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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांधना में रक्तदान शिविर का आयोजन

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मोरनी : मोरनी खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मांधना (मोरनी) में रोटरी क्लब चंडीगढ़ के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया । क्लब के प्रधान हरदीप कुमार( रिटायर्ड IAS), रिटायर्ड प्रधानाचार्या रेणु गुप्ता तथा अन्य सदस्य इस अवसर पर उपस्थित रहे । इस पूरे कार्यक्रम का संचालन विद्यालय प्रधानाचार्या अंजलि सिंह के मार्गदर्शन में हुआ । मोरनी प्रधान सरपंच पंचपाल शर्मा , विद्यालय SMC प्रधान अनिल शर्मा ,सदस्य अमरजीत शर्मा व अन्य SMC सदस्य , मांधना(मोरनी) व आस पास के ग्राम वासियों ,स्कूल स्टाफ़ सदस्य विकास तंवर , बलदेव शर्मा ,शिव कुमार , निर्मल कुमार ,संजय कुमार, नवदीप वशिष्ठ , सुरेश कुमार आदि द्वारा रक्तदान किया गया । रोटरी क्लब द्वारा रक्तदाताओं को जलपान तथा उपहार भेंट किये गए। विद्यालय प्रमुख अंजली सिंह व अध्यापक बलदेव शर्मा द्वारा इस रक्तदान शिविर में भाग लेने वाले सभी जनों का विशेष आभार प्रकट किया गया।

रक्तदान महादान : रक्त को बनाया नहीं जा सकता है यह एक इंसान से दूसरे इंसान में पहुंचाया जा सकता है इसके अलावा रक्त को तैयार नहीं किया जा सकता। रक्तदान करने से मनुष्य के शरीर में कोई कमी नहीं आती है यह 24 घंटे में दान किए रक्त को दोबारा बना देता हैं को दोबारा रक्तदान 3 महीने के बाद करना चाहिए इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा हमें रक्तदान करना चाहिए रक्तदान करने से हम बहुत सी बीमारियों से बचते हैं जैसे हार्ट अटैक बीपी का बढ़ना या घटना ऐसी और भी कई बीमारियों से बचा जा सकता है इसीलिए रक्तदान करके आप तीन जिंदगियां को तो बचा सकते हैं साथ में अपने शरीर की कई बीमारियों से बच सकते हैं

मोरनी खंड के सीनियर सेकेंडरी स्कूल मांधना (मोरनी) में सोमवार दिनांक 11 मार्च को रोटरी कॉस्मोपॉलिटन चंडीगढ़ की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

ई खबर मीडिया के लिए देव शर्मा की रिपोर्ट

46 दिन से पत्नी जरिनाबेन 3 बच्चियों संग है लापता, पति परेशान लगाई मदद की गुहार!

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गुजरात : करजन तालुका वह जिला बड़ोदरा से शिकायतकर्ता मुस्ताक भाई 38 वर्ष थाना पालेज गाँव बचर गुजरात निवासी हूँ मेरी पत्नी जरीनाबेन 32 वर्ष साथ में 3 बेटियां जिसका नाम मेहरा, मुनेरा है। जो दिनांक-24-1-2024 को समय सुबह के करीब 9 बजे घर से कही चली गई उसके पास फ़ोन है वह भी स्विच ऑफ आ रहा है, हम लोग अभी तक ढूँढ रहे है लेकिन वह अभी तक वापस नहीं आया है हमने अपने स्तर पर काफी खोजबीन किया, अपने रिश्तेदारों के यहाँ भी पता किया परंतु कही कुछ पता नहीं चला। पुलिस स्टेशन में प्राथमिक सूचना संख्या पुलिस ने लिखी दी है, इसके बावजूद काफ़ी खोजबीन के बाद अब तक भी पत्नी वह बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिला सका है। पुलिस इस घटना में छानबीन कर एफ आई आर लिखी दी है । मुस्ताक भाई ने बताया पत्नी जरिनाबेन के अचानक लापता होने की खबर मिलने के बाद गुजरात बड़ोदरा से लापता होने के सम्बंध में थाना में लिखित शिकायत दर्ज की परंतु पुलिस अधिकारियों ने शिकायत लिखी दी ।

परिवार के कई सदस्य उसका काफ़ी खोजबीन किए लेकिन अभी तक उसका कहीं पता नहीं चल सका है, जरिनाबेन मुस्ताक भाई के पति व अन्य घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल है उन्होंने पूछा की मेरी पत्नी और बच्चियों किस हालत में है। मुस्ताक भाई ने सरकार से भी लगाई मदद की गुहार। पति मुस्ताक भाई निजी कंपनी में काम करता है। आर्थिक स्थिति भी दयनीय है परिवार का गुजारा होता है मुश्किल से।

क्या लिखा है शिकायत पत्र में?
मैं मुस्ताकभाई करीमभाई चौहान. व्यापार, नौकरी
गाँव बचर, दि. कर्जन, जी. वडोदरा गांव.
दिनांक 27/01/2024 मेरा नाम मुस्ताकभाई करीमभाई है, मैं-चौहान (मुस्लिम) यू.वी.ए. 38 धांघो नौकरी निवासी- निवास फलिउ बचर ता करजन जिला। वडोदरा मो.6351426093
मैं व्यक्तिगत रूप से घोषणा करता हूं कि मैं अपनी पत्नी जरीनाबेन उम्र 32 वर्ष और तीन बेटियों के साथ उपर्युक्त पते पर रहता हूं। वह 6वीं कक्षा में पढ़ रही है और महेरा नाम की छोटी लड़की है जो सेंट में पढ़ती है। वह तीसरी में पढ़ती है और सबसे छोटी लड़की मुनेरा है जिसकी उम्र 05 साल है। मैं कुराली गांव के पास रुशीकेश स्ट्रक्चर सॉल्यूशन एलएलपी कंपनी डी. कर्जन जी. वडोदरा में सहायक के रूप में काम करता हूं और अपने परिवार का भरण-पोषण करता हूं।
कल दिनांक 23/01/2024 को मैं सुबह 5:30 बजे अपने घर से निकला और रुशिकेश स्ट्रक्चर सॉल्यूशन एलएलपी कंपनी में काम करने गया और दोपहर 2:30 बजे अपना काम समाप्त किया। टिफिन बनाने को लेकर बहस के बाद, मैं और मेरी 24/01/2024 को पत्नी और मेरी लड़कियों ने रात को खाना खाया और घर पर सो गए और सुबह पांच बजे उठे और मैंने अपनी पत्नी से टिफिन बनाने के लिए कहा, मेरी पत्नी ने टिफिन नहीं बनाया इसलिए मैंने अपना काम किया बिना टिफिन लिए। वह सुबह साढ़े पांच बजे मेरे घर से निकला और काम करने के बाद दोपहर तीन बजे मेरे घर आया। जब मैं घर आई तो मेरे घर का दरवाजा बंद था। हमारे लोगों से पूछने पर पलिया ने मेरी पत्नी और मेरी लड़कियों के बारे में बताया तो उन्होंने मुझसे कहा कि हमें नहीं पता कि तुम्हारी पत्नी और तुम्हारी लड़कियाँ घर से कहाँ चली गई हैं। खोजबीन के दौरान मेरी पत्नी और मेरी लड़कियों का कोई पता नहीं चला और जब मैं पालेज में खोज कर रहा था। मेरे मोबाइल फोन से बचर गांव के वसीम सिद्दीक भाई टैंक नाव के मोबाइल नंबर पर फोन किया और उससे पूछा कि मेरी पत्नी और मेरी लड़कियां किसके रिक्शे में गई थीं, तो वसीम ने मुझे बताया कि मैं तुम्हारी पत्नी और तुम्हारी लड़कियों को कल्ला गांव से अपने रिक्शे में ले गया हूं। 24/01/2024 को लगभग दस बजे और लगभग साढ़े दस बजे उन्हें पालेज ब्रिज के पास छोड़ दिया, इसलिए मैंने अपनी पत्नी को बताया और लड़कियों के संबंध में, मैंने पालेज ब्रिज के पास खड़े रिक्शा चालकों और अन्य वाहनों के बारे में पूछताछ की, लेकिन उनका कोई निशान नहीं मिला।बंधनी, रंग गेहुंआ, मुंह गोल, छोटी नाक, बड़ा माथा और शरीर पर पंजाबी पोशाक है और लड़कियां भी पंजाबी पोशाक पहने हुए हैं। मेरी पत्नी अनपढ़ है. मेरी पत्नी गुजराती के साथ-साथ हिंदी भी जानती है। बड़ी लड़की मोइना स्ट्रीट 06 में पढ़ती है. और उससे छोटी माहेरा 03 वर्ष और मुनेरा 05 वर्ष सेंट में पढ़ती है। यह मेरी पत्नी मेरी तीन लड़कियों को लेकर बिना किसी को बताए कहीं जा रही है और मुझे ढूंढने और जांच करने पर भी आज तक मेरी पत्नी और लड़कियां नहीं मिलीं इसलिए मैंने इस मामले की जांच कराने की घोषणा की है.
क्या कहती है पुलिस

पुलिस कोई मदत नहीं की पत्नी वह बच्चों के लापता होने की लिखित शिकायत लिखी गई मुस्ताक भाई ने बताया कि पत्नी की खोजबीन की जा रही है, मुस्ताक ने बताया कि पुलिस कोई बनती कार्यवाही नहीं कर रही है न्याय के लिए दर-दर भटक रहे पति ।

ई खबर मीडिया के लिए देव शर्मा की रिपोर्ट

 

छत्तीसगढ़ GST news: नक़ली गुटखा फ़ैक्ट्री पर छापा,सप्ताह भर के अंदर 3 व्यापारियों से 8 करोड़ की टैक्स वसूली की गई

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राज्य जीएसटी की टीम ने राज्य में अघोषित गुटखा फ़ैक्टरियों पर मारा छापा, ब्रांडेड गुटका कंपनियों के रैपर और सामग्री बरामद। बड़ी टैक्स चोरी की आशंका।

छत्तीसगढ़ GST: नक़ली गुटखा फ़ैक्ट्री पर छापा,सप्ताह भर के अंदर 3 व्यापारियों से 8 करोड़ की टैक्स वसूली की गई

Raipur। राज्य जीएसटी की टीम ने दुर्ग और राजनांदगाँव में दो अघोषित गुटका फ़ैक्टरियों पर छापा मारा है। राज्य जीएसटी की टीम को इन दोनों ही जगहों से बेहद बड़ी मात्रा में ब्रांडेड गुटखा कंपनियों के रैपर और गुटका बनाए जाने की सामग्री बरामद हुई है।राज्य जीएसटी की टीम कार्यवाही जारी रखे हुए हैं। एक अन्य कार्यवाही में राज्य जीएसटी ने तीन व्यापारियों से लगभग आठ करोड़ का टैक्स जमा कराया है।

कोमल फुड्स के नाम से संचालित है फैक्ट्री

राज्य जीएसटी की टीम ने इनपुट के आधार पर पहले दुर्ग ज़िले के चंद्रखुरी में छापा मारा। इस छापे की कार्यवाही के दौरान टीम के पहुँचने के पहले पैकिंग मैटेरियल को जला दिया गया लेकिन राज्य जीएसटी की टीम मौक़े पर पहुँच गई।फ़ैक्ट्री में सितार और माणिकचंद बैनर के रैपर और गुटखा का कच्चा माल सुपारी तंबाकू भी बड़ी मात्रा में बरामद हुआ है ।इसके साथ ही मिक्सर मशीन भी बरामद की गई है। कोमल फुड्स के नाम से संचालित इस फ़ैक्ट्री में कार्यवाही के दौरान टीम को राजनांदगाँव में भी फ़ैक्ट्री संचालन की जानकारी मिली, जिसके बाद वहाँ भी दबिश दी गई है।राजनांदगाँव की फ़ैक्टरी में भी गुटखा निर्माण के साक्ष्य मिलने का दावा जीएसटी विभाग ने किया है।

सर्वाधिक टैक्स है गुटखा और तंबाखू उत्पाद पर

राज्य जीएसटी के लिए यह कार्यवाही इसलिये भी अहम है क्योंकि राज्य में सर्वाधिक जीएसटी गुटखा पान मसाला और तंबाखू उत्पादों पर है।टैक्स के अतिरिक्त इन पर सेंस भी लगता है इसलिए इन में कर चोरी की आशंका सर्वाधिक रहती है।

तीन व्यापारियों से 8 करोड़ का टैक्स जमा कराया गया

एक अन्य कार्यवाही में बीते सप्ताह राज्य जीएसटी की टीम ने तीन व्यवसायिक परिसरों में दबिश दी।इन फ़र्मों में टैक्स की गड़बड़ी को आई टूल्स के द्वारा फ़्लैग किया जा रहा था।राज्य जीएसटी विभाग ने बताया है किन सभी तीनों व्यवसायिक परिसरों द्वारा आईटीसी क्लेम ज़्यादा करते हुए टैक्स कम जमा किया जा रहा था।जाँच के दौरान जीएसटी टीम ने स्टॉक में भी बड़ा अंतर पाया। तीनों ही व्यवसायिक परिसरों से आठ करोड़ रुपए का टैक्स जमा करवाया गया है।

अवैध फैक्ट्रियों में मुख्य रूप से बड़े पान मसाले के ब्रांड की सामग्री पाई गई जैसे राजश्री, आशिकी, विमल आदि।

उन्नाव: बिजली का खंभा हटाने को लेकर लखनापुर में दो पक्षों में जम कर हुआ बवाल!

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उत्तर प्रदेश : उन्नाव जिले की तहसील गाँव लखनापुर में शिकायतकर्ता सुरेंद्र कुमार द्विवेदी 65 वर्ष और पुत्री अंजलि द्विवेदी ने बताया बिजली के दो खम्भों बीच ज्यादा दूरी होने की वजह से जेई साहब ने बीच मे एक सर्पोर्ट का खम्मा दे दिया गया ताकि जानवर और मोहल्ले के लोग सुरक्षित रह सके। परन्तु उसी मोहल्ले के सुभाषचन्द्र शर्मा जज और उनका भाई लक्ष्मीनारायण दोनो सामने नहीं आ रहे हैं और अपनी आधिकारिक पावर का इस्तेमाल कर रहे हैं। पीड़ित सुरेंद्र कुमार द्विवेदी इसका कड़ा विरोध कर रहे है। खम्भा हटने से तार गिरने को सम्भावना बढ़ गई है। खंबा हटाने से अगर कोई हादसा भविष्य में होता है तो इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा
क्या हैं पूरा मामला?
लखनापुर गांव में पिछले शुक्रवार की रात गली पर लगे बिजली का खंभा हटाने पर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया, जिसमें एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए और बवाल कर दिया….लखनापुर गांव में शुक्रवार की रात गली पर लगे बिजली का खंभा हटाने पर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया, जिसमें एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर दवाब बनाना शुरू कर दिया, मामला दो भाई जिनमें एक जज है जिनकी पहुंच बड़े बड़े अधिकारियों तक है के दबाव में पुलिस भी कोई बनती कार्यवाही नहीं कर रही है क्योंकि उन पर भी दबाव है इसी बीच काफ़ी तनाव है। लखनापुर गांव सुरेंद्र कुमार द्विवेदी अपने मकान का निर्माण कर रहा है। उसके मकान के बाहर लगा बिजली का खंबा हटाकर दूसरे स्थान पर लगा दिया। पड़ोसी सुभाष चंद्र शर्मा वह लक्ष्मी नारायण ने इसका विरोध किया। इसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष ने बिजली विभाग के कर्मचारियों के जेई पर खंबा वहां से हटाने का दबाव बनाया, जिसमें सुरेंद्र कुमार द्विवेदी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली। मामला दो वर्गों से जुड़ा होने पर गांव में तनाव है। मौके पर पुलिस बल पहुंचा परंतु रसूखदार लोग होने की वजह से मामला रफा दफा कर दिया गया। पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज पर पुलिस ने अभी कोई बनती कार्रवाई नहीं की अंजलि द्विवेदी ने बताया कि उनके पिताजी 65 वर्ष के हैं और बीमार रहते हैं इस बीच इन्हें कुछ होता है तो इसका जिम्मेदार भी कौन होगा पीड़िता सरकार से लगा रहे मदद की गुहार।

ई खबर मीडिया के लिए देव शर्मा की रिपोर्ट

 

Lok Sabha Election 2024 से पहले कांग्रेस को झटके पर झटका, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी BJP में शामिल

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Lok Sabha Election 2024 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी और पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी आज भाजपा में शामिल हो गए हैं। बता दें कि सुरेश पचौरी गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने UPA सरकार में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। साथ ही वह चार बार राज्यसभा सांसद भी रहे हैं।

 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कांग्रेस पार्टी को चुनाव से पहले एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने भी कांग्रेस को झटका दिया है।कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी आज बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने भोपाल स्थित पार्टी कार्यालय में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली।

गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं सुरेश पचौरी

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी और पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी आज भाजपा में शामिल हुए हैं। बता दें कि सुरेश पचौरी, गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने UPA सरकार में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। साथ ही वह चार बार राज्यसभा सांसद भी रहे हैं।

धार सीट से सांसद रहे गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी

इसके अलावा आदिवासी नेता गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी तीन बार कांग्रेस के टिकट पर धार सीट से सांसद चुने गए। सूत्रों ने बताया कि 1990 में वह भाजपा विधायक के रूप में चुने गए थे, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए।

ग्लोबल साउथ के 125 देश करते हैं भारत पर भरोसा, विदेश मंत्री जयशंकर ने विश्व मंच पर दुनिया को दिखाया इंडिया का दम

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ग्लोबल साउथ के नेतृत्व के सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के 125 देश भारत पर विश्वास करते हैं। जबकि चीन ने 2023 में उन दो बैठकों में शामिल होना उचित नहीं समझा जिन्हें भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों के हित में आयोजित किया था। ग्लोबल साउथ दक्षिणी भाग में स्थित विकासशील और गरीब देशों का समूह है।

ग्लोबल साउथ के नेतृत्व के सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के 125 देश भारत पर विश्वास करते हैं। जबकि चीन ने 2023 में उन दो बैठकों में शामिल होना उचित नहीं समझा जिन्हें भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों के हित में आयोजित किया था।

ग्लोबल साउथ का अर्थ विश्व के दक्षिणी भाग में स्थित विकासशील और गरीब देशों के समूह से है। भारत-जापान संबंधों पर आयोजित निक्केई फोरम में जयशंकर ने कहा, ग्लोबल साउथ के देशों की बहुत सारी समस्याएं समान प्रकृति की हैं। इसका एहसास कोविड महामारी के दौरान हुआ जब उनके लिए बचाव करने वाली वैक्सीन की किल्लत थी।

भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों की अपेक्षाओं पर बैठकें कीं

उन्होंने कहा, उन देशों को जी 20 के एजेंडा का पता तब चला जब भारत अग्रणी देशों के इस समूह का अध्यक्ष बना। इसलिए हमने पिछले वर्ष ग्लोबल साउथ के देशों की समस्याओं और अपेक्षाओं पर दो बैठकें कीं जिससे कि अभावग्रस्त 125 देश भी बाकी के विश्व से जुड़ सकें।

समूह में ज्यादातर देश एशिया और अफ्रीका महाद्वीपों के

इस समूह में ज्यादातर देश एशिया और अफ्रीका महाद्वीपों के हैं। भारत की अध्यक्षता में अफ्रीकन यूनियन में शामिल देशों को जी 20 की सदस्यता मिली। वैश्विक मंच पर उन्हें पहचान मिलने का यह नया मौका था। लेकिन इस मौके से चीनी नेतृत्व नदारद था। वैश्विक नेताओं की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में राष्ट्रपति शी चिन¨फग नहीं आए, उन्होंने प्रधानमंत्री ली क्यांग को भेजकर जी 20 के महत्व को कम आकने की कोशिश की।

जब भारत पर हमले हो रहे थे तब बाकी देश कहां थे

यूक्रेन युद्ध के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा, विश्व राजनीति में कई बार मुद्दे और सवाल सुविधाजनक तरीके गढ़े जाते हैं। आज जो सवाल यूक्रेन की संप्रभुता को लेकर उठाए जा रहे हैं, वह सवाल भारत की स्वतंत्रता के बाद के दशकों में नदारद थे। तब भारत पर हमले हुए और हमारी जमीन पर कब्जे हुए लेकिन किसी ने हमारा साथ नहीं दिया।

भारत का हिस्सा अन्य देश के कब्जे में

उन्होंने कहा कि आज भी भारत का हिस्सा अन्य देश के कब्जे में है लेकिन कोई देश उस पर कुछ नहीं बोल रहा है। फिर एक सुविधाजनक मुद्दा तय करके उस पर वैश्विक समर्थन हासिल करने की कोशिश क्यों की जा रही है। भारत की भूमिका पर सवाल उठाने वाले यह क्यों भूल रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही अकेले नेता हैं जिन्होंने राष्ट्रपति पुतिन से सीधे कहा कि भारत यूक्रेन युद्ध की समाप्ति चाहता है।

बड़ी जिम्मेदारियों के बावजूद दूसरों की मदद करता है भारत

जापानी मीडिया के साथ बातचीत में जयशंकर ने भारत की मदद की मजबूत भावना की भी चर्चा की। कहा कि भारत ने मुश्किल में फंसे श्रीलंका को साढ़े चार अरब डॉलर की बड़ी सहायता दी जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने उसे टुकड़ों में तीन अरब डॉलर से भी कम धनराशि दी। इसके अतिरिक्त गरीब और विकासशील देशों को जहां जरूरत होती है भारत मदद करता है। भारत यह मदद अपनी बड़ी जिम्मेदारियों को वहन करते हुए करता है, क्योंकि भारत में प्रति व्यक्ति वार्षिक आय तीन हजार डॉलर से भी कम है।

शिंजो आबे की पत्नी से मुलाकात, मोदी का पत्र दिया

विदेश मंत्री जयशंकर ने शुक्रवार को दिवंगत जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी रहीं अकी एबी से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पत्र दिया। इस पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री की मां योको आबे के हाल ही में हुए निधन पर भी शोक जताया गया है।

शिंजो आबे की जापान में जुलाई 2022 में गोली मारकर तब हत्या कर दी गई थी जब वह चुनाव प्रचार कर रहे थे। आबे जापान के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेता थे और भारत के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था।

Meera Chopra: प्रियंका और परिणीति की तरह राजस्थान में शाही दुल्हन बनेंगी मीरा चोपड़ा

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प्रियंका चोपड़ा की कजिन सिस्टर और एक्ट्रेस Meera Chopra ने कुछ महीने पहले खुलासा किया था कि वह अपने ब्वॉयफ्रेंड से शादी करने जा रही हैं। अब आखिरकार उनकी शादी की तारीख भी सामने आई है। सोशल मीडिया पर मीरा चोपड़ा का वेडिंग कार्ड वायरल हो रहा है। जानिए एक्ट्रेस कब कहां और किस शख्स के साथ शादी करने वाली हैं।

Meera Chopra Wedding: प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) और परिणीति चोपड़ा (Parineeti Chopra) के बाद एक और चोपड़ा सिस्टर शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। परिणीति और प्रियंका की तरह फिल्मी दुनिया में नाम कमाने वालीं मीरा चोपड़ा (Meera Chopra) अपनी जिंदगी का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं।

कुछ समय पहले मीरा चोपड़ा ने फैंस को गुडन्यूज दी थी कि वह अपने लॉन्ग टाइम ब्वॉयफ्रेंड रक्षित केजरीवाल (Rakshit Kejriwal) के साथ शादी करने जा रही हैं। अभिनेत्री की शादी का कार्ड भी सामने आ गया है। जानिए प्री-वेडिंग से लेकर शादी तक की सारी डिटेल्स यहां।

मीरा चोपड़ा राजस्थान में करेंगी शादी

साल 2018 में प्रियंका चोपड़ा ने निक जोनस के साथ जोधपुर के उम्मेद भवन में शाही तरीके से शादी की थी। पिछले साल परिणीति चोपड़ा ने राघव चड्ढा के साथ उदयपुर में सात फेरे लिये। प्रियंका और परिणीति की तरह मीरा चोपड़ा भी राजस्थान में शादी करने वाली हैं। वह जयपुर में रक्षित के साथ शादी के बंधन में बंधेंगी।

मीरा चोपड़ा का वेडिंग कार्ड

मीरा चोपड़ा की शादी की रस्में 11 मार्च से शुरू होंगी और 12 मार्च को मीरा व रक्षित एक हो जाएंगे। मीरा और रक्षित की शादी की रस्में मेहंदी के साथ शुरू होंगी। मेहंदी के बाद शाम को संगीत और कॉकटेल नाइट होगी। 12 मार्च को दिन में हल्दी सेरेमनी होगी और फिर शाम को मीरा और रक्षित वरमाला-फेरे लेंगे। शादी जयपुर के कुंडा के लग्जरी होटल में होगी। शादी के बाद मीरा चोपड़ा और रक्षित की रिसेप्शन पार्टी भी सेलिब्रेट की जाएगी। कपल पूल साइड रिसेप्शन एन्जॉय करेगा।  मीरा लम्बे समय से फिल्मी दुनिया में एक्टिव हैं। उन्हें ‘सेक्शन 375’, ‘सफेद’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। एक्ट्रेस ने ‘मरुधामलाई’ और ‘अन्बे आरुयीरे’ जैसी कुछ साउथ की फिल्मों में भी काम किया है।

DC के खिलाफ हैट्रिक लेकर Deepti Sharma ने WPL में रचा इतिहास, बनीं पहली भारतीय खिलाड़ी

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पहले बल्लेबाजी करते हुए यूपी वॉरियर्स ने 138 रन का स्कोर बनाया था। इसमें दीप्ति शर्मा ने 48 गेंद पर 59 रन की पारी खेली थी। दीप्ति का यह शानदार प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। लक्ष्य का बचाव करते हुए दीप्ति ने दो गजब के ओवर फेंके। इन दो ओवरों में दिल्ली के तीन महत्वपूर्ण विकेट निकाल कर मैच को रोमांचक बना दिया था।

यूपी वॉरियर्स स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ ग्रुप मैच में हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया। दीप्ति महिला प्रीमियर लीग में हैट्रिक लेने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। दीप्ति ने शुक्रवार को अरुण जेटली स्टेडियम में दो ओवर में लगातार तीन विकेट लेकर यूपी वॉरियर्स की कैपिटल्स पर एक रन से जीत में अहम भूमिका निभाई।

पहले बल्लेबाजी करते हुए यूपी वॉरियर्स ने 138 रन का स्कोर बनाया था। इसमें दीप्ति शर्मा ने 48 गेंद पर 59 रन की पारी खेली थी। दीप्ति का यह शानदार प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। लक्ष्य का बचाव करते हुए दीप्ति ने दो गजब के ओवर फेंके। इन दो ओवरों में दिल्ली के तीन महत्वपूर्ण विकेट निकाल कर मैच को रोमांचक बना दिया था।

14वें ओवर की आखिरी गेंद पर लिया था विकेट

लक्ष्य का पीछा करते हुए 13 ओवर तक सिर्फ 2 विकेट खोकर 91 रन बना लिए थे, टीम के लिए 14वां ओवर लेकर दीप्ति शर्मा आईं और इस ओवर में उन्होंने सिर्फ दो रन दिए और मेग लैनिंग को ओवर की छठी गेंद पर आउट कर दिया। यूपी की कप्तान एलिसा हीली ने 19वें ओवर में फिर से दीप्ति शर्मा को गेंद थमाई। इसी ओवर में दीप्ति ने इतिहास रचा।

19वें ओवर में रचा इतिहास

उन्होंने अपने इस ओवर की शुरुआती दो गेंदों पर सदरलैंड और अरुंधति रेड्डी को आउट कर WPL इतिहास की दूसरी हैट्रिक ली। चौथी गेंद पर शिखा पांडे को आउट कर चौथी सफलता हासिल की। इससे पहले पिछले सीजन में इस्सी वोंग ने मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए हैट्रिक ली थी। उन्होंने यूपी वॉरियर्स के खिलाफ ही हैट्रिक ली थी।

गुजरात में सेमीकंडक्टर क्रांति: टाटा समूह और सीजी पावर मेगा परियोजनाओं के लिए भूमि सुरक्षित

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गुजरात सरकार ने टाटा समूह और सीजी पावर को 188 एकड़ भूमि आवंटित करके राज्य को भारत के सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

धोलेरा में, देश के सबसे बड़े मेगा सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट की स्थापना के लिए टाटा समूह के महत्वाकांक्षी उद्यम के लिए लगभग 160 एकड़ जमीन निर्धारित की गई है। इस अभूतपूर्व पहल में लगभग 91,000 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है।

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, समवर्ती रूप से, सीजी पावर 7,600 करोड़ रुपये के एटीएमपी प्लांट के साथ साणंद में 28 एकड़ जमीन सुरक्षित करके अपनी यात्रा शुरू करने के लिए तैयार है।

13 मार्च को होने वाले दोनों परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह में प्रतिष्ठित राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।

टाटा संस की सहायक कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने 29 फरवरी को पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन (पीएसएमसी) के साथ अपने सहयोग का अनावरण किया, जो धोलेरा में भारत की उद्घाटन एआई-सक्षम सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन सुविधा की शुरुआत का प्रतीक है। इस विशाल परियोजना से क्षेत्र में 20,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।

सेमीकंडक्टर फैब को 50,000 वेफर्स तक की मासिक विनिर्माण क्षमता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो अत्याधुनिक फैक्ट्री ऑटोमेशन तकनीकों का उपयोग करता है, जरुरी दक्षता के लिए डेटा एनालिटिक्स और मशीन लर्निंग द्वारा समर्थित है।

पावर प्रबंधन आईसी, डिस्प्ले ड्राइवर, माइक्रोकंट्रोलर (एमसीयू), और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग लॉजिक सहित विविध अनुप्रयोग, सुविधा के विनिर्माण प्रदर्शन के दायरे में हैं, जो ऑटोमोटिव, कंप्यूटिंग, डेटा स्टोरेज, वायरलेस संचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे बढ़ते बाजारों की पूर्ति करते हैं।

साणंद में, मुरुगप्पा समूह की इकाई सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने एक आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा स्थापित करने के लिए 1 मार्च को रेनेसा और स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के साथ रणनीतिक गठबंधन बनाया है। यह संयुक्त उद्यम ऑटोमोटिव, उपभोक्ता, औद्योगिक और 5जी प्रौद्योगिकियों की जरूरतों को संबोधित करते हुए एफसी बीजीए और एफसी सीएसपी सहित उन्नत पैकेजों के साथ-साथ क्यूएफएन और क्यूएफपी जैसे पुराने पैकेजों को शामिल करते हुए उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का उत्पादन करेगा।

टाटा समूह और सीजी पावर के ये महत्वपूर्ण प्रयास साणंद में अमेरिका स्थित मेमोरी चिप निर्माता माइक्रोन द्वारा 22,516 करोड़ रुपये के चिप असेंबली प्लांट की चल रही स्थापना के पूरक हैं, जिससे एक उभरते सेमीकंडक्टर पावरहाउस के रूप में गुजरात की स्थिति मजबूत हुई है।

Election 2024: देश की आंतरिक सुरक्षा का स्वर्ण काल, भारत की न्याय परंपरा पर आधारित विधि व्यवस्था से आएगा बड़ा परिवर्तन

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देश की आंतरिक सुरक्षा में आए गुणात्मक सुधार का ही परिणाम है कि आजादी के बाद से ही अलगाववादी हिंसा की चपेट में आया पूर्वोत्तर भारत पहली बार अमन शांति और विकास की नई गाथा लिख रहा है तो लगभग पांच दशक से खूनी क्रांति के माध्यम से संवैधानिक लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए चुनौती बना नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है।

अलगाववादी, आतंकी और नक्सली हिंसा जैसे आंतरिक सुरक्षा के सभी क्षेत्रों में पिछले 10 साल में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। अंग्रेजों के जमाने के दंड पर आधारित कानूनों की जगह भारत की न्याय परंपरा पर आधारित नए आपराधिक कानून बनाकर सरकार ने आपराधिक न्याय प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन की नींव रख दी हैं, जो इस वर्ष एक जुलाई से लागू हो जाएगा। पिछले 10 सालों को आजादी के बाद आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से देश का स्वर्णिम काल कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी।

आंतरिक सुरक्षा में आए गुणात्मक सुधार का ही परिणाम है कि आजादी के बाद से ही अलगाववादी हिंसा की चपेट में आया पूर्वोत्तर भारत पहली बार अमन, शांति और विकास की नई गाथा लिख रहा है, तो लगभग पांच दशक से खूनी क्रांति के माध्यम से संवैधानिक लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए चुनौती बना नक्सलवाद अंतिम सांसें गिन रहा है। इसी तरह से लगभग चार दशक से पाकिस्तान समर्थित आतंकी हिंसा का शिकार रहे जम्मू-कश्मीर में भारत माता की जय जैसे उद्घोष गूंजने लगे हैं।

दासता के प्रतीकों से भरी न्याय प्रणाली खत्म

नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद आम आदमी को अदालत में तारीख पर तारीख मिलने के जंजाल से मुक्ति मिलेगी और तीन साल में न्याय सुनिश्चित किया जा सकेगा। नई न्याय प्रणाली में आपराधियों के बच निकलने की गुजाईश नगण्य होगी, तो छोटे-मोटे अपराधों के लिए अदालती चक्कर काटने से भी मुक्ति मिल जाएगी। इस तरह से मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के अंत में दासता के प्रतीकों से भरी न्याय प्रणाली को खत्म कर भारतीय आत्मा वाली न्याय प्रणाली को स्थापित कर दिया जिसका लाभ आने वाले वर्षों में आम जनता को मिलेगा।

कम नहीं थी चुनौती

2014 में पहली बार मोदी सरकार के आने के बाद आंतरिक सुरक्षा की स्थिति बहुत ही ज्यादा चुनौतीपूर्ण थी। शपथ ग्रहण के 10 दिन के भीतर मणिपुर में अलगाववादी हमले में सेना के 18 जवान बलिदान हो गए थे। छह महीने बाद ही असम में बोडो अलगाववादियों ने 80 से अधिक निर्दोष आदिवासियों की हत्या कर दी थी । काठमांडू से कन्याकुमारी तक रेड कोरिडोर स्थापित करने का नक्सलियों का मंसूबा बुलंदी पर था।

मोदी सरकार के पहले पांच सालों में जम्मू-कश्मीर भी पत्थरबाजी व बंद रोजमर्रा की चीज थी। पुलवामा और उड़ी जैसे हमले आतंकियों के बुलंद हौसलों की गवाही दे रहे थे। इन समस्याओं के जल्द समाधान की उम्मीद काफी धुंधली दिखती थी। लेकिन पहले कार्यकाल में समस्याओं के मूल की पहचान और दूसरे कार्यकाल में उस मूल पर प्रहार कर मोदी सरकार ने आंतरिक सुरक्षा के इन नासूरों के स्थायी इलाज की दिशा में अहम कदम उठाया।

कठोर निर्णय से बनी बात

आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने की कोशिशों को 2019 में अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद बल मिला। दूसरे कार्यकाल की शुरूआत में ही अनुच्छेद 370 व 35ए को निरस्त कर जम्मू कश्मीर की समस्या की जड़ पर प्रहार किया।

इसके पहले पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराकर मोदी सरकार ने साफ कर दिया था कि कठोर निर्णयों की मजबूरी के बावजूद सरकार का मूल उद्देश्य जनता तक उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को पहुंचाना और उनके जीवन को बेहतर बनाते हुए बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना है।

कभी सबसे बड़ी चुनौती था नक्सलवाद

2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नक्सलवाद को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया था 2024 में गृह मंत्री अमित शाह ने अगले तीन साल में नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान कर दिया। नक्सलियों के खिलाफ मिली सफलता का श्रेय सरकार की बहुआयामी रणनीति को दिया जा सकता है।

एक तरफ से ईडी और एनआइए के मार्फत नक्सली फंडिंग को रोकने में काफी हद तक सफलता मिली, तो दूसरी ओर नक्सलवाद को बौद्धिक समर्थन देने वालों को बेनकाब भी किया गया। नक्सलियों से मुक्त किए गए इलाकों में विकास कार्यों की गति तेज कर और जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाकर दोबारा नक्सलियों के पैठ बनाने के रास्ते बंद कर दिये गए।