Home Blog Page 2

तीनों में क्या है अंतर? आपका अकाउंट किसमें है? जानें कितना मिलता है ब्याज

0

ये योजनाएं अनुशासित बचत को बढ़ावा देती हैं और भारतीय नागरिकों को उनकी रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई हैं।भारत में रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रॉविडेंट फंड योजनाएं भारतीय निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। इनमें मुख्य रूप से तीन प्रमुख विकल्प आते हैं-पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी PPF, एम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड यानी EPF और जनरल प्रॉविडेंट फंड यानी GPF। ये तीनों योजनाएं सुरक्षित निवेश, स्थिर रिटर्न और टैक्स बेनिफिट्स प्रदान करती हैं, लेकिन इनकी पात्रता, योगदान प्रक्रिया और ब्याज दरें अलग-अलग होती हैं। आइए जानते हैं इन तीनों योजनाओं के बीच मुख्य अंतर और यह भी कि कौन-सी योजना आपके लिए सबसे उपयुक्त है।जनरल प्रॉविडेंट फंड यानी GPF
GPF एक सेवानिवृत्ति बचत योजना है, जो केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है। कर्मचारी अपनी सैलरी का एक निश्चित हिस्सा हर महीने GPF खाते में जमा करते हैं। इस पर सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज मिलता है, जो समय के साथ बढ़ता रहता है। सेवा समाप्ति या सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी को जमा राशि और ब्याज दोनों एक साथ प्राप्त होते हैं। angelone के मुताबिक, वर्तमान ब्याज दर (1 अक्टूबर 2024 से) 7.1% (सरकार द्वारा संशोधन के अधीन) प्रतिशत सालाना है।

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी PPF
PPF एक लंबी अवधि के लिए एक निवेश योजना है, जो सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है, चाहे वे नौकरीपेशा हों, व्यवसायी हों या स्व-नियोजित। इस योजना की अवधि 15 वर्ष की होती है, जिसे हर 5 साल के लिए आगे बढ़ाया भी जा सकता है। इसके लिए पहले ही आवेदन होता है। पीपीएफ पर सरकार हर तिमाही ब्याज दर तय करती है। यह योजना न केवल सुरक्षित निवेश का विकल्प देती है, बल्कि आयकर में छूट (टैक्स बेनिफिट) भी प्रदान करती है। मौजूदा समय में ब्याज दर (1 अक्टूबर 2024 से) 7.1% (तिमाही आधार पर समीक्षा की जाती है) प्रतिशत है।

सोना फिर हुआ महंगा, चांदी के भी बढ़े दाम, एमसीएक्स पर ये रहे भाव, जानें महानगरों के हाजिर भाव

0

सोने और चांदी की कीमतों में इस वृद्धि का कारण वैश्विक बाजारों में बढ़ते निवेशकों की मांग, और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण कमोडिटी मार्केट में सकारात्मक रुझान हो सकता है।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी अनुबंध के लिए कीमत में सोमवार को बढ़ोतरी दर्ज की गई। बीते सत्र के मुकाबले 3 नवंबर को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर एमसीएक्स पर सोने का भाव 0.10 प्रतिशत उछलकर 1,21,350 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया। एमसीएक्स की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, इसी तरह, चांदी की कीमत भी दिसंबर डिलीवरी के लिए बीते सत्र के मुकाबले 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,48,780 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर पहुंच गई। महानगरों में आज सोने का हाजिर भाव
goodreturns के मुताबिक,आज दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹12,332 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने का भाव ₹11,303 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव ₹9,251 प्रति ग्राम है।
आज मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव ₹12,317 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने का भाव ₹11,290 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव ₹9,238 प्रति ग्राम है।
कोलकाता में सोमवार को सोने का भाव 24 कैरेट सोने के लिए ₹12,317 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए ₹11,290 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए ₹9,238 प्रति ग्राम है।
चेन्नई में 3 नवंबर 2025 को सोने का भाव 24 कैरेट सोने के लिए ₹12,382 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने के लिए ₹11,350 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने के लिए ₹9,475 प्रति ग्राम है।
बैंगलोर में 24 कैरेट सोने का भाव ₹12,317 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने का भाव ₹11,290 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने का भाव ₹9,238 प्रति ग्राम है।
सोने की डिमांड में आई है कमी
विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) के मुताबिक, देश में वर्ष 2025 की जुलाई-सितंबर तिमाही में सोने की मांग मात्रा के हिसाब से 16 प्रतिशत घटकर 209.4 टन रह गई है। यह गिरावट सोने की ऊंची कीमतों के कारण उपभोक्ताओं की खरीदारी में कमी के चलते आई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इस साल की तीसरी तिमाही में सोने की कुल मांग घटकर 209.4 टन रह गई, जो पिछले साल समान अवधि में 248.3 टन थी। हालांकि, इस दौरान मूल्य के हिसाब से मांग 1,65,380 करोड़ रुपये से 23 प्रतिशत बढ़कर 2,03,240 करोड़ रुपये हो गई, जो सोने की कीमतों में तेजी को दर्शाता है।

विश्व विजेता बनने के बाद सामने आया नया ‘टीम सॉन्ग’, हरमनप्रीत, मंधाना ने पूरी टीम के साथ मिलकर गाया

0

साउथ अफ्रीका के खिलाफ महिला वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारतीय टीम के लिए दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा ने अच्छा प्रदर्शन किया। इन प्लेयर्स की वजह से ही टीम ट्रॉफी जीतने में सफल रही है।भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार महिला वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। फाइनल मैच में भारत की गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने कड़ी मेहनत और हौसले के दम पर फाइनल में जीत दर्ज की। पहले बैटिंग करते हुए टीम ने 298 रन बनाए। इसके बाद साउथ अफ्रीका की टीम 246 रनों पर सिमट गई।

भारतीय महिला टीम ने जारी किया नया सॉन्ग
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद भारतीय महिला टीम का नया सॉन्ग सामने आया है। बीसीसीआई की तरफ से एक जारी वीडियो जारी किया गया है, जिसमें स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिगेज कहती नजर आती हैं कि हमने चार साल पहले तय किया था, जब हम वर्ल्ड कप जीतेंगे। उसके बाद टीम सॉन्ग रिवील करेंगे और आज वह दिन है। फिर हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना सभी प्लेयर्स के साथ मिलकर गाना गाते हैं। इसके बाद सभी प्लेयर्स महिला वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाकर जश्न मनाने लगते हैं।

भारतीय महिला टीम द्वारा गाया गया गाना:
टीम इंडिया, टीम इंडिया

कर दें सबकी हवा टाइट
टीम इंडिया हियर टू फाइट
कोई भी ना लेता हमको लाइट

हमारा फ्यूचर है ब्राइट
साथ में चलेंगे, साथ में उठेंगे
हम हैं टीम इंडिया, साथ में जीतेंगे
कोई भी ना लेता हमसे पंगा
रहेगा सबसे ऊपर हमारा तिरंगा
हम हैं टीम इंडिया, हम हैं टीम इंडिया

शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा ने लगाए अर्धशतक
भारत ने पहले बैटिंग करते हुए शेफाली वर्मा (78 गेंद में 87 रन) और दीप्ति शर्मा (58 रन) के अर्धशतक की बदौलत सात विकेट पर 298 रन बनाए। शेफाली ने वनडे में अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी के दौरान सात चौके और दो छक्के लगाए। दीप्ति ने 58 गेंद में तीन चौके और एक छक्का जड़ा। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 45 रन और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 34 रन का योगदान दिया।

इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम दीप्ति शर्मा के पांच झटकों के सामने कप्तान लौरा वोलवार्ट (101 रन) के शतक के बावजूद 45.3 ओवर में 246 रन पर सिमट गई। दीप्ति ने 39 रन देकर पांच विकेट झटके। शेफाली वर्मा ने भी दो विकेट और श्री चरणी ने एक विकेट हासिल किया।

आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, कई राज्यों के मुख्य सचिव रहे मौजूद

0

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को आवारा कुत्तों के मामले पर सुनवाई हुई। इस दौरान दो राज्यों को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव उपस्थित रहे।नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को आवारा कुत्तों के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सात नवंबर को आदेश पारित करेगा। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने इस बात पर संज्ञान लिया कि अधिकतर राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव उसके समक्ष उपस्थित हैं। कोर्ट ने केरल के मुख्य सचिव द्वारा दायर छूट के अनुरोध वाले आवेदन को अनुमति दे दी और इस बात को संज्ञान में लिया कि प्रधान सचिव अदालत में उपस्थित हैं।
सात नवंबर को अगली सुनवाई
पीठ ने कहा कि भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड को इस मामले में पक्षकार बनाया जाए। सुनवाई शुरू होने पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि अधिकतर राज्यों ने इस मामले में अपने अनुपालन हलफनामे दाखिल कर दिए हैं। पीठ ने कहा, ‘‘फैसले के लिए सात नवंबर की तारीख सूचीबद्ध की जाए।’’ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों की प्रत्यक्ष उपस्थिति अब जरूरी नहीं है। हालांकि पीठ ने कहा कि आदेशों के अनुपालन में चूक होने पर मुख्य सचिवों की उपस्थिति फिर से आवश्यक हो जाएगी।

कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को तीन नवंबर को उसके समक्ष उपस्थित होकर यह बताने का निर्देश दिया था कि अदालत के 22 अगस्त के आदेश के बावजूद अनुपालन हलफनामे क्यों नहीं दायर किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियमों के अनुपालन के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में पूछा था। पीठ ने अपने आदेश का पालन नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की थी और कहा था कि 27 अक्टूबर तक पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को छोड़कर किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ने अनुपालन हलफनामे दायर नहीं किए थे।

हलफनामा दायर नहीं करने वाले प्रदेशों को लगाई फटकार
कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि मुख्य सचिवों को कोर्ट में उपस्थित होकर यह बताना होगा कि उन्होंने अनुपालन हलफनामा क्यों नहीं दाखिल किया। सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्टूबर को इस मामले में अनुपालन हलफनामा दाखिल नहीं करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फटकार लगाई थी और कहा था कि लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं और विदेशों में देश का ‘‘मान’’ कम हो रहा है।

कोर्ट ने बढ़ाया मामले का दायरा
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले का दायरा दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं से आगे बढ़ाते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया था। इसने नगर निगम अधिकारियों को एबीसी नियमों के अनुपालन के लिए कुत्तों के वास्ते उपलब्ध बाड़े, पशु चिकित्सकों, कुत्तों को पकड़ने वाले कर्मियों और विशेष रूप से परिवर्तित वाहनों एवं पिंजरों जैसे संसाधनों के पूर्ण आंकड़ों के साथ अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। पीठ ने इस मामले में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी पक्षकार बनाया था और कहा था कि एबीसी नियमों का पालन पूरे भारत में एक समान तरीके से हो। सुप्रीम कोर्ट 28 जुलाई को एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई कर रहा है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के काटने से विशेषकर बच्चों में रेबीज फैलने की बात कही गई थी।

मिस इंडिया कॉन्टेस्ट में सुष्मिता सेन से क्यों हार गई थीं ऐश्वर्या राय, सालों बाद इस वीडियो के जरिए हुआ खुलासा, देखें

0

मिस इंडिया कॉन्टेस्ट में सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या ने एक साथ भाग लिया था। जहां सुष्मिता विजेता के रूप में चुनी गई, वहीं ऐशवर्या राय शो में दूसरा स्थान हासिल कर पाईं। इस कॉन्टेस्ट को लेकर कई बार ये सवाल दोहराया गया कि आखिर ऐश्वर्या कैसे हार गईं, जानें असल वजह।ऐश्वर्या राय को दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में गिना जाता है और 1994 में मिस वर्ल्ड का ताज जीतना इस बात का प्रमाण है। दिलचस्प बात यह है कि उसी साल वह फेमिना मिस इंडिया का खिताब नहीं जीत पाईं, यह खिताब सुष्मिता सेन के सिर सजा। उस वक्त हर कोई मान रहा था कि सुपरमॉडल ऐश्वर्या राय ही मिस इंडिया की विजेता होंगी, लेकिन मंच पर एक अप्रत्याशित मोड़ ने सबको चौंका दिया। दरअसल सुष्मिता इस फील्ड में नई थीं, लेकिन ऐश्वर्या पहले ही मॉडलिंग की दुनिया में अपने पैर जमा चुकी थी।

क्यों हार गई थीं ऐश्वर्या राय
हाल ही में विज्ञापन गुरु प्रह्लाद कक्कड़ ने इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता से जुड़ी एक दिलचस्प बात साझा की। एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि दोनों प्रतियोगियों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा था। उन्होंने कहा,’यह एक मुश्किल मुकाबला था। दोनों ही असाधारण रूप से खूबसूरत और प्रतिभाशाली थीं। लेकिन इस दौरान ऐश्वर्या गिर गई थीं। अंत में फैसला एक अतिरिक्त प्रश्नोत्तर राउंड पर टिका हुआ था, जिसे जजों ने इसलिए जोड़ा क्योंकि वे तय नहीं कर पा रहे थे कि विजेता कौन हो। उस अंतिम राउंड में सुष्मिता का जवाब ऐश्वर्या की तुलना में ज्यादा आत्मविश्वास भरा और संतुलित था। इसी वजह से उन्होंने मिस इंडिया का ताज जीत लिया। वह वाकई एक रोमांचक पल था।’

राज्य को आत्मनिर्भर बनाएं, विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनें’, मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम मोहन यादव का ब्लॉग

0

सीएम मोहन यादव ने लिखा कि मध्य प्रदेश की स्वर्णिम यात्रा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के साथ आगे बढ़ रही है। लगभग दो वर्षों में प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि हासिल की है।मध्य प्रदेश आज अपनी स्थापना के 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। एक नवंबर 1956 को अस्तित्व में आये मध्य प्रदेश में विकास की नई यात्रा विगत दो दशकों से आरंभ हुई, जो प्रदेश को देश में अग्रणी राज्य बनाने की संभावनाओं तक पहुंच गई है। यह सुखद संयोग है कि आज देवउठनी ग्यारस के पावन अवसर पर राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हमारे तीज, त्यौहार और परंपराएं हमारी संस्कृति का आधार हैं। उत्सव के आनंद से ही भविष्य निर्माण के भाव निर्मित होते हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश में सभी त्यौहारों को व्यापक स्वरूप में मनाया जा रहा है। अपने त्यौहारों का सांस्कृतिक संदर्भ ही हमें पुरातन से नूतन की प्रेरणा देता है।

हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत का हृदय मध्य प्रदेश वन, जल, अन्न, खनिज, शिल्प, कला, संस्कृति, उत्सव और परंपराओं से समृद्ध है। हमें मां नर्मदा, चंबल, पार्वती, शिप्रा नदियों का सान्निध्य और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त है। यह भगवान परशुराम की जन्मस्थली, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली और आदि शंकराचार्य जी की तपोस्थली है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने चित्रकूट में लंबा समय व्यतीत किया है। इतिहास प्रसिद्ध राजा नल, भर्तृहरि, विक्रमादित्य की जन्म स्थली भी मध्य प्रदेश रही है। सम्राट विक्रमादित्य ने ही शकों के आतंक से भारत को मुक्त किया था। संसार की पहली वैज्ञानिक कालगणना “विक्रम संवत्” का आरंभ भी मध्य प्रदेश के उज्जैन से हुआ था।

मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि हम अपने ऐतिहासिक गौरव की दिव्यता और प्राकृतिक भव्यता के साथ विरासत से विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत को विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारा देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री जी के इस संकल्प को साकार करने और विकसित भारत निर्माण के लिए मध्य प्रदेश में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में उद्योग वर्ष मनाने के साथ राज्योत्सव की थीम ‘उद्योग और रोजगार’ रखी गई है। इसमें प्रदेश के सतत विकास, सांस्कृतिक समृद्धि और जन भागीदारी का भाव है।

यशस्वी प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमें निवेश और औद्योगिक विकास की यात्रा को परिणाम में बदलने का अवसर प्राप्त हो रहा है। विविधता से समृद्ध मध्य प्रदेश के हर क्षेत्र की अपनी विशेषता, क्षमता और दक्षता है, जिसमें अनंत संभावनाएं हैं। इसी को केन्द्र में रखकर हमने प्रदेश में रीजनल इन्वेस्टर्स समिट का नवाचार किया। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश के हर क्षेत्र का कौशल और उद्योग इसमें शामिल हुआ है। व्यापार को सरल बनाने और निवेशकों से सीधे संवाद के लिए हमने मार्च 2024 से उज्जैन से निवेश यात्रा शुरू की और फिर जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली, यूके, जर्मनी, जापान, दुबई तक इसे विस्तार दिया। विभिन्न सम्मेलनों, राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय रोड-शो के माध्यम से मध्य प्रदेश के निवेश में कई गुना वृद्धि हुई है।

निवेशकों को एक सक्षम, सरल और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया गया है। प्रदेश में इनोवेशन हब, स्टार्टअप पॉलिसी, फंडिंग सपोर्ट और इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित कर देश की स्टार्टअप क्रांति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।

मुझे यह बताते हुए खुशी है कि मध्य प्रदेश ने पिछले एक वर्ष में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों ने प्रदेश में निवेश के प्रति गहरी रुचि दिखाई है। खनिज कॉन्क्लेव में प्रदेश को 56 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जो खनिज नीति और प्रशासनिक सरलता का परिणाम हैं। आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक निर्माण इकाइयां और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी निवेश को प्रोत्साहन मिला है।

मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि प्रदेश एक ऐसे परिवर्तनकाल से गुजर रहा है जहां निवेश, नवाचार और रोजगार आधार स्तंभ हैं। लगभग दो वर्षों में प्रदेश ने उद्योग, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यावरण, ऊर्जा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां अर्जित की हैं।

भारत के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। विकास के इन आधार स्तंभ के अनुरूप प्रदेश विकास और कल्याण के लिए युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण मिशन के तहत कार्य किया जा रहा है।

गरीब कल्याण मिशन में स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधा आदि की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मध्य प्रदेश कौशल विकास मिशन और स्टार्टअप नीति 2025 ने युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर में परिवर्तित किया है। कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रोजगार मेले, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम और डिजिटल स्किल सर्टिफिकेशन जैसे प्रयास युवाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं। रोजगार सृजन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासकीय और निजी क्षेत्रों में युवाओं के लिए स्थायी, कुशल और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध किये जा रहे हैं। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने शासकीय भर्ती का कैलेण्डर जारी किया और उसके अनुरूप भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है।

कृषि क्षेत्र को नवाचार के साथ सशक्त बनाने की दिशा में एक नई क्रांति का सूत्रपात हुआ है। प्रदेश सरकार ने ड्रोन आधारित फसल निरीक्षण, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और कृषि उत्पाद मूल्य संवर्धन पर विशेष फोकस किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और मुख्यमंत्री खेत-तालाब योजना सहित अन्य प्रयासों से किसानों के लिए सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के किसानों को सिंचाई और पानी की सुविधा व्यापक स्तर पर उपलब्ध होगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 52 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई क्षेत्र का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने की योजना है। कृषि उपज का प्रत्यक्ष भुगतान, ऑनलाइन मंडी व्यवस्था और जैविक खेती के प्रोत्साहन ने अन्नदाताओं की आय में वृद्धि की है। मध्य प्रदेश गेहूं, सोयाबीन, चना और मसालों के उत्पादन में अग्रणी प्रदेश हैं।

महिला सशक्तिकरण को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ने की दिशा में नारी शक्ति मिशन परिवर्तनकारी सिद्ध हो रहा है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिली है। महिला उद्यमिता नीति के तहत महिलाओं को लघु उद्योग, डेयरी, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। महिलाओं द्वारा संचालित स्व-सहायता समूह को वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह मिशन नारी शक्ति ही नहीं बल्कि नये भारत की आधारशिला है।

गौ-धन हमारी अर्थव्यवस्था का स्थायी स्तंभ बने इसके लिए हमने गौ-संवर्धन और दुग्ध उत्पादन को आर्थिक नवाचार का केंद्र बनाया है। मुख्यमंत्री गौ-संवर्धन मिशन के तहत प्रदेशभर में गौ-अभयारण्य और गौ-सेवा केंद्रों की स्थापना की गई है। लगभग दो वर्षों में प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि हासिल की है।

मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और प्रदेश वासियों के सहयोग और संबल से कल्याणकारी नीतियों और निर्णयों को अमल में लाने में सफलता प्राप्त हुई है। मध्य प्रदेश की स्वर्णिम यात्रा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के साथ आगे बढ़ रही है। गरीब के चेहरे पर मुस्कान, किसान की खुशहाली, नारी का सम्मान और युवाओं का उज्ज्वल भविष्य हमारा संकल्प भी है और लक्ष्य भी। आइये, हम सब मिलकर समग्र विकास के साथ आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाएं और विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनें।

महेंद्र सिंह धोनी के सपोर्ट वाली Finbud Fin का इस दिन खुलेगा IPO, ₹71.6 करोड़ जुटाएगी कंपनी, जानें डिटेल

0

आरंभिक सार्वजनिक पेशकश पूरी तरह से 50.48 लाख इक्विटी शेयरों की नई जारी की गई पेशकश होगी। एंकर निवेशकों के लिए बोली 4 नवंबर को एक दिन के लिए खुली रहेगीफिनबड फाइनेंशियल सर्विसेज, जो एक फिजिटल लेंडिंग एनेबलर है और जिसे क्रिकेटर एम एस धोनी का समर्थन प्राप्त है, ने शुक्रवार को अपनी Rs 71.68 करोड़ के आईपीओ के लिए Rs 140-142 प्रति शेयर की प्राइस बैंड तय की है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, यह प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) 6 नवंबर से 10 नवंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने एक बयान में बताया है कि एंकर निवेशकों के लिए बोली 4 नवंबर को एक दिन के लिए खुली रहेगी।आईपीओ की डिटेल्स
प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश पूरी तरह से 50.48 लाख इक्विटी शेयरों की नई जारी की गई पेशकश होगी, जिसकी कुल राशि Rs 71.68 करोड़ (प्राइस बैंड के ऊपरी सीमा पर) होगी। इस राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने कार्यशील पूंजी की जरूरतों, LTCV क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड (एक सहायक कंपनी में निवेश), व्यापार विकास और विपणन गतिविधियों और ऋण चुकौती के लिए करेगी। शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

कंपनी का बयान
फाइनेंस बुद्धा के सह-संस्थापक पराग अग्रवाल ने कहा कि हम सार्वजनिक बाजारों में प्रवेश कर रहे हैं, और हमारा ध्यान जिम्मेदारी से विस्तार करने, शासन को मजबूत करने, और अपने ग्राहकों, भागीदारों, और निवेशकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य निर्माण पर है। फाइनेंस बुद्धा के सह-संस्थापक विवेक भाटिया ने कहा कि हमारा फोकस इस प्रभाव को और गहरा करने, उभरते बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने, एजेंट नेटवर्क को मजबूत करने और क्रेडिट समाधानों को तेजी, सरलता और विश्वास के साथ प्रदान करने पर है।

निवेशक और बैकर्स
फिनबड फाइनेंशियल सर्विसेज में निवेशक के रूप में आशीष काचोलिया, एम एस धोनी फैमिली ऑफिस और शंकर वी (CAMS के संस्थापक) शामिल हैं। यह निवेशकों का विश्वास कंपनी की तकनीकी क्षमता और उच्च विश्वास आधारित खुदरा क्रेडिट के दृष्टिकोण में दिखाई देता है।

वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी ने FY25 में Rs 223 करोड़ की कुल आय और Rs 8.5 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) रिपोर्ट किया है। कंपनी के शेयर NSE Emerge प्लेटफार्म पर सूचीबद्ध होंगे। शेयर लिस्टिंग की अनुमानित तिथि 13 नवंबर रखी गई है। SKI Capital Services इस आईपीओ का एकमात्र बुक रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि Skyline Financial Services इस आईपीओ का रजिस्ट्रार है।

5 शब्दों में उनके कारनामे- कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन, करप्शन’; मुजफ्फरपुर में PM मोदी ने RJD पर साधा निशाना

0

मुजफ्फरपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरजेडी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एनडीए के राज में सुशासन रहता है, लेकिन आरजेडी के समय में गुंडाराज रहता है।बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रचार के लिए पीएम मोदी गुरुवार (30 अक्टूबर) को मुजफ्फरपुर पहुंचे। यहां जनसभा के दौरान उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी पर जमकर निशाना साधा। आरजेडी के शासनकाल को गुंडराज बताते हुए उन्होंने 5 शब्दों में लालू की पार्टी के कारनामों की कथा कही। पीएम ने आरजेडी के शासन को कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन, करप्शन से परिभाषित किया।

विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए यानी सुशासन, एनडीए यानी जनता की सेवा, एनडीए यानी विकास की गारंटी। पीएम ने कहा कि उनकी सभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं और यह इस बात का प्रमाण है कि बिहार में एक बार फिर एनडीए सरकार बन रही है।

छठ महापर्व देश का गौरव
पीएम ने बताया कि वह छठ महापर्व को मानवता के महापर्व के रूप में यूनेस्को की विश्व विरासत की सूची में शामिल कराने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं। ये हर बिहारी और हर हिंदुस्तानी के लिए गर्व का विषय होगा। उन्होंने कहा, “छठ महापर्व के बाद ये मेरी पहली जनसभा है। छठ महापर्व बिहार और देश का गौरव है। देश और दुनिया में छठ महापर्व मनाया जाता है। हम छठ के गीत सुनते हैं, तो भाव-विभोर हो उठते हैं। छठी मईया की पूजा में मां की भक्ति है। छठी मईया की पूजा में समता, ममता और सामाजिक समरसता है। छठी मईया की पूजा हमारी साझी विरासत का उत्सव भी है। इसलिए हमारी सरकार का प्रयास है कि दुनिया भी इन मूल्यों से सीखे।”

छठी मैया का अपमान बिहार नहीं सहेगा
रैली में पीएम मोदी ने कहा, “कांग्रेस और आरजेडी के लोग छठी मैया का अपमान कर रहे हैं। क्या कोई कभी चुनाव में वोट पाने के लिए छठी मैया का अपमान कर सकता है क्या? क्या ऐसा अपमान बिहार सहन करेगा क्या? हिंदुस्तान सहन करेगा क्या? क्या मेरी माताएं जो निर्जला उपवास करती हैं, वो सहन करेंगी क्या? आरजेडी-कांग्रेस के लोग कैसी बेशर्मी से बोल रहे हैं। उनके लिए तो छठी मैया की पूजा एक ड्रामा है, नौटंकी है, ऐसे लोगों को सजा दोगों की नहीं दोगे? जो माताएं बहनें निर्जला इतना लंबा व्रत रखती हैं, जो गंगा जी में खड़ी होकर सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं, वो आरजेडी -कांग्रेस की नजर में ड्रामा करती हैं। क्या बिहार की माताएं-बहनें छठी मैया का ये अपमान बर्दाश्त करेंगी क्या? जो हर उस व्यक्ति का अपमान है, जो छठी मैया में आस्था रखता है। छठ पूजा के इस अपमान का बिहार चुनाव नहीं, आने वाले सैंकड़ों साल तक भूलने वाला नहीं है। सैंकड़ों साल तक इस अपमान को छठी मैया की पूजा करने वाला कोई नहीं भूलेगा। ये हमारा बिहार तो स्वाभिमान की धरती है, जिन लोगों ने छठ पूजा को गाली देने का काम किया है, बिहार ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगा।”

आरजेडी-कांग्रेस विकसित बिहार नहीं बना सकती
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “आरजेडी-कांग्रेस कभी भी बिहार को विकसित नहीं बना सकती। इन पार्टियों ने बरसों तक बिहार पर एकछत्र राज किया है, लेकिन इन्होंने आपको सिर्फ विश्वासघात दिया है। आरजेडी-कांग्रेस की पहचान 5 चीजों से है। क्या किया है आरजेडी-कांग्रेस वालों ने, क्या किया है जंगलराज वालों ने। मैं 5 शब्दों में उनके कारनामों की कथा कहना चाहता हूं- कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन, करप्शन। जहां कट्टा, क्रूरता का राज हो, वहां कानून दम तोड़ देता है। जहां कटुता हो, वहां समाज में सद्भाव मुश्किल होता है। जहां कुशासन हो, वहां विकास का नामो-निशान नहीं होता है। जहां करप्शन हो, वहां सामाजिक न्याय नहीं मिलता है। गरीब का हक लूट जाता है, सिर्फ और सिर्फ कुछ परिवार ही फलते-फूलते हैं। ऐसे लोग कभी भी बिहार का भला नहीं कर सकते।”

जिनका इतिहास जमीन कब्जाने का, वो उद्योग को जमीन क्या देंगे?
पीएम ने कहा, “बिहार को आगे बढाने के लिए उद्यम चाहिए, उद्योग चाहिए और उद्योग के लिए जमीन, बिजली, कनेक्टिविटी और कानून का राज चाहिए। सोचिए, जिनका इतिहास जमीन कब्जाने का हो, वो किसी उद्योग को जमीन देंगे क्या? जिन्होंने बिहार को लालटेन युग में रखा, वो बिजली दे पाएंगे क्या? जिन्होंने रेल को लूटा, वो बिहार में कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे क्या? जिन्होंने भ्रष्टाचार और घोटाले के रिकॉर्ड तोड़ दिए, वो कानून का राज ला सकते हैं क्या? जंगलराज के दिनों को याद करते हैं, तो अंदाजा लगता है कि हालात कितने खतरनाक थे। आप मुजफ्फरपुर के लोग RJD सरकार में हुआ गोलू अपहरण कांड कभी नहीं भूल सकते। इसी शहर में 2001 में स्कूल जाते हुए एक छोटे से बालक को अपराधियों ने दिन-दहाड़े किडनैप के लिया था और बदले में बहुत सारे रुपये मांगे थे। और जब रुपये नहीं दे पाए, तो RJD के इन चट्टे-बट्टों ने उस छोटे से बालक के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे।

यूपी सरकार ने 2025-26 पेराई सत्र के लिए गन्ने का मूल्य इतने रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया, जानें नई दर

0

यह चौथी बार है जब योगी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान गन्ने के दाम बढ़ाए हैं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक किसानों को ₹2,90,225 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार को 2025-26 पेराई सत्र के लिए गन्ने के राज्य सलाहकार मूल्य (एसएपी) में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की है। सरकार ने इसे एक बड़ा किसान हितैषी निर्णय बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। पीटीआई की खबरों के मुताबिक, नई दरों के अनुसार, अर्ली (प्रारंभिक) प्रजाति के गन्ने का मूल्य ₹400 प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹390 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।चौथी बार गन्ने के दाम बढ़ाए
खबर के मुताबिक, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बढ़ोतरी से किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह चौथी बार है जब योगी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान गन्ने के दाम बढ़ाए हैं। चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों की मेहनत का सम्मान करना अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है। गन्ना उत्पादक न केवल अन्नदाता हैं बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव भी हैं। किसानों को समय पर और उचित मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करना हमारी प्रतिबद्धता है।

किसानों को ₹2,90,225 करोड़ का हो चुका भुगतान
मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक किसानों को ₹2,90,225 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 2007 से 2017 के बीच सपा और बसपा सरकारों के दौरान कुल ₹1,47,346 करोड़ रुपये का ही भुगतान हुआ था। उन्होंने कहा कि इस प्रकार मौजूदा सरकार ने मात्र साढ़े आठ वर्षों में ₹1,42,879 करोड़ रुपये अधिक भुगतान किया है।

UP चीनी उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा राज्य
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 122 चीनी मिलें चालू हैं, जिससे यह देश में चीनी उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। मंत्री ने बताया कि पिछली सरकारों के समय 21 मिलें सस्ते में बेच दी गई थीं, जबकि योगी सरकार के पारदर्शी प्रबंधन और निवेशक-हितैषी नीतियों से इस क्षेत्र में ₹12,000 करोड़ रुपये से अधिक का नया निवेश आकर्षित हुआ है। पिछले आठ वर्षों में चार नई मिलें स्थापित, छह बंद मिलें फिर से शुरू, और 42 मिलों की क्रशिंग क्षमता में विस्तार किया गया है, जो आठ बड़ी नई मिलों के बराबर है। दो चीनी मिलों में कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट भी लगाए गए हैं, जिससे गन्ना क्षेत्र में वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा मिला है।

रोहित शर्मा का बहुत बड़ा धमाका, रैंकिंग में नंबर वन बल्लेबाज, शुभमन गिल को नुकसान

0

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई वनडे सीरीज के समाप्त होने के बाद आईसीसी ने अपनी रैंकिंग भी जारी कर दी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी वनडे में धमाकेदार शतक लगाने वाले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने इस बार रैंकिंग में लंबी छलांग मारी है। वे सभी बल्लेबाजों को पीछे कर पहले नंबर की कुर्सी पर काबिज हो गए हैं। इस बीच भारतीय टीम के नए वनडे कप्तान शुभमन गिल को नुकसान हुआ है। वे अब दो स्थान नीचे आ गए हैं। रोहित शर्मा आईसीसी की वनडे रैंकिंग में नंबर एक बल्लेबाज
आईसीसी की ओर से जारी की गई नई वनडे रैंकिंग में बड़ा धमाका हुआ है। रोहित शर्मा ने पहले नंबर की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया है। रोहित शर्मा ने इस बार दो स्थानों की छलांग मारी है और उनकी रेटिंग बढ़कर 781 की हो गई है। रोहित शर्मा ने पहली बार आईसीसी की वनडे रैंकिंग में पहले नंबर की कुर्सी पर कब्जा किया है। जैसे ही वे कप्तानी से हटाए गए और बतौर बल्लेबाज मैदान में उतरे पहले अर्धशतक और फिर शतक लगाने में कामयाबी हासिल की। इसी का ​नतीजा है कि रोहित शर्मा ने पहले नंबर की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित ने खेली थी धमाकेदार पारी
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज रोहित शर्मा के लिए काफी अहम थी। सीरीज के पहले मेच में तो वे केवल आठ ही रन बनाकर आउट हो गए। लेकिन दूसरे मैच में उन्होंने 73 रनों की जबरदस्त पारी खेली। इसके बाद तीसरे और आखिरी मैच में रोहित शर्मा ने 121 रनों की नाबाद पारी खेली, जो धमाकेदार रही। रोहित के साथ ही विराट कोहली के लिए भी ये सीरीज अहम थी। कोहली ने भी आखिरी मैच में अर्धशतक लगाया था, हालांकि उनकी रैंकिंग में ज्यादा असर देखने को नहीं मिला।

शुभमन गिल और विराट कोहली को नुकसान
रोहित शर्मा के बाद आईसीसी वनडे रैंकिंग में अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान दूसरे नंबर पर बने हुए हैं। इस बीच शुभमन गिल अब टॉप से सीधे नंबर तीन पर पहुंच गए हैं। उन्हें दो स्थान का नुकसान हुआ है। फिलहाल शुभमन गिल की रेटिंग 745 की है। पाकिस्तान के बाबर आजम 739 की रेटिंग के साथ नंबर चार पर हैं। न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल ने भी एक स्थान की छलांग मारी है। वे अब 734 की रेटिंग के साथ नंबर पांच पर पहुंच गए हैं। बात विराट कोहली की करें तो वे अब एक स्थान के नुकसान के साथ नंबर छह पर चले गए हैं। उनकी रेटिंग अब 725 की चल रही है।