Home Blog Page 181

भोपाल गैस पीड़ित कैंसर रोगियों के लिए सरकार का तोहफा, एम्स में होगा निःशुल्क उपचार

0
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की पहल पर भोपाल गैस त्रासदी में प्रभावित परिवारों के कैंसर रोगियों का अब एम्स भोपाल में निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा मिलेगी। इस बारे में संबंधितों के बीच मेमोरेण्डम आफ अन्डरस्टैडिंग (एमओयू) हो चुका है।

मप्र की डॉ मोहन यादव सरकार ने भोपाल गैस कांड के पीड़ितों के लिए एक बड़ी राहत दी है, सरकार ने फैसला लिया है कि गैस पीड़ित कैंसर रोगी का इलाज ईएमएस भोपाल में होगा औ रवो भी निःशुल्क, यानि अब से यदि किसी गैस पीड़ित को कैंसर होता है तो उसे या फिर उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है, उसकी चिंता सरकार करेगी।

भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की पहल पर भोपाल गैस त्रासदी में प्रभावित परिवारों के कैंसर रोगियों का अब एम्स भोपाल में निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा मिलेगी। इस बारे में संबंधितों के बीच मेमोरेण्डम आफ अन्डरस्टैडिंग (एमओयू) हो चुका है। इस एमओयू के जरिये एम्स भोपाल में गैस पीड़ितों एवं उनके बच्चों को संभावित या स्थापित कैंसर रोग की जांच एवं समुचित उपचार निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा।

इलाज के लिए पूरी करनी होगी ये जरूरी प्रक्रिया 

संचालक, भोपाल गैस त्रासदी राहत व पुनर्वास विभाग राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इसके लिए एम्स भोपाल द्वारा कैंसर विभाग में अलग से ‘मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर’ तैनात किया गया है। निःशुल्क जांच व उपचार पाने के लिये आवेदक को गैस राहत विभाग के अधीन किसी हॉस्पिटल/क्लीनिक/औषधालय के डाक्टर्स से कैंसर की जाँच या उपचार के लिये ‘रेफरल फार्म’ तैयार कराकर एम्स भोपाल में जमा कराना होगा, जहां उन्हें पूर्ण जाँच एवं समुचित उपचार की निःशुल्क सुविधा प्रदान की जायेगी। उन्होंने बताया कि ऐसी जांचें या उपचार, जो एम्स भोपाल में निःशुल्क नहीं होते या आयुष्मान योजना में भी कवर नहीं होते है। उनका भुगतान भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग करेगा। इसके लिए एम्स भोपाल में कैंसर रोग से पीड़ितों व उनके बच्चों के इलाज के पंजीयन हेतु अलग से रजिस्ट्रेशन काउन्टर की कारगर व्यवस्था की जायेगी।

गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग और एम्स भोपाल के बीच हुआ एमओयू 

उल्लेखनीय है कि भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. शाह ने कुछ दिन पहले ही विभागीय अधिकारियों से कहा था कि सभी गैस पीड़ितों एवं उनके बच्चों को संभावित या स्थापित कैंसर रोग की जांच एवं उपचार की सभी सुविधाएं एम्स भोपाल में निःशुल्क दिलाने की व्यवस्था की जाये। मंत्री डॉ. शाह के निर्देश पर संचालक, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा कार्यकारी निदेशक (ईडी) एवं सीईओ एम्स भोपाल के मध्य 20 जनवरी 2024 को एमओयू साईन कर लिया गया है। एमओयू होने से अब गैस पीड़ित कैंसर रोगियों का उपचार और बेहतर तरीके से हो सकेगा।

 

6 बार की वर्ल्ड चैंपियन रही मैरी कॉम ने बॉक्सिंग रिंग से लिया संन्यास

0
भारतीय बॉक्सिंग की स्टार खिलाडी और 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन, मैरी कॉम ने बुधवार रात बॉक्सिंग रिंग से संन्यास लेने का ऐलान किया। एक इवेंट के दौरान किए गए इस ऐलान में, मैरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियम उन्हें आगे खेलने की परमिशन नहीं देते हैं।

भारतीय की शान कही जाने वाली और बॉक्सिंग की स्टार खिलाडी मैरी कॉम ने बॉक्सिंग रिंग से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। दरअसल मैरी ने बताया कि उन्हें इंटरनेशनल मुक्केबाजी संघ के नियमों के कारण आगे के कंपीटीशन में हिस्सा नहीं लेने की अनुमति नहीं है। मैरी कॉम ने बॉक्सिंग की दुनिया में अपना करियर 2000 में शुरू किया था। वहीं मैरी कॉम का आखिरी मुकाबला कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के ट्रायल के दौरान हुआ था।

गर्व के साथ करियर का समापन:

मैरी कॉम ने इस ऐलान के बाद अपने शानदार बॉक्सिंग करियर का समापन किया। और गर्व से भरी आँखों से कहा की, “मैंने अपने जीवन में सब कुछ हासिल कर लिया है।” आपको बता दें मैरी कॉम का आखिरी मुकाबला कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के ट्रायल के दौरान हुआ था, जहां उनका घुटना मुड़ गया था।

इंटरनेशनल नियमों की रोक:

मैरी ने बताया कि उन्हें इंटरनेशनल मुक्केबाजी संघ के नियमों के कारण आगे के कंपीटीशन में हिस्सा नहीं लेने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझमें अब भी कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने की भूख है, लेकिन इंटरनेशनल मुक्केबाजी संघ के नियम ऐसा करने की इजाजत नहीं देते हैं।” मैरी कॉम का बॉक्सिंग में उच्च स्तरीय करियर 2000 में शुरू हुआ था।

अपना करियर 2000 में शुरू किया था:

मैरी कॉम ने बॉक्सिंग की दुनिया में अपना करियर 2000 में शुरू किया था और उसके बाद ही उन्होंने बार-बार अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने महिला बॉक्सिंग के क्षेत्र में कई अद्भुत कार्य किए हैं और 6 बार विश्व चैम्पियन बनने का मुकाम हासिल किया।

मैरी कॉम ने अपने करियर के दौरान कई बड़े खिलाड़ियों को हराया और भारत का नाम दुनिया भर में रोशन किया। उन्होंने ओलंपिक्स में भी भारत का परिचय रोशन किया और देश के लिए स्वर्ण पदक जीता।

मैरी ने अपने संन्यास के मौके पर बॉक्सिंग के प्रशिक्षण देने का भी ऐलान किया है और वह आगे भी इस क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से ही जानती थी कि एक दिन मुझे संन्यास लेना होगा, लेकिन मैं अब भी बॉक्सिंग के क्षेत्र में जुटी रहूंगी और युवा खिलाड़ियों को सिखाऊंगी कि कैसे वे अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में सफल हो सकते हैं।”

पीएम मोदी ने कहा ‘एक अयोध्या अपने मन में भी लेकर लौटा हूं’, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र

0
प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा है कि ‘ऐसे ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनना एक सौभाग्य भी है और एक दायित्व भी है। आपने मेरे 11 दिन के व्रत-अनुष्ठान और उससे जुड़े यम नियमों के विषय में भी चर्चा की थी। हमारा देश ऐसे अनगिनत लोगों का साक्षी रहा है जिन्होने शताब्दियों तक अनेक संकल्प व्रत किए जिससे कि रामलला पुन: अपने जन्मस्थान पर विराज सकें। सदियों तक चले इन व्रतों की पूर्णाहुति सा संवाहक बनना, मेरे लिए बहुत भावुक क्षण था और इसे मैं अपना सौभाग्य मानता हूंं।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या से लौटकर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को पत्र लिखा है। ये उस पत्र का जवाब है, जो उन्हें कुछ दिन पहले महामहिम राष्ट्रपति से प्राप्त हुआ था। अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम और उस दौरान उनकी मन:स्थिति के बारे में लिखा है। उन्होने बताया है कि इस आयोजन में सम्मिलित होकर उन्हें कैसा महसूस हुआ और प्रभु राम की प्रेरणा से वो वंचित और गरीब वर्ग के लिए सदैव कार्य करते रहेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लिखा गया पत्र

पीएम मोदी ने अपने पत्र में लिखा है कि ‘अयोध्या धाम में अपने जीवन के सबसे अविस्मरणीय क्षणों का साक्षी बनकर लौटने के बाद, मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं। मैं एक अयोध्या अपने मन में भी लेकर लौटा हूं। एक ऐसी अयोध्या जो कभी मुझसे दूर नहीं हो सकती। अयोध्या जाने से एक दिन पूर्व मुझे आपका पत्र मिला था। आपकी शुभकामनाओं और स्नेह का मैं बहुत बहुत आभारी हूं। आपके पत्र के हर शब्द ने आपके करुणामयी स्वभाव और प्राण-प्रतिष्ठा के आयोजन पर आपकी असीम प्रसन्नता को व्यक्त किया। जिस समय मुझे आपका पत्र मिला था, मैं एक अलग ही भावयात्रा में था। आपके पत्र ने मुझे, मेरे मन की इन भावनाओं को संभालने में, उनसे सामंजस्य बिठाने में अपार सहयोग और संबल दिया। मैंने एक तीर्थयात्री के रूप में अयोध्या धाम की यात्रा की। जिस पवित्र भूमि पर आस्था और इतिहास का ऐसा संगम हुआ हो, वहां जाकर मेरा मन अनेक भावनाओं से विह्वल हो गया।

ऐसे ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनना एक सौभाग्य भी है और एक दायित्व भी है। आपने मेरे 11 दिन के व्रत-अनुष्ठान और उससे जुड़े यम नियमों के विषय में भी चर्चा की थी। हमारा देश ऐसे अनगिनत लोगों का साक्षी रहा है जिन्होने शताब्दियों तक अनेक संकल्प व्रत किए जिससे कि रामलला पुन: अपने जन्मस्थान पर विराज सकें। सदियों तक चले इन व्रतों की पूर्णाहुति सा संवाहक बनना, मेरे लिए बहुत भावुक क्षण था और इसे मैं अपना सौभाग्य मानता हूंं।

140 करोड़ देशवासियों के साथ रामलला के साक्षात दर्शन, उनके रूप से साक्षात्कार और उनके स्वागत का वो क्षण अप्रतिम था। वो क्षण प्रभु श्री राम और भारत के लोगों के आशीर्वाद से ही संभव हुआ और इसके लिए मैं सदा कृतज्ञ रहूंगा। जैसा कि आपने कहा था, हम न सिर्फ प्रभु श्रीराम को पूजते हैं, बल्कि जीवन के हर पहलू में और विशेषकर सामाजिक जीवन में उनसे प्रेरणा लेते हैं।

आपने पत्र में ‘पीएम जनमन’ और जनजातीय समाज में भी अति पिछड़ों के सशक्तिकरण पर इस योजना के प्रभाव की चर्चा की। आदिवासी समाज से जुड़े होने के कारण आपसे ज्यादा बेहतर तरीके से ये कौन समझ सकता है? हमारी संस्कृति ने हमेशा, हमें समाज के सबसे वंचित वर्ग के लिए काम करने की सीख दी है। पीएम जनमन जैसे कई अभियान आज देशवासियों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। गरीब कल्याण के इन कार्यों के लिए, गरीबों के सशक्तिकरण के इन अभियानों के लिए प्रभु श्रीराम के विचार हमें निरंतर ऊर्जा देते हैं।

ये प्रभु श्रीराम ही तो हैं, जिन्होने अपने जीवन के हर अध्याय में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की प्रेरणा दी। इसी मंच का आज सर्वत्र परिणाम दिख रहा है। पिछले एक दशक में देश करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफल हुआ है। प्रभु श्रीराम के शाश्वत विचार भारत के गौरवशाली भविष्य का आधार हैं। इन विचारों की शक्ति ही हम सभी देशवासियों के  लिए वर्ष 2047 तक विकसित भारत  बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। श्रीराम का भव्य मंदिर हमें सफलता और विकास के नव प्रतिमान गढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। आपके प्रेरणादायी शब्दों के लिए पुन: आभार। मुझे विश्वास है कि देश इसी तरह आपके मार्गदर्शन के साथ प्रगति और कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।’

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी TMC:ममता बोलीं- कांग्रेस ने सीट शेयरिंग का प्रस्ताव ठुकराया, I.N.D.I.A में बनी रहूंगी

0

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने 2024 लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की है। ममता ने बुधवार को कहा- पश्चिम बंगाल में सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस ने मेरा प्रस्ताव ठुकराया दिया। हम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ेंगे।

दरअसल, कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए बंगाल में 10 से 12 सीटों की मांग कर रही है, जबकि TMC केवल दो सीटें देने पर अड़ी है। यह वे सीटें हैं जिन्हें कांग्रेस ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में जीता था। कांग्रेस के अलावा बंगाल में लेफ्ट पार्टियां भी हैं, जो 28 दलों वाले विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A का हिस्सा हैं।

ममता ने बुधवार को हावड़ा में मीडिया से कहा- मेरी कांग्रेस से कोई चर्चा नहीं हुई है। मैंने हमेशा कहा है कि बंगाल में हम अकेले लड़ेंगे। मुझे इस बात की बिल्कुल चिंता नहीं है कि देश में क्या होगा, लेकिन हम सेक्युलर पार्टी हैं और बंगाल में हम अकेले भाजपा को हराएंगे। मैं अब भी I.N.D.I.A का हिस्सा हूं।

ममता बनर्जी ने कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा- 25 जनवरी को राहुल गांधी की न्याय यात्रा हमारे राज्य से गुजर रही है, लेकिन हमें इसके बारे में बताया तक नहीं गया। हमें यात्रा से जुड़ने के लिए नहीं बोला गया है, इसलिए हम इसमें शामिल नहीं होंगे।

कांग्रेस बोली- ममता के बिना गठबंधन की कल्पना नहीं
कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश ने ममता के फैसले पर कहा- ममता बनर्जी ने कहा था कि हम भाजपा को हराना चाहते हैं और हम इसके लिए कुछ भी करेंगे। राहुल गांधी भी साफ कर चुके हैं कि ममता बनर्जी गठबंधन के मजबूत स्तंभ हैं। उनके बिना गठबंधन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। I.N.D.I.A बंगाल में मिलकर चुनाव लड़ेगी।

जयराम रमेश ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा में TMC को निमंत्रण नहीं मिलने की बात पर कहा- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कई बार कह चुके हैं कि गठबंधन की सभी पार्टियां भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित हैं। कांग्रेस पार्टी यात्रा में ममता जी का स्वागत करेगी।

भाजपा बोली- ममता का ये फैसला I.N.D.I.A के अंत की सूचना ममता के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले पर भाजपा IT सेल के प्रमुख और बंगाल भाजपा के सह प्रभारी अमित मालवीय ने कहा- ममता बनर्जी का ये फैसला उनकी हड़बड़ाहट दिखा रहा है। वे अपना राजनीतिक मैदान बचा नहीं पा रही हैं। इसलिए वे सभी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती हैं, ताकि चुनाव के बाद भी प्रासंगिक बनी रहें।

वे विपक्षी गठबंधन का चेहरा बनना चाहती थीं, लेकिन किसी ने उनका नाम नहीं सुझाया। राष्ट्रीय चेहरा बनने के लिए उन्होंने दिल्ली के कितने चक्कर लगाए, पर वे सब किसी काम नहीं आए। अब राहुल गांधी की यात्रा बंगाल पहुंचने के पहले ममता का ये फैसला I.N.D.I.A के अंत की सूचना है।

पिछले 5 दिनों में ममता के दो बयान
22 जनवरी: 
ममता बनर्जी ने कहा- लेफ्ट पार्टियां I.N.D.I.A के एजेंडे को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही हैं। मैं यह स्वीकार नहीं करूंगी। मैं उन लोगों से सहमत नहीं हो सकती, जिनके साथ मैंने 34 साल तक संघर्ष किया है। इतने अपमान के बावजूद मैंने I.N.D.I.A की मीटिंग में हिस्सा लिया।

19 जनवरी: ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद जिले के पार्टी नेताओं के साथ मुलाकात की। ममता ने स्पष्ट कहा कि TMC को प्राथमिकता नहीं दी गई तो प्रदेश की सभी 42 लोकसभा सीटों पर TMC स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।

बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष बोले- ममता मौका परस्त
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अधीर रंजन चौधरी ने 23 जनवरी को ममता बनर्जी पर निशाना साधा था। उन्होंने ममता को मौका परस्त बताया और कहा- हम उनकी दया पर चुनाव नहीं लड़ेंगे।कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ना जानती है और हमने पश्चिम बंगाल में दो सीटें TMC और BJP को हराकर जीती हैं। ममता खुद कांग्रेस की दया से साल 2011 में बंगाल की सत्ता में आईं।

चौधरी का यह बयान राहुल गांधी के असम में मंगलवार को दिए बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ममता कांग्रेस के बहुत करीब हैं। सीट शेयरिंग पर बातचीत चल रही है। कभी-कभी हमारे नेता कुछ कहते हैं, उनके नेता कुछ कहते हैं और यह चलता रहता है। यह एक स्वाभाविक बात है। इस तरह की टिप्पणियों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

पंजाब में AAP ने कहा- कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेंगे
उधर, पंजाब में भी आम आदमी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को कहा- हम 13 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। इसके अलावा बिहार में भी JDU और RJD कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं हैं। यहां भी अनबन की खबर है।

गणतंत्र दिवस की भोपाल में फुल ड्रेस रिहर्सल:टुकड़ियों ने कदम ताल किया; कमिश्नर ने ली मीटिंग

0

लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित होगा समारोह। फायनल रिहर्सल में प्रतीकस्‍वरूप एक पुलिसकर्मी ने मुख्‍य अतिथि की भूमिका ध्‍वजारोहण कर परेड की सलामी भी ली।

भोपाल में बुधवार को गणतंत्र दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। पुलिस, होमगार्ड समेत अन्य टुकड़ियों ने कदम ताल किया। मुख्य आयोजन को लेकर कमिश्नर डॉ. पवन शर्मा ने अफसरों की मीटिंग ली और व्यवस्थाएं जुटाने को कहा।

पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र, कलेक्टर कौशलेंद्र कोविड-19 संक्रमण से बचाव के प्रोटोकाल का पालन करते हुए गणतंत्र दिवस की 72वीं वर्षगांठ गुरुवार को मध्यप्रदेश में भी हर्षोल्लास, धूमधाम और गरिमामय ढंग से मनाई जाएगी। मुख्य समारोह 26 जनवरी को राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में सुबह नौ बजे से आयोजित होगा। गणतंत्र दिवस समारोह में निकलने वाली संयुक्त परेड का अंतिम अभ्यास सोमवार को लाल परेड मैदान पर किया गया। प्रदेश मे विशेष सशस्‍त्र बल के स्‍पेशल डीजी मिलिंद कानस्‍कर ने परेड रिहर्सल एवं समारोह की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। फायनल रिहर्सल के दौरान प्रतीकस्‍वरूप एक पुलिसकर्मी ने मुख्‍य अतिथि की भूमिका निभाई और ध्‍वजारोहण कर परेड की सलामी भी ली।

इसके बाद मुख्‍य अतिथि ने खुली जीप में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया। हर्ष फायर के बीच पुलिस बैंड ने हमारे राष्‍ट्रगान यानी ‘जन-गण-मन’ की धुन बजाई। इस अवसर पर प्रतीकस्‍वरूप मुख्‍य अतिथि के संदेश का वाचन भी किया गया। हर्ष फायर के बाद पुलिस बैंड की मधुर धुन के बीच आर्कषक संयुक्त परेड निकली गई। संयुक्त परेड में पुलिस का अश्‍वारोही दल व श्वान दस्ता समेत 11 टुकड़ियां शामिल रहीं।

इनकी रही मौजूदगी
फुल ड्रेस अभ्यास परेड के दौरान स्‍पेशल डीजी मिलिंद कानस्‍कर सहित विभाग के अनेक आला अधिकारी व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। इस परेड को लेकर पुलिस कर्मचारियों में खास उत्साह नजर आ रहा था। रिहर्सल परेड में शामिल सभी पुलिसकर्मी इस राष्ट्रीय त्योहार की तैयारियों को लेकर जोश से भरे नजर आए। पुलिस के अधिकारी यूनिफार्म में बहुत सुंदर लग रहे थे। इधर, पुलिस के अधिकारियों ने 26 जनवरी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के तगड़े इंतजाम कर लिए गए है। शहर में बाहर से आने वाले वाहनों की लगातार तलाशी ली जा रही है। जगह-जगह चेकिंग चल रही है।

23 फरवरी को शुरू होगा विमेंस प्रीमियर लीग:सीजन-1 की फाइनलिस्ट MI-DC के बीच पहला मुकाबला; बेंगलुरु-दिल्ली में होंगे सभी 22 मैच

0

विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के दूसरे सीजन का शेड्यूल घोषित हो चुका है। 23 फरवरी को सीजन-1 की फाइनलिस्ट मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच ओपनिंग मैच होगा। 15 मार्च को एलिमिनेटर और 17 मार्च को फाइनल खेला जाएगा।

WPL के सभी 22 मैच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम और दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होंगे। दोनों ही शहरों में 11-11 मैच खेले जाएंगे।

शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे सभी मुकाबले
WPL के सीजन-2 में 23 फरवरी से 4 मार्च तक शुरुआती 11 मुकाबले बेंगलुरु होंगे। इसके बाद 5 से 17 मार्च तक बाकी 11 मुकाबले दिल्ली में खेले जाएंगे। एक दिन में एक ही मैच होगा और सभी मुकाबले शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे।

13 मार्च को दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात जायंट्स के बीच दिल्ली में आखिरी लीग मैच होगा। 14 और 16 मार्च को एक-एक दिन का ब्रेक रहेगा। जबकि 15 मार्च को एलिमिनेटर और 17 मार्च को फाइनल खेला जाएगा।

टॉप पर रहने वाली टीम सीधे फाइनल खेलेगी
WPL के दूसरे सीजन में भी 5 टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ 2-2 लीग मैच खेलेंगी। लीग स्टेज खत्म होने के बाद पॉइंट्स टेबल में पहले नंबर पर रहने वाली टीम फाइनल में पहुंचेगी। वहीं दूसरे और तीसरे नंबर पर रहने वाली टीम के बीच दिल्ली में एलिमिनेटर खेला जाएगा। इसे जीतने वाली टीम 17 मार्च को पहले नंबर पर रहने वाली टीम के खिलाफ फाइनल खेलेगी।

मुंबई ने दिल्ली को हराकर जीता था सीजन-1 का खिताब
विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) का पहला सीजन 2023 में 4 से 26 मार्च के बीच खेला गया। मुंबई इंडियंस ने फाइनल में दिल्ली कैपिटल्स को हराकर खिताब जीता था। मुंबई की कप्तानी हरमनप्रीत कौर और दिल्ली की मेग लेनिंग ने की थी। पहले सीजन में 5 टीमों ने हिस्सा लिया था, दूसरे सीजन में भी 5 ही टीमें हिस्सा लेंगी।

एक ही राज्य में कराना चाह रहा था BCCI
रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI विमेंस प्रीमियर लीग के दूसरे सीजन को एक ही राज्य के अलग-अलग स्टेडियम में करवाना चाह रहा था। क्योंकि एक ही राज्य में मैच होने से मैनेजमेंट आसानी से हो जाता है।

BCCI ने महाराष्ट्र और गुजरात के 2 ऑप्शन निकाले थे। लेकिन मुंबई में सीजन-1 के सभी मैच खेले गए, इसलिए इस बार उसे मेजबानी नहीं दी जा रही। जबकि अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की दर्शक क्षमता टूर्नामेंट के लिए कुछ ज्यादा ही हो जाती। इसलिए BCCI ने इन दोनों स्टेडियम को ड्रॉप किया और आखिर में दिल्ली और बेंगलुरु पर सहमति बना ली।

22 मार्च से शुरू हो सकता है IPL

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IPL का 17वां संस्करण 22 मार्च से शुरू हो कर 26 मई तक चल सकता है। इसके 5 दिन बाद ही 1 जून से वेस्टइंडीज और अमेरिका में टी-20 वर्ल्ड कप शुरू हो जाएगा। भारत इस टूर्नामेंट को 17 साल से नहीं जीत सका है, टीम को एकमात्र सफलता 2007 में मिली थी।

‘हनुमान’ के सीक्वल ‘जय हनुमान’ की अनाउंसमेंट:11वें दिन फिल्म ने कमाए 7.50 करोड़, ‘गुंटूर कारम’ ने किया मात्र 1.25 करोड़ का बिजनेस

0

फिल्म ‘हनुमान’ के मेकर्स ने 22 जनवरी को राम मंदिर के इनॉग्रेशन डे पर इसके सेकेंड पार्ट ‘जय हनुमान’ की अनाउंसमेंट कर दी है। फिल्ममेकर प्रशांत वर्मा ने सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें शेयर करते हुए यह अनाउंसमेंट की।

इसमें से एक तस्वीर फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर की है जिसमें हनुमान, प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर खुद डायरेक्टर प्रशांत की है जो मंदिर के सामने स्क्रिप्ट लेकर खड़े हैं। मेकर्स ने इस फिल्म का प्री-प्रोडक्शन वर्क शुरू कर दिया है।

डोमेस्टिक कलेक्शन में ‘हनुमान’ ने ‘गुंटूर कारम’ को पछाड़ा
वहीं बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में ‘हनुमान’ ने 11वें दिन भी अच्छी कमाई की है। अपने दूसरे सोमवार को फिल्म ने 7 करोड़ 50 लाख रुपए का कलेक्शन किया। इसके साथ ही अब हनुमान को टोटल डोमेस्टिक कलेक्शन 139.55 कराेड़ रुपए हो चुका है। टोटल डोमेस्टिक कलेक्शन के मामले में भी ‘हनुमान’ महेश बाबू जैसे सुपरस्टार की फिल्म ‘गुंटूर कारम’ से आगे निकल गई है। यह बिना सुपरस्टार वाली कम बजट की इस फिल्म के लिए बहुत बड़ी अचीवमेंट है।

‘हनुमान’ का वर्ल्ड वाइड कलेक्शन 215 करोड़
वहीं ‘हनुमान’ का वर्ल्ड वाइड कलेक्शन 200 करोड़ रुपए पार हो चुका है। 11 दिनों में इस फिल्म ने दुनियाभर में 215 करोड़ रुपए का बिजनेस कर लिया है।

वर्ल्डवाइड 231 करोड़ रुपए कमा चुकी है ‘गुंटूर कारम’
दूसरी तरफ महेश बाबू स्टारर ‘गुंटूर कारम’ ने दूसरे सोमवार को मात्र 1 करोड़ 25 लाख रुपए का बिजनेस किया। यह इस फिल्म का अब तक सबसे लोएस्ट कलेक्शन है। अब इस फिल्म का टोटल डोमेस्टिक कलेक्शन 119 करोड़ रुपए हो चुका है। वहीं वर्ल्डवाइड इसने 231 करोड़ रुपए का बिजनेस कर लिया है।

चौथे दिन मात्र 80 लाख ही कमा पाई ‘मैं अटल हूं’
इन सबके बीच पंकज त्रिपाठी की फिल्म ‘मैं अटल हूं’ ने चौथे दिन 80 लाख रुपए का बिजनेस किया। फिल्म ने अपने फर्स्ट वीकेंड पर 5 करोड़ 65 लाख रुपए का कलेक्शन किया। अब इसका टोटल कलेक्शन 6 करोड़ 45 लाख रुपए हो चुका है।

भारत अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार:हॉन्ग कॉन्ग को पीछे छोड़ा, अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा बाजार

0

भारतीय शेयर बाजार अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है। भारत ने हॉन्ग कॉन्ग के शेयर बाजार को पीछे छोड़ते हुए ये मुकाम हासिल किया है।

ब्लूमबर्ग के जुटाए आंकड़ों के मुताबिक, हॉन्ग कॉन्ग शेयर मार्केट में लिस्टेड शेयरों की कुल वैल्यू 4.29 लाख करोड़ डॉलर है, जबकि भारत के शेयर बाजार में लिस्टेड शेयरों की कुल मार्केट कैप 4.33 लाख करोड़ डॉलर हो गई है।

वहीं, 50.86 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ वर्तमान में अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। इसके बाद 8.44 ट्रिलियन डॉलर के साथ मार्केट कैप के साथ चीन दूसरे नंबर पर और 6.36 ट्रिलियन डॉलर के साथ जापान तीसरे पर है।

हॉन्ग कॉन्ग के हेंग सेंग में लगातार चौथे साल गिरावट
हॉन्ग कॉन्ग के हेंग सेंग के मार्केट कैप में लगातार चौथे साल गिरावट देखने को मिली है। वहीं, चीन के शंघाई स्टॉक एक्सचेंज में लगातार दूसरे साल गिरावट देखी गई।

बीजिंग के कड़े कोविड-19 प्रतिबंध और जियो-पॉलिटिकल टेंशन सहित अन्य कारणों की वजह से चीन के मार्केट में गिरावट रही है। जबकि दूसरी ओर भारतीय शेयर बाजार लगातार नया हाई बना रहा है।

चुनाव से पहले स्ट्रांग सेंटिमेंट, व्यापक आर्थिक स्थितियों में सुधार और ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों के कारण भारतीय इक्विटी मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। यह लगातार 8वां साल है, जब भारत के मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है।

29 नवंबर को 4 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचा था भारतीय शेयर बाजार
भारतीय शेयर बाजार का मार्केट कैप लगातार तेजी के कारण पहली बार रिकॉर्ड 29 नवंबर 2023 को 4 ट्रिलियन डॉलर, यानी करीब 333 ट्रिलियन रुपए को पार किया था।

मई 2021 में 3 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा था भारतीय शेयर बाजार

  • मई 2007 में BSE लिस्टेड कंपनियों ने 1 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप की उपलब्धि हासिल की थी।
  • इसे दोगुना होने में 10 साल का समय लग गया। जुलाई 2017 में मार्केट कैप 2 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा।
  • मई 2021 में मार्केट कैप 3 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा था। जो अब 4.33 ट्रिलियन डॉलर के साथ चौथा सबसे बड़ा बाजार बन गया है।

2023 में सेंसेक्स 18% से ज्यादा और निफ्टी 20% बढ़ा
2023 में सेंसेक्स 18% से ज्यादा और निफ्टी करीब 20% बढ़ा है। जबकि, BSE मिडकैप ने 45.5% का रिटर्न दिया है और स्मॉलकैप ने 47.5% की छलांग लगाई है।

आज शेयर बाजार में गिरावट

शेयर बाजार में आज यानी 23 जनवरी को शुरुआती तेजी के बाद अब गिरावट देखने को मिल रही है। दोपहर 12 बजे सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 71,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी 100 अंक से ज्यादा की गिरावट है। ये 21,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

रामलला की पहली मंगला आरती:सत्येंद्र दास बोले- त्रेतायुग जैसी हुई अयोध्या, इतने श्रद्धालु कि कइयों को आज और कल दर्शन नहीं मिलेंगे

0

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंगलवार 23 जनवरी को मंदिर में आम लोगों का दर्शन शुरू हो चुका है। रात 3 बजे से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। रामलला के दर्शन के लिए कई राज्यों से लोग आए हुए हैं।

जैसे ही मंदिर के गेट खुले तो लोगों में अंदर जाने के लिए होड़ सी मच गई। लोग धक्कामुक्की करते दिखे। शुरुआत में प्रशासन भीड़ के आगे बेबस नजर आया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने मोर्चा संभाला। अब दर्शनार्थियों को छोटे-छोटे ग्रुपों में भेजा जा रहा है।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राण प्रतिष्ठा का वीडियो शेयर किया। पीएम ने लिखा- हमने कल यानी 22 जनवरी को अयोध्या में जो देखा, वह आने वाले कई सालों तक हमारी यादों में बना रहेगा। मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि अयोध्या इस समय त्रेतायुग जैसी लग रही है।

अमिताभ बच्चन ने मंगलवार को रामलला के साथ ली सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट की। वे सोमवार को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे।

अयोध्या के धर्म पथ पर सुबह से श्रद्धालुओं का जत्था देखा जा सकता है। रामनगरी में बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, दिल्ली, उत्तराखंड समेत कई राज्यों से लोग रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

पुणे से पत्नी-बच्चे समेत अयोध्या पहुंचे एक श्रद्धालु ने कहा- हम कल (22 जनवरी) को आ गए थे, लेकिन बॉर्डर पर रोक लिया गया। भीड़ काफी है, लेकिन सबकुछ राममय है। हम दर्शन करके ही जाएंगे।

अयोध्या आने वाले प्रमुख रास्ते वाहनों की लंबी लाइनें लगी हुई है। बिना पास के वाहनों को आज भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। धर्मपथ के प्रमुख गेट पर सैकड़ों गाड़ियां खड़ी हैं।

अयोध्या में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। सुरक्षाबल इस बात का भी ध्यान रख रहे हैं कि सड़क के एक तरफ श्रद्धालु रहें, दूसरी तरफ से यातायात जारी रहे। लोगों में रामलला दर्शन का जोश है। चारों तरफ जय श्री राम के नारे गूंज रहे हैं।

श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा- प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद गर्भगृह एक दिव्य रूप में दिखाई पड़ रहा है। ऐसा लगता है कि जब त्रेतायुग में भगवान राम विराजमान हुए थे, जिस तरह की उस समय व्यवस्था थी, वो बहुत आनंदित करने वाला था। त्रेतायुग की झलक इस समय भी देखने को मिल रही है। अयोध्या में भक्तों का समूह उमड़ पड़ा है। जय श्री राम के लग रहे नारे त्रेतायुग की अयोध्या की याद दिला रहे हैं। जितने लोग पहले दिन दर्शन की चाह लिए हुए हैं, सभी लोग आज दर्शन नहीं कर पाएंगे। कल भी, दो-चार दिन ऐसा ही चलेगा, क्योंकि भारी भीड़ है। मंदिर विलक्षण है, अयोध्या राममय हो गई है।

अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। सड़कें जाम हो गई हैं। दूर-दूर तक सिर्फ लोगों का हुजूम नजर आ रहा है।

दर्शन के लिए लोगों को छोटे-छोटे ग्रुप में भेजा जा रहा है

रामलला के दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी है। लोग किसी भी तरह भगवान के दर्शन करना चाह रहे हैं। व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए लोगों को छोटे-छोटे ग्रुप में भेजा जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। उन्होंने लिखा- हमने कल यानी 22 जनवरी को अयोध्या में जो देखा, वह आने वाले कई सालों तक हमारी यादों में अंकित रहेगा।

रामलला के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी हुई है। व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए दर्शनार्थियों की चैकिंग फिर शुरू की गई है। कुछ देर के लिए इसे रोका गया था।

राम मंदिर परिसर में चेक पोस्ट पर अब लोगों की चेकिंग नहीं हो रही है। लोग बिना जांच के ही आगे बढ़ रहे हैं। प्रशासन बेबस नजर आ रहा है।

रामलला परिसर में पुलिस के साथ अब RAF कमांडोज को तैनात किया गया है। कमांडोज ने भीड़ को मैनेज करने के लिए सुरक्षा घेरा बना लिया है।

राम मंदिर के लिए दान पर टैक्स छूट:इनकम टैक्स के सेक्शन 80G के तहत मिलेगा फायदा, ट्रस्ट की ऑनलाइन वेबसाइट पर ऐसे करें दान

0

अगर आप भी राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में राम मंदिर निर्माण के लिए दान करना चाहते हैं तो आप इस पर इनकम टैक्स छूट का फायदा भी ले सकते हैं। सरकार के इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80G से राम मंदिर रेनोवेशन या मरम्मत के लिए किए गए दान की गई 50% रकम पर इनकम टैक्स छूट ले सकते हैं।

क्या कहते हैं नियम
CA आनंद जैन (इंदौर) बताते हैं कि 
इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80G के तहत सभी टैक्सपेयर जैसे इंडीविजुअल टैक्सपेयर, कंपनियां और फर्म धार्मिक संस्थानों को धन दान करके टैक्स बचा सकते हैं। हालांकि, आप हर जगह डोनेशन देकर टैक्स डिडक्शन क्लेम नहीं कर सकते। इसके लिए आपको उन्हीं संस्थानों या चैरिटेबल ट्रस्ट में डोनेट करना होगा जिनके बारे में आयकर विभाग की वेबसाइट पर जानकारी उपलब्ध है।

केंद्र सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट को वित्त वर्ष 2020-21 से सेक्शन 80G(B)(2) के ऐतिहासिक महत्व और प्रसिद्ध सार्वजनिक पूजा स्थल के तौर पर लिस्ट किया है। इसलिए, मंदिर के रिनोवेशन या मरम्मत के लिए किए गए दान में 50% की कटौती दी जा सकती है।

इसे उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए आपने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 1 लाख रुपए दान किए हैं। तो इसमें से आप 50 हजार रुपए पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। यानी ये रकम आपकी कुल टैक्सेबल इनकम में से माइनस कर दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए आपको इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय दान की रिसिप्ट सबमिट करनी होगी।

कौन-से टैक्सपेयर हैं एलिजिबल
इस डोनेशन में टैक्स पर छूट के लिए सिर्फ ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने वाले टैक्सपेयर ही एलिजिबल हैं। सिर्फ मंदिर की मरम्मत और रिनोवेशन के लिए किए गए दान पर 50% की छूट मिलेगी। दान की गई रकम आपकी टोटल ग्रॉस इनकम के 10% से ज्यादा नहीं होना चाहिए। 10% से ऊपर की रकम टैक्स डिडक्शन के लिए एलिजिबल नहीं होगी। टैक्स में छूट के लिए दान की रसीद होना जरूरी है।
इसके अलावा 2000 रुपए से ज्यादा का नकद दान भी टैक्स में छूट के लिए एलिजिबल नहीं होगा। इसके साथ ही वस्तु या किसी और तरह का दान इस टैक्स छूट के लिए एलिजिबल नहीं होगा।