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CM मोहन यादव ने श्री कृष्ण को ‘माखन चोर’ कहने पर जताया एतराज, नेता प्रतिपक्ष बोले- ‘अपना इतिहास लिखना चाहते हैं’

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जन्माष्टमी के मौके पर मोहन यादव ने कहा कि माखन चोर शब्द बोलने में भी खराब लगता है। इस पर पलटवार करते हुए विपक्ष ने कहा कि मोहन यादव सनातन धर्म का इतिहास बदलना चाहते हैं।कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के बयान पर सियासत शुरू हो चुकी है। माखन चोर शब्द की व्याख्या करते हुए मोहन यादव ने जो कहा उसे पर विपक्ष ने ऐतराज जताते हुए कहा है की मोहन यादव सनातन धर्म और कृष्ण की लीलाओं के इतिहास को बदलना चाहते हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मोहन यादव मुख्यमंत्री हैं, वह जो करना चाहते हैं करें, लेकिन उन्हें वोट चोरी पर जवाब देना होगा।

सीएम हाउस में आयोजित जन्माष्टमी के कार्यक्रम में मोहन यादव ने कृष्ण लीलाओं की व्याख्या करते हुए कहा था श्री कृष्ण और उनकी ग्वालटोली की माखन चोरी का मकसद कंस के प्रति उनके बाल विद्रोह था। लेकिन समय के साथ जाने अनजाने में उसे विद्रोह की व्याख्या बदल गई।मोहन यादव ने क्या कहा?
मोहन यादव ने कहा “भगवान कृष्ण का माखन के प्रति जो लगाव है, वो ऐसा है कि उस समय कंस के घर माखन जाता था। भगवान कृष्ण का आक्रोश था कि ये कंस हमारा माखन खाकर हम पर ही अत्याचार कर रहा है। आक्रोश जताने के लिए माता-पिता से लेकर गांव तक उन्होंने बाल ग्वाल की टीम बनाई कि अपना माखन खाओ या मटकी फोड़ दो। हमारे दुश्मन को माखन नहीं पहुंचना चाहिए। भगवान कृष्ण का दृष्टि कौन था, वह विद्रोह भी था, यह संदेश देने की कोशिश कर रहे थे। जाने अनजाने हम भगवान श्री कृष्ण के विद्रोह को न जाने क्या-क्या कहते हैं वह शब्द बोलने में भी खराब लगता है।विपक्ष का पलटवार
भारतीय सनातनी संस्कृति में गानों में भजनों में सत्संग में कथाओं में सहज रूप से श्री कृष्ण को माखन चोर बोला भी जाता है उसे रूप में देखा भी जाता रहा है। यही वजह है की मोहन यादव के इस शब्द पर ऐतराज पर विपक्ष को भी मोहन यादव पर निशाना साधने का मौका मिल गया। मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार सामने आए और कहा मोहन यादव कृष्ण लीलाओं की कहानी बदलकर इतिहास लिखना चाहते हैं। उन्होंने कहा “मोहन यादव अपना इतिहास लिखना चाहते हैं लेकिन जो इतिहास में कितने सालों से कृष्ण की लीलाएं लिखी हैं कृष्ण के बारे में लिखा है तो क्या सनातन धर्म की पुरानी कहानी उनको बदलना चाहते हैं।”

भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई अंजाम तक पहुंचे, कोई भी कार्रवाई से बाहर नहीं होना चाहिए’, बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार में कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने एक सभा कोभी संबोधित किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल आपूर्ति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 13,000 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी मौजूद रहे।

पीएम मोदी ने विरोधियों को दिया जवाब
एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसा कानून लाई है, जिसके दायरे में देश का प्रधानमंत्री भी आता है। इस कानून में मुख्यमंत्री और मंत्री भी शामिल किए गए हैं। इस कानून के बनने के बाद, अगर कोई मुख्यमंत्री, मंत्री या प्रधानमंत्री गिरफ्तार होता है, तो उसे 30 दिन के भीतर जमानत लेनी होगी, और अगर जमानत नहीं मिली तो 31वें दिन उसे कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। आप सोचिए, आज कानून है कि अगर किसी छोटे सरकारी कर्मचारी को 50 घंटे तक हिरासत में रखा जाए तो वह अपने-आप निलंबित हो जाता है, लेकिन अगर कोई मुख्यमंत्री है, मंत्री है या प्रधानमंत्री है, तो वह जेल में रहकर भी सत्ता का सुख पा सकता है। हमने कुछ समय पहले ही देखा है कि कैसे जेल से ही फाइलों पर साइन किए जा रहे थे, जेल से ही सरकारी आदेश जारी किए जा रहे थे। नेताओं का अगर यही रवैया रहेगा, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कैसे लड़ी जा सकती है?

आरजेडी पर बरसे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “लालटेन राज में यहां कैसी दुर्दशा थी। लालटेन राज में ये इलाका लाल आतंक से जकड़ा था। माओवादियों के कारण शाम के बाद कहीं आना-जाना मुश्किल था। लालटेन राज में गयाजी जैसे शहर अंधेरे में डूबे रहते थे। हजारों गांवों तक बिजली के खंभे नहीं पहुंचते थे… बिहार की कितनी पीढ़ियों को इन लोगों ने बिहार से पलायन के लिए मजबूर कर दिया था।”पीएम मोदी ने दिया विरोधियों को जवाब

इतने वर्षों में हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा, जबकि आज़ादी के बाद कांग्रेस की सरकारें जो 60–65 साल तक सत्ता में रहीं, उनके भ्रष्टाचारों की एक लंबी सूची है। आरजेडी का भ्रष्टाचार तो बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है। मेरा साफ मानना है कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है, तो कोई भी कार्रवाई से बाहर नहीं होना चाहिए।

डेब्यू मैच में बॉलिंग एक्शन पर हुई शिकायत, अब आखिरी 2 वनडे से हुआ बाहर हुआ ये खिलाड़ी

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साउथ अफ्रीका टीम के ऑफ स्पिन गेंदबाज प्रेनेलन सुब्रायन को अपने वनडे डेब्यू मैच में ही बॉलिंग एक्शन के चलते शिकायत का सामना करना पड़ा है। अब वह आखिरी 2 वनडे मैचों में खेलते हुए दिखाई नहीं देंगे।साउथ अफ्रीका टीम अभी ऑस्ट्रेलिया में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेल रही है, जिसमें पहले मुकाबले में उन्होंने 98 रनों से जीत हासिल करने के साथ सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा मुकाबला 22 अगस्त को खेला जाएगा। पहले वनडे मैच में साउथ अफ्रीका टीम की तरफ से ऑफ स्पिनर प्रेनेलन सुब्रायन को डेब्यू करने का मौका मिला था, लेकिन उसके बाद उनके गेंदबाजी एक्शन को लेकर सवाल उठे जिसको लेकर आईसीसी ने उन्हें बॉलिंग एक्शन की जांच कराने के लिए 14 दिन का सम दिया है। वहीं अब प्रेनेलन सुब्रायन गेंदबाजी एक्शन की जांच रिपोर्ट आने तक आखिरी 2 वनडे मैचों में भी नहीं खेल पाएंगे।

साउथ अफ्रीकी कोच ने अपने बयान में की पुष्टि
प्रेनेलन सुब्रायन के गेंदबाजी एक्शन को लेकर शिकायत होने के बाद आईसीसी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार उन्हें मान्यता प्राप्त टेस्टिंग सेंटर में जाकर अपने बॉलिंग एक्शन की जांच करानी होगी जिसको लेकर सुब्रायन को 14 दिन का समय दिया गया है। वहीं आईसीसी ने अपनी तरफ से ये भी साफ कर दिया था कि प्रेनेलन सुब्रायन जांच रिपोर्ट आने तक गेंदबाजी करना जारी रखेंगे। अब साउथ अफ्रीका टीम के हेड कोच शुक्री कोनराड ने दूसरे वनडे मैच से ठीक पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये साफ कर दिया की प्रेनेलन सुब्रायन इस सीरीज के बचे आखिरी दोनों वनडे मैच नहीं खेलेंगे भले ही वह चयन के लिए उपलब्ध हैं। उनके गेंदबाजी एक्शन की जांच ब्रिस्बेन स्थित टेस्टिंग सेंटर में होगी।

अफ्रीकी टीम की नजरें लगातार 5वीं सीरीज जीत पर
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साउथ अफ्रीका टीम का पिछली चार द्विपक्षीय वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसमें वह सभी को अपने नाम करने में कामयाब हुई हैं। इसमें से एक सीरीज ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में भी खेली गई थी। वहीं अब साउथ अफ्रीका टीम की नजरें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार 5वीं वनडे सीरीज जीत पर है। दोनों टीमों के बीच इस वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला मैकॉय के मैदान पर खेला जाएगा।

मछली परिवार के साम्राज्य का ‘आखिरी किला’ ध्वस्त, 22 करोड़ के तीन मंजिला मकान पर चला बुलडोजर

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भोपाल में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीमों ने अवैध मादक पदार्थ व्यापार में शामिल होने के आरोपी ‘मछली’ परिवार की संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया।भोपालः मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मछली परिवार के साम्राज्य का ‘आख़िरी किला’ भी गुरुवार को ध्वस्त कर दिया गया। ड्रग्स तस्करी के आरोपी मछली परिवार की सरकारी जमीन पर बने 22 करोड़ के तीन मंजिला मकान पर बुलडोज़र चलाया गया। बताया जा रहा है कि शारिक अहमद उर्फ मछली, सोहेल अहमद, शफीक अहमद पिता शरीफ अहमद की यह कोठी है। भोपाल के आनंदपुर कोकता इलाके के वार्ड नंबर 62 में मछली परिवार का साम्राज्य था।

200 करोड़ से ज्यादा के सरकारी जमीन पर चला था अतिक्रमण

23 दिन पहले मछली परिवार के 200 करोड़ से ज्यादा के सरकारी जमीन पर अतिक्रमण पर बुलडोजर चला था। एमडी ड्रग पैडलर यासीन अहमद उर्फ मछली शाहवर अहमद उर्फ मछली के परिवार के सदस्य हैं।यासीन शाहवर पर ड्रग तस्करी, महिलाओं के यौन शोषण और युवकों की बेरहमी से पिटाई कर अड़ीबाजी करने के आरोप लगे थे।

मछली परिवार का लंबे समय से अपराध जगत में सक्रिय

मछली परिवार का नाम लंबे समय से राजधानी भोपाल के अपराध जगत में सक्रिय रहा है। यासीन शाहवर उर्फ मछली पर ड्रग्स तस्करी, महिलाओं के यौन शोषण, रंगदारी वसूली और युवाओं की बेरहमी से पिटाई जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। मछली परिवार के अन्य सदस्य शारिक, सोहेल और शफीक अहमद भी अवैध गतिविधियों से जुड़े बताए जाते हैं। आनंदपुर कोकता इलाके में मछली परिवार का दबदबा इतना गहरा था कि इसे उनका “साम्राज्य” कहा जाता था।

बुलडोजर कार्रवाई से कई लोग खुश

मछली परिवार से पीड़ित एक व्यक्ति ने कहा कि मैं आज बहुत खुश हूँ… मैं पटाखे भी लाया हूं, लेकिन मैं उन्हें फोड़ना नहीं चाहता। मुझे राहत है कि सीएम मोहन यादव ने न्याय किया है। मेरे जैसे कई पीड़ित हैं जो आगे आना चाहते हैं, हालांकि, पुलिस विभाग अभी भी एक मंत्री की वजह से डरा हुआ है। मेरी शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है, वे कह रहे हैं कि जांच चल रही है। मैंने शिकायत दर्ज कराई थी कि कैसे शारिक मछली ने मेरा अपहरण किया, पूरी रात मुझे पीटा, 50,000 रुपये लूट लिए। मुझ पर धारा 307, बलात्कार के आरोप लगाए गए।

पीएम मोदी ने गुरुवार को कहा कि कुछ विपक्षी नेता प्रतिभाशाली हैं, लेकिन राहुल गांधी के कारण उन्हें मौका नहीं मिलता। संसद नहीं चलने देने पर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष के कई नेता प्रतिभाशाली और अच्छे वक्ता हैं, लेकिन राहुल गांधी की वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। पीएम ने अनौपचारिक तौर पर कहा कि कांग्रेस पार्टी इसलिए व्यवधान करती है क्योंकि विपक्ष में भी कुछ ऐसे नेता हैं जो राहुल गांधी से बेहतर बोलते हैं और वो ऐसा नहीं चाहते। विपक्ष में राहुल गांधी से बेहतर वक्ताः पीएम प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी एक चाय पार्टी के दौरान की, जिसमें किसी भी विपक्षी सांसद ने भाग नहीं लिया और यह एनडीए के नेताओं तक ही सीमित रही। चाय पार्टी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि विपक्षी सांसद संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि वे राहुल गांधी से बेहतर वक्ता हैं, लेकिन लोकसभा में विपक्ष के नेता उन्हें प्रोत्साहित नहीं करना चाहते। विपक्षी सांसदों द्वारा संसद की कार्यवाही नियमित रूप से बाधित की जाती रही है। स्पीकर की टी पार्टी में नहीं पहुंचे राहुल गांधी लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकालीन समय के स्थगित होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने टी पार्टी दिया। टी पार्टी में पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्रियों समेत एनडीए के नेता पहुंचे लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष का एक भी सांसद इसमें शामिल नहीं हुआ। लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित बता दें कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र में कार्यवाही में गतिरोध बनाए रखने पर विपक्षी दलों के प्रति निराशा प्रकट करते हुए कहा कि नियोजित तरीके से सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया गया जो लोकतंत्र और सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। अठारहवीं लोकसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी जिसमें 14 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 12 विधेयक पारित किए गए। इनमें अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन से संबंधित गोवा विधेयक 2025, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल हैं। इनके अलावा आयकर विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, खनिज और खनिज विकास (विनियमन और संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025 और ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 भी हंगामे के बीच लोकसभा में पारित किए गए।

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पीएम मोदी ने गुरुवार को कहा कि कुछ विपक्षी नेता प्रतिभाशाली हैं, लेकिन राहुल गांधी के कारण उन्हें मौका नहीं मिलता। संसद नहीं चलने देने पर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष के कई नेता प्रतिभाशाली और अच्छे वक्ता हैं, लेकिन राहुल गांधी की वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। पीएम ने अनौपचारिक तौर पर कहा कि कांग्रेस पार्टी इसलिए व्यवधान करती है क्योंकि विपक्ष में भी कुछ ऐसे नेता हैं जो राहुल गांधी से बेहतर बोलते हैं और वो ऐसा नहीं चाहते।

विपक्ष में राहुल गांधी से बेहतर वक्ताः पीएम

प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी एक चाय पार्टी के दौरान की, जिसमें किसी भी विपक्षी सांसद ने भाग नहीं लिया और यह एनडीए के नेताओं तक ही सीमित रही। चाय पार्टी के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि विपक्षी सांसद संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि वे राहुल गांधी से बेहतर वक्ता हैं, लेकिन लोकसभा में विपक्ष के नेता उन्हें प्रोत्साहित नहीं करना चाहते। विपक्षी सांसदों द्वारा संसद की कार्यवाही नियमित रूप से बाधित की जाती रही है।

स्पीकर की टी पार्टी में नहीं पहुंचे राहुल गांधी

लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकालीन समय के स्थगित होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने टी पार्टी दिया। टी पार्टी में पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्रियों समेत एनडीए के नेता पहुंचे लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्ष का एक भी सांसद इसमें शामिल नहीं हुआ।

लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

बता दें कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र में कार्यवाही में गतिरोध बनाए रखने पर विपक्षी दलों के प्रति निराशा प्रकट करते हुए कहा कि नियोजित तरीके से सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया गया जो लोकतंत्र और सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। अठारहवीं लोकसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी जिसमें 14 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 12 विधेयक पारित किए गए।

इनमें अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन से संबंधित गोवा विधेयक 2025, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025 शामिल हैं। इनके अलावा आयकर विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, खनिज और खनिज विकास (विनियमन और संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025 और ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 भी हंगामे के बीच लोकसभा में पारित किए गए।

ये देश है वीर-जवानों का…,’ गाकर देशभक्ति के रंग में रंगे सीएम डॉ. मोहन, बोले- आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहीं लहरें

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश का उत्साह एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा हो गया है। दुर्भाग्य है कि लोकतंत्र का अहम हिस्सा विपक्ष के नेता गलतियां करने से बाज नहीं आ रहे।भोपाल: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अगस्त को बोट क्लब पर आयोजित ‘नौका तिरंगा यात्रा’ में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने यहां मौजूद जनता का अभिवादन किया। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के तालाब पर लहराते तिरंगे हमें ऊर्जा से लबरेज कर रहे हैं। तालाब की लहरें उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। हमारी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के लिए संकल्पित है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी सवाल खड़े किए। इस दौरान उन्होंने, ‘ये देश है वीर जवानों का..,; गाना भी गाया। बोट क्लब से पहले सीएम डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास पर निकाली गई तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरे देश का उत्साह एवरेस्ट की चोटी से भी ऊंचा हो गया है। दुर्भाग्य है कि लोकतंत्र का अहम हिस्सा विपक्ष के नेता गलतियां करने से बाज नहीं आ रहे। विपक्ष के नेता सेना से कार्रवाई का सबूत मांगते हैं। अब जब पूरा देश 15 अगस्त के मद्देनजर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर झूम रहा है उस वक्त भी विपक्ष राजनीतिक गतिविधियां कर रहा है। हमारे न्यायालय, हमारी सेनाएं और चुनाव आयोग देश के लोकतंत्र के स्तंभ हैं। विपक्ष इन्हीं पर सवाल खड़े कर रहा है। लेकिन, यह प्रश्न उनकी ओर ही बढ़ रहा है कि वे लोकतंत्र पर भरोसा करते हैं कि नहीं करते हैं।

जन कल्याण के लिए सरकार संकल्पित
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज भोपाल के तालाब पर लहराते तिरंगे हमें ऊर्जा से लबरेज कर रहे हैं। यहां उठ रहीं लहरें हमें हमारे जन कल्याण के संकल्प को याद दिला रही हैं। ये लहरें हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही हैं। हमारी सरकार सभी को साथ लेकर प्रदेश के विकास के लिए संकल्पित है। भविष्य में जनता भोपाल के तालाब में भी कश्मीर की डल झील जैसा आनंद उठा सकेगी। मेरी ओर से सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई।

देखने लायक था नजारा
बता दें, बोट क्लब पर नजारा देखने लायक था। सैकड़ों नावों पर सवार लोग हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के रंग में रंगे दिखाई दिए। चारों ओर बज रहे गीतों ने देखने वालों का उत्साह चरम पर पहुंचा दिया। लोग खुद भी देशभक्ति के गीत गा रहे थे और अन्य लोगों को भी प्रेरणा दे रहे थे। कई लोग हाथों में देशभक्ति के नारों का पोस्टर लिए लोगों को देश-प्रदेश के विकास के लिए प्रेरित कर रहे थे।

सीएम हाउस में गूंजे देशभक्ति के सुर
गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास परिसर में तिरंगा यात्रा निकली। इसमें मुख्यमंत्री सचिवालय व निवास के सभी अधिकारी-कर्मचारी, सुरक्षा बल, दीदी कैफ़े की बहनें और समस्त स्टाफ ने हाथों में तिरंगा थामकर देशभक्ति से सराबोर यात्रा में भाग लिया। इस दौरान पूरा परिसर वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।

शुभमन गिल को मिला आईसीसी का बड़ा अवॉर्ड, पूरी दुनिया में ऐसा करने वाले बने पहले खिलाड़ी

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शुभमन गिल पिछले कुछ समय से बहुत ही शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके बल्ले से खूब रन भी निकल रहे हैं। इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाया था और टीम के लिए सबसे बड़े नायक बनकर उभरे थे। गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की वजह से ही भारतीय टीम टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर कर पाई थी। अब जुलाई 2025 महीने के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड मिला है। इसका ऐलान आईसीसी ने किया है।गिल ने किया था दमदार प्रदर्शन
शुभमन गिल को प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतने के लिए इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और साउथ अफ्रीकी ऑलराउंडर वियान मुल्डर से कड़ी टक्कर मिली। 25 साल के गिल ने जुलाई में दमदार खेल दिखाया और उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में 94.50 की शानदार औसत से 567 रन बनाए, जिसमें एक दोहरा शतक भी शामिल रहा।

शुभमन गिल ने कही ये बात
प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड जीतने के बाद शुभमन गिल ने कहा कि जुलाई के लिए आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ चुने जाने पर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। इस बार यह और भी ज्यादा अहम है क्योंकि यह अवॉर्ड मुझे कप्तान के रूप में मेरी पहली टेस्ट सीरीज के दौरान मेरे प्रदर्शन के लिए मिला है। बर्मिंघम में लगाया गया दोहरा शतक मेरे सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा। मैं इस अवॉर्ड के लिए मुझे चुनने के लिए जूरी को धन्यवाद देना चाहता हूं।

गिल ने चौथी बार जीता आईसीसी प्लेयर ऑफ मंथ अवॉर्ड
शुभमन गिल का यह कुल चौथा आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड है। इससे पहले उन्होंने फरवरी 2025, जनवरी 2023, सितंबर 2023 में यह अवॉर्ड अपने नाम किया था। वह पूरी दुनिया में इकलौते प्लेयर बने हैं, जिन्होंने प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड चार बार जीता है। इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल ने ऐसा प्रदर्शन किया था, जिसकी मिशाल कम ही देखने को मिलती है। उन्होंने पूरी टेस्ट सीरीज के पांच मैचों में कुल 754 रन बनाए, जिसमें चार शतक शामिल रहे।

इंग्लैंड में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय टेस्ट कप्तान
शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मैच में शतक लगाया था, लेकिन तब भारत को पांच विकेट से हार मिली थी। इसके बाद दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में 269 रन और दूसरी पारी में 161 रन बनाए थे। उनकी वजह से ही भारतीय टीम दूसरा मैच 336 रनों से जीत दर्ज करने में सफल रही। गिल इंग्लैंड में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय टेस्ट कप्तान बने थे।

पीएम मोदी की सुरक्षा की ढाल है ‘अदासो कपेसा’, माओ नागा जनजाति से रखती हैं ताल्लुक, जानिए और भी बहुत कुछ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हाल ही में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। मणिपुर के सेनापति जिले के छोटे से गांव कैबी की रहने वाली इंस्पेक्टर अदासो कपेसा ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा इकाई, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में शामिल होकर इतिहास रच दिया। वह पीएम मोदी की सुरक्षा में तैनात होने वाली पहली महिला कमांडो हैं। उनकी एक तस्वीर, जिसमें वह काले सूट और ईयरपीस के साथ पीएम के पीछे आत्मविश्वास से खड़ी हुई दिख रही हैं। अदासो कपेसा की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई।

SSB की 55वीं बटालियन में तैनात थीं कपेसा
अदासो कपेसा मणिपुर के माओ नागा जनजाति से ताल्लुक रखती हैं। साधारण पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों वाले गांव से आने वाली अदासो ने बचपन से ही बड़े सपने देखे। उन्होंने स्थानीय स्कूल से पढ़ाई पूरी की और फिर सशस्त्र सीमा बल (SSB) में शामिल हुईं। वह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में SSB की 55वीं बटालियन में इंस्पेक्टर (जनरल ड्यूटी) के पद पर तैनात थीं। अपनी मेहनत, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के दम पर उन्होंने SPG में जगह बनाई।

मार्शल आर्ट और बम डिफ्यूजिंग में हैं माहिर
SPG में शामिल होना कोई आसान काम नहीं है। यह भारत की सबसे विशिष्ट सुरक्षा इकाई है, जो केवल प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। SPG में चयन के लिए कठिन शारीरिक और मानसिक परीक्षणों से गुजरना पड़ता है, जिसमें हथियारों की ट्रेनिंग, मार्शल आर्ट, बम डिफ्यूजिंग, और गुप्त मिशनों की तैयारी शामिल है। अदासो ने 2020 में SPG कमांडो ट्रेनिंग पूरी की और 2024 में पीएम की कोर सुरक्षा टीम में शामिल हुईं। इस तरह कपेसा ने पुरुष प्रधान देश की महिलाओं के लिए एक मिसाल कायम की।

सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक
अदासो कपेसा की SPG में तैनाती न केवल उनकी व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह भारत के सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है। उनकी तस्वीरें खासकर पीएम मोदी की हालिया ब्रिटेन यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं। लोग उन्हें ‘नारी शक्ति’ और ‘राष्ट्रीय गौरव’ कहकर सराह रहे हैं। खासकर मणिपुर और पूर्वोत्तर भारत के लोग उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।

सर मैं इस इंस्टीट्यूट से पढ़ना चाहती हूं..,’ सुनते ही सीएम मोहन यादव ने पूरा किया छात्रा का सपना

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति और प्रशस्तिपत्र प्रदान किए। इस मौके पर 12वीं में प्रदेश की टॉपर प्रियल द्विवेदी ने जब सीएम मोहन से कहा कि वह एक इंस्टीट्यूट से पढ़ना चाहती है तो उन्होंने छात्रा की मदद करने का फैसला किया।भोपाल। युवाओं के रोजगार और स्वर्णिम भविष्य के लिए मध्य प्रदेश सरकार कितनी संवेदनशील है इसका अंदाजा उस वक्त लगा, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक छात्रा के अपील करते ही उसकी आगामी शिक्षा की पूरी व्यवस्था कर दी। सीएम डॉ. यादव ने न केवल उसकी एजुकेशन की जिम्मेदारी ली, बल्कि हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया। उनके इस अंदाज ने मौके पर मौजूद स्टूडेंट्स और लोगों का दिल जीत लिया। स्टूडेंट्स ने कहा कि अगर मध्य प्रदेश सरकार इस तरह उनकी मदद करती रही तो प्रतिभाओं को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। इस टैलेंट के आधार पर राज्य जल्द विकसित प्रदेशों में शामिल हो जाएगा।

सीएम ने मेधावी छात्राओं को दी छात्रवृत्ति

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 अगस्त को भोपाल के निजी होटल में आयोजित ‘स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप-2025’ वितरण कार्यक्रम में मेधावी छात्राओं को छात्रवृत्ति और प्रशस्तिपत्र प्रदान किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अब बढ़कर 1 लाख 52 हजार रुपये हो गई है। यह आय वर्ष 2002-03 तक मात्र 11 हजार रुपए थी। पिछले डेढ़ साल में सिंचाई का रकबा साढ़े सात लाख हेक्टेयर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से प्रदेश के कई जिलों को लाभ होगा । प्रदेश सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

छात्रों के लिए तत्परता से काम कर रही सरकार

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार तत्परता पूर्वक हर संभव प्रयास कर रही है। 75 फीसदी से अधिक अंक लाने और स्कूल में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी देने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में एमपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में प्रदेश में प्रथम आने वाली शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अमरपाटन की प्रियल द्विवेदी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि वह आगे की पढ़ाई वेल्लोर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी) से करना चाहती है, लेकिन परिस्थिति के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा है। उसकी बात सुनते ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा कर दी कि प्रियल की वीआईटी में पढ़ाई की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी।

66 छात्राओं का हुआ सम्मान

बता दें, मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में 66 छात्राओं को सम्मानित किया। इसमें हर जिले की टॉपर छात्रा को 50 हजार रुपए तथा प्रशस्ति पत्र और प्रदेश में प्रथम आने वाली प्रियल द्विवेदी को एक लाख रुपये दिए गए। इस मौके पर प्रियल के स्कूल को भी एक लाख रुपये की राशि का चेक दिया गया।

लाड़ली बहनों को मिला रक्षाबंधन का विशेष शगुन, सीएम डॉ. मोहन ने क्यों कहा भगवान होती हैं बहनें? सुनाई श्री कृष्ण-द्रौपदी की कहानी

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इस मौके पर उन्होंने 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार से ज्यादा बहनों के खातों में लाड़ली बहन योजना की किश्त 1250 के साथ-साथ 250 रुपये का विशेष शगुन भी ट्रांसफर किया। उन्होंने पहले 1541.76 करोड़ और बाद में 317 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में ट्रांसफर की। इसके अलावा उन्होंने 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लभोपाल/राजगढ़। ‘हम लाड़ली बहनों की राशि धीरे-धीरे बढ़ाएंगे। हमारी सरकार 41 हजार करोड़ की राशि बहनों को दे चुकी है। बहनों के हाथ में रुपये देने से उसका सदुपयोग होता है। बहनें एक-एक रुपया बचाकर घर को संभालती हैं। बहनें अपना पेट काटकर घर का ख्याल रखती हैं। मैं बहनों का प्रेम जीवनभर नहीं भूलूंगा। बहनों को दीपावली के बाद भाईदूज से 1500 रुपये मिलने लगेंगे। हमारा संकल्प है कि हम बहनों को तीन हजार रुपये देंगे। बहनें अगर रोजगारपरक कारखाने में जाएगी तो उन्हें सरकार 5 हजार रुपये देगी। इसके अलावा कारखाने का मालिक अलग रुपये देगा। हमारी सरकार हॉस्टल बनाकर महिलाओं को रात में काम करने की छूट दे रही हैं। हम भाइयों को भी रोजगारपरक कारखाने में काम करने के लिए रुपये देंगे। बहनें भगवान की तरह होती हैं।’यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में कही। डॉ. सीएम यादव 7 अगस्त को यहां आयोजित रक्षाबंधन उत्सव को संबोधित कर रहे थे।

लाड़ली बहन योजना की किश्त खाते में बहनों के खाते में ट्रांसफर
इस मौके पर उन्होंने 1 करोड़ 26 लाख 89 हजार से ज्यादा बहनों के खातों में लाड़ली बहन योजना की किश्त 1250 के साथ-साथ 250 रुपये का विशेष शगुन भी ट्रांसफर किया। उन्होंने पहले 1541.76 करोड़ और बाद में 317 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में ट्रांसफर की। इसके अलावा उन्होंने 28 लाख से अधिक बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 43.90 करोड़ भी दिए। कार्यक्रम में सीएम डॉ.यादव ने कई घोषणाएं भी कीं। कार्यक्रम से पहले सीएम डॉ.मोहन यादव ने रोड-शो किया। उसके बाद बहनों ने बड़ी संख्या में उन्हें राखियां बांधी। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों से बड़ा बदला लिया। इस बार का रक्षाबंधन ऑपरेशन सिंदूर पर ही आधारित है। त्योहारों का राजा है रक्षाबंधन
गौरतलब है कि इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रक्षाबंधन को लेकर कहानी भी सुनाई। उन्होंने कहा कि भाई-बहन के त्योहार रक्षाबंधन की किसी से तुलना नहीं हो सकती। रक्षाबंधन सभी त्योहारों का राजा है। जब हम छोटे थे तो पिता जी को राखी बांधने बुआ आया करती थी। उस वक्त लगता था जैसे घर में दीपावली आ गई हो। बुआ के आते ही घर में हलचल मच जाती थी। उनके बैग में सभी भांजे-भांजियों के लिए राखी और गिफ्ट हुआ करते थे। फिर, जब हम और बड़े हुए तो बहन को लेने ससुराल जाने लगे। पूरे साल में एक बार मिलने पर बहन अंदर से तो बहुत खुश होती थी, लेकिन सामने से कठोर होकर कहती थी कि तुम्हें बड़ी जल्दी बहन की याद आ गई, राखी आई तो याद आ गई। जाओ मैं नहीं जाती तुम्हारे साथ। ये सुनने के बाद भाई मनाने में लग जाता था, गलती स्वीकार करने लगता था। काफी मनाने के बाद आखिर बहन भाई के साथ घर आ जाती थी।

सारी गलतियां माफ कर देती हैं बहनें
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि बहन तो है ही भगवान की तरह, जो सारी गलतियां माफ कर देती है। बेटी के घर में आने से पिता की आंखें चमक उठती हैं। बेटी जब घर में कदम रखती है तो उस वक्त इतना आनंद आता है, जो भगवान के आने पर भी नहीं होता। बेटी से ज्यादा पिता को कोई सुख नहीं दे सकता। वह अपने मायके की भी चिंता करती है और ससुराल की भी। हमें इस पर गर्व है। जिस घर में बेटी नहीं होती, वह अधूरा रहता है। जिसमें भाई-बहन सब हों, उस घर को स्वर्ग माना जाता है। संसार में हर रिश्ते का महत्व है। उन्होंने कहा कि भाई के लिए भांजी का विवाह करना सौभाग्यशाली होता है। भारतीय संस्कृति में ही भांजे-भांजियों को बेटे-बेटियों से ज्यादा महत्व दिया जाता है। रेशम के धागे में सभी ताकतों से ज्यादा ताकत होती है।