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राष्ट्रीय खेल सम्मान से अलंकृत होंगे मप्र के तीन खिलाड़ी और एक प्रशिक्षक

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वर्ष 2023 का अंतिम दौर मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के लिए खुशियों की सौगात लाया है। पहली बार मध्यप्रदेश के तीन खिलाड़ियों और एक प्रशिक्षक को राष्ट्रीय खेल सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के ओलम्पिक खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, पेरा कनोइंग की प्राची यादव और मध्यप्रदेश महिला हॉकी अकादमी की पूर्व खिलाड़ी और वर्तमान में हॉकी इंडिया की स्टार प्लेयर सुशीला चानू को राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ठ खेल पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, भारतीय हॉकी टीम के कोच शिवेन्द्र सिंह को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

उक्त जानकारी बुधवार को जनसम्पर्क अधिकारी बिन्दु सुनील ने दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू आगामी 09 जनवरी 2024 को प्रात: 11 बजे राष्ट्रपति भवन में खेलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार से सम्मानित करेंगी।

ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमरः मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के स्टार शूटर ऐश्वर्य इस वर्ष सम्पन्न हुए एशियन गेम्स में सबसे सफल भारतीय एथलीट हैं। उन्होंने एशियन गेम्स में दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक अपने नाम किया। साथ ही ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया और 50 मी. रायफल थ्री पोजीशन पुरुष एकल इवेन्ट में रजत पदक जीता।

प्राची यादवः मध्यप्रदेश की पेरा केनो प्राची यादव ने पेरिस पेरा ओलम्पिक के लिए क्वालिफाई कर लिया है। उन्होंने हाल ही में आईसीएफ स्प्रिंट एण्ड पेरा केनो वर्ल्ड चैम्पियनशीप, जर्मनी में चौथा स्थान प्राप्त कर पेरिस ओलम्पिक के लिए क्वालिफाई किया। प्राची भारत की पहली एथलीट हैं, जिन्होंने पेरिस पेरा ओलम्पिक के लिए कोटा हासिल किया है।

सुशीला चानूः मध्यप्रदेश महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर की पहले बैच की उत्कृष्ट खिलाड़ी सुशीला ने कई उपलब्धियां हासिल की है। जर्मनी में हुए वूमन्स हॉकी जूनियर वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने सुशीला की कप्तानी में कांस्य पदक हासिल किया है। साल 2014 एशियन गेम्स में उन्होंने भारतीय टीम को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 2016 रियो ओलम्पिक में सुशीला भारतीय टीम की कप्तान रहीं।

शिवेन्द्र सिंहः मध्यप्रदेश के शिवेन्द्र सिंह वर्तमान में भारतीय हॉकी टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल हैं। उन्होंने लगभग 160 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं और लगभग 80 गोल अपने नाम किये हैं।

सरकार ने खुले बाजार में 3.46 लाख टन गेहूं, 13,164 टन चावल बेचा

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केंद्र सरकार (Central government) ने खुले बाजार (open market) में थोक उपभोक्ताओं (wholesale consumers) को 26वीं ई-नीलामी (26th e-auction) के जरिए 3.46 लाख मीट्रिक टन गेहूं (3.46 lakh metric tons of wheat) और 13,164 मीट्रिक टन चावल (13,164 metric tons of rice) बेचा है। सरकार ने यह कदम गेहूं और आटे की घरेलू आपूर्ति को बढ़ाने और खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाए हैं।

उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि 20 दिसंबर को आयोजित 26वीं ई-नीलामी में चार लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) गेहूं और 1.93 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) चावल की बोली लगाई गई थी। इस ई-नीलामी में 2178.24 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 3.46 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 2905.40 रुपये प्रति क्विंटल के औसत मूल्य के हिसाब से 13164 मीट्रिक टन चावल बेचा गया।

मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और खुदरा कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए थोक उपभोक्ताओं को ई-नीलामी के जरिए अपने बफर स्टॉक से गेहूं और चावल बेच रही है। खाद्यान्न खरीद और वितरण के लिए केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ई-नीलामी कर रहा है।

नेपाल के जानकी मंदिर प्रांगण में हुआ सामूहिक विवाह, 25 जोड़े शादी के बंधन में बंधे

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काठमांडू (kathmandu) विवाह पंचमी (marriage panchami) पर जनकपुरधाम के जानकी मंदिर परिसर (Janaki Temple Complex) में नेपाल के विश्व हिन्दू परिषद की तरफ से सामूहिक विवाह कराया गया। एक ही मंडप में आदर्श विवाह के रूप में 25 जोड़े शादी के बंधन में बंधे हैं।

महामंत्री जीतेन्द्र सिंह का कहना है कि विहिप नेपाल की ओर से जनकपुरधाम को विश्व में विवाह स्थल के रूप में पहचान दिलाने के लिए प्रति वर्ष सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाता है। इस तरह से शादी करने वाले अधिकतर परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। 20 वर्ष पार करने वाले ऐसे जोड़ों की शादी उनके परिवार की सहमति से ही की जाती है।

इस विवाह समारोह के दौरान शादी से पहले दोपहर में दूल्हे को रथ में बिठाया गया और पूरे शहर की परिक्रमा की गई। जानकी मंदिर के प्रांगण में दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को माला और अंगूठी पहनाई। इसके बाद विवाह की बाकी सभी रस्में परम्परागत ढंग से हुईं। परिषद के महामंत्री जीतेन्द्र सिंह ने बताया कि आयोजकों की तरफ से सभी दुल्हनों को सोने का मंगलसूत्र, दूल्हे को चांदी की अंगूठी और एक जोड़ा वस्त्र भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि नवविवाहित जोड़े को उपहार में बर्तन भी दिए गए।

परिषद के जनकपुर अध्यक्ष संतोष साह ने बताया कि इस पूरी शादी का खर्च विश्व हिन्दू परिषद के समन्वय में समाज से एकत्रित धनराशि से किया गया। उन्होंने प्रति जोड़े की शादी का खर्च करीब 80-85 हजार रुपये होने की जानकारी भी दी।

मुख्यमंत्री ने की प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्रियों से सौजन्य भेंट

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प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर हुई सकारात्मक चर्चाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लोक कल्याण मार्ग स्थित निवास पर सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश के विकास से संबंधित मुद्दे पर चर्चा की और प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री द्वय राजेन्द्र शुक्ला एवं जगदीश देवड़ा भी उनके साथ मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसके बाद केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट कर प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और मार्गदर्शन प्राप्त किया। केंद्रीय मंत्री शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शुभकामनाएं दीं और आशा प्रकट की कि प्रदेश की नई सरकार विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगी और जनकल्याण का नया अध्याय लिखेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी उनके निवास पर भेंट की। केंद्रीय मंत्री सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शुभकामनाएं देते हुए नए नेतृत्व द्वारा प्रदेश को विकास की नई बुलंदियों पर ले जाने की उम्मीद जताई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय शिक्षा तथा कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से उनके निवास पर सौजन्य भेंट कर उनके मंत्रालयों में प्रदेश से जुड़े लंबित विषयों पर सहयोग मांगा। केंद्रीय मंत्री प्रधान ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सेवा, सुशासन, जन-कल्याण और विकास के नए आयाम स्थापित करेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय संचार, रेल एवं इलेक्ट्रानिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से उनके कार्यालय रेल भवन में मुलाकात की। उन्होंने केंद्रीय इस्पात और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते से भी उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पदभार ग्रहण करने के उपरान्त केंद्रीय मंत्रियों से ये पहली मुलाकात थीं। उनके साथ उपमुख्यमंत्री द्वय जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला भी उपथित थे।

मप्रः डॉ. मोहन सरकार लेगी 2000 करोड़ का कर्ज, 27 दिसंबर को खाते में आएगी राशि

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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की डॉ. मोहन यादव सरकार (Dr. Mohan Yadav Government) वित्तीय संकट से निपटने (dealing with the financial crisis) के लिए पहली बार बाजार से दो हजार करोड़ रुपये का कर्ज (loan of two thousand crore rupees) लेने जा रही है। कर्ज की यह राशि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (Chief Minister Ladli Behna Yojana) समेत अन्य योजनाओं पर खर्च की जाएगी। आरबीआई के माध्यम यह कर्ज लेने के लिए 26 दिसंबर को बिडिंग होगी और 27 दिसंबर को सरकार के खाते में यह राशि आएगी।

राज्य के वित्त विभाग ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी की है। सरकार आरबीआई के ई कुबेर सिस्टम के जरिए 16 साल के लिए यह कर्ज ले रही है, जिसे वर्ष 2039 तक चुकाना होगा।

मप्र में नई सरकार का गठन हुए अभी सिर्फ 10 दिन ही हुए हैं। इतने कम अंतराल में ही सरकार को अपना पहला कर्ज लेना पड़ गया है। इधर वित्तीय बजट खत्म होने में अभी तीन महीने शेष हैं। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि सरकार पहले विधानसभा सत्र में अनुपूरक बजट ला सकती है, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।

इससे पहले पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान सरकार इस वित्तीय वर्ष में 23 हजार का करोड़ का कर्ज ले चुकी है। इस नए कर्ज को मिलाकर यह राशि 25 हजार करोड़ पर पहुंच जाएगी। प्रदेश पर अब कुल कर्जा 3 लाख 50 हजार करोड़ का होने पर है। ऐसे में मप्र पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

मप्र में पहले ही लाड़ली बहना जैसी मुफ्त की योजनाओं के लिए सरकार को हर महीने कम से कम चार हज़ार करोड़ का कर्ज लेना पड़ रहा है। इस योजना के तहत हर महीने प्रदेश की एक करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को 1250 रुपये दिए जाते हैं। सरकारी की यह चुनावी योजना अब सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। इसके अलावा कई चुनावी योजनाएं और हैं जिनके लिए सरकार को पैसे की जरूरत है।

आगरा महानगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, ब्रज प्रांत का अमृत महोत्सव समारोह

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आगरा/अलीगढ़:  शुक्रवार – 22 दिसंबर 2023 को अपरान्ह 12:30 बजे, स्वामी विवेकानंद सभागार, शिवाजी मण्डपम, आई.ई.टी. खंदारी परिसर, डा॰ भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्री प्रफुल्ल आकांत, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डा. हरीश रौतेला, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सुश्री नीति शर्मा, प्रांत अध्यक्ष डॉ. मनुप्रताप सिंह तथा प्रांत मंत्री श्री अंकित पटेल की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुआ ।

समारोह में अलीगढ़ महानगर के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं पूर्व शहर विधायक अलीगढ़ स्वर्गीय श्री संजीव राजा की धर्मपत्नी व वर्तमान शहर विधायक अलीगढ़ श्रीमती मुक्ता संजीव राजा, डॉ. अनुप शर्मा, नितिन अरोड़ा, डाॅ. शिशु वशिष्ठ, नीरव अरोड़ा, पुष्पेंद्र जादौन, निखिल महेश्वरी, पूर्व संयोजक (एस.एफ.डी.) जीएनडीयू अमृतसर हिमांक अरोड़ा व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ता व वर्तमान कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

  • अ.भा.वि.प. राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री श्री प्रफुल्ल आकांत, दिव्य प्रेम सेवा मिशन संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम, केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य सुश्री नीति शर्मा, प्रांत अध्यक्ष डॉ मनुप्रताप सिंह तथा प्रांत मंत्री श्री अंकित पटेल ।

  • शहर विधायक अलीगढ़ श्रीमती मुक्ता संजीव राजा, नितिन अरोड़ा व अन्य पूर्व व वर्तमान कार्यकर्ता ।

  • पुष्पेंद्र जादौन, नितिन अरोड़ा, पूर्व संयोजक (एस.एफ.डी.) जीएनडीयू अमृतसर हिमांक अरोड़ा व अन्य ।
  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डा. हरीश रौतेला ।

पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनाने को लेकर अंचल अधिकारी से लगाई गुहार

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कटिहार बिहार: किरण देवी पिता स्व. माखन महोली का कहना है कि उनका पंचायत महम्मदपुर से वंसावली बन गया है और वह अब अंचल कार्यालय कदवा से अपना पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनवाना चाहती है पर अंचल कार्यालय में उनका काम बिना दचना से नहीं हो पा रहा है।
किरण देवी को अपने ससुराल हासा रानीगंज से कदवा आने जाने में काफी समस्या होती है। उन्होंने सी ओ साहेब के पास अर्जी डाली है की उनका जल्द से जल्द पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनाया जाय।

गणतंत्र दिवस के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति को न्योता:

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बाइडेन के इनकार के बाद भारत ने गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को न्योता भेजा है। अगर मैक्रों भारत का इनविटेशन स्वीकार करते हैं तो ऐसा छठी बार होगा जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति भारत की रिपब्लिक डे परेड में शामिल होंगे।

1976 से लेकर भारत अब तक 5 बार फ्रांस के राष्ट्रपति को रिपब्लिक डे के लिए आमंत्रित कर चुका है। इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी फ्रांस की बैस्टिल डे परेड में बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुए थे। वो इस परेड में शामिल होने वाले दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री थे। परेड में भारतीय राफेल ने उड़ान भरी थी। इसके अलावा भारत की तीनों सेनाओं के मार्चिंग दस्ते के 269 जवानों ने परेड में हिस्सा लिया था।

बाइडेन के पास वक्त नहीं
एक कार्यक्रम के दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा था- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाइडेन को रिपब्लिक डे परेड के लिए बतौर चीफ गेस्ट आमंत्रित किया है। हालांकि, अमेरिका की तरफ से इस पर कोई जवाब नहीं मिला था। इसके बाद 12 दिसंबर को खबर आई थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन रिपब्लिक डे 2024 यानी गणतंत्र दिवस के लिए भारत नहीं आएंगे। 26 जनवरी के दौरान उनका शेड्यूल काफी बिजी है। इसके अलावा भारत में जनवरी में होने वाली क्वाड समिट भी टाल दी गई थी। ये बैठक 26 जनवरी के आस-पास होने वाली थी।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक क्वाड की मीटिंग के लिए भारत ने जो शेड्यूल बनाया था, उस पर बाकी देश सहमत नहीं थे। आखिरी बार 2015 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा गणतंत्र दिवस के समारोह में शामिल हुए थे। अपनी 3 दिन की यात्रा में ओबामा ने PM मोदी के साथ मन की बात कार्यक्रम में भी शिरकत की थी।

वहीं, क्वाड के मेंबर देश ऑस्ट्रेलिया का नेशनल डे भी 26 जनवरी को होता है। इसके चलते एंथनी अल्बनीज उस वक्त क्वाड की मीटिंग अटेंड नहीं कर सकते। लिहाजा इससे जापान के प्रधानमंत्री फुमिया किशिदा के भी भारत आने की ज्यादा उम्मीद नहीं रही थी।

एक नजर भारत-फ्रांस के रिश्तों पर
JNU के प्रोफेसर राजन कुमार के मुताबिक भारत को लेकर फ्रांस का स्टैंड दूसरे पश्चिमी देशों से अलग है। कई बार अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी को भारत में मानवाधिकार और लोकतंत्र को लेकर सवाल खड़े करता है। फ्रांस इनकी तुलना में भारत के आंतरिक मामलों में काफी कम दखलंदाजी करता है। ये एक मुख्य वजह है कि भारत का फ्रांस के साथ कभी कोई बड़ा मनमुटाव नहीं रहा है।

इसके अलावा जुलाई 1998 में भारत ने परमाणु ताकत बनने की ठानी और न्यूक्लियर टेस्ट किए तो सभी पश्चिमी देशों ने इस पर आपत्ति जताई। अमेरिका ने भारत पर कई तरह की पाबंदियां लगाई थीं। तब फ्रांस के राष्ट्रपति जैक शिराक ने भारत का समर्थन किया था।

पश्चिमी देशों के उलट जाकर फ्रांस ने भारत को न्यूक्लियर प्लांट सेटअप करने में मदद की। रूस के बाद फ्रांस इकलौता ऐसा देश है जिसने भारत की न्यूक्लियर कैपेबिलिटी को बढ़ाने में मदद की। इस प्लांट को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत अभी जारी हैं। महाराष्ट्र के जैतपुर में लगा परमाणु प्लांट फ्रांस की मदद से ही मुमकिन हो पाया।

यूक्रेन जंग के बाद से भारत हथियारों को लेकर रूस पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहता है। इसके लिए वो रास्ते तलाश रहा है। किसी एक देश पर निर्भर रहने की बजाय भारत अलग-अलग देशों के बेहतर हथियारों को सेना के लिए खरीद रहा है। भारत ने फ्रांस से राफेल विमान खरीदे हैं। फ्रांस भी भारत से डिफेंस में साझेदारी बढ़ाना चाहता है।

मेंटल हेल्थ खराब होने पर दिमाग की हो जाती है कुछ ऐसी हालत,

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खराब जीवन शैली के कारण आजकल दिमाग की सेहत (mental health) पर बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे में हम आपको यहां पर कुछ सिमटम्स बताने वाले हैं जिससे आपको पता चल जाएगा की आपकी मेंटल हेल्थ अच्छी है या खराब.

आजकल काम के दबाव और प्रतिस्पर्धा की दौड़ में लोगों की मेंटल हेल्थ बहुत खराब हो रही है. कुछ लोग की हालत तो इतनी खराब है कि वो साइकोलॉजिस्ट तक का सहारा ले रहे हैं, इससे निकलने के लिए. वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो समझ ही नहीं पाते हैं कि वो मानसिक रूप से बीमार हैं. आज हम इस आर्टिकल में मेंटल हेल्थ खराब होने के क्या लक्षण हैं उसके बारे में बताएंगे ताकि आप समय रहते है

1- अगर आप आजकल बहुत दुखी रहने लगे हैं किसी भी बात पर हंसी नहीं आती है, तो ये दिमागी रूप से बीमार होने के लक्षण हैं और हां अगर आपको हर बात पर रोने का मन करता है तो ये भी मेंटल हेल्थ खराब होना को दर्शाता है.

2- अगर आप बात-बात पर चिंता में आ जाते हैं बहुत ज्यादा सोचने लगते हैं तो इसका मतलब आपकी मानसिक हालत ठीक नहीं है. तो अगर आपको ऐसा कुछ फील होने लगा है तो फिर आप इसका जितना जल्दी हो इलाज कर लीजिए.

3- वहीं, आपको अचानक से रोना, हंसना आने लगे तो ये मेंटल डिसऑर्डर के लक्षण हैं. वहीं, आपको किसी चीज पर रिएक्शन देने का मन ना करना भी मेंटल हेल्थ खराब होने के लक्षण हैं.

4- इसके अलावा खाने के पैटर्न में बदलाव आना भी खराब मेंटल हेल्थ के लक्षण हैं. इसमें भूख ज्यादा भी लग सकती है और कम भी. नींद न आना रात-रात भर जगना भी खराब मेंटल हेल्थ के लक्षण हैं.

5- अपने आपको बेकार समझना भी खराब मानसिक सेहत के लक्षण हैं. मेंटल हेल्थ खराब होने पर लोग अपने आप पर डाउट करने लग जाते हैं. उन्हें लगता है वो किसी काम के नहीं हैं. यह डिप्रेशन के लक्षण हैं.

गोवा नहीं मध्यप्रदेश का ये आइलैंड बना पर्यटकों की पहली पसंद, उठा सकते हैं शिकारा का लुत्फ

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Hanuwantiya Island : मध्य प्रदेश में गोवा से भी सुंदर और एडवेंचर से भरपूर डेस्टिनेशन मौजूद है जिसका नाम हनुवंतिया टापू है। हनुवंतिया टापू के नाम से मशहूर ये डेस्टिनेशन खंडवा जिले में स्थित है।