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पालमपुर में कटर खरीदने के दो महीने के भीतर खराब, दुकानदार ने बदलने और ठीक करने से किया इनकार, उपभोक्ता में भारी आक्रोश

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पालमपुर। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पालमपुर क्षेत्र से एक गंभीर उपभोक्ता शिकायत सामने आई है, जहां भवारना निवासी हेमचंद्र ने आरोप लगाया है कि उन्होंने थाकुरद्वारा स्थित शिव शक्ति ट्रेडर्स से एक कटर मशीन खरीदी थी, जो खरीदने के महज एक से दो महीने के भीतर ही खराब हो गई। पीड़ित का कहना है कि मशीन खरीदते समय उन्हें बेहतर गुणवत्ता और लंबे समय तक चलने का भरोसा दिया गया था, लेकिन कुछ ही समय में मशीन ने काम करना बंद कर दिया।

प्राप्त बिल के अनुसार यह खरीदारी 7 अक्टूबर 2025 को की गई थी। बिल में मशीन की कीमत लगभग 38 हजार 550 रुपये दर्ज है। हीमचंद्र का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद उन्हें खराब और संभवतः पुराना या एक्सपायरी सामान थमा दिया गया।

पीड़ित हीमचंद्र ने बताया कि जब वह मशीन को लेकर दुकान पर पहुंचे और दुकानदार से उसे बदलने या मरम्मत करने की बात कही, तो दुकान संचालक ने साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि दुकानदार ने अभद्र भाषा में कहा कि हम न तो इसे बदलेंगे और न ही ठीक करेंगे, जो आपसे करते बने वह कर लीजिए।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। आसपास के कुछ लोगों का कहना है कि संबंधित दुकान पर पहले भी पुराने और खराब सामान बेचने की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि दुकान में एक्सपायरी और दोषपूर्ण सामान रखा जाता है, जिसे ग्राहकों को बेच दिया जाता है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि जब कोई ग्राहक शिकायत लेकर पहुंचता है तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। इस मामले ने क्षेत्र में दुकानदारों की जवाबदेही और उपभोक्ता अधिकारों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी ग्राहक को खरीद के तुरंत बाद उत्पाद में खराबी मिलती है और दुकानदार उसे बदलने या ठीक करने से मना करता है, तो यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर मामला बन सकता है। पीड़ित उपभोक्ता जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा सकता है और बिल के आधार पर कानूनी कार्रवाई भी संभव है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन और उपभोक्ता विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाता है।

भोपाल में पत्रकारिता का ऐतिहासिक संगम: माखनलाल चतुर्वेदी स्मृति व्याख्यान 10 अप्रैल को, देश के दिग्गज विचारक होंगे शामिल

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भोपाल। राजधानी भोपाल में पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आयोजन होने जा रहा है। पं. माखनलाल चतुर्वेदी की स्मृति में आयोजित विशेष व्याख्यान कार्यक्रम 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश के वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद् और विचारक एक मंच पर जुटेंगे, जहां माखनलाल जी के युग और उनकी पत्रकारिता पर गहन चर्चा होगी।

यह कार्यक्रम माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो पत्रकारिता शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी संस्थान माना जाता है। आयोजन का स्थल विश्वविद्यालय का माखनपुरम परिसर स्थित गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार रहेगा, जो म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी के सामने, बिशनखेड़ी में स्थित है।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होंगे प्रख्यात शिक्षाविद् और पूर्व कुलगुरु अच्युतानंद मिश्र, जो मुख्य वक्ता के रूप में “माखनलाल जी का युग एवं उनकी पत्रकारिता” विषय पर अपने विचार रखेंगे। उनके वक्तव्य से नई पीढ़ी को पत्रकारिता के मूल्यों और आदर्शों की गहराई समझने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव, जो अपने प्रशासनिक अनुभव और वैचारिक दृष्टिकोण से कार्यक्रम को नई दिशा देंगे।

इस व्याख्यान का संचालन करेंगे कला समीक्षक और संपादक विनय उपाध्याय, जो टैगोर विश्व कला केन्द्र, आरएनटीयू भोपाल के निदेशक भी हैं।

विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. (डॉ.) पी. शशिकला ने इस आयोजन को संस्थान की प्रतिष्ठा से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताते हुए सभी पत्रकारों, विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों से इसमें भाग लेने का आह्वान किया है।

यह आयोजन न केवल माखनलाल चतुर्वेदी के योगदान को याद करने का अवसर होगा, बल्कि वर्तमान दौर की पत्रकारिता के सामने खड़ी चुनौतियों और उसकी दिशा पर भी गंभीर मंथन का मंच बनेगा। भोपाल में होने वाला यह कार्यक्रम पत्रकारिता जगत के लिए एक बड़ी वैचारिक हलचल साबित हो सकता है।

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‘सच की खोज शिव मंदिर’ को लेकर प्रचार तेज, गद्दपुरी में आध्यात्मिक केंद्र बनाने की पहल

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पलवल/गद्दपुरी। हरियाणा के गद्दपुरी गांव में ‘सच की खोज शिव मंदिर’ को लेकर इन दिनों व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। विभिन्न माध्यमों से इस मंदिर को एक उभरते हुए आध्यात्मिक केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जहां भविष्य में योग, ध्यान और आत्म-जागरण से जुड़े कार्यक्रम संचालित करने की योजना बताई जा रही है।
प्रचारित जानकारी के अनुसार, मंदिर की अवधारणा को सहस्रार चक्र, नवग्रह और 12 राशियों से जोड़कर विशेष आध्यात्मिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसे केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए एक समग्र साधना केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही जा रही है।
मंदिर से जुड़े प्रचार में यह भी बताया जा रहा है कि यहां योग, प्राणायाम, ध्यान और आयुर्वेदिक जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाएगा। साधकों को शरीर के सात ऊर्जा चक्रों—मूलाधार से सहस्रार तक—को जागृत करने की पारंपरिक विधियां सिखाने की योजना का भी उल्लेख किया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और आध्यात्मिक जागरूकता की ओर प्रेरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रचार सामग्री में मंदिर के संस्थापक एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक सुरेश अग्रवाल की लंबी साधना यात्रा का भी जिक्र किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह पहल उनके वर्षों के अनुभव और आध्यात्मिक अभ्यास पर आधारित है, जिसका उद्देश्य समाज में सत्य, सेवा और साधना के मूल्यों को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा, मंदिर को भविष्य में एक बड़े आध्यात्मिक और स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाएं भी सामने आ रही हैं। प्रचार के अनुसार, यहां साधना शिविर, ध्यान-योग कार्यक्रम, प्राकृतिक चिकित्सा सेवाएं और आयुर्वेदिक रिसर्च से जुड़े कार्य शुरू किए जा सकते हैं।
हालांकि, फिलहाल यह पूरा अभियान मुख्य रूप से प्रचार-प्रसार के स्तर पर ही दिखाई दे रहा है और किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम या भव्य समारोह के आयोजन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय स्तर पर भी इसे एक उभरती पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर आगे की स्थिति समय के साथ स्पष्ट होगी।
फिलहाल, ‘सच की खोज शिव मंदिर’ को लेकर गद्दपुरी क्षेत्र में चर्चा जरूर तेज हो गई है और लोग इस पहल को लेकर उत्सुकता से भविष्य की गतिविधियों का इंतजार कर रहे हैं।
स्थान: गद्दपुरी, जिला पलवल (हरियाणा)
संपर्क: +91 7292 000 366

सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र के ग्राम मैनाई से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है,

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जहां एक पारिवारिक विवाद अब गंभीर आपराधिक धमकियों, फर्जी दस्तावेजों और पुलिस पर लापरवाही के आरोपों तक पहुंच गया है। पीड़ित किसान अमोल सिंह पिछले कई महीनों से मानसिक तनाव और भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि उनके ही बड़े भाई लक्ष्मण सिंह लगातार उन्हें और उनके परिवार को धमका रहे हैं, जबकि थाना स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

अमोल सिंह के अनुसार उन्होंने वर्ष 2003 में अपनी निजी कमाई से एचएमटी 4922 ट्रैक्टर खरीदा था, जिसका पंजीयन आज भी उनके नाम पर आरटीओ कार्यालय में दर्ज है। परिवार के बड़े सदस्य होने के कारण उन्होंने अपने भाई लक्ष्मण सिंह को ट्रैक्टर और उससे जुड़े कृषि उपकरणों के उपयोग की छूट दी थी। लेकिन यही भरोसा अब उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है।

पीड़ित का आरोप है कि हाल ही में उन्हें जानकारी मिली कि उनके ट्रैक्टर का नामांतरण कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया जा रहा है। जब उन्होंने इस मामले की शिकायत थाना रहली में की, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। अमोल सिंह का कहना है कि लक्ष्मण सिंह ने न केवल उनके साथ गाली गलौज की, बल्कि उनके पुत्र पूरन को भी जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही गांव की ही उमारानी के माध्यम से झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है।

मामले में एक नया और गंभीर आरोप तब जुड़ गया जब अमोल सिंह ने कहा कि जय मुंशी नामक व्यक्ति पिछले तीन महीनों से लगातार मामले को टालते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि सामने वाले पक्ष से पैसे लेकर इस पूरे प्रकरण को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है। अमोल सिंह का कहना है कि उन्हें आए दिन फोन पर धमकियां दी जाती हैं, गालियां दी जाती हैं और साफ शब्दों में कहा जाता है कि यदि केस वापस नहीं लिया गया तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।

पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार धमकियों और पुलिस की निष्क्रियता के कारण घर में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। गांव में भी इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक पारिवारिक विवाद का इस हद तक पहुंच जाना बेहद चिंताजनक है और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब पीड़ित पक्ष लगातार शिकायत कर रहा है अमोल लोधी का यह भी कहना है की जय मुंशी जी कोर्ट में मामले की जांच पेश नहीं कर रहे हैं जो इन्होंने झांसी की थी वहां पेश नहीं कर रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं फोन करके कि यहा केस वापस ले लो और उनको धमकी दे रहे हैं जान से मारने की

अलीगढ़ में एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़,बेटे की मौत के बाद तहरीर की प्रति के लिए भटक रहा पिता

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अलीगढ़ से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक ही परिवार ने कुछ ही महीनों में कई अपनों को खो दिया। लगातार हुए इन हादसों के बाद मानसिक रूप से टूट चुके पिता अब अपने इकलौते बेटे की मौत से जुड़ी तहरीर की प्रति के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। मामला थाना जवां क्षेत्र के ग्राम चंदौखा का है। यहां के निवासी वीरेन्द्र कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी पीड़ा जाहिर की है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार पर एक के बाद एक दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि वे पूरी तरह से टूट गए। प्रार्थी के अनुसार, सबसे पहले 10 जुलाई 2025 को उनके बहनोई का निधन हुआ। इसके बाद 21 जुलाई 2025 को उनके छोटे भाई की मृत्यु हो गई। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि 20 अगस्त 2025 को उनकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। इन घटनाओं से परिवार पूरी तरह बिखर चुका था, लेकिन सबसे बड़ा झटका 19 अक्टूबर 2025 को लगा, जब उनके इकलौते बेटे की भी मृत्यु हो गई। वीरेन्द्र कुमार का कहना है कि बेटे की मौत के समय वे मानसिक रूप से इतने परेशान थे कि उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था। इसी दौरान थाने से आए एक व्यक्ति ने उनसे तहरीर

लिखवाई और उसे थाने में जमा करा दिया। लेकिन उस तहरीर की कोई प्रति उन्हें नहीं दी गई। जब कुछ समय बाद उन्होंने तहरीर की छाया प्रति लेने की कोशिश की, तो उन्हें बताया गया कि मामला कोर्ट में भेज दिया गया है। प्रार्थी ने 26 नवंबर 2025 को थाना जाकर जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने 28 नवंबर 2025 को रजिस्ट्री के माध्यम से थाना अध्यक्ष को पत्र भी भेजा, लेकिन उसका भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इतना ही नहीं, 4 दिसंबर 2025 को दोबारा थाना जाने पर भी उन्हें तहरीर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। अब वे यह भी नहीं जान पा रहे हैं कि उनकी शिकायत किस न्यायालय में भेजी गई है, जिससे वे वहां जाकर उसकी प्रति प्राप्त कर सकें। पीड़ित पिता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि उन्हें यह जानकारी उपलब्ध कराई जाए कि उनकी तहरीर किस कोर्ट में भेजी गई है, ताकि वे उसकी छाया प्रति प्राप्त कर सकें और आगे की कार्रवाई कर सकें। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां एक व्यक्ति अपने परिवार के चार सदस्यों को खोकर पहले ही गहरे सदमे में है, वहीं दूसरी ओर उसे न्यायिक प्रक्रिया की बुनियादी जानकारी और दस्तावेज पाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पीड़ित को कब तक राहत मिलती है।

असम के सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली थाना क्षेत्र के बरसोला बरभोग्या गांव पिन कोड 784117 से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

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यहां रहने वाले रोहित सुतार ने अपने ही रिश्तेदारों पर जमीन के कागजात चोरी कर जमीन हड़पने और घर से सामान चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है।

रोहित सुतार का कहना है कि उनकी मां के हिस्से की जमीन उनके मामा के परिवार से जुड़ी हुई थी। आरोप है कि उनकी मां की बहन महिमा ने उनके मामा की जमीन के कागजात चोरी कर लिए और उस जमीन का आधा हिस्सा दूसरे लोगों को बेच दिया। वहीं जमीन का एक हिस्सा दल बहादुर भंडारी ने अपने सात बेटा बेटियों के बीच पैसे के रूप में बांट दिया। इसके अलावा आधी जमीन अपने तीन बेटों के नाम भी कर दी गई।

रोहित सुतार के मुताबिक जिस आधी जमीन पर उनकी मां और मामा का हक था उसी जमीन पर यह पूरा विवाद खड़ा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने पूरी जिंदगी डर और तनाव में गुजारी क्योंकि आरोपित पक्ष की ओर से लगातार दबाव और विवाद की स्थिति बनी रहती थी।

रोहित ने बताया कि करीब दो साल पहले उनकी मां घर छोड़कर बैगुन धाम चली गईं और तब से वह उनके साथ नहीं हैं। इसी दौरान आरोप है कि महिमा उनके घर के अंदर घुस गई और पीतल के थाल, बर्तन और घोटी जैसे सामान चोरी कर ले गई। रोहित का कहना है कि उन्होंने यह घटना अपनी आंखों से देखी है।

रोहित सुतार का यह भी कहना है कि उनकी मां की बहन के बेटा बेटियां भी महिमा के घर नहीं आते हैं क्योंकि वे भी उसकी हरकतों को अच्छी तरह जानते हैं।

रोहित ने एक और महत्वपूर्ण बात का जिक्र करते हुए बताया कि करीब 20 साल पहले उनकी शादी से दो दिन पहले उनकी मां ने बड़ी बहन के बेटे को जमीन के खजाना रसीद दिखाकर पढ़ने को कहा था। उस समय उसने खड़गा बहादुर के नाम का जिक्र किया था। रोहित के अनुसार जब उन्हें यह बात याद आई तो उन्होंने उस व्यक्ति को फोन कर इस बारे में पूछा और उस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। उन्होंने बताया कि उनकी मां की बहन का बेटा भी इस मामले में गवाह है।

रोहित सुतार ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी मां की जमीन वापस दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सही तरीके से जांच की जाए तो जमीन के कागजात की चोरी और अवैध तरीके से जमीन बेचने की सच्चाई सामने आ सकती है।

स्थानीय लोगों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पत्नी और बच्चों को मायके ले जाकर 5 लाख की मांग, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

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बिजनौर जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों को जबरन मायके ले जाने तथा पांच लाख रुपये की मांग करने का आरोप ससुराल पक्ष पर लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।

ग्राम शाहपुर भसौड़ी निवासी सतबीर पुत्र राजेन्द्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी शादी वर्ष 2017 में अमरोहा जिले के ग्राम आजमपुर निवासी कुसुम के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद दोनों के दो बच्चे हुए, जिनमें आठ वर्ष की बेटी कृतिज्ञा और चार वर्ष का बेटा हितेश है। सतबीर का कहना है कि उसने अपनी पत्नी को हमेशा खुश रखने की कोशिश की, लेकिन उसकी सास उषा लगातार उसकी पत्नी को उसके खिलाफ भड़काती रहती थी।

पीड़ित के अनुसार सास अक्सर उस पर दबाव बनाती थी कि वह अपने माता-पिता से अलग होकर किसी शहर में मकान लेकर रहे और अपनी जमीन बेचकर उसका पैसा पत्नी के नाम कर दे। सतबीर ने बताया कि वह अपनी पैतृक जमीन बेचने के लिए तैयार नहीं था, इसी कारण ससुराल पक्ष नाराज रहने लगा। कई बार उसकी सास बिना बताए उसकी पत्नी को मायके ले जाती थी और काफी प्रयास के बाद ही वापस भेजती थी।

सतबीर ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को जब वह घर पर नहीं था, तब उसके ससुर पूरन सिंह और साला कामेंद्र उसके घर आए और उसकी पत्नी तथा दोनों बच्चों को अपने साथ ले गए। इसके बाद 28 दिसंबर 2025 की शाम करीब साढ़े सात बजे जब उसने अपनी सास से फोन पर बात की तो उसने गाली-गलौज करते हुए पांच लाख रुपये की मांग की और कहा कि पैसे दे दो और झगड़ा खत्म कर लो, वरना वह अपनी बेटी को दूसरी जगह शादी कर देगी।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी घर से ढाई ग्राम के कुंडल, एक ताबीजिया नोज पिन, एक चांदी का पेंडल, एक सोने की चैन और करीब पांच हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गई। इसके अलावा वह मायके जाने के बाद कई रिश्तेदारों के यहां घूमती रही और पति को कोई सूचना नहीं देती थी।

सतबीर का कहना है कि वह अपनी पत्नी और बच्चों को वापस घर लाना चाहता है, लेकिन उसके पास पांच लाख रुपये देने की क्षमता नहीं है। उसने बताया कि 1 जनवरी 2026 को वह इस मामले की शिकायत लेकर थाना बान्दपुर पहुंचा, जहां से उसे जलीलपुर चौकी भेज दिया गया। चौकी प्रभारी ने उसका प्रार्थना पत्र तो ले लिया, लेकिन आज तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए मांग की है कि थाना चांदपुर पुलिस को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं और उसकी पत्नी तथा बच्चों को उसके साथ भिजवाया जाए। साथ ही ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

मधुबनी जिले के पंडौल थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में पुरानी रंजिश को लेकर जमकर मारपीट का मामला सामने आया है।

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घटना 4 मार्च की सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित राजू कुमार पासवान ने थाना में आवेदन देकर गांव के ही कुछ लोगों पर घर के पास आकर तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप लगाया है।

राजू कुमार पासवान ने अपने आवेदन में बताया कि वह मोहनपुर भाना, थाना पंडौल, जिला मधुबनी का स्थायी निवासी है। उनके अनुसार 4 मार्च की सुबह करीब 6 बजे गांव के ही गोपाल यादव पिता केदार यादव, अभिषेक यादव पिता मनोहर यादव, अमरजीत साह पिता चंदर साह तथा उनके साथ तीन अज्ञात व्यक्ति उनके घर के पास पहुंचे और वहां तोड़फोड़ करने लगे। जब राजू कुमार ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो सभी लोग गाली गलौज करने लगे।

पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने गाली देने से रोका तो सभी लोग मारपीट पर उतारू हो गए। इसी दौरान उन्हें बचाने के लिए उनके पिता रामउद्गार पासवान वहां पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें भी बांस के डंडे से पीटना शुरू कर दिया। मारपीट में उनके पिता के शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

घटना के दौरान जब राजू कुमार का भाई बुथु पासवान बीच बचाव करने आया तो आरोपियों ने उसे भी बेरहमी से पीटा। मारपीट में उसके सिर पर गंभीर चोट लगी और सिर फट गया। परिजनों के अनुसार बुथु पासवान का इलाज मधुबनी सदर अस्पताल में चल रहा है।

इस दौरान राजू कुमार की बहन निरो देवी भी अपने परिवार को बचाने के लिए बीच में आईं तो आरोपियों ने उन्हें भी बांस के डंडों से पीटना शुरू कर दिया। मारपीट के दौरान वह जमीन पर गिर गईं। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान उनकी बहन के गले से लगभग एक भरी का मंगलसूत्र भी छीन लिया गया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद आरोपी जाते समय यह धमकी देकर गए कि अगर थाना पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे। घटना के बाद परिवार के लोग काफी दहशत में हैं। घायल पिता और बहन का इलाज घर पर ही कराया जा रहा है जबकि भाई का इलाज सदर अस्पताल मधुबनी में जारी है।

राजू कुमार पासवान ने थाना अध्यक्ष से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मंडी में महिला दुकानदार से मारपीट व जान से मारने की कोशिश, एफआईआर दर्ज करने की मांग

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मंडी। जिला मंडी के सदर क्षेत्र में एक महिला दुकानदार के साथ मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता चम्पा देवी (40 वर्ष), पत्नी हरीश कुमार, निवासी गांव चड्यारा, डाकघर गुटकर, तहसील सदर, जिला मंडी ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशिक्षण के दौरान दुकान में घुसकर तोड़फोड़ का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 फरवरी 2026 को चम्पा देवी नागचला प्राथमिक स्कूल में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल थीं। दोपहर करीब 1 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनकी चाय की दुकान में गांव के ही फागणु राम पुत्र नरायण राम घुसकर तोड़फोड़ कर रहा है। सूचना मिलते ही वह प्रशिक्षण छोड़कर तुरंत दुकान पर पहुंचीं।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी दुकान के अंदर सामान तोड़ रहा था। जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया, गलत नीयत से छेड़छाड़ की और जान से मारने की कोशिश की। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।
पहले भी कर चुका है उत्पीड़न का प्रयास
चम्पा देवी ने शिकायत में आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति पहले भी कई बार उनके साथ अभद्र व्यवहार कर चुका है और उल्टा उन पर ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराता रहा है। इस बार आरोपी ने कथित रूप से जान से मारने और बेटी को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी।


अस्पताल में उपचार, पुलिस से न्याय की गुहार
घटना के बाद पीड़िता एसपी कार्यालय पहुंचीं, जहां से उन्हें उपचार के लिए जोनल अस्पताल मंडी भेजा गया। मेडिकल जांच के बाद उन्होंने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर रोष है और महिला को न्याय दिलाने की मांग उठ रही है।
नगर निगम की ओर से अलग नोटिस भी जारी
इसी बीच, Municipal Corporation Mandi की ओर से चम्पा देवी को हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट, 1977 की धारा 38 के तहत नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में आरोप है कि गांव चड्यारा, रैण की बैण क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कार्य और खुदाई की गई है।
नोटिस के अनुसार संबंधित निर्माण को अवैध बताते हुए इसे तत्काल रोकने और पूर्व स्थिति में बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है, अन्यथा धारा 38, 39 और 83-ए के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

जयपुर में 20 वर्षीय युवती रहस्यमय ढंग से लापता, 24 फरवरी दोपहर से मोबाइल स्विच ऑफ; पिता ने सूचना देने वाले को 5 हजार रुपये इनाम घोषित किया

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जयपुर/गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले के उकाबाद क्षेत्र की रहने वाली 20 वर्षीय करिश्मा मेहतर 24 फरवरी की दोपहर करीब 2:30 बजे से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है। वह पिछले तीन-चार वर्षों से राजस्थान की राजधानी जयपुर के श्री राम विहार कॉलोनी में अपने पिता पप्पू मेहतर के साथ रह रही थी और झाड़ू-पोछा का काम कर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी में हाथ बंटा रही थी। अचानक उसके लापता हो जाने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

परिजनों के मुताबिक घटना वाले दिन करिश्मा जेंट्स टॉप पहनकर घर से निकली थी और अपने साथ मोबाइल फोन भी लेकर गई थी। इसके बाद से उसका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। कई बार कॉल करने के बावजूद संपर्क नहीं हो पाया। परिवार का कहना है कि करिश्मा की मानसिक स्थिति सामान्य है, वह रोजाना काम पर जाती थी और किसी से कोई विवाद भी नहीं था। ऐसे में अचानक इस तरह गायब हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।

बेटी के लापता होने के बाद पिता पप्पू मेहतर का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने आसपास के इलाकों, परिचितों, रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर तलाश की, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा। संबंधित थाने में गुमशुदगी की सूचना दे दी गई है और पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि हर बीतता दिन उनकी चिंता को और गहरा कर रहा है।

मीडिया से बातचीत में जीजा धर्मेंद्र महतो ने बताया कि परिवार लगातार खोजबीन कर रहा है, लेकिन कहीं से भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल रही है। उन्होंने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को करिश्मा के बारे में कोई भी जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पिता ने बेटी की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में सूचना देने वाले को 5 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा भी की है।

परिवार ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि मीडिया और आम जनता के सहयोग से ही उनकी बेटी तक पहुंचा जा सकता है। एक छोटी सी सूचना किसी परिवार की टूटी उम्मीदों को फिर से जगा सकती है।

संपर्क नंबर: 6232999724