हरियाणा: हकेंवि में खाने की विद्यार्थियों ने की सराहना, कुलपति भी खाते है विद्यार्थियों के साथ खाना
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के 15वें स्थापना दिवस पर चल रहे स्पंदन कार्यक्रम के दौरान लोगों की विभिन्न कार्यक्रमों में खाने की शिकायतों को लेकर दैनिक जागरण संवाददाता द्वारा मौके की मौका मुआयना किया गया। मौके पर खाना खा रहे विद्यार्थियों, स्टाफ सदस्यों व रसोईयों का मौका देखा था उनसे बातचीत की।
लॉ विभाग से विद्यार्थी विनोद शर्मा से मुलाकात की तो उन्होंने बताया कि मेरी उम्र लगभग 60 वर्ष है। मै रिटायर्ड प्रोफेसर हूँ। मैंने अपने जीवन में बहुत सारे कार्यक्रम देखे भी है और आयोजित भी करवाएं है लेकिन हकेंवि में जिस तरह से खाने में शुद्धता एवं गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता है ऐसा कहीं नहीं होता लेकिन सफाई अच्छी होती है। कारीगरों ने बहुत ही अच्छा स्वादिष्ट भोजन बनाया है जो कि साधारण है और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। खास बात यह रही है कि हकेंवि के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, डीएसडब्लयू आनंद शर्मा विद्यार्थियों के साथ खाना खाते है। ज्यादातर जगहों पर वीआईपी खाना अलग होता है और विद्यार्थियों का खाना अलग होता है। दूसरे कॉलेज झोझू कलां से आई छात्राओं ने भी खाने की सराहना की।
3 हकेंवि में कार्यक्रम के दौरान खाने का आनंद उठाते विद्यार्थी।
4 हकेंवि में खाने का जायजा लेते कुलपति प्रो. टंकेश्वर।
कोमल एनएनएस छात्रा
छात्रा कोमल ने खाने को लेकर हलवाईयों की सराहना की। उन्होंने बताया कि हकेंवि का खाना बहुत ही स्वाद एवं स्वादिष्ट था। जिसकी जितनी तारिफ की जाएं उतनी कम है।
5 कोमल एनएनएस छात्रा।
विनोद शर्मा लॉ विद्यार्थी
विनोद शर्मा ने कहा कि मैं पहले प्रोफेसर रहा हूँ और अब वह रिटायर्ड भी चुके है तथा हकेंवि के लॉ कर रहा हूँ। आज मैनें हकेंवि का जो खाना देखा अति उत्तम एवं गुणवत्तापूर्वक रहा।
6 विनोद शर्मा लॉ विद्यार्थी।
झोझू कलां राजकीय महाविद्यालय की छात्रा
महाविद्यालय झोझू कलां की छात्रा ने बताया कि हकेंवि का खाना बहुत ही स्वादिष्ट एवं पौष्टिक था। खाना खाने से पेट तो भर गया लेकिन मन नहीं भरा। खाने में मसालों का प्रयोग बहुत ही समझदारी के साथ किया गया था।
7 झोझू कलां राजकीय महाविद्यालय की छात्रा।













बच्चों के गायब होने से एक बार फिर जिले में हड़कंप मच गया। 29 फरवरी को सुबह 10 बजे भाई भारत 18 वर्ष रेड ब्लू जेक्ट और ब्लू ब्लैक ग्रे पेंट डाली है, जिसका मानसिक संतुलन भी थोड़ा खराब है। जानकारी होने पर परिजनों ने सहित पूरे इलाके में काफी तलाश की, लेकिन भाई और बच्चे का कुछ पता नहीं चला। देर शाम पिता रवि ने पुलिस को तहरीर देकर बच्चों के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने बताया कि बच्चों के पिता रवि का किसी से कोई विवाद नहीं चल रहा। ऐसे में परिवार के लोगों ने आशंका जताई है कि बच्चों की किसी अज्ञात ने ही उन्हें बहला फुसलाकर अपहरण कराया होगा है। पिता रवि सिंह की तहरीर पर देर रात पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर बच्चों की बरामदगी में जुट गई है। वहीं, बच्चों की तलाश के लिए परिवार ने मुँह माँगा इनाम घोषित किया है। बच्चों के बारे में जानकारी देने वाले को परिवार द्वारा इनाम दिलवाया जाएगा।
क्या कहती हैं पुलिस तलाश में है जुटी 

में वकील की मदद से उसे के बाद अच्छे-अच्छे से रहने लगे फिर हमारी जिंदगी की चाँद में फिर से उसके माँ बाप और भाई ने ग्रहण लगा दिया हमारे प्यार के बीच में दीवार खड़ी हो गयी ये सब में माँ बाप भाई का ही हाथा है मैं जैसे-जैसे गुजर चला सका था मैं सवेरे उठकर कुछ लोगों के साथ कबाड़ बीनने का काम करती हूँ मेरे काम पर जाने के बाद घर से भाग गयी जब वापस में आयी तो पता चला कर की भाग गया फिर उसके बाद फोन लगाया तो ब्लाक लीस्ट में डला दिया था फिर उसके पापा जी को फोन लगाया वाल 1 तारीख को और साथ में अकेले नहीं गया मेरा जेवर और मोबाइल लेकर गया है वह दोनों का रसीद मेरे पास है और में बच्चों को लेकर थाना गया था खमतराई तो कोई सुनवाई नहीं हुई उसके बाद दो तारीख शनिवार को उनके भाई को फोन किया था फिर वह मुझे डाटने लगा मेरा भाई को उसके भाई कुछ हुआ तो मैं आपको ऊपर केश कर दूंगा मुझे डरा रहा था फिर में मीडिया का सहारा लिया। मुझे न्याय चाहिये।
जान से मारने की देता है धमकी! यह एक गंभीर मामला है। इस तरह की धमकियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कृपया तुरंत सुरक्षा और सहायता के लिए स्थानीय पुलिस या सम्बंधित अधिकारियों से संपर्क करें। यह एक चिंता का विषय है। इस स्थिति को सामने लाने और इसे समाधान करने के लिए कानूनी सलाह लेना अच्छा होगा। कृपया किसी सम्बंधित कानूनी अधिकारी से संपर्क करें और अपने हक की रक्षा करें। जब तक पति को पैसा मिल रहा था तब तक रखा मेरे अकाउंट से सारे पैसे निकाल लिए पति सोना और नगदी भी ले गया सुमन के कहा यह बेहद चिंता का विषय है। ऐसे मामलों में, कानूनी सलाह लेना और अपने हक की रक्षा करना महत्त्वपूर्ण होता है। कृपया अपने क्षेत्रीय कानूनी अधिकारी से संपर्क करें और उन्हें इस मामले के बारे में बताएँ। वे आपको सहायता और सलाह प्रदान कर सकते हैं।