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ब्राजील के बाद अपनी यात्रा के अंतिम चरण में नामीबिया पहुंचे पीएम मोदी, बजाया ड्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी यात्रा के अंतिम चरण में अब नामीबिया पहुंच गए हैं। वह बुधवार को नामीबिया की धरती पर उतरे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।विंडहूक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बहुप्रतीक्षित नामीबिया दौरे पर पहुंच चुके हैं। यह यात्रा भारत और नामीबिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की तीन दशकों में पहली आधिकारिक नामीबिया यात्रा है। नामीबिया में पीएम मोदी का पारंपरिक तरीके से शानदार स्वागत किया गया। इस दौरान नामीबिया के स्थानीय कलाकारों के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने भी ड्रम बजाया।इन मुद्दों पर होगी द्विपक्षीय वार्ता
प्रधानमंत्री मोदी और नामीबियाई राष्ट्रपति नेटुम्बो नांडी-एनडैटवाह के बीच वन-टू-वन संवाद और दोनों देशों के मंत्रियों की टीम स्तरीय चर्चा होगी। इन वार्ताओं में व्यापार, रक्षा, डिजिटल सहयोग और वैश्विक दक्षिण में साझेदारी जैसे मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श शामिल हैं।

सूर्य नमस्कार से हुआ पीएम मोदी का स्वागत
संयुक्त समझौतों पर हस्ताक्षर

भारत और नामीबिया के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, ICT और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में कुल छह महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। इनमें यूपीआई समेत खनिज और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग पर भी समझौते होंगे। भारत और नामीबिया डायमंड के प्रत्यक्ष आयात की दिशा में बातचीत कर रहे हैं, जिससे मध्यस्थों की भूमिका कम होगी। साथ ही यूरेनियम, कोबाल्ट और लैंथेनाइड्स जैसे महत्त्वपूर्ण खनिजों पर दीर्घकालिक समझौतों की संभावना जताई गई है।

पीएम मोदी ने नामीबिया पहुंचकर किया ट्वीट
नामीबिया पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “कुछ समय पहले विंडहूक में पहुंचा। नामीबिया एक मूल्यवान और विश्वसनीय अफ्रीकी साझेदार है, जिसके साथ हम द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना चाहते हैं। आज राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नांडी-एनडैटवाह से मिलने और नामीबियाई संसद को संबोधित करने के लिए उत्सुक हूं।”

नामीबिया की संसद को करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी इस यात्रा के दौरान नामीबियाई संसद को संबोधित करेंगे। यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री दक्षिण अफ्रीका क्षेत्र के बाहर किसी अफ्रीकी देश की संसद में भाषण देगा। इसके अलावा वह नामीबिया के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. सैम नुजौमा को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई डील
पीएम मोदी के इस दौरे की खास बात यह है कि अब नामीबिया में भी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) प्रणाली शुरू की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने NPCI और नामीबिया के केंद्रीय बैंक के बीच इसे लेकर एक समझौता करेंगे।

शेयर बाजार में उछाल, सेंसेक्स 270 और निफ्टी 61 अंकों की बढ़त के साथ बंद, ये स्टॉक्स चमके

आज एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 61.20 अंकों (0.24%) की तेजी के साथ 25,522.50 अंकों पर बंद हुआ।मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार बंद किया। हफ्ते के दूसरे दिन, बीएसई का सेंसेक्स 270.01 अंकों (0.32%) की बढ़त के साथ 83,712.51 अंकों पर बंद हुआ। इसी तरह, आज एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 61.20 अंकों (0.24%) की तेजी के साथ 25,522.50 अंकों पर बंद हुआ। बताते चलें कि बाजार ने आज लाल निशान में फ्लैट शुरुआत की थी। जबकि, सोमवार को बाजार हरे निशान में बिल्कुल फ्लैट बंद हुआ था।टाटा ग्रुप के शेयर में भयावह गिरावट
आज सेंसेक्स की 30 में से 18 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए और बाकी की सभी 12 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। इसी तरह, निफ्टी 50 की 50 में से 27 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए और बाकी की सभी 23 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ लाल निशान में बंद हुए। आज सेंसेक्स की कंपनियों में शामिल कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर सबसे ज्यादा 3.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए जबकि टाइटन के शेयर आज सबसे ज्यादा 6.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

एटरनल, एशियन पेंट्स समेत इन शेयरों में आया उछाल
सेंसेक्स की अन्य कंपनियों में आज एटरनल के शेयर 1.89 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 1.69 प्रतिशत, एनटीपीसी 1.64 प्रतिशत, बीईएल 1.20 प्रतिशत, अडाणी पोर्ट्स 0.94 प्रतिशत, एसबीआई 0.72 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 0.72 प्रतिशत, इंफोसिस 0.69 प्रतिशत, एलएंडटी 0.68 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 0.64 प्रतिशत, टाटा मोटर्स 0.64 प्रतिशत, पावरग्रिड 0.63 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 0.55 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 0.54 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 0.42 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 0.31 प्रतिशत और आईटीसी के शेयर 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स के सभी शेयर
वहीं दूसरी ओर ट्रेंट के शेयर में 1.12 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 0.85 प्रतिशत, मारुति सुजुकी 0.81 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर 0.72 प्रतिशत, सनफार्मा 0.41 प्रतिशत, टाटा स्टील 0.28 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज 0.16 प्रतिशत, टीसीएस 0.16 प्रतिशत, भारती एयरटेल 0.11 प्रतिशत, एचसीएल टेक 0.11 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में 0.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

लाडली राहा के लिए रेस में भागे रणबीर कपूर, मुड़ा पैर तो…’ रामायण की ‘कौशल्या’ ने बताया कैसे पिता हैं अभिनेता

रणबीर कपूर अपनी अपकमिंग फिल्म को लेकर इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं, जो अगले साल यानी 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस बीच अभिनेता के साथ रामायण में काम कर रहीं उनकी को-स्टार ने बताया कि रणबीर कपूर रियल लाइफ में कैसे पिता हैं।नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में रणबीर कपूर प्रभु श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं और उनके अपोजिट साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में नजर आएंगी। इस फिल्म में दिग्गज अभिनेत्री इंदिरा कृष्णन भी अहम भूमिका में हैं। रामायण में इंदिरा श्रीराम की माता यानी ‘कौशल्या’ की भूमिका में नजर आएंगी। इस बीच उन्होंने रामायण में काम करने के अपने एक्सपीरियंस और को-स्टार रणबीर कपूर के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि रणबीर रियल लाइफ में कैसे पिता हैं और राहा के साथ कैसी बॉन्डिंग शेयर करते हैं।रणबीर कपूर के बारे में क्या बोलीं इंदिरा कृष्णन
एनडीटीवी से बात करते हुए इंदिरा कृष्णन ने रणबीर कपूर के बारे में बात की और अभिनेता के साथ काम करने का अपना एक्सपीरियंस शेयर किया। उन्होंने रणबीर कपूर को अपना पसंदीदा को-स्टार बताया और अभिनेता की जमकर तारीफ की और कहा – ‘रणबीर पूरी कोशिश करते थे कि मैं सेट पर कम्फर्टेबल रहूं। मैं जब बैठती, वह मेरे लिए चेयर खींचते। रोज हाल-चाल पूछते और बातें भी करते थे। मैंने कभी उन्हें इतना बड़ा स्टार होने के बाद भी स्टार वाला व्यवहार करते नहीं देखा।’

जब लंगड़ाते हुए शूटिंग सेट पर पहुंचे रणबीर
इंदिरा ने रणबीर कपूर से जुड़ा किस्सा शेयर किया, जब वह लंगड़ाते हुए शूटिंग के लिए पहुंचे थे। चिंतित होकर उन्होंने जब उनसे पूछा कि क्या हुआ था तो रणबीर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “एक रेस थी, इंदिरा जी… मैं राहा के लिए दौड़ा। और मैं फर्स्ट आया।” अभिनेत्री ने बताया कि रेस के दौरान रणबीर की मसल भी खिंच गई, इसके बाद भी वह जीत गए। यही नहीं, दूसरे दिन वह शूटिंग पर भी पहुंचे, जैसे कुछ हुआ ही नहीं। इंदिरा कहती हैं- ‘रणबीर कुछ भी होने से पहले, एक पिता हैं।’

राहा को देखते ही चमक उठती हैं रणबीर की आंखें
इससे पहले रणबीर की बहन रिद्धिमा ने बताया था कि कैसे राहा को देखते ही रणबीर की आंखें खुशी से चमक उठती हैं। रिद्धिमा ने बॉम्बे टाइम्स के साथ बातचीत के दौरान भाई रणबीर के बारे में बात की थी और कहा था- ‘राहा को देखकर रणबीर की आंखें चमक उठती हैं। हो सकता है कि वह मेरे पिता या मेरी तरह एक्सप्रेसिव न हो, लेकिन जब वह कैमरे के सामने होता है और अब जब वह राहा के साथ होता है, तो वह सबसे अधिक एक्सप्रेसिव होता है। नहीं तो, वो अपने आप में ही रहता है।

वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड में रचा इतिहास, इस मामले में तोड़ा भारतीय कप्तान का रिकॉर्ड

इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई यूथ वनडे सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया। पांच मैचों की इस सीरीज में वह टॉप रन स्कोरर रहे।भारत की अंडर-19 टीम इस वक्त इंग्लैंड दौरे पर है। दोनों टीमों के बीच हाल ही में पांच मैचों की यूथ वनडे सीरीज खेली गई, जिसे टीम इंडिया ने 3-2 से अपने नाम किया। इस सीरीज में भारत के टॉप परफॉर्मर वैभव सूर्यवंशी रहे, जिन्होंने इन पांच मैचों में खूब रन बनाए। इस सीरीज में उन्होंने 71 के औसत और 174.01 के स्ट्राइक रेट से 355 रन बना दिए। इसके साथ ही वैभव ने एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने अंडर 19 यूथ ODI सीरीज में रन बनाने के मामले में शुभमन गिल को पीछे छोड़ दिया है।

वैभव सूर्यवंशी ने शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ा
अंडर-19 यूथ वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड टीम इंडिया के वैभव सूर्यवंशी के नाम जुड़ गया है। इससे पहले ये रिकॉर्ड शुभमन गिल के नाम था, उन्होंने साल 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में 351 रन बनाए थे। लिस्ट में तीसरे नंबर पर अंबाती रायुडू का नाम है, उन्होंने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में 291 रन बनाए थे। लिस्ट में चौथे नंबर पर फिर से शुभमन गिल हैं, उन्होंने 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ 278 रन बनाए थे। वहीं 244 रनों के साथ आदित्य श्रीकांत लिस्ट में पांचवें नंबर पर हैं।

यूथ वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज

355 वैभव सूर्यवंशी बनाम इंग्लैंड, 2025
351 शुभमन गिल बनाम इंग्लैंड, 2017
291 अंबाती रायडू बनाम इंग्लैंड, 2002
278 शुभमन गिल बनाम इंग्लैंड, 2017
244 आदित्य श्रीकांत बनाम इंग्लैंड, 2005
वैभव सूर्यवंशी ने 52 गेंदों में जड़ा था शतक
इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई यूथ वनडे सीरीज के चौथे मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 52 गेंदों में रिकॉर्ड तोड़ शतक लगाया था। यह यूथ वनडे में अभी तक का सबसे तेज शतक था। इसके साथ ही उन्होंने इस सीरीज में 20 गेंदों में अर्धशतक भी लगाया था। वह यूथ वनडे में दूसरा सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले वह आईपीएल 2025 में खेलते हुए नजर आए थे। वहां उन्होंने 7 मैचों की 7 पारियों में 206.55 के स्ट्राइक रेट से 255 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतकीय और एक अर्धशतकीय पारियां देखने को मिली। अब वैभव सूर्यवंशी की नजरें आगामी दो यूथ टेस्ट मैच पर टिकी हैं, जो 12 जुलाई से शुरू होगी।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह का बड़ा ऐलान, कहा- ‘किसानों के साथ धोखा हुआ, उन्हें राहत और मुआवजा मिलना चाहिए

कृषि मंत्री ने स्वीकार किया कि किसानों के साथ धोखा हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को राहत और मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि किसानों को न्याय दिलाना उनका कर्तव्य है।केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने स्वीकार किया है कि किसानों के साथ धोखा हुआ है। उन्होंने बताया कि कई किसानों ने सोयाबीन बोया था, लेकिन बीज अंकुरित नहीं हुए। किसानों के साथ धोखा हुआ है। इसके बाद उन्होंने कहा कि किसानों को राहत और मुआवजा मिलना चाहिए और अंत में उन्होंने किसानों को न्याय दिलाने की बात कही। शिवराज ने कहा कि वह पूरे मामले की जांच कराएंगे और अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रविवार (6 जुलाई) को शिवराज सिंह अपने गृह नगर विदिशा में थे। यहां उन्होंने किसानों के खेत देखे, जहां सोयाबीय बोया गया था, लेकिन सभी बीज अंकुरित नहीं हुए। इससे किसानों को नुकसान हुआ है।

शिवराज का बयान
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “कई किसानों ने सोयाबीन बोया था, लेकिन बीज अंकुरित नहीं हुए। आज किसानों ने मुझसे इस बारे में शिकायत की है। मैंने यहां बीज भी देखे हैं। कई बीज अंकुरित नहीं हुए हैं। किसानों के साथ धोखा हुआ है। हम इस मामले की जांच करेंगे। अगर हम इस मामले की जड़ तक पहुंचेंगे और अगर कोई दोषी पाया जाएगा तो दोषियों को सजा दी जाएगी। प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसानों को न्याय दिलाना हमारा कर्तव्य है।”

दोषी कंपनियों पर होगी कार्रवाई
शिवराज सिंह ने कहा कि क्षेत्र के सांसद और विधायक को साथ लेकर किसान उनके पास पहुंचे थे। किसानों ने बताया कि कई खेतों में सोयाबीन नहीं उगा है। इसके बाद शिवराज सिंह किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने कई खेतों में बोए हुए बीज भी निकालकर देखे, जिनमें अंकुरण नहीं हुआ था। मीडिया से बात करते समय ये बीज शिवराज सिंह के हाथ में थे। शिवराज ने कहा कि वह पूरे मामले की जांच कराएंगे कि ये बीज कहां से आए। किस कंपनी ने दिए या फिर किस सोसायटी से आए। इसके बाद अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ शिवराज ने कहा कि सरकार किसानों को राहत और मुआवजा दिलाएगी। हालांकि, इससे पहले जांच होगी और उसके आधार पर ही मुआवजे की राशि और समय तय किया जाएगा।

 

पीएम मोदी के सशक्त नेतृत्व और सेना के शौर्य के सम्मान में उमड़ा सोनीपत

भाजपा प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पूनिया और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा में हजारों लोगों ने लगाए भारत माता के नारे

भारतीय सेना ने विश्वस्तर पर भारत के गौरव को बढ़ाया : डा. सतीश पूनिया

ऑप्रेशन सिंदूर भारत की सुरक्षा और गौरव का प्रतीक : पंडित मोहन लाल बड़ौली

चंडीगढ़ , 15 मई। ‘‘ऑप्रेशन सिंदूर’’ की सफलता और भारतीय सेनाओं के शौर्य के सम्मान में गुरुवार को सोनीपत लोकसभा में तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस तिरंगा यात्रा में भाजपा प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पूनिया और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली के नेतृत्व में निकाली गई तिरंगा यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने जय हिंद, भारत माता की जय और प्रधानमंत्री मोदी जिंदाबाद के खूब नारे लगाए। यह तिरंगा यात्रा सोनीपत में सुभाष चौक से शुरू हुई जो गीता भवन चौक होते हुए अंबेडकर पार्क पहुंची। तिरंगा यात्रा में मंत्री, विधायक, भाजपा और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं, गणमान्य लोगों समेत पूर्व सैनिकों ने भाग लिया।
तिरंगा यात्रा के दौरान भाजपा प्रदेश प्रभारी डा. सतीश पूनिया ने भारत की सेना के पराक्रम को सलाम करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और भारतीय सेना के पराक्रम ने ‘ऑप्रेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादियों के हौसलों को पस्त किया है और विश्वस्तर पर भारत के गौरव को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का यह नया भारत है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सशक्त और मजबूत हुआ है। अब भारत किसी भी आतंकवादी हमले की निंदा नहीं करता, आतंकियों को सबक सिखाने की ताकत रखता है। आप्रेशन सिंदूर मोदी सरकार की मजबूत नीति और सेना के शौर्य का प्रतीक है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि देश की सुरक्षा और गौरव के प्रतीक “ऑप्रेशन सिंदूर” की सफलता के बाद देशभर में देशभक्ति की भावना चरम पर है। तिरंगा यात्रा के दौरान हजारों देशभक्त हाथों में तिरंगा लेकर देश की एकता, अखंडता और सैनिकों के शौर्य को नमन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ यात्रा नहीं, यह हमेशा अपने वीरों के साथ खड़े रहने का संकल्प है। आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की सेना के साथ खड़ा है।
श्री बड़ौली ने कहा कि ‘‘ऑप्रेशन सिंदूर’’ भारत की बहुत बड़ी उपलब्धि है। दुनिया ने देखा कि भारत की सेना ने पाकिस्तान के अंदर तक तगड़ी चोट मारी है। आतंकवाद के ठिकानों को ध्वस्त किया और पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर भी सटीक निशाना लगाया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के अदम्य साहस और पराक्रम की गौरव गाथा को तिरंगा यात्राओं के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। भारतीय सेना के शौर्य को नमन करते हुए श्री बड़ौली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया ने भारत की ताकत को देखा है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में निकाली जा रही तिरंगा यात्राएं देशवासियों में देश भक्ति की भावना को जागृत करेगी।
तिरंगा यात्रा में कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा, विधायक निखिल मदान, विधायक पवन खरखौदा, विधायक कृष्णा गहलावत, विधायक देवेंद्र कादयान, मेयर राजीव जैन, जिला प्रभारी सतीश नांदल, जिला अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, गोहाना के जिला अध्यक्ष विजेंद्र मलिक, मीडिया प्रभारी नीरज अत्रे समेत हजारों कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन के अलावा गणमान्य लोग शामिल हुए।

पश्चिमी परासी में दबंगों का कहर: दिलीप कुमार को लाठी-डंडों से पीटकर किया लहूलुहान, पैर तोड़ा, परिवार में दहशत का माहौल

सोनभद्र, उत्तर प्रदेश | दुद्धी तहसील के अंतर्गत पश्चिमी परासी गांव में दबंगई की हद पार हो गई। गांव निवासी दिलीप कुमार पुत्र वासुदेव वैश्य पर चार हमलावरों ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। लोहे की रॉड और डंडों से लैस हमलावरों ने पहले दिलीप के सिर पर वार किया, फिर उसके पैर को इस कदर पीटा कि वह टूट गया। खून से लथपथ दिलीप को नेहरू चिकित्सालय, सिंगरौली में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है।

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि यह हमला विनय कुमार पुत्र रामनरेश, राजेश कुमार पुत्र दादे राम वैसवर, शत्रुधन पुत्र झुरई और कृष्णा यादव पुत्र छून्नू यादव द्वारा एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया, जिससे उसे गांव से भगाया जा सके। बताया जा रहा है कि हमले की जड़ में एक पुराना मापी विवाद है।

दिलीप का परिवार इस हमले से बेहद दहशत में है। दबंगों की धमकियों के चलते वे पुलिस में शिकायत तक दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि एसपी सोनभद्र और अनपरा थाना को सूचना दी गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

यह घटना न केवल गांव में दहशत का माहौल पैदा कर रही है, बल्कि पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े करती है।

क्या है पूरा मामला

सिर पर वार कर तोड़ा पैर, दिलीप अस्पताल में जिंदगी से लड़ रहा – परासी गांव में दबंगों का कहर!

सोनभद्र : दुद्धी तहसील के पश्चिमी परासी गांव में दबंगों की दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। गांव के निवासी दिलीप कुमार पर चार लोगों ने मिलकर जानलेवा हमला किया। लोहे की रॉड, लाठी और डंडों से लैस हमलावरों ने पहले दिलीप के सिर पर वार किया, फिर पैर तोड़ दिया। पीड़ित इस समय नेहरू चिकित्सालय, सिंगरौली में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि हमला राजेश कुमार पुत्र दादे राम वैसवर, झुरी का बेटा शत्रुघ्न यादव और कृष्णा यादव ने मिलकर किया। हमला इतनी बेरहमी से किया गया कि पूरा परिवार दहशत में है। बताया जा रहा है कि यह हमला एक पुराने मापी विवाद को लेकर हुआ और पीड़ित को गांव से भगाने की साजिश के तहत अंजाम दिया गया।

पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से डर रहा परिवार
घटना के बाद से दिलीप का परिवार सदमे और भय में है। लगातार मिल रही धमकियों के चलते पुलिस थाने तक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि घटना की जानकारी एसपी सोनभद्र और थाना अनपरा को दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

क्या पुलिस प्रशासन जागेगा?
क्या पीड़ित को मिलेगा न्याय?
या फिर दबंगों की दहशत यूं ही कायम रहेगी?

प्रशासन पर सवाल
यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण इलाकों में किस तरह दबंगों की दहशत फैली हुई है। क्या प्रशासन जागेगा? क्या दिलीप को न्याय मिलेगा? या फिर दबंगों की यह दहशत यूं ही कायम रहेगी?

राष्ट्रीय खेलों में हरियाणा के धाकड़ पदक विजेताओं को सम्मानित करेगी प्रदेश की नायाब सरकार

21 मई को रोहतक में आयोजित किया जाएगा राज्य स्तरीय सम्मान समारोह

खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम जी ने बताया कि उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।

राष्ट्रीय खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने 153 पदक जीते, जिसमें 48 स्वर्ण, 47 रजत और 58 कांस्य पदक शामिल हैं।

रेवला खानपुर से निकलेगी भव्य शोभा यात्रा, पहलगांव हमले के शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 13 मई 2025 — देश और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित भाव से, रेवला खानपुर गाँव से एक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा न केवल पहलगांव हमले में शहीद हुए हिन्दू भाईयों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने का माध्यम बनेगी, बल्कि दादा नब्जू की समाधि की रक्षा और हिन्दू समाज की एकजुटता को सशक्त रूप से प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करेगी।

शोभा यात्रा की विशेषताएँ:

यह शोभा यात्रा गुरुवार, 15 मई 2025 को प्रातः 10 बजे रेवला खानपुर के रेखला गाँव से शुरू होकर नजफगढ़ हनुमान मंदिर तक निकाली जाएगी। पूरे मार्ग में जय माँ काली, जय श्री हनुमान और जय दादा नब्जू के जयकारों से वातावरण गूंजेगा। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, हाथों में धर्म ध्वजा लिए, एक साथ चलकर सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ाएंगे।

भंडारे का आयोजन:

यात्रा के उपरांत, श्रद्धालुओं के लिए शिव मंदिर, प्रेम नगर बस्ती (रेवला खानपुर) में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है, जो दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक चलेगा। इसमें सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में भोजन वितरित किया जाएगा।

आयोजन का उद्देश्य:

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू समाज को एक मंच पर लाना है ताकि समाज को जागरूक किया जा सके और एकजुट होकर हमारे धार्मिक स्थलों की रक्षा की जा सके। साथ ही, जम्मू-कश्मीर के पहलगांव हमले में वीरगति को प्राप्त हमारे भाईयों को याद कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जाएगी।

स्थानीय संवाददाता ई खबर मीडिया की रिपोर्ट

राज्यपालों की तरफ से भेजे गए विधेयकों पर तीन महीने के भीतर निर्णय लें राष्ट्रपति, SC ने पहली बार दिया निर्देश

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सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार कहा कि राष्ट्रपति को राज्यपालों द्वारा भेजे गए विधेयकों पर तीन महीने के भीतर निर्णय लेना चाहिए
नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार राष्ट्रपति को निर्देश देते हुए कहा है कि राज्यपालों द्वारा भेजे गए विधेयकों पर तीन महीने के भीतर निर्णय लेना चाहिए। शीर्ष न्यायालय का यह फैसला मंगलवार को तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा लंबित विधेयकों पर स्वीकृति न देने के फैसले को खारिज करते हुए आया। यह आदेश शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया।
राष्ट्रपति के पास “पॉकेट वीटो” नहीं हैः कोर्ट

तमिलनाडु मामले में फैसला सुनाते हुए जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की पीठ ने कहा कि अनुच्छेद 201 के तहत राष्ट्रपति द्वारा किए गए कार्यों का निर्वहन न्यायिक समीक्षा के लिए उत्तरदायी है। अनुच्छेद 201 के अनुसार, जब राज्यपाल द्वारा कोई विधेयक सुरक्षित रखा जाता है तो राष्ट्रपति यह घोषित करेगा कि या तो वह विधेयक पर अपनी सहमति देता है या फिर अपनी सहमति नहीं दे रहा। हालांकि, संविधान में कोई समय-सीमा प्रदान नहीं की गई है। सर्वोच्च न्यायालय ने रेखांकित किया कि राष्ट्रपति के पास “पॉकेट वीटो” नहीं है और उसे या तो सहमति देनी होती है या उसे रोकना होता है।

निर्धारित समय में किया जाना चाहिए शक्तियों का प्रयोग

कोर्ट ने कहा कि कानून की स्थिति यह है कि जहां किसी क़ानून के तहत किसी शक्ति के प्रयोग के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है, वहां भी इसे उचित समय के भीतर प्रयोग किया जाना चाहिए। अनुच्छेद 201 के तहत राष्ट्रपति द्वारा शक्तियों का प्रयोग कानून के इस सामान्य सिद्धांत से मुक्त नहीं कहा जा सकता है।

दो न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि तीन महीने की अवधि से अधिक देरी होने पर उचित कारण दर्ज किए जाने चाहिए और संबंधित राज्य को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा, “हम यह निर्धारित करते हैं कि राष्ट्रपति को राज्यपाल द्वारा विचार के लिए आरक्षित विधेयकों पर संदर्भ प्राप्त होने की तिथि से तीन महीने की अवधि के भीतर निर्णय लेना आवश्यक है। राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृति न देने को चुनौती दी जा सकती है।

निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई न होने पर कोर्ट जा सकते हैं राज्य

अदालत ने कहा कि समय-सीमा के भीतर कोई कार्रवाई न होने की स्थिति में पीड़ित राज्य अदालतों का दरवाजा खटखटा सकते हैं। यदि कोई विधेयक संवैधानिक वैधता के प्रश्नों के कारण आरक्षित है तो शीर्ष अदालत ने रेखांकित किया कि कार्यपालिका को अदालतों की भूमिका नहीं निभानी चाहिए। इसने कहा कि ऐसे प्रश्नों को अनुच्छेद 143 के तहत सर्वोच्च न्यायालय को भेजा जाना चाहिए।

डीएमके सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कही ये बात

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, “हमें यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि किसी विधेयक में विशुद्ध रूप से कानूनी मुद्दों से निपटने के दौरान कार्यपालिका के हाथ बंधे होते हैं और केवल संवैधानिक न्यायालयों के पास ही विधेयक की संवैधानिकता के संबंध में अध्ययन करने और सिफारिशें देने का विशेषाधिकार है। शीर्ष अदालत का यह आदेश तब आया जब उसने फैसला सुनाया कि तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने डीएमके सरकार द्वारा पारित 10 विधेयकों पर स्वीकृति नहीं दिया था। न्यायालय ने राज्यपालों के लिए विधेयकों पर कार्रवाई करने की समय-सीमा निर्धारित करते हुए कहा कि निष्क्रियता न्यायिक समीक्षा का विषय हो सकती है।