढ़, खरगौन एवं शाजापुर में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए निविदा की कार्रवाई प्रचलित है। इनके लिए द्वितीय निविदा 24 दिसंबर 2025 तक आमंत्रित की गई हैं। उन्होंने बताया कि –

पीपीपी मोड पर प्रदेश में 4 नए मेडिकल कॉलेज पन्ना, बैतूल, कटनी और धार के निर्माण के लिये भूमि-पूजन जल्द ही किया जाएगा।
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा करेंगे इन मेडिकल कॉलेजेस के निर्माण का भूमिपूजन।
वित्त वर्ष 2003-04 में मध्यप्रदेश में मात्र 5 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे, वर्ष 2025-26 में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजेस की संख्या बढ़कर 52 हो गई है।
मेडिकल कॉलेज सतना से संबंद्ध नवीन चिकित्सालय 383 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। इसका भूमिपूजन जल्द ही किया जाएगा।
प्रदेश में 14 नये नर्सिंग कॉलेज खुलेंगे।
भोपाल एवं रीवा में कार्डिएक कैथलैब प्रारंभ, ग्वालियर एवं जबलपुर में भी कैथलैब जल्द ही खोलने की तैयारी।
बॉन्ड वाले 2500 डाक्टर्स जल्द ही उपलब्ध होंगे।
इन्हें प्रदेश में ही सेवाएं देने के लिए तैयार किया जाये।
हास्पिटल खोलने के लिए निवेशकों को 1 रूपये में जमीन देने के मामले में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी
ऐसा नवाचार करने में देश का पहला राज्य है मध्यप्रदेश।
रेडियोथैरेपी सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज इंदौर, जबलपुर, रीवा एवं ग्वालियर में 50 करोड़ प्रति मशीन की लागत से आधुनिक ड्यूल एनर्जी लीनियर एक्सीलेटर मशीन खरीदी जा रही हैं।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा एवं सागर मेडिकल कॉलेज में सीटी स्केन (9 करोड रूपए प्रति मेडिकल कॉलेज) एवं एम.आर.आई. मशीनें (14 करोड़ रूपए प्रति मेडिकल कॉलेज) स्थापित की जा रही है। मेडिकल कॉलेज ग्वालियर, रतलाम एवं विदिशा के लिए भी ऐसी ही मशीनें खरीदी जाएंगी।
मेडिकल कॉलेज भोपाल, इंदौर, रीवा एवं सागर में रेडियोथैरेपी सुविधाओं के विस्तार के लिए ब्रेकीथेरिपी मशीनें खरीदने के लिए इन सभी मेडिकल कॉलेजेस को 7-7 करोड़ रूपए दिए जा रहे हैं।
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की संख्या 14 से बढ़कर 19
प्रमुख सचिव ने बताया कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की संख्या 14 से बढ़कर अब 19 एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालय की संख्या 12 से बढ़कर अब 14 हो गई है। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा इंदौर में ईएसआईसी (ESIC) चिकित्सा महाविद्यालय (50 सीटर) भी प्रारंभ किया गया है। महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर से संबंद्ध महाराजा यशवंत राव चिकित्सालय परिसर में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 773.07 करोड रुपए तथा मेडिकल कॉलेज रीवा में भी विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 321.94 करोड रुपए मंजूर किए गए हैं। बताया गया कि प्रदेश के तीन नए जिलों मैहर, मऊगंज और पांढुर्ना में नए जिला चिकित्सालय के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी गई है। टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, शिवपुरी एवं डिंडोरी के जिला चिकित्सालय का उन्नयन करते हुए कुल 800 बिस्तरों की वृद्धि की गई है और इसके लिए 810 नए पदों पर भर्ती की मंजूरी भी दे दी गई है।

मातृ मृत्यु दर 173 से कम होकर 142
प्रमुख सचिव ने बताया कि मई 2024 से प्रारंभ हुई पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा में अबतक 109 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया। जुलाई 2025 से प्रारंभ की गई शव परिवहन सेवा के जरिए अबतक 6308 शवों का परिवहन किया गया। प्रदेश के सभी जिला चिकित्सालय में जन औषधि केंद्रों की स्थापना कर दी गई है। शासकीय औषधि वितरण में जीएस-1 प्रणाली का क्रियान्वयन किया जा रहा है। बताया गया कि एसआरएस 2018-20 में जारी की गई तुलना में मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर 173 से कम होकर 142 तथा शिशु मृत्यु दर 41 से कम होकर 37 हो गई है।

टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम में मध्यप्रदेश टॉप 5 में
प्रमुख सचिव ने बताया कि नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम में मध्यप्रदेश देश के टॉप फाइव परफॉर्मर स्टेटस में से एक है। सिकल सेल स्क्रीनिंग मे भी मध्यप्रदेश ने देश में अव्वल प्रदर्शन किया है। अबतक कुल 1 करोड़ 25 लाख 38 हजार 125 सिकल सेल स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर एकीकृत उपचार केन्द्रों की स्थापना, भोपाल एवं इंदौर में सेंटर ऑफ कॉम्पीटेन्स तथा प्री-नेटल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज रीवा में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 12 हजार 655 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 448 मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक, 72 मोबाइल मेडिकल यूनिट और 148 शव वाहन संचालित किए जा रहे हैं।

सोने के भाव में उछाल, चांदी ने भी लगाई तेज छलांग, एमसीएक्स पर ये रहे भाव, जानें महानगरों में कीमतें

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वायदा बाजार में सोने और चांदी के तेवर चढ़े हुए हैं। ग्लोबल मार्केट में भी सोने का भाव छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। आने वाले समय में भी दोनों धातुओं की कीमत में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। वायदा बाजार में बुधवार को इन दोनों बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में उछाल देखा गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सुबह 10 बजकर 27 मिनट पर फरवरी डिलीवरी के लिए सोने की कीमत बीते सत्र के मुकाबले 0.79 प्रतिशत की उछाल के साथ 1,30,787 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चला गया। इसी समय चांदी की कीमत में बीते सत्र के मुकाबले 1.49 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और कीमत 1,84,307 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।महानगरों में सोने का हाजिर कीमत
आज दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹13,073 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने का भाव ₹11,985 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव ₹9,809 प्रति ग्राम है।
goodreturns के मुताबिक, बुधवार को मुंबई में सोने की कीमत ₹13,058 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने का भाव ₹11,970 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव ₹9,794 प्रति ग्राम है।
कोलकाता में आज सोने का भाव 24 कैरेट सोने के लिए ₹13,058 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए ₹11,970 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए ₹9,794 प्रति ग्राम है।
चेन्नई में आज सोने का भाव 24 कैरेट सोने के लिए ₹13,157 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए ₹12,060 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए ₹10,055 प्रति ग्राम है।
आज बैंगलोर में 24 कैरेट सोने का भाव ₹13,058 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने का भाव ₹11,970 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव ₹9,794 प्रति ग्राम है।
ग्लोबल मार्केट में सोने का भाव
ग्लोबल मार्केट में सोने का भाव छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। tradingeconomics के मुताबिक, बुधवार को सोने की कीमतों में तेजी का रुख बरकरार रहा, और यह $4,220 प्रति औंस के करीब पहुंच गया। कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण यह है कि बाजार अब फेडरल रिज़र्व से और अधिक मौद्रिक नरमी की उम्मीद कर रहा है।

ताज़ा अमेरिकी आर्थिक रिपोर्टों से यह संकेत मिला है कि देश में आर्थिक गतिविधियों की रफ़्तार कुछ धीमी हुई है। इसी वजह से यह अनुमान काफी मज़बूत हो गया है कि फेड अगले सप्ताह होने वाली अपनी बैठक में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। बाज़ार अब इस कटौती की संभावना को लगभग 90% मानकर चल रहा है।

इस शहर में आज क्यों बंद रहेंगे ऑफिस, स्कूल और बैंक, सरकार ने घोषित की छुट्टी

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सरकार की तरफ से एक दिन के अवकाश की घोषणा की गई है। इस दौरान स्कूल, ऑफिस और बैंक समेत कई संस्थाएं बंद रहेंगी।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 3 दिसंबर को अवकाश घोषित किया गया है। ये अवकाश सिर्फ भोपाल के लिए ही है। इस दौरान शहर में स्कूल, कॉलेज, बैंक और सभी सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे। बुधवार को छुट्टी के लिए सरकार की तरफ से पत्र भी जारी हुआ है।
भोपाल गैस कांड की 41वीं बरसी
मध्य प्रदेश सरकार ने दुनिया की सबसे भयावह औद्योगिक त्रासदी, भोपाल गैस कांड की 41वीं बरसी पर स्थानीय अवकाश घोषित किया है। यह अवकाश भोपाल शहर और जिले के सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूल-कॉलेजों, बैंक और सार्वजनिक उपक्रमों पर लागू होगा।

जानिए क्या बोले DM?
गैस त्रासदी की बरसी को लेकर भोपाल के जिलाधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि शांति और श्रद्धांजलि बनाए रखने के लिए शहर में धारा 144 लागू रहेगी। किसी भी तरह के जुलूस या प्रदर्शन पर पहले अनुमति जरूरी होगी।

गैस त्रासदी में करीब 5300 लोग मारे गए थे
बता दें कि 2-3 दिसंबर 1984 की रात यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसायनेट (MIC) गैस के रिसाव से हजारों लोग मारे गए थे। लाखों लोग आज भी इसके दुष्प्रभाव झेल रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उस रात और उसके बाद करीब 5300 लोग मारे गए थे। जबकि गैर-सरकारी अनुमान 20,000 से ज्यादा मौतों का दावा करते हैं। हर साल 3 दिसंबर को भोपाल में शोक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

कहीं आप भी तो नहीं खा रहे जहरीले मोमो? ज्यादा मात्रा में मिलाया जा रहा अजीनोमोटो, अवैध प्लांट कराया गया बंद

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मध्य प्रदेश के इंदौर में मोमो में ज्यादा मात्रा में अजीनोमोटो मिलाया जा रहा है। जांच में बात सही पाए जाने पर एक अवैध मोमो के प्लांट को बंद भी करवाया गया है।इंदौर: मोमो खाना भारत में एक आम बात है। बड़ी संख्या में देशवासी मोमो खाते हैं और इसका मार्केट बहुत बड़ा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोमो खाना आपके घर में मौजूद गर्भवती महिला और 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नुकसानदेह हो सकता है और इसके पीछे की वजह है मोमो में होने वाली अवैध मिलावटखोरी। दरअसल तमाम जगहों पर मोमो में तय मात्रा से ज्यादा अजीनोमोटो मिलाया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?
ताजा मामला मध्य प्रदेश के इंदौर से सामने आया है। यहां मिलावट के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत मंगलवार को मोमो के एक अवैध प्लांट को बंद कराया गया है। अधिकारियों ने बताया है कि इस प्लांट में जो मोमो तैयार किए जा रहे थे, उनमें तय सीमा से ज्यादा अजीनोमोटो होने के खुलासे के बाद कार्रवाई की गई।

दरअसल इंदौर के खातीपुरा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अलग-अलग तरह के मोमो एक प्लांट में बनाए जा रहे थे। यहां से कई जगहों पर मोमो की आपूर्ति की जा रही थी। लेकिन जब यहां चेकिंग हुई तो पता लगा कि यहां स्वीकृत मात्रा से ज्यादा अजीनोमोटो मिलाया जा रहा है।

अजीनोमोटो क्या होता है?
अजीनोमोटो को ‘मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी)’ भी कहते हैं, जो किसी भी खाने की चीज का स्वाद बढ़ा देता है। अगर चाइनीज आइटम्स समेत तमाम व्यंजनों में इसे नहीं डाला जाए तो कई लोगों को तो खाने में स्वाद भी नहीं लगेगा। ऐसे में खाने की चीजों में अजीनोमोटो डालने की एक सीमा तय की गई है लेकिन तमाम लोग नियम का उल्लंघन करते हैं और तय सीमा से ज्यादा अजीनोमोटो डालते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि अजीनोमोटो का तय मात्रा से ज्यादा इस्तेमाल करने से कुछ लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इनमें गर्भवती महिलाएं और 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे शामिल हैं।

जिस प्लांट पर कार्रवाई हुई, वहां मिली गंदगी
अधिकारियों के मुताबिक, मोमो के जिस प्लांट पर कार्रवाई की गई है, उसके परिसर में स्वच्छता का खयाल नहीं रखा गया था और कच्चे माल को सही से स्टोर भी नहीं किया गया था। इसके अलावा प्लांट के पास मोमो बनाने के लिए कोई लीगल लाइसेंस भी नहीं था। ऐसे में इस प्लांट को अगले आदेश तक बंद करवा दिया गया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है। (

हरियाणा में 25 लाख 41 हजार वोटों की चोरी हुई, हर 8 में से एक वोटर नकली”, राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप

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वोट चोरी के मुद्दे पर राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और हरियाणा के चुनावों के नतीजों का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में 25 लाख 41 हजार वोटों की चोरी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक केंद्रीकृत ऑपरेशन है।नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी के मुद्दे पर बड़ी प्रेस कॉन्फेंस करते हुए वोट चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में वोट चोरी हुई। राहुल ने दावा किया कि उनके पास सबूत हैं कि हरियाणा में 25 लाख मतदाता फर्जी हैं। हरियाणा में हर 8 में से 1 मतदाता फर्जी है।राहुल ने H फाइल्स के जरिए वोट चोरी का आरोप लगाया
राहुल गांधी ने कहा, “हमारे पास ‘एच’ फाइल्स हैं और यह इस बारे में है कि कैसे एक पूरे राज्य को चुरा लिया गया है। हमें संदेह था कि यह व्यक्तिगत निर्वाचन क्षेत्रों में नहीं, बल्कि राज्य स्तर पर और राष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है।”

राहुल गांधी ने कहा, “हमें हरियाणा में हमारे उम्मीदवारों से बहुत सारी शिकायतें मिलीं कि कुछ गड़बड़ है और काम नहीं कर रहा है। उनकी सारी भविष्यवाणियां उल्टी हो गईं। हमने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में इसका अनुभव किया था, लेकिन हमने हरियाणा पर ध्यान केंद्रित करने और वहां जो कुछ हुआ था, उसके बारे में विस्तार से जानने का फैसला किया।”

हरियाणा के चुनाव नतीजों का उदाहरण दिया
राहुल गांधी ने कहा, “सभी एग्जिट पोल हरियाणा में कांग्रेस की जीत की ओर इशारा कर रहे थे। दूसरी बात जो हमारे लिए आश्चर्यजनक थी, वह यह थी कि हरियाणा के चुनावी इतिहास में पहली बार डाक से वोट वास्तविक मतदान से अलग थे। हरियाणा में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। इसलिए, हमने सोचा कि आइए विस्तार से जानें। जब मैंने पहली बार यह जानकारी देखी, जो आप देखने जा रहे हैं, तो मुझे यकीन नहीं हुआ। मैं सदमे में था। मैंने टीम को कई बार क्रॉस-चेक करने के लिए कहा।”

राहुल ने कहा, “मैं चाहता हूं कि भारत के युवा, जेन-जी इसे स्पष्ट रूप से समझें क्योंकि यह आपके भविष्य के बारे में है। मैं भारत में चुनाव आयोग, लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा हूं, इसलिए मैं इसे 100% सबूत के साथ कर रहा हूं। हमें पूरा यकीन है कि कांग्रेस की भारी जीत को हार में बदलने की योजना बनाई गई थी। कृपया उनके (सीएम नायब सैनी) चेहरे पर मुस्कान और उस ‘व्यवस्था’ पर ध्यान दें, जिसकी वह बात कर रहे हैं।” राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस हरियाणा में 22,779 वोटों से चुनाव हार गई।

वोटर लिस्ट में ब्राजील की मॉडल की फोटो का इस्तेमाल किया गया: राहुल
राहुल ने एक लड़की की तस्वीर दिखाकर बताया कि ये लड़की ब्राजील की मॉडल है, जिसका वोटर लिस्ट में कई जगहों पर इस्तेमाल किया और इस फोटो के जरिए हरियाणा में 22 बार अलग-अलग बूथों पर वोट डाला गया। इस फोटो वाली वोटर के कई नाम हैं, जैसे सीमा, स्वीटी और सरस्वती। इसका मतलब है कि यह एक केंद्रीकृत ऑपरेशन है। यह एक स्टॉक फोटो है और वह हरियाणा में ऐसे 25 लाख रिकॉर्डों में से एक है।”

अनुष्का शर्मा ने रील लाइक करके मचाई हलचल, फैंस बोले- ‘भाभी जी ने पूरा कंट्रोल रखा है’

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विराट कोहली ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और इस दौरान अनुष्का हमेशा उनके साथ रही हैं। इसीलिए विराट भी कभी अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा को अपनी सफलता का श्रेय देने से पीछे नहीं रहते। वह कई बार कह चुके हैं कि उनके मुश्किल समय में अनुष्का ही उनके साथ थीं।अनुष्का शर्मा और विराट कोहली, बॉलीवुड और क्रिकेट इंडस्ट्री की सबसे प्यारी और मजबूत जोड़ियों में से एक हैं और हर मुश्किल समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। विराट कोहली ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, कभी सफलता के चरम पर रहे विराट के करियर में वो समय भी आया जब वह क्रिकेट पिच पर अपने निराशाजनक प्रदर्शन के चलते ट्रोल्स के निशाने पर आ गए थे। विराट अपने करियर में हर तरह का समय देख चुके हैं, लेकिन इस पूरे समय एक चीज जो जस की तस रही, वह था अनुष्का का उन्हें समर्थन। अनुष्का हर अच्छे-बुरे समय में विराट के साथ खड़ी रही हैं और खुद ये बात विराट कहते हैं। विराट ने खुलकर ये बात कही थी कि उनके हर मुश्किल समय में अनुष्का ही उनके साथ थीं। अब इस पर सोशल मीडिया पर एक रील वायरल हो रहा है, जिस पर अनुष्का शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी है।

फैन के वीडियो पर अनुष्का का रिएक्शन वायरल
सोशल मीडिया पर विराट के कुछ फैंस ने एक रील बनाई है, जो विराट कोहली के उस बयान पर है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘मेरे बुरे समय मं सिर्फ मेरी पत्नी अनुष्का शर्मा ही मेरे साथ खड़ी थीं।’ विराट ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी सफलता का श्रेय अनुष्का को देते हुए ये बात कही थी, जिस पर ये रील तेजी से वायरल हो रहा है। विराट के इस स्टेटमेंट पर उनके कुछ फैंस ने एक फनी वीडियो बनाया है, जिस पर इमरान खान का ‘बेवफा’ सॉन्ग लगाया और ये देख अनुष्का भी खुद को इसे लाइक करने से नहीं रोक पाईं।

नए अवतार में लॉन्च हुई Hyundai Venue और Venue N Line, जबरदस्त डिजाइन, प्रीमियम फीचर्स और कीमत पर डाले एक नजर

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ऑटोमोबाइल लवर्स के लिए आज का दिन खास रहा, क्योंकि हुंडई इंडिया ने अपनी पॉपुलर SUV Hyundai Venue और इसके स्पोर्टी वर्जन Venue N Line के सेकंड-जेनरेशन मॉडल्स लॉन्च कर दिए हैं।भारत में हुंडई ने आज अपनी पॉपुलर कॉम्पैक्ट SUV Venue का नया अवतार लॉन्च कर दिया है, साथ ही इसके स्पोर्टी वर्जन Venue N Line को भी पेश किया गया है। पहली जनरेशन की जबरदस्त सफलता के बाद कंपनी ने इस सेकंड-जेनरेशन Venue को स्टाइल, टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस के नए स्तर तक पहुंचाने का दावा किया है। नए मॉडल को देखकर साफ है कि हुंडई ने डिजाइन से लेकर फीचर्स तक हर पहलू में बड़ा बदलाव किया है, ताकि SUV सेगमेंट में Venue की पकड़ और मजबूत हो सके।

शार्प और प्रीमियम डिजाइन
नई Hyundai Venue और Venue N Line का डिजाइन पहले से कहीं ज्यादा बोल्ड और मॉडर्न है। फ्रंट में नया रेक्टैंगुलर ग्रिल, डार्क क्रोम इंसर्ट्स, और क्वाड-बीम LED हेडलैंप्स इसे शानदार अपील देते हैं। ऊपर की तरफ C-शेप DRLs और कनेक्टेड लाइट बार SUV को प्रीमियम टच देते हैं। साइड प्रोफाइल में नए 16-इंच अलॉय व्हील्स, क्रोम डोर हैंडल्स और Venue मोटिफ वाला सिल्वर इंसर्ट SUV को अधिक डायनामिक बनाते हैं। पीछे की ओर Venue को कनेक्टेड टेललैंप्स और 3D Venue लोगो के साथ नया, मस्कुलर रियर डिजाइन मिला है।
टेक्नोलॉजी और लग्जरी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन
केबिन पूरी तरह नया है। इसमें अब डुअल-टोन डार्क नेवी और डव व्हाइट इंटीरियर थीम दी गई है। कार में सबसे बड़ा अट्रैक्शन इसका ट्विन 12.3-इंच कर्व्ड डिस्प्ले है। इसके अलावा नया टेराजो टेक्सचर डैशबोर्ड को स्टाइलिश बनाता है। रियर सीट पर अब ज्यादा स्पेस और कम्फर्ट मिलेगा-20mm लंबा व्हीलबेस, रीयर AC वेंट्स, सनशेड्स और रीक्लाइनिंग सीट्स की वजह से लंबी यात्राएं आरामदायक होंगी।ADAS और प्रीमियम फीचर्स का धमाल
नई Venue और Venue N Line में लेवल 2 ADAS टेक्नोलॉजी दी गई है, जो ड्राइविंग को और सेफ बनाती है। इसके अलावा 6 एयरबैग्स, ESC, 360-डिग्री कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक विद ऑटो होल्ड जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। फीचर्स की बात करें तो इसमें वायरलेस Android Auto/Apple CarPlay, वॉइस असिस्टेड सनरूफ, वेंटिलेटेड सीट्स और एम्बियंट लाइटिंग जैसे प्रीमियम ऑप्शन दिए गए हैं।

इंजन और परफॉर्मेंस
नई Venue तीन इंजन ऑप्शंस के साथ आई है-1.2L पेट्रोल, 1.0L टर्बो पेट्रोल और 1.5L डीजल। खास बात यह है कि अब डीजल वेरिएंट में भी 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन दिया गया है। वहीं Venue N Line को केवल 1.0L टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ पेश किया गया है, जिसमें 6-स्पीड मैनुअल और 7-स्पीड DCT ट्रांसमिशन का ऑप्शन है।

मध्य प्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ किए जा रहे हैं विकास के तीव्र प्रयास’, बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव

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70वें मध्य प्रदेश स्थापना दिवस समारोह अभ्युदय मध्य प्रदेश के तीसरे व अंतिम दिन ड्रोन शो, महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य और सुप्रसिद्ध गायिका स्नेहा शंकर की सुगम संगीत प्रस्तुति हुई। सीएम मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन हमारी समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत करने का माध्यम बना।भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विरासत के संरक्षण के साथ विकास के तीव्र प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुसार मध्यप्रदेश विरासत के संरक्षण में आगे है। विकास के अनूठे कदम उठाए गए हैं। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन हमारी समृद्ध विरासत और गौरवशाली इतिहास को प्रस्तुत करने का माध्यम बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन ऐतिहासिक नगरी है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। बाबा महाकाल की कृपा उज्जैन पर है। सम्राट विक्रमादित्य ने कलयुग में भी सतयुग जैसा और भगवान श्री राम की तरह शासन किया। ज्ञान, न्याय, दानशीलता, शौर्य के गुणों से उन्हें महान शासक की संज्ञा मिली। उन्होंने विक्रम संवत को प्रारंभ किया।

प्रदेश के विकास के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 वर्ष में प्रदेश के विकास के लिए अनूठे कदम उठाए गए हैं। मात्र डेढ़ वर्ष की अवधि में राज्य में 18 मेडिकल कॉलेज खुले हैं। आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज खोलने में मध्यप्रदेश में सबसे आगे है। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज सभी जिलों में हैं। राज्य के सभी जिलों में पुलिस बैंड के दल गठित किए गए। इसके लिए रिक्त पदों की पूर्ति की गई।

आयोजनों को गरिमा मेय बनाने के लिए पुलिस बैंड का उपयोग व्यापक स्तर पर सराहा गया है। पुलिस बैंड के सदस्यों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिलवाया गया। हाल ही में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर केवड़िया (गुजरात) में हुए कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के पुलिस बैंड दल का उपयोग किया गया। निश्चित ही यह मध्य प्रदेश के लिए गर्व और गौरव की बात है।

राजा भोज प्रदेश के एक प्रतापी शासक थे- मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भोज भी प्रदेश के एक प्रतापी शासक थे। उनका शासन काल सम्राट विक्रमादित्य से लगभग 1000 साल बाद का रहा। भोपाल में स्थित विशाल सरोवर भोजताल कहलाता है। भारतीय संस्कृति के ऐसे पुरोधा और सुशासन देने वाले शासको की स्मृति में आयोजनों का सिलसिला चलता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम “अभ्युदय मध्यप्रदेश” के समापन पर बधाई और शुभकामनाएं दी।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस महानाट्य मंचन से जुड़े रहे हैं। संस्कृति में उनकी विशेष रूचि है। सम्राट विक्रमादित्य की खूबियों को नाटक के माध्यम से मंच पर लाने का कार्य करीब दो दशक से चल रहा है। भोपाल के निवासियों को पहली बार यह प्रस्तुति देखने को मिली है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सांस्कृतिक जगत में दिए जा रहे निर्देशन की सराहना की।