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कलचुरी महासभा का 90वां स्थापना दिवस कल, जातिगत जनगणना में ‘कलचुरी’ उपनाम जोड़ने पर होगी राष्ट्रव्यापी रणनीति पर चर्चा

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भोपाल। अखिल भारतवर्षीय हैहय कलचुरी महासभा का 90वां स्थापना दिवस समारोह कल शनिवार जे राजधानी भोपाल स्थित एलएनसीटी विश्वविद्यालय परिसर (कोलार रोड) के सभागार में उत्साह एवं गौरव के साथ आयोजित किया जाएगा। महासभा के राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट एम.एल. राय ने बताया कि 2 अगस्त को दोपहर 3 बजे राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक तथा 3 अगस्त को प्रातः 10 बजे से स्थापना दिवस समारोह एवं खुला मंच कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में देशभर से कलचुरी समाज के प्रतिष्ठित समाजसेवी, बुद्धिजीवी, प्रतिनिधि एवं राष्ट्रीय पदाधिकारी भाग लेंगे। समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जय नारायण चौकसे करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय सलाहकार श्री शंकरलाल राय, महासचिव एडवोकेट एम.एल. राय, प्रदेश अध्यक्ष श्री पंकज चौकसे, संगठन महासचिव श्री ओपी चौकसे, कार्यालय महासचिव श्री वीरेंद्र ‘पप्पू’ राय, प्रचार महासचिव श्री हरिराम राय समेत अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी मंच पर उपस्थित रहेंगे।

‘कलचुरी’ उपनाम को लेकर होगी महत्वपूर्ण चर्चा

समारोह में एक विशेष विमर्श जातिगत जनगणना में ‘कलचुरी’ शब्द को जाति नाम से पूर्व जोड़ने की रणनीति पर केंद्रित रहेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जय नारायण चौकसे ने कहा कि कलार, कलाल, कलवार आदि उपसमाजों की पहचान अलग-अलग उपनामों से हो रही है, जिससे समाज की वास्तविक संख्या का आंकलन सही ढंग से नहीं हो पाता। अतः ‘कलचुरी’ उपनाम जोड़ने से समाज की एकरूपता और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान सशक्त होगी। यह प्रस्ताव सभी सदस्यों के समक्ष विचारार्थ रखा जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि मध्यप्रदेश के प्राचीन धार्मिक नगर महेश्वर को ‘माहिष्मति कलचुरी धाम’ के रूप में विकसित किया जाएगा तथा वहां भगवान श्री सहस्रबाहु की विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। उन्होंने समाज के युवाओं से सोशल मीडिया पर कलचुरिधाम के प्रचार-प्रसार की अपील की।

देशभर से आएंगे प्रतिनिधि और अतिथि

समारोह में भोपाल सहित देश के विभिन्न राज्यों से समाज के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। जिनमें जयपुर से शिवचरण हाड़ा, केरल से राजेन्द्र बाबू, पंजाब से तेगबीर सिंह, हैदराबाद से लक्ष्मण गौड, तेलंगाना से फिल्म अभिनेता जय हिंद गौड, नागपुर से चंद्रपाल चौकसे, कोटा से पंकज जायसवाल, गुजरात से एडवोकेट नरेश जायसवाल, बिलासपुर से मनोज राय, बांसवाड़ा से हरीशचंद कलाल, अमरावती से रेखा ताई, तमिलनाडु से सी.जी. गौड, तेलंगाना से शिवा प्रसाद, दिल्ली से पूनम चौधरी व नेहा गुप्ता, ग्वालियर से नीलम शिवहरे, समीक्षा गुप्ता व गायत्री शिवहरे। प्रदेश प्रचार सचिव श्री राजेश राय ने समाज के सभी संगठनों, पदाधिकारियों और सदस्यों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय आयोजन में सपरिवार भाग लेकर इसे ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण बनाएँ।

भारत पर 25% टैरिफ के ऐलान के बाद फिर आया डोनाल्ड ट्रम्प का बयान, इस बार कह दी ये अहम बात

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र हैं, लेकिन व्यापार के लिहाज से वे हमारे साथ बहुत ज्यादा व्यापार नहीं करते, क्योंकि टैरिफ बहुत ज़्यादा है।भारत पर अमेरिकी की तरफ से 25 प्रतिशत टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नया बयान आया है। इस बयान में जब उनसे पूछा गया कि ‘क्या वे भारत के साथ टैरिफ पर बातचीत के लिए तैयार हैं’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम अभी उनसे बात कर रहे हैं। देखते हैं क्या होता है। ANI की खबर के मुताबिक, उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा या लगभग सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला देश था, हम अभी भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं।
ट्रम्प ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र हैं, लेकिन…
खबर के मुताबिक, भारत पर 25% टैरिफ और जुर्माना लगाने की घोषणा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि प्रधानमंत्री मोदी मेरे मित्र हैं, लेकिन व्यापार के लिहाज से वे हमारे साथ बहुत ज्यादा व्यापार नहीं करते, क्योंकि टैरिफ बहुत ज़्यादा है। इस समय दुनिया में उनका टैरिफ सबसे ज्यादा है। वे इसमें काफी कटौती करने को तैयार हैं। लेकिन देखते हैं क्या होता है…”

ट्रम्प को नहीं भा रही रूस से भारत की नजदीकियां
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बीते बुधवार को कहा कि अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर 25% टैरिफ लगाएगा, साथ ही भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने के कारण अतिरिक्त आयात कर भी लगाएगा। AP की खबर के मुताबिक, रिपब्लिकन राष्ट्रपति ने आगे कहा कि भारत रूस से सैन्य उपकरण और तेल खरीदता है, जिससे यूक्रेन में मास्को का युद्ध संभव हो पाता है। इसलिए, उनका इरादा शुक्रवार से कई देशों पर अपने प्रशासन के संशोधित टैरिफ़ लागू करने के तहत अतिरिक्त “जुर्माना” वसूलने का है।

वाणिज्य मंत्रालय का बयान
भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने ट्रम्प के 25 प्रतिशत टैरिफ के ऐलान के बाद एक बयान में कहा कि भारत और अमेरिका पिछले कुछ महीनों से एक “निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी” द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं और नई दिल्ली इस उद्देश्य के लिए प्रतिबद्ध है।

एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि भारत पर लगाए गए नए टैरिफ से अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुना कर 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का उसका लक्ष्य जटिल हो सकता है। वाशिंगटन लंबे समय से नई दिल्ली के साथ गहरी साझेदारी विकसित करने की कोशिश कर रहा है, जिसे चीन के खिलाफ एक मजबूत दीवार के रूप में देखा जाता है।

पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलेगी टीम इंडिया, खिलाड़ी नहीं हैं तैयार

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इंडिया और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला अब नहीं होगा। वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स यानी डब्ल्यूसीएल के सेमीफाइनल में इंडिया और पाकिस्तान का मैच होना था, जो अब नहीं होगा। पता चला है कि भारतीय खिलाड़ियों ने इस मैच में खेलने से इन्कार कर दिया है। इससे इंडियन टीम का सफर इस टूर्नामेंट में खत्म हो गया है। इससे पहले भी लीग चरण का मैच भी नहीं हो पाया था। इंडिया के प्लेयर्स ने खेलने से कर दिया इन्कार
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स यानी डब्ल्यूसीएल के सेमीफाइनल में चार टीमों ने अपनी जगह पक्की है, इसमें भारत और पाकिस्तान के अलावा साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। पहला सेमीफाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच 31 जुलाई को होना था, लेकिन अब ये मैच नहीं होगा। पता चला है कि भारतीय प्लेयर्स ने इस मैच में खेलने से मना कर दिया है। पीटीआई को सूत्रों के हवाले से पता चला है कि भारतीय चैंपियंस लीग का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों ने बर्मिंघम में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के सेमीफाइनल में पाकिस्तान चैंपियंस लीग के खिलाफ खेलने से इनकार कर दिया है। यानी मैच अब नहीं होगा।

लीग चरण में भी नहीं हो पाया था मुकाबला
इससे पहले आपको याद ही होगा कि जब इसी टूर्नामेंट के लीग चरण में इंडिया और पाकिस्तान का मैच होना था, उस वक्त भी भारतीय प्लेयर्स ने खेलने से मना कर दिया था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान को एक एक अंक दे दिया गया था। लेकिन अब चूंकि सेमीफाइनल है, इसलिए इंडिया की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। लेकिन क्या पाकिस्तान की टीम सीधे सेमीफाइनल में जाएगी, इसके लिए इंतजार करना होगा। शिखर धवन, हरभजन सिंह,इरफान पठान, सुरेश रैना और यूसुफ पठान आदि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह के रिश्ते रखने के तैयार नहीं हैं। चाहे इसके लिए उन्हें कुछ कीमत ही क्यों ना चुकानी पड़े।

टूर्नामेंट के होने पर ही मंडरा रहा संकट
इस बीच ताजा घटनाक्रम के तहत ये भी हुआ कि जैसे ही पाकिस्तान की टीम सेमीफाइल में पहुंची, इस टूर्नामेंट के मुख्य स्पॉन्सर ईज माई ट्रिप ने भी इससे अपना हाथ खींच लिया है। इस कंपनी के संस्थापक निशांत पिट्टी हैं, उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस बारे में अपनी बात कही है। यानी टूर्नामेंट के भविष्य भी अब खतरा सा मंडराता हुआ नजर आ रहा है।

किसानों के लिए जरूरी सूचना, सरकार ने फसल बीमा योजना में किए बड़े बदलाव- जानें क्या होगा फायदा

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केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में बदलाव करते हुए जरूरी और महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी। शिवराज सिंह चौहान ने इन सुधारों की घोषणा करते हुए आंध्र प्रदेश की पिछली जगन रेड्डी सरकार की वजह से किसानों को हुए नुकसान का जिक्र किया। सरकार इन बदलावों से राज्य सरकारों की चूक के कारण किसानों को होने वाले नुकसान से बचाना और उचित लाभ पहुंचाना है। बताते चलें कि राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने संसद में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर सरकार से सवाल किए थे।आंध्र प्रदेश के किसानों को हुआ था भारी नुकसान
हनुमान बेनीवाल के प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि मोदी सरकार ने पूर्ववर्ती राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना (NAIS) को PMFBY में बदल दिया, जिसमें किसानों को हुए नुकसान के दावों का 21 दिनों के अंदर निपटान करने का आदेश दिया गया। इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश में उभरे एक गंभीर मुद्दे पर प्रकाश डाला। कृषि मंत्री ने कहा, ”कुछ राज्यों ने घोषणा की थी कि वे किसान बीमा प्रीमियम का खर्च खुद उठाएंगे। लेकिन, आंध्र प्रदेश में तत्कालीन जगन सरकार लगातार 3 सालों तक प्रीमियम में अपने राज्य के हिस्से का योगदान करने में विफल रही। जिसकी वजह से आंध्र प्रदेश के किसानों को भारी नुकसान हुआ क्योंकि उन्हें उनके उचित फसल बीमा का लाभ नहीं मिला।”

राज्यों को देना पड़ेगा 12 प्रतिशत का ब्याज
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए, शिवराज सिंह ने कहा कि इस “बुरे अनुभव” के कारण प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में मूलभूत संशोधन करना पड़ा। संशोधित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत, केंद्र सरकार अब फसल बीमा के लिए अपना हिस्सा देगी, चाहे राज्य सरकार अपना प्रीमियम अंशदान पूरा करे या नहीं। मंत्री ने कहा, “अगर कोई राज्य सरकार अपना हिस्सा नहीं देती है तो उस पर 12% का ब्याज लगाया जाएगा और वह राशि सीधे किसानों के खातों में जमा की जाएगी। सरकार के इस कदम का उद्देश्य राज्य स्तर पर अधिकारियों द्वारा की जाने वाली देरी और राजनीतिक निष्क्रियता से किसानों की रक्षा करना है, ताकि उन्हें समय पर फसल बीमा का लाभ मिल सके।

लोकसभा में राजनाथ सिंह बोले- ‘सुदर्शन चक्र उठा लिया है, ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा’, ‘गौरव गोगोई ने पूछा- आतंकी कैसे घुसे’

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संसद के मानसून सत्र के दौरान आज (28 जुलाई) से पहलगाम हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर तीखी बहस जारी है। पहले सप्ताह के व्यवधान के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष आमने-सामने हैं। भारत की सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू की गई थी, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान के ऊपर दोबारा स्ट्राइक भी की जाएगी। वहीं, विपक्ष के नेता गौरव गोगोई ने पूछा कि आतंकी पहलगाम तक कैसे पहुंचे और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को कितने विमानों का नुकसान हुआ।

गौरव गोगोई ने पूछा कहां हैं पहलगाम के आतंकी

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने विपक्ष की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर पर सबसे पहले अपनी बात रखी। उन्होंने पूछा कि ऑपरेशन सिंदूर के 100 दिन बाद भी सरकार 5 आतंकियों को नहीं पकड़ पाई है। सरकार के पास ड्रोन हैं, पेगासस हैं, सैटेलाइट हैं, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ हैं और रक्षा मंत्री कुछ दिन पहले वहां गए थे, लेकिन फिर भी आप उन्हें पकड़ नहीं पाए हैं।

पहलगाम में आतंकी कैसे आए, रक्षा मंत्री ने नहीं बताया- गौरव गोगोई

ऑपरेशन सिंदूर पर बहस में बोलते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा “राजनाथ सिंह जी ने बहुत सारी जानकारी दी, लेकिन रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने कभी यह उल्लेख नहीं किया कि कैसे पाकिस्तान से आतंकवादी पहलगाम पहुंचे और 26 लोगों को मार डाला। राष्ट्र के हित में ये सवाल पूछना हमारा कर्तव्य है।”

भारत चुप नहीं बैठेगा: राजनाथ सिंह

ऑपरेशन सिंदूर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर हमारे सामर्थ्य का प्रतीक था जिसमें हमने दिखाया कि अगर कोई हमारे नागरिकों को मारेगा तो भारत चुप नहीं बैठेगा। हमारा राजनैतिक तंत्र और नेतृत्व बिना किसी दबाव के काम करेगा। हमारी मिसाइलें भौतिक सीमाओं को पार करेंगी, वीर सैनिक दुश्मन की कमर तोड़ देंगे। हम आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्‍ड7 का OLED पैनल 500,000 फोल्ड्स के टेस्‍ट में सफल रहा

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गुरुग्राम, जुलाई, 2025 – सैमसंग डिस्प्ले ने आज बताया कि इसका नया फोल्डेबल OLED पैनल 5 लाख-फोल्‍ड ड्यूरैबिलिटी टेस्ट के बाद भी पूरी तरह काम करता रहा। इसने एक बार फिर अपनी फोल्डेबल OLED टेक्‍नोलॉजी की शानदार मजबूती को प्रदर्शित किया है।

पैनल का परीक्षण और सत्यापन वैश्विक परीक्षण, निरीक्षण और प्रमाणन कंपनी ब्यूरो वेरिटास द्वारा किया गया। सैमसंग डिस्प्ले ने अपने आंतरिक ड्यूरैबिलिटी टेस्टिंग स्‍टैण्‍डर्ड को 200,000 से बढ़ाकर 500,000 फोल्ड्स कर दिया, जोकि इसके पिछले मानक से 2.5 गुना अधिक है। यह पैनल की लंबे समय तक बरकरार रहने वाली मजबूती में इसके आत्मविश्वास को दर्शाता है। इस पैनल का इस्‍तेमाल हाल ही में लॉन्च किए गए सैमसंग गैलेक्सी Z फोल्‍ड7 में किया गया है।

ब्यूरो वेरिटास के मुताबिक, यह टेस्‍ट 13 दिनों तक 25°C (77°F) पर किया गया, और पैनल 500,000 फोल्ड्स के बाद भी पूरी तरह कार्यात्मक रहा। 500,000 फोल्ड्स का कुल योग औसत यूजर्स के लिए 10 वर्षों से अधिक के उपयोग के बराबर है, जो अपने डिवाइस को प्रतिदिन लगभग 100 बार फोल्ड करते हैं, और हैवी यूजर्स के लिए यह 6 वर्षों से अधिक है, जो प्रतिदिन 200 बार से अधिक फोल्ड करते हैं, यह साबित करता है कि ड्यूरैबिलिटी अब फोल्डेबल स्मार्टफोन्स की आयु में एक सीमित कारक नहीं है।

सैमसंग डिस्प्ले की नई शॉक-रेजिस्‍टेंस संरचना की बदौलत इस ड्यूरैबिलिटी को हासिल किया गया है। यह संरचना बुलेटप्रूफ ग्लास के डिज़ाइन सिद्धांतों से प्रेरित है।

पारंपरिक बुलेटप्रूफ ग्लास में कई परतों वाले मजबूत ग्लास और प्लास्टिक फिल्में होती हैं, जिन्‍हें इम्‍पैक्‍ट पर एनर्जी को अवशोषित और फैलाने के लिए बनाया जाता है। जब एक गोली सतह से टकराती है, तो बाहरी ग्लास परत का लचीलापन अधिकांश इम्‍पैक्‍ट एनर्जी को अवशोषित कर लेता है, जिससे प्रवेश रुक जाता है। सैमसंग डिस्प्ले ने इस अवधारणा को लागू करते हुए अपने सबसे बाहरी यूटीजी (अल्ट्रा थिन ग्लास) की मोटाई को 50% तक बढ़ाया और एक नया हाई-इलास्टिक एड्हेसिव पेश किया, जिसे इसके OLED पैनल के प्रत्येक परत पर लागू किया गया है। यह पिछली सामग्री की तुलना में चार गुना बेहतर रिकवरी प्रदर्शन प्रदान करता है। इन सभी सुधारों से पैनल की बाहरी प्रभाव को अवशोषित करने की क्षमता काफी हद तक बढ़ गई है।

इसके अलावा, एक नई समतल संरचना का उपयोग किया गया है ताकि शॉक को पैनल पर समान रूप से वितरित किया जा सके, और डिस्प्ले को समर्थन देने के लिए एक टाइटेनियम प्लेट भी लगाई गई है। टाइटेनियम प्लेट उच्च मजबूती प्रदान करती है, साथ ही यह पारंपरिक सामग्रियों की तुलना में हल्की और पतली है जिससे अधिक सुरक्षा के साथ एक पतला फॉर्म फैक्टर मिलता है।

सैमसंग डिस्प्ले की मोबाइल डिस्प्ले प्रोडक्‍ट प्‍लानिंग टीम के हेड और एक्‍जीक्‍यूटिव वाइस प्रेसिडेंट होजंग ली ने कहा, “फोल्डेबल OLED तकनीक अपने व्‍यावसायीकरण के सातवें साल में पहुंच रही है, और हमने ड्यूरैबिलिटी एवं डिज़ाइन में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह नया पैनल न केवल फोल्डेबल OLED की ड्यूरैबिलिटी पर उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाता है, बल्कि उस तकनीकी खासियत को भी दिखाता है जो सैमसंग डिस्प्ले को उद्योग में सबसे अलग बनाती है।

शिवराज चौहान ने कांग्रेस पर साधा निशाना, बोले- ‘कारगिल विजय दिवस पर सवाल उठाती रही कांग्रेस’

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केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने कारगिल विजय दिवस पर जवानों के शौर्य को नमन किया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कारगिल विजय दिवस पर हमेशा सवाल उठाती रही है। शिवराज चौहान ने राहुल गांधी पर भी हमला कियादेशभर में आज कारगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है। कारगिल युद्ध में शामिल वीर जवानों को आज पूरा देश नमन कर रहा है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। शिवराज चौहान ने कारगिल विजय दिवस को लेकर कहा कि मैं अपनी सेना के शौर्य को प्रणाम करता हूं, जवानों के त्याग और बलिदान को प्रणाम करता हूं। उस शानदार विजय में जो भागीदार थे, उन सबको मैं प्रणाम करता हूं। जवानों ने भारत माता का मान बढ़ाया, लेकिन कांग्रेस तो कारगिल विजय दिवस पर भी सवाल उठाती है। 2004 से 2009 तक जब यूपीए की सरकार थी तो कारगिल विजय दिवस मनाया ही नहीं गया।

पाकिस्तान की भाषा बोलती है कांग्रेस’
शिवराज चौहान ने कहा, “कांग्रेस के सांसद ने कहा था कि हम कारगिल विजय दिवस क्यों मनाएं वो युद्ध एनडीए की सरकार में लड़ा गया था। देश जब कोई युद्ध करता है तो क्या किसी सरकार के लिए करता है? क्या इस तरह के प्रश्न खड़े करना देशभक्ति है? केवल कारगिल ही नहीं बल्कि ऑपरेशन सिंदूर पर भी सवाल खड़े करने का पाप कांग्रेस ने किया है। इनको इसमें आनंद आता है कि अपना क्या नुकसान हुआ है। कांग्रेस की मनोवृत्ति राष्ट्रविरोध की सीमा तक जाती है। प्रधानमंत्री का विरोध करते-करते ये देश का ही विरोध करते लगे हैं। ये पाकिस्तान की भाषा बोलने लगते हैं। पाकिस्तान इनके बयानों को दुनिया के सामने रखता है।”
माफी मांगना राहुल गांधी के भाग्य में है’
वहीं राहुल गांधी पर भी शिवराज चौहान ने निशाना साधा। शिवराज चौहान ने कहा, “राहुल जी बहुत देर से समझ पाते हैं। पहले उन्होंने आपातकाल के लिए माफी मांगी, फिर उन्होंने सिख दंगों के लिए माफी मांगी, फिर उन्होंने ओबीसी से माफी मांगी। ओबीसी के लिए कांग्रेस ने क्या किया? कांग्रेस बताए कि मंडल आयोग की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में किसने डाला? ओबीसी के कल्याण के लिए उठाए गए हर कदम को कुचलने का काम कांग्रेस ने किया। बाद में वो माफी मांगते हैं। राफेल के मामले में भी माफी मांगे। अभी जो राहुल गांधी कर रहे हैं, उसके लिए फिर 10 साल माफी मांगेंगे। ये माफी मांगना ही उनके भाग्य में लिखा है।”

उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर बड़ा खुलासा, प्रोटोकॉल तोड़कर राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे थे धनखड़

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जगदीप धनखड़ ने अचानक राष्ट्रपति भवन पहुंचकर प्रोटोकॉल तोड़ते हुए इस्तीफा सौंपा, जिसे राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है और संसद में विपक्षी हंगामे का दौर जारी है।नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। इस इस्तीफे ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इस बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है कि धनखड़ 21 जुलाई की रात 9 बजे बिना पूर्व सूचना के राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे, जिससे वहां हड़कंप मच गया था। बता दें कि राष्ट्रपति भवन में प्रोटोकॉल के तहत सभी गतिविधियां संचालित होती हैं, लेकिन धनखड़ के अचानक पहुंचने से कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।राष्ट्रपति को तुरंत दी गई थी धनखड़ के आने की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, धनखड़ की अप्रत्याशित यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को तुरंत दी गई। इसके बाद आनन-फानन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उनकी मुलाकात आयोजित की गई, जिसमें धनखड़ ने अपना इस्तीफा सौंपा। रात 9:25 बजे उपराष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनके इस्तीफे की आधिकारिक घोषणा की। धनखड़ के इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में तमाम तरह के सवाल तैरने लगे। इस मुद्दे की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी भी धनखड़ के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ चर्चाओं का दौर थमा नहीं है।

अमित शाह और ओम बिरला के बीच हुई मुलाकात
धनखड़ के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके आवास पर मुलाकात की। करीब 30 मिनट तक चली इस बैठक में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा होने की बात सामने आ रही है। बता दें कि संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ है और आज इसका तीसरा दिन है। सत्र के पहले दो दिन हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं। 21 जुलाई को दोनों सदनों में जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था, जिसके बाद धनखड़ ने इस्तीफा दे दिया। 22 जुलाई को उनका इस्तीफा मंजूर होने के बाद सदन की कार्यवाही आज तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।

राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक आज
आज उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद पहली बार राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक उपसभापति हरिवंश की अध्यक्षता में होगी। 21 जुलाई को धनखड़ की अध्यक्षता में हुई BAC की बैठक में संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा शामिल नहीं हुए थे। इन सारी खबरों के बीच संसद में आज भी विपक्ष का आक्रामक रुख देखने को मिल रहा है। विपक्ष बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन, SIR, पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब की मांग कर रहा है।

जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद अब कौन बनेगा उपराष्ट्रपति, सदन में कौन कितना ताकतवर?

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद, अब देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद यानी उपराष्ट्रपति के लिए चुनाव होने वाला है, जो कई मायनों में अहम है। इस चुनाव में संख्याबल के लिहाज से सत्तारूढ़ एनडीए स्पष्ट बढ़त पर है। संसद के दोनों सदनों में एनडीए को स्पष्ट बहुमत प्राप्त है, जो उपराष्ट्रपति चुनाव में एक महत्वपूर्ण कारक है, क्योंकि लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों के वोट इसका निर्धारण करते हैं। तो ऐसे में उपराष्ट्रपति एनडीए से ही हो सकता है। कई नामों को लेकर अटकलबाजी जारी है।
सदन में सीटों का गुणा भाग

543 सदस्यीय लोकसभा में पश्चिम बंगाल के बशीरहाट की एक सीट रिक्त है, जबकि 245 सदस्यीय राज्यसभा में पांच सीटें खाली पड़ी हैं। इससे राज्यसभा में सदस्यों की संख्या घटकर 240 रह जाती है। वहीं, राज्यसभा में रिक्त पांच सीटों में से चार जम्मू-कश्मीर से और एक पंजाब से है, जहां के वर्तमान सदस्य संजीव अरोड़ा ने पिछले महीने हुए उपचुनाव में राज्य विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद सीट छोड़ दी थी।

लोकसभा की बात करें तो, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 542 सदस्यीय सदन में 293 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। सत्तारूढ़ गठबंधन को राज्यसभा में 129 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जिसकी प्रभावी संख्या 240 है, यह मानते हुए कि मनोनीत सदस्य एनडीए उम्मीदवार के समर्थन में मतदान करते हैं। इस तरह से कुल मिलाकर, उपराष्ट्रपति पद के लिए दोनों सदनों की संयुक्त संख्या 786 है, जिसका अर्थ है कि किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए 394 वोटों की आवश्यकता होगी। 422 सदस्यों के समर्थन से एनडीए आसानी से यह आंकड़ा पार कर लेता है, जिससे आगामी मुकाबले में उसे एक मजबूत स्थिति प्राप्त होती है।

क्या होगी आगे की प्रक्रिया?

उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है। उनका कार्यकाल पांच वर्ष का होता है, लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद, वे तब तक पद पर बने रह सकते हैं जब तक कि उनका उत्तराधिकारी पद ग्रहण न कर ले।

संविधान के अनुच्छेद 68(2) के अनुसार, उपराष्ट्रपति का कार्यकाल समाप्त होने के कारण उत्पन्न रिक्ति को भरने के लिए चुनाव, कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही संपन्न हो जाता है।

यदि मृत्यु, त्यागपत्र, निष्कासन या अन्य किसी कारण से कोई रिक्ति उत्पन्न होती है, तो उस रिक्ति को भरने के लिए चुनाव घटना के तुरंत बाद किया जाता है।

यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली का पालन करता है, जिसमें गुप्त मतदान होता है। दोनों सदनों के सदस्य उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में रैंक करते हैं।

इस्तीफा देकर धनखड़ ने चौंकाया

सोमवार (21 जुलाई) को जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। इसकी टाइमिंग भी चौंकाने वाली है क्योंकि संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दिया और इसके पीछे उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा कि इसीलिए मैंने इस्तीफा दिया है।

इस्तीफे को लेकर लग रहे ये कयास

धनखड़ के इस्तीफे के पीछे की वजहों को देखें तो ऐसा लगता है कि सोमवार को मानसून सत्र के पहले दिन जो घटनाएं घटी, वह धनखड़ के इस्तीफे का कारण हो सकती हैं। दूसरा ये भी हो सकता है कि धनखड़ के लगातार न्यायपालिका के खिलाफ तीखे बयानों से सरकार असहज हो गई थी और इस वजह से भी वो दबाव में रहे हों। तीसरा ये कि उनके बयानों को अक्सर सरकार का रुख माना जाता था, जिससे सरकार आलोचना के घेरे में आ जाती थी। लेकिन ये सच और संभव भी है कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के पीछे वास्तव में उनकी हेल्थ प्रॉब्लेम्स हों।

इस कंपनी ने अपने IPO का प्राइस बैंड ₹85-90 प्रति शेयर किया तय, पैसे रखें तैयार, इस तारीख से लगा सकेंगे बोली

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आईपीओ में 75% हिस्सा योग्य संस्थागत निवेशकों (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व है। इसके अलावा 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एचएनआई) के लिए, 10% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व है।अगर आपको भी ब्रिगेड होटल वेंचर्स लिमिटेड के आईपीओ का इंतजार है तो आपके लिए एक ताजा अपडेट है। कंपनी ने अपने आगामी ₹749.6 करोड़ के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए ₹85 से ₹90 प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, कंपनी का मूल्यांकन इस मूल्य बैंड के ऊपरी सिरे पर ₹3,400 करोड़ से अधिक बैठता है। निवेशक इस आईपीओ में 24 जुलाई से 28 जुलाई तक बोली लगा सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 23 जुलाई को ही शुरू हो जाएगी।
IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू
खबर के मुताबिक, ब्रिगेड होटल वेंचर्स लिमिटेड का यह IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। इसका मतलब यह हुआ कि इसमें कोई भी प्रमोटर या निवेशक शेयर बिक्री नहीं कर रहा है । यह ओपन फॉर सेल नहीं है। इस आईपीओ से जुटाई राशि का इस्तेमाल ₹468.14 करोड़ कंपनी के कर्ज भुगतान के लिए, ₹107.52 करोड़ प्रमोटर कंपनी Brigade Enterprises Ltd (BEL) से अचल संपत्ति (भूमि का हिस्सा) खरीदने के लिए, शेष राशि का उपयोग अधिग्रहण, रणनीतिक पहलों और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

कंपनी का जान लीजिए
ब्रिगेड होटल वेंचर्स लिमिटेड, बेंगलुरु स्थित बिर्गेड इंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी है। इस कंपनी ने 2004 में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कदम रखा था और 2009 में पहला होटल ‘ग्रैंड मर्क्योर बैंगलोर’शुरू किया। मौजूदा समय में कंपनी के पास 9 ऑपरेशनल होटल्स का पोर्टफोलियो है, जो बेंगलुरु, चेन्नई, कोच्चि, मैसूर और GIFT सिटी (गुजरात) में स्थित हैं। इन होटलों में कुल 1,604 कमरे हैं और इन्हें Marriott, Accor और InterContinental Hotels Group (IHG) जैसी वैश्विक हॉस्पिटैलिटी कंपनियों द्वारा संचालित किया जाता है।

आईपीओ में अलॉटमेंट किसके लिए है रिजर्व
ब्रिगेड होटल वेंचर्स लिमिटेड के आईपीओ में 75% हिस्सा योग्य संस्थागत निवेशकों (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व है। इसके अलावा 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (एचएनआई) के लिए, 10% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व है। ब्रिगेड होटल वेंचर्स लिमिटेड के शेयरों की लिस्टिंग 31 जुलाई 2025 को स्टॉक एक्सचेंज पर होने की संभावना है। जेएम फाइनेंशियल और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज इस इश्यू के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (बीआरएलएम) के रूप में काम कर रहे हैं।