अररिया,(बिहार) : पलासी थाना – दिनांक 3 जुलाई 2024, शाम करीब 6:00 बजे, एक पत्रकार अखतर और उनकी पत्नी पर दिनदहाड़े हमला हुआ। यह घटना तब हुई जब वे दोनों डेगा चौक की ओर जा रहे थे। पुल के पास पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने, जिनमें नंबर एक आफाक (उम्र 50 वर्ष), नासिर आलम (उम्र 36 वर्ष), इलियास (पिता स्वर्गीय समीदुर रहमान), तोरेत (पिता आफाक), अब्दुल (उम्र 27 वर्ष), धो बनिया, पंचायत सिमरिया, थाना जाकिहाट, जिला अररिया के निवासी शामिल थे, ने हमला किया।

हमलावरों ने अखतर की गाड़ी को रोककर उनकी पत्नी को खींच कर गिरा दिया और उसके कपड़े फाड़कर नग्न कर दिया। आफाक और नासिर ने अखतर की पत्नी के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और जान से मारने की कोशिश की। पत्रकार अखतर का निकॉन कंपनी का कैमरा (मूल्य करीब 95,990 रुपये) और माइक (मूल्य करीब 2,200 रुपये) भी छीन लिया गया। इसके साथ ही काले बैग में रखे 40,000 रुपये भी लूट लिए गए।
हमलावरों में से एक, चुनना (24 वर्ष, पिता आफाक) ने अखतर की पत्नी के सोने की बाली (वजन आठ आना, मूल्य करीब 37,000 रुपये) और ईनायत (पिता इलियास) ने चांदी की पायल (वजन 15 भर, मूल्य करीब 12,000 रुपये) भी छीन ली। इन सभी ने मिलकर अखतर और उनकी पत्नी को बुरी तरह पीटा और गाली-गलौज भी की।
घटना के विरोध और हल्ला करने पर सभी हमलावर भाग गए, लेकिन धमकी देते हुए बोले कि उनका पहुंच बड़े-बड़े लोगों तक है।
दिनांक 7 जुलाई 2024 को दोपहर करीब 1 बजे, जब अखतर यमुना नदी के पास अपने खेत देखने गए, तो आफाक, नासिर और इलियास ने फिर से उन्हें गाली-गलौज की और विरोध करने पर लोहे की रॉड से मारकर उनके दाहिने पैर की अंगुली तोड़ दी। इस मामले में अखतर ने पलासी थाना में लिखित आवेदन देकर थाना प्रभारी को सूचित किया है।
ई खबर मीडिया के लिए मोहम्मद अख्तर की रिपोर्ट















4 जुलाई, 2024 को साजिद के गाँव में उनकी मिट्टी दी गई। उनके परिवार में दो पुत्र, एक पुत्री और उनकी पत्नी बरजीश हैं। परिवार का एकमात्र कमाने वाला व्यक्ति साजिद ही थे, और उनकी मृत्यु के बाद उनके छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी के सामने जीवनयापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
बिना नोटिस के धारा 144, न्यायालय आदेश की अवहेलना
सत्रोहन साहनी ने जानकारी दी कि उनके दादा के नाम की जमीन को उनकी दादी ने चाचा के नाम कर दी थी। इस पर कोर्ट में केस किया गया और कोर्ट ने शंकर साहनी के पक्ष में फैसला सुनाया। बावजूद इसके, प्रशासन की मिलीभगत से उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।
सत्रोहन साहनी ने मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील की है कि उनके घर को बनने दिया जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।





