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अब दिल्ली तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन, 29 दिसंबर को PM मोदी करेंगे आनंद विहार स्टेशन का उद्घाटन

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नया साल शुरू होने से पहले मेरठ और दिल्लीवालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब मेरठ से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए सफर और भी सुगम हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को साहिबाबाद से आनंद विहार स्टेशन के बीच नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने आएंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को साहिबाबाद से आनंद विहार स्टेशन तक नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके मद्देनजर गाजियाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक इस कार्यक्रम की तैयारी के लिए गाजियाबाद पुलिस ने आठ थाना क्षेत्रों को ड्रोन रहित क्षेत्र घोषित किया है। प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोतवाली, मधुबन बापूधाम, नंदग्राम, लिंक रोड, साहिबाबाद, इंदिरापुरम, सिहानी गेट और कौशांबी थाना क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
BNS की धारा 163 लागू
पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (उपद्रव या खतरे की आशंका के तत्काल मामलों में आदेश जारी करने की शक्ति) भी लागू की है। कुमार ने कहा, ”पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हम जल्द ही कार्यक्रम के दौरान सुचारू आवाजाही के लिए मार्ग परिवर्तन योजना जारी करेंगे।”

अलग और अनूठी है हाई स्पीड रैपिड ट्रेन ‘नमो भारत’
बता दें कि नमो भारत ट्रेनें भारत की भविष्य की क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट प्रणाली का हिस्सा हैं, जो आधुनिक, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करती हैं। स्मार्ट टिकटिंग, आरामदायक सीटिंग और बेहतर सुरक्षा प्रणालियों जैसी उन्नत सुविधाओं से लैस इन ट्रेनों का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में यातायात की भीड़ और प्रदूषण को कम करते हुए एक सहज यात्रा अनुभव प्रदान करना है।

दिल्ली से मेरठ के बीच 82 किलोमीटर के रूट पर चलेगी ट्रेन
30,274 करोड़ रुपये की परियोजना का पूरा गलियारा 82 किलोमीटर लंबा होगा और दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से मेरठ के मोदीपुरम तक फैला होगा। मेल एक्सप्रेस ट्रेन में मेरठ और दिल्ली के बीच डेढ़ घंटे और लोकल ट्रेन में दो घंटे का समय लगता है, लेकिन आरआरटीएस में केवल 55-60 मिनट लगेंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट को जून 2025 में पूरा होने की उम्मीद है। बता दें कि इस परियोजना की आधारशिला पीएम मोदी ने 8 मार्च, 2019 को रखी थी।

20 अक्टूबर, 2023 को हुआ था पहले खंड का उद्घाटन
साहिबाबाद और दुहाई डिपो के बीच आरआरटीएस का पहला 17 किलोमीटर का प्राथमिकता वाले खंड का 20 अक्टूबर, 2023 को मोदी ने उद्घाटन किया था। वर्तमान में नमो भारत सेवाएं साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, दुहाई डिपो, मुरादनगर, मोदी नगर दक्षिण, मोदी नगर उत्तर और मेरठ दक्षिण सहित नौ स्टेशनों तक 42 किलोमीटर के गलियारे में संचालित होती हैं।

पीएम मोदी ने मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी, कहा- दलगत राजनीति से उठकर काम किया

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पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह नहीं रहे। 92 साल की उम्र में उनका दिल्ली एम्स में निधन हो गया। उन्हें उम्र संबंधी दिक्कतों की वजह से गुरुवार रात 8:06 बजे एम्स में भर्ती कराया गया था। रात 9:51 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मनमोहन सिंह प्रखर अर्थशास्त्री थे। 1991 में देश में शुरू किए गए आर्थिक उदारीकरण के वे शिल्पकार रहे। 2004 से 2014 तक वे प्रधानमंत्री रहे। उनके निधन से देशभर में शोक की लहर है।
पूरा गांधी परिवार मनमोहन सिंह के आवास पर मौजूद
सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास पर मौजूद हैं।
राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पीएम मोदी ने मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए अपने शोक संदेश में कहा कि ‘पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहा। एक अर्थशास्त्री के रूप में उन्होंने अलग-अलग स्तर पर भारत सरकार में सेवाएं दीं। उन्होंने रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में सेवाएं दीं। पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री रहे और देश में आर्थिक उदारीकरण की नींव रखी। जनता के प्रति, देश के विकास के प्रति उनका जो समर्पण था, उसे हमेशा बहुत सम्मान से देखा जाएगा। डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन ईमानदारी, सादगी का प्रतीक था। उनकी सौम्यता, बौद्धिकता उनके जीवन की पहचान रही। मुझे याद है, जब राज्यसभा में उनका कार्यकाल समाप्त हुआ था तो मैंने कहा था कि उनका बतौर सांसद समर्पण सीखने लायक है। उच्च पदों पर रहने के बावजूद अपनी जड़ों को कभी नहीं भूले। वे सभी के लिए सहज उपलब्ध रहे। जब मैं मुख्यमंत्री था तो मनमोहन सिंह के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुले मन से चर्चा होती थी। दिल्ली आने के बाद भी उनसे समय-समय पर चर्चा होती थी, वो चर्चाएं और मुलाकातें मुझे हमेशा याद रहेंगी। आज इस कठिन घड़ी में मैं उनके परिवार के प्रति संवेदानाएं अर्पित करता हूं।’
राजघाट के पास होगा अंतिम संस्कार
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर कल 28 दिसंबर को कांग्रेस मुख्यालय लाया जाएगा, जहां लोग उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। उनका अंतिम संस्कार राजघाट के पास किया जाएगा।
हमने अपने महान नेताओं में से एक को खो दिया’
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘यह देश और कांग्रेस के लिए बहुत दुखद दिन है। वह इस देश के प्रशासकों में से एक थे। जहां तक कांग्रेस का सवाल है, हमने अपने महान नेताओं में से एक को खो दिया। 10 साल तक प्रधानमंत्री और 5 साल तक वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सुशासन का प्रदर्शन किया। यह देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है।’ पूर्व पीएम के निधन के शोक में कर्नाटक विधानसभा का झंडा आधा झुका दिया गया है।
कांग्रेस मुख्यालय में अंतिम दर्शनों के लिए रखा जाएगा पार्थिव शरीर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मनमोहन सिंह की बेटी आज देर रात तक भारत पहुंच सकती हैं। पूर्व पीएम का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए कांग्रेस मुख्यालय में रखा जाएगा। आम लोग पूर्व पीएम के अंतिम दर्शन शनिवार सुबह 8 बजे से लेकर 10 बजे तपीएम मोदी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इस दौरान पूर्व पीएम के आवास पर मौजूद रहे। क कर सकेंगे। कांग्रेस मुख्यालय से ही मनमोहन सिंह के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाएगा।
मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने उनके आवास पहुंचे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, “अभी कार्यक्रम तय नहीं है। उनकी एक बेटी हैं जो बाहर से आ रही हैं वे दोपहर या शाम तक आएंगी। उसके बाद ही सब तय होगा। हो सकता है कि अंतिम संस्कार कल हों। शायद 9-10 बजे के बाद आम जनता को दर्शन की इजाजत मिलेगी।”
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, “यह देश और कांग्रेस के लिए बहुत दुखद दिन है… वह इस देश के प्रशासकों में से एक थे… जहां तक कांग्रेस का सवाल है, हमने अपने महान नेताओं में से एक को खो दिया… 10 साल तक प्रधानमंत्री और 5 साल तक वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सुशासन का प्रदर्शन किया… यह देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है..

आधार, मनरेगा और RTI… जानिए मनमोहन सिंह की उपलब्धियां, आर्थिक सलाहकार से पीएम बनने तक का सफर

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पूर्व पीएम मनमोहन सिंह साल 1982 से 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के नेतृत्व में साल 2005 में सूचना का अधिकार (RTI) कानून लागू किया गया। मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ही साल 2009 में आधार कार्ड योजना की शुरुआत हुई।
भारत में आर्थिक सुधार के निर्माता कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का गुरुवार (26 दिसंबर) को निधन हो गया। वे 92 साल के थे। मनमोहन सिंह को उनके घर पर बेहोशी आने पर दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। एम्स में हर तरह के इलाज के बाद भी मनमोहन सिंह को होश में नहीं लाया जा सका। गुरुवार रात डॉक्टरों की टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूर्व पीएम के निधन से शोक की लहर दौड़ गई।
देश को आर्थिक संकट से उबारा
योजना आयोग और रिजर्व बैंक से लेकर वित्त मंत्री के पद पर रहे डॉक्टर मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। उन्होंने देश को आर्थिक संकट से उबारने में अहम भूमिका निभाई थी। अर्थशास्त्री पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कैसे देश की दिशा और दशा बदल दी थी आइए जानते हैं…

देश के वित्तीय क्षेत्रों में अहम पदों पर रहे
मनमोहन सिंह को देश में आर्थिक सुधारों के प्रणेता के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा। उनका पूरा जीवन ही उपलब्धियों से भरा था। 10 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहने के अलावा वो करीब 4 दशक तक देश के वित्तीय क्षेत्रों में अहम पदों पर रहे। उन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था का उदारीकरण करने और उसमें नई जान फूंकने के लिए जाना जाता है। उनकी लिबरलाइजेशन, प्राइवेटाइजेशन और ग्लोबलाइजेशन की नीतियों से अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया। उनके कई कदम भारत के इतिहास में मील के पत्थर बन गए।

वैश्वीकरण और उदारीकरण की शुरुआत की
सबसे पहले उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि की बात करें तो उन्हें देश के उदारीकरण का जनक कहा जाता है। बतौर वित्त मंत्री उन्होंने 1991 में वैश्वीकरण और उदारीकरण की शुरुआत की थी। तब देश का दरवाजा खोल उन्होंने दुनिया के साथ अहम आर्थिक और व्यापारिक डील करने का सिलसिला शुरू करवाया।

साल 2005 में लाए RTI कानून
सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए मनमोहन सिंह के नेतृत्व में जून 2005 में सूचना का अधिकार (RTI) कानून लागू किया गया। इसी तरह सितंबर 2005 में उनकी सरकार ने रोजगार गारंटी योजना की शुरुआत की जिसमें प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिन के रोजगार की गारंटी देने का कानून बनाया गया, बाद में यही योजना मनरेगा के नाम से मशहूर हुई।

साल 2009 में आधार कार्ड योजना की शुरुआत
मनमोहन के कार्यकाल की अहम उपलब्धियों में जनवरी 2009 में पहचान के लिए आधार कार्ड योजना की शुरुआत को भी माना जाता है, जो आज देश के सभी नागरिकों की पहचान बन चुकी है। मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल के दौरान साल 2013 में देश के गरीब लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चत करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया।

साल 2008 में कृषि ऋण माफी योजना
डॉक्टर मनमोहन सिंह की सरकार ने Direct Benefit Transfer सिस्टम को लागू किया, जिसने गरीबों तक पहुंचने वाले पैसों से जुड़ी कई खामियों को दूर किया। साल 2008 में कृषि ऋण माफी योजना भी शुरू की गई, जिसमें कृषि संकट को दूर करने के लिए 60 हजार करोड़ रुपए के ऋण माफ कर किसानों को काफी राहत प्रदान की गई।

मनमोहन के कार्यकाल में अमेरिका से हुई न्यूक्लियर डील
आर्थिक क्षेत्र के इन बड़े कदमों के अलावा मनमोहन सिंह के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में मार्च 2006 में अमेरिका से हुई न्यूक्लियर डील सबसे प्रमुख है। इस समझौते के तहत, भारत को परमाणु आपूर्तिकर्त्ता समूह (NSG) से छूट मिली। इसके तहत भारत को अपने नागरिक और सैन्य परमाणु कार्यक्रमों को अलग करने की अनुमति मिली। इस डील के तहत भारत को उन देशों से यूरेनियम आयात करने की अनुमति मिली, जिनके पास ये तकनीक है।

1972 में बनाया गया था आर्थिक सलाहकार
मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री बनने से बहुत पहले ही भारत के लिए अहम भूमिका निभाने लगे थे। साल 1966 से 1969 के दौरान संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के लिए आर्थिक मामलों के अधिकारी के रूप में चुने गए थे। 1971 में वो वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार नियुक्त किए गए, फिर 1972 में उन्हें वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाया गया। इसके बाद वो योजना आयोग के उपाध्यक्ष बने।

1982 से 1985 तक रहे RBI के गवर्नर
मनमोहन सिंह साल 1982 से 1985 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार और UGC के भी अध्यक्ष रहे। 1991 में उन्होंने पहली बार संसद में कदम रखा, जब उन्हें असम से राज्यसभा का सदस्य चुना गया, फिर 1995, 2001, 2007 और 2013 में फिर राज्यसभा के सदस्य बने। 1998 से 2004 के बीच वो राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी रहे। 1991 से 1996 तक नरसिम्हा राव सरकार में मनमोहन सिंह वित्त मंत्री की अहम जिम्मेदारी निभाई।

दो बार संभाली देश के पीएम की कमान
22 मई 2004 का दिन भारतीय राजनीति और कांग्रेस पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ। डॉक्टर मनमोहन सिंह ने देश के 13वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 13 मई को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद के लिए डॉक्टर मनमोहन सिंह का नाम प्रस्तावित किया था। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। 22 मई 2004 को, पांच दिनों की चर्चाओं और सहमति के बाद डॉक्टर मनमोहन सिंह ने भारत के 13वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वह लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री रहे।

आम आदमी पार्टी का कांग्रेस को अल्टीमेटम, दिल्ली यूनिट के नेताओं पर कार्रवाई की मांग, जानिए क्यों भड़की AAP?

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कांग्रेस की दिल्ली ईकाई के नेताओं और AAP के बीच बयानबाजी काफी तेज हो गई है और इसका असर इंडिया अलायंस पर भी पड़ सकता है। इसका संकेत आज आम आदमी पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दे दिया।
दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है लेकिन आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की तकरार अब चरम पर जा पहुंची है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली कांग्रेस ईकाई के नेताओं पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप लगाया है। पार्टी ने कांग्रेस के दिल्ली यूनिट के नेताओं पर कार्रवाई की मांग की है और यह अल्टीमेटम दिया है कि अगर कार्रवाई नहीं की गई तो वे इंडिया अलायंस के नेताओं से बात करेंगे।
आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली की सीएम आतिशी और आप नेता संजय सिंह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वही करती है जो बीजेपी चाहती है। उन्होंने दिल्ली ईकाई के कांग्रेस नेताओं बीजेपी के बीच सांठगाठ का आरोप लगाया। सीएम अतिशी ने कहा कि अगर कांग्रेस की बीजेपी से सांठगांठ नहीं है तो अगले 24 घंटे में दिल्ली कांग्रेस के नेताओं पर कार्रवाई करे। आम आदमी पार्टी अब इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बात करेगी और कांग्रेस को गठबंधन से अलग करने पर विचार करेगी।
कांग्रेस के काम से बीजेपी को फायदा
संजय सिंह ने कहा-दिल्ली में कांग्रेस बीजेपी के पक्ष में खड़ी है। हर वो काम कर रही है जिससे बीजेपी को फायदा हुआ है। अजय माकन बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। कल इन्होंने सारी हदें पर कर दी। कहा अरविंद केजरीवाल एन्टी नेशनल है। ये किस प्रकार का बयान है। कल केजरीवाल के खिलाफ FIR दर्ज करवाया गया। अरविंद केजरीवाल वो शख्स है जो कांग्रेस के नेताओं के लिए प्रचार करते थे। हरियाणा में कांग्रेस की वजह से हमारा गठबंधन नहीं हुआ। उसके बाद भी हमने एक शब्द कांग्रेस के खिलाफ नहीं बोला। कांग्रेस के कैंडिडेट को देख लीजिए.. ऐसा लगता है कि वो आप को कमजोर करने के लिए ऐसे ऐसे उम्मीदवार को उतारा है। संदीप दीक्षित को अरविंद केजरीवाल के खिलाफ उतारा है। हमा कांग्रेस को 24 घंटे का समय देते हैं कि वो अजय माकन के खिलाफ करवाई करें, नहीं तो इंडिया गठबंधन के बाकी सहयोगी से बात करेंगे कि कांग्रेस को इंडिया गठबंधन से अलग किया जाए।

24 घंटे में करवाई करे कांग्रेस
सीएम आतिशी ने कहा कि कांग्रेस ने सारी हदें पार कर दी। अरविंद केजरीवाल को एन्टी नेशनल बताया। मेरे फिलाफ़ पुलिस से शिकायत की है। ऐसे सुनने में आया है कि संदीप दीक्षित को चुनाव लड़ने का पैसा बीजेपी की तरफ से आ रहा है। आतिशी ने अल्टीमेटम दिया कि अगर कांग्रेस अजय माकन के खिलाफ 24 घंटे में करवाई नहीं करती है तो इंडिया गठबंधन से कांग्रेस को अलग करने के लिए सहयोगी दलों से बात करेगी।

दरअसल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने बुधवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर “एंटी नेशनल” (राष्ट्र विरोधी) होने का आरोप लगाया और कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ लोकसभा चुनाव में गठबंधन करना उनकी पार्टी की एक भूल थी, जिसे सुधारना जरूरी है।

क्या कहा था अजय माकन ने?
आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा एक “श्वेत पत्र ” जारी किए जाने के मौके पर कांग्रेस के अजय माकन ने संवाददाताओं से यह भी कहा कि दिल्ली की दुर्दशा और यहां उनकी पार्टी की कमजोर होने की एक बड़ी वजह, कांग्रेस का 10 साल पहले केजरीवाल के नेतृत्व वाली पहली सरकार को समर्थन देना था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह उनके निजी विचार हैं। उन्होंने केजरीवाल की घोषणाओं का हवाला देते हुए कहा, “केजरीवाल को अगर एक शब्द में परिभाषित किया जा सकता है तो वह शब्द है “फर्जीवाल”। इस व्यक्ति की घोषणाएं सिर्फ फर्जीवाड़ा हैं, उसके अलावा और कुछ नहीं हैं।” माकन ने कहा कि अगर वह (केजरीवाल) इतने गंभीर हैं तो पंजाब में इन कामों को करके दिखाएं क्योंकि वहां तो कोई उपराज्यपाल भी नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि वह फर्जी वादे करके लोगों को क्यों गुमराह कर रहे हैं?

लोकसभा में गठबंधन करना भूल
माकन ने कहा, “हमारी पार्टी में सभी को अपने अपने विचार रखने की आजादी है। जहां तक केजरीवाल के बारे में मेरे विचार हैं तो आप (पत्रकार) लोगों से बेहतर कोई नहीं जानता। मेरा मानना है कि दिल्ली की आज जो दुर्दशा है और कांग्रेस इतनी कमजोर हुई है, तो इसकी वजह यह है कि 2014 में हमने उनका 40 दिनों के लिए समर्थन किया था। दिल्ली की दुर्दशा का एक सबसे बड़ा कारण यही है।” माकन ने कहा, ” मेरा मानना है कि दोबारा गठबंधन (लोकसभा चुनाव में) करके एक भूल हुई है और उसे सुधारना जरूरी है। मैं कभी भी इस बात का पक्षधर नहीं रहा हूं कि केजरीवाल जैसे व्यक्ति पर भरोसा किया जाए।”

उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल राजनीति में अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं तथा इनकी कोई विचारधारा और कोई सोच नहीं है। माकन ने दावा किया कि केजरीवाल सामान नागरिक संहिता, अनुच्छेद 370 और संशोधित नागरिकता कानून के मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी के रुख के साथ खड़े नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया, “वह “एंटी नेशनल” हैं, उनकी कोई विचारधारा नहीं है सिवाय अपनी निजी महत्वाकांक्षा के। ” पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, “केजरीवाल की पार्टी का जन्म लोकपाल और जन लोकपाल के लिए हुआ था। सरकार बनने के बाद तो वह कई बार धरने पर बैठे हैं । लेकिन क्या वह एक बार भी लोकपाल या जन लोकपाल के लिए धरने पर बैठे? वह जन लोकपाल कहां है ? अब तो उसकी चर्चा भी नहीं होती।”

केजरीवाल के खिलाफ थाने में दी शिकायत
वहीं बुधवार को दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस ने अरविंद केजरीवाल पर बुधवार को ”झूठी” योजनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और यहां संसद मार्ग थाने में एक शिकायत दी। दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने संसद मार्ग थाने में दी शिकायत में आग्रह किया कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धोखाधड़ी और लोगों को गुमराह करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की जाए।

मोहन यादव ने कांग्रेस और सपा को लपेटा, कहा- ‘जयराम रमेश को बुंदेलखंड की जनता मारेगी

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मोहन यादव ने कहा कि नदी परियोजनाओं से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के लोगों का फायदा होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी विकास को पसंद नहीं किया है।
केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अखिलेश यादव और जयराम रमेश समेत कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जयराम रमेश को बुंदेलखंड की जनता मारेगी। बुंदेलखंड की जनता के अंदर आक्रोश है और कांग्रेस को बुंदेलखंड की वास्तविकता का परिचय नहीं है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर चुटकी लेते हुए कहा कि अखिलेश जी ने हमारी तारीफ की है। उन्होंने कहा नदी जोड़ो नेताजी का सपना था। जयराम रमेश और मनमोहन सिंह की सरकार ने अटल जी की सरकार जाने के बाद नेताजी के सपने को तोड़ा था तो यह कीमत वो चुकाएंगे।
मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस का कभी भी डेवलपमेंट का एजेंडा नहीं रहा है। कांग्रेस ने लंबे समय तक बुंदेलखंड को दबाया है। मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, उन्होंने इस योजना को प्राथमिकता दी।

बुंदेलखंड में आठ दिन के अंदर दो बड़ी योजनाएं
मोहन यादव ने कहा “यह तो सबके सामने जाहिर है। सूखा मध्य प्रदेश यानी बुंदेलखंड में पड़ा है और बुंदेलखंड की धरती वह धरती है, जिसने देश के लिए सदैव बड़ी से बड़ी कुर्बानी दी है। लेकिन प्रकृति की मार के आगे बेबस रही है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 दिन के अंदर दो बड़ी-बड़ी परियोजना शुरू की। पार्वती काली सिंध चंबल योजना और सबसे बड़ी केन बेतवा योजना। यह नदी जोड़ो अभियान के तहत विश्व की पहली बड़ी योजना थी। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि यह दोनों परियोजनाएं मध्य प्रदेश से अपना नया अध्याय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद के बाद लिख रही हैं।

अखिलेश को दिया जवाब
अखिलेश यादव ने एक्स पोस्ट पर लिखा था “‘नदियों को जोड़ना, देश को जोड़ने का काम होता है’ इसी बड़ी सोच के साथ अपने नेताजी ने ‘देश में सबसे पहले दो राज्यों की नदियों को जोड़ने की परियोजना’ की संकल्पना की थी और मप्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री जी के साथ केन-बेतवा लिंकिंग प्राजेक्ट के एमओयू को हस्ताक्षरित कर के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी को प्रस्तुत किया था। इस परियोजना के पीछे सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी, पेय जल और विद्युत उत्पादन के साथ-साथ सूखाग्रस्त बुंदेलखंड के जल स्तर मे सुधार और इस क्षेत्र के चतुर्दिक विकास के लिए निवेश व पर्यटन के नये दरवाजे खोलकर आत्मनिर्भरता बढ़ाने और पलायन को रोकने का बड़ा नजरिया काम कर रहा था। अगर वर्तमान केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को सही प्राथमिकता दी होती तो नेताजी का ये महान कार्य और पहले ही शुरू होकर अब तक पूर्ण हो जाता।”

अखिलेश के जवाब में मोहन यादव ने कहा कि मैं मानकर चल रहा हूं अखिलेश जी ने हमारी तारीफ की है। उन्होंने कहा नदी जोड़ो नेताजी का सपना था। वह मैंने देखा है एक तरह से उन्हें नदी जोड़ो अभियान के लिए यह प्रश्न तो कांग्रेस से पूछना चाहिए था। जब जयराम और मनमोहन सिंह की सरकार ने अटल जी की सरकार जाने के बाद सपने को तोड़ा था तो यह कीमत वो चुकाएंगे। उन्होंने आगे कहा “जयराम रमेश हों या कांग्रेस हो इन्होंने सदैव बुंदेलखंड के साथ बुरा किया है। विकास कांग्रेस कभी पसंद नहीं करती। नदी जोड़ो आज भी वह लिख रहे हैं कि यह गलत है। बुंदेलखंड की जनता मारेगी, जनता को इतना आक्रोश है। यहां के लोगों से पूछो पीने का पानी नहीं होता है। नदी में पानी नहीं होता है तो पलायन करना पड़ता है, परेशानी आती है। जय राम रमेश को यहां की बुंदेलखंड की वास्तविकता का परिचय नहीं है, यह बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है।

कांग्रेस का कभी डेवलपमेंट का एजेंडा नहीं रहा
मैंने बोला ना कांग्रेस का कभी भी डेवलपमेंट का एजेंडा नहीं रहा है कांग्रेस ने लंबे समय तक क्षेत्र को दबाया है। मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, उन्होंने प्रायोरिटी पर इस योजना को आगे लिया है। उन्होंने दो राज्यों को प्रेरित किया। अब मध्य प्रदेश और राजस्थान, 8 दिन के अंदर दोनों का भूमि पूजन हो रहा है। कठिनाइयां बहुत थीं, लेकिन मोदी ने केंद्र से पैसा दिया।

मोहन यादव ने कहा “यह बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि हर चीज को चुनावी एंगल से देखेंगे तो गलत होगा। आज यहां पर इतिहास लिखा जा रहा है उसके वीडियो बच्चे देखेंगे। गंगा भागीरथ आए थे आज उनका परिवार कहां है किसी को नहीं मालूम, लेकिन गंगा जी से दुनिया में भारत की पहचान है। ऐसी कोई योजना होती है जिससे मनुष्य की पहचान बनती है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि बेतवा नदी जोड़ो योजना हो या पार्वती काली से चंबल योजना सब नरेंद्र मोदी जी के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार के खाते में आ रहे हैं।”

जानें क्या है हनुक्काह, प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली समकक्ष नेतन्याहू को दीं जिसकी शुभकामनाएं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू को हनुक्काह पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। यह यहूदियों को रोशनी पर्व होता है और पूरे आठ दिनों तक चलता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू को हनुक्काह के लिए बधाई दी है। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “ प्रधानमंत्री नेतन्याहू और दुनिया भर में हनुक्काह का पर्व मना रहे सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “ हनुक्काह की चमक हर किसी के जीवन को आशा, शांति और शक्ति से रोशन करे।” हनुक्काह यहूदी पर्व है जिसे रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है।
बता दें के हनुक्काह यहूदियों का विशेष त्योहार है, जो पूरे 8 दिनों तक चलता है। इसे यहूदियों का प्रकाश महोत्सव भी कहते हैं। हनुक्काह पर्व यहूदियों का सबसे बड़ा रोशनी पर्व है। यह येरूशलम में दूसरे मंदिर के निर्माण और यहूदियों के जीत के जश्न के रूप में मनाया जाता है। यह घटना 165 ई. पूर्व से जुड़ी है। इसकी शुरुआत किलेव महीने के 25वें दिन से होती है। यह 8 दिनों तक लगातार चलने वाला त्योहार है। आठों दिन गली-गली और शहर-शहर रोशनी से जगमग कर दिया जाता है। ठीक वैसे, जैसे भारत में दीवाली मानाई जाती है। भारतीय पर्व और संस्कृति से यहूदियों का यह पर्व काफी मिलता-जुलता है।

इंडिया अलायंस से बाहर होगी कांग्रेस? नाराज AAP के नेता गठबंधन के अन्य दलों से करेंगे बात

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दिल्ली में विधानसभा चुनाव की घोषणा में अब कुछ दिन ही बाकी रह गए हैं। इस बीच आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच तनातनी काफी बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक
जैसे-जैसे दिल्ली विधानसभा चुनाव का वक्त नजदीक आ रहा है आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। दिल्ली में दोनों पार्टियों के अलग अलग चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी कांग्रेस को इंडिया गठबंधन से बाहर करने में ही जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक आप इसके लिए गठबंधन में शामिल दूसरे दलों से बात करेगी।
दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज
दरअसल कांग्रेस ने कल ही आम आदमी पार्टी के खिलाफ चार्जशीट और व्हाइट पेपर जारी किया था। साथ ही यूथ कांग्रेस ने केजरीवाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। कांग्रेस नेताओं के इसी एक्शन से आप नाराज हैं।आप नेताओं को लग रहा है कि कांग्रेस दिल्ली में बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही है।

जनता को गुमराह करने का आरोप
बुधवार को दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस ने अरविंद केजरीवाल पर बुधवार को ”झूठी” योजनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और यहां संसद मार्ग थाने में एक शिकायत दी। दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने संसद मार्ग थाने में दी शिकायत में आग्रह किया कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के खिलाफ धोखाधड़ी और लोगों को गुमराह करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की जाए।

लाकड़ा ने कहा, “केजरीवाल अपनी झूठी और धोखाधड़ी वाली योजनाओं के माध्यम से दिल्ली के निवासियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। यह दिल्ली के लोगों के साथ धोखाधड़ी का स्पष्ट मामला है जो बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
चुनावों से पहले एक नया विवाद
बता दें कि दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को सार्वजनिक नोटिस जारी कर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की महिलाओं को 2,100 रुपये और बुजुर्गों को मुफ्त इलाज देने की योजनाओं से खुद को अलग कर लिया, जिससे विधानसभा चुनावों से पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दोनों विभागों ने लोगों को आगाह किया कि ‘‘अस्तित्वहीन’’ योजनाओं में पंजीकरण के नाम पर किसी से भी व्यक्तिगत जानकारी शेयर न करें और कहा कि किसी भी निजी व्यक्ति या राजनीतिक दल द्वारा इस तरह के फॉर्म भरवाना या जानकारी एकत्र किया जाना ‘‘धोखाधड़ी’’ है।

आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह देने के लिए बजट 2024-25 में महिला सम्मान योजना की घोषणा की थी। अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में वादा किया कि अगर ‘आम आदमी पार्टी’ सत्ता में वापस आती है तो यह राशि बढ़ाकर 2100 रुपये प्रति महिला की जाएगी। केजरीवाल द्वारा 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए ‘‘संजीवनी योजना’’ की घोषणा की गई है।

कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं’, अल्लू अर्जुन से मुलाकात के बाद CM रेवंत रेड्डी का पहला बयान आया सामने

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अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘पुष्पा 2’ के प्रीमियर के दौरान संध्या थिएटर में भगदड़ को लेकर उठे विवाद के बीच तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने CM रेवंत रेड्डी से मुलाकात की। इसके बाद अब रेवंत रेड्डी का इस मामले पर पहला बयान सामने आया है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और टॉलीवुड इंडस्ट्री के निर्देशकों, निर्माताओं और अभिनेताओं के बीच हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित तेलंगाना राज्य पुलिस कमांड और कंट्रोल सेंटर में 26 दिसंबर को बैठक हुई। संध्या थिएटर में हुई भगदड़ को लेकर चल रहे विवाद के बीच, सीएम रेड्डी ने टॉलीवुड अभिनेताओं को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कानून और व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आईसीसीसी में तेलंगाना के मुख्यमंत्री से मुलाकात करने फिल्म निर्माता सुरेश बेबी, केएल नारायण, दामोधर, बीवीएसएन प्रसाद, चिन्ना बाबू, सुधाकर रेड्डी, फिल्म निर्देशक कोर्तला शिवा, अनिल रविपुडी, के राघवेंद्र राव, प्रशांत वर्मा, नागार्जुन, शिव बालाजी और वेंकटेश पहुंचे थे।
टॉलीवुड दिग्गजों ने CM रेवंत रेड्डी से की मुलाकात
‘पुष्पा 2’ के प्रीमियर के दौरान संध्या थिएटर में भगदड़ होने के बाद से अल्लू अर्जुन चर्चा में बने हुए है। अब इस मामले पर बात करने के लिए अल्लू अर्जुन के अलावा कई दिग्गजों ने CM रेवंत से मुलाकात की। टॉलीवुड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तेलंगाना फिल्म विकास निगम (एफडीसी) के अध्यक्ष दिल राजू कर रहे हैं। वहीं इस दौरान नागार्जुन, वरुण तेज, साई धर्म तेज, कल्याण राम, शिव बालाजी, अदावी शेष और नितिन जैसे स्टार्स भी मौजूद रहे हैं। इस खास बैठक में कोराताला शिवा, अनिल रविपुडी, साई राजेश सहित निर्देशक और सुरेश बाबू, दामोधर, अल्लू अरविंद, बीवीएसएन प्रसाद, चिन्ना बाबू जैसे निर्माता भी शामिल हुए।
संध्या थिएटर भगदड़ मामले में CM रेवंत का बयान आया सामने
सीएम रेवंत रेड्डी ने बैठक में साफ कर दिया है कि बेनिफिट शोज की अनुमति नहीं मिलेगी। वहीं बाउंसर्स को लेकर सख्ती बरती जाएगी। फैंस को नियंत्रित करना स्टार्स की जिम्मेदारी होती है। फिल्म इंडस्ट्री को ड्रग्स के खिलाफ प्रचार करना होगा। वहीं चंद्र बाबू नायडू के समय जैसे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हुआ था। वैसे ही इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का होस्ट किया जाना चाहिए। इस पर फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ दिग्गज लोगों ने कहा कि पहले दिन के शोज और बेनिफिट शोज से ही सबसे ज्यादा फायदा फिल्म को मिलता है।

विराट कोहली ने ऐसा क्या किया कि भड़क गया ऑस्ट्रेलियाई खेमा, पोंटिंग से लेकर स्टार्क की पत्नी तक बौखलाईं

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विराट कोहली और सैम कोंस्टास के बीच हुए विवाद पर ऑस्ट्रेलियाई खेमा पूरी तरह से निराश नजर आ रहा है। कोंस्टास ने इस मुकाबले में 60 रनों की पारी खेली है।
भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर है। जहां टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही है। इस सीरीज का चौथा मुकाबला मेलबर्न में खेला जा रहा है। जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी और उन्होंने काफी शानदार शुरुआत की है। ऑस्ट्रेलिया की शानदार शुरुआत के पीछे डेब्यूटेंट सैम कोंस्टास का योगदान काफी अहम रहा है। इस मुकाबले में उन्होंने टीम इंडिया के गेंदबाजों को काफी ज्यादा परेशान किया। इसी बीच सैम कोंस्टास और विराट कोहली आपस में टकरा गए। जिसके बाद दोनों खिलाड़ी आपस में बहस करते भी नजर आए। इस पूरे मामले पर ऑस्ट्रेलियाई खेमा विराट कोहली से नाराज दिखा। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर अपनी राय भी रखी है।
रिकी पोंटिंग ने कही ये बात
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी रिकी पोंटिंग ने विराट कोहली पर सैम कोंस्टास के साथ जानबूझकर टकराव भड़काने का आरोप लगाया है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान चैनल 7 के लिए ऑन एयर थे, जब उन्होंने कोहली पर 19 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के साथ जानबूझकर टकराने का आरोप लगाया। पोंटिंग ने ऑन एयर कहा कि हम कोंस्टास और विराट के बीच हुए टकराव का फिर से रिप्ले देख रहे हैं। और देखिए विराट कहां चल रहा है। विराट ने अपने दाईं ओर घुमे और उस टकराव को भड़काया। मेरे मन में इस बारे में कोई संदेह नहीं है।

एलिसा हीली का बड़ा बयान
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार की पत्नी और ऑस्ट्रेलिया महिला टीम की खिलाड़ी एलिसा हीली ने इस मुद्दे पर कहा कि यह एक मुश्किल काम है। शायद किसी और चीज से ज्यादा निराशाजनक यह है कि आपका अनुभवी खिलाड़ी, जो देश के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक है, वह स्लेज करने के लिए विपक्षी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी को चुनने की कोशिश कर रहा है। यह वास्तव में आपकी टीम के लिए सबसे बढ़िया लय सेट नहीं करता है। लेकिन अगर भारतीय टीम इस तरह से खेलना चाहती है, तो ऐसा ही हो। लेकिन इससे कोंस्टास जरा भी विचलित नहीं हुए।

दोनों टीमों की प्लेइंग 11

ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन: उस्मान ख्वाजा, सैम कोंस्टास, मार्नश लाबुशेन, स्टीवन स्मिथ, ट्रेविस हेड, मिचेल मार्श, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन , स्कॉट बोलैंड

भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल , विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा , नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप।

गाड़ियां खरीदने के मामले में छत्तीसगढ़ बना No.1, यूपी और महाराष्ट्र समेत 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़ा पीछे

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छत्तीसगढ़ में इस साल गाड़ियों की बिक्री में दर्ज की गई धमाकेदार बढ़ोतरी के पीछे राज्य में लागू की गईं कल्याणकारी योजनाओं की सबसे बड़ी भूमिका है, जो सीधे तौर पर आम जनता की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं।
गाड़ियां खरीदने के मामले में भारत के एक राज्य ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पीछे छोड़ दिया है। जी हां, छत्तीसगढ़ ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में देश के 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच 18.57% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। इस साल जनवरी से नवंबर तक कुल 11 महीनों में राज्य में 6.69 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री हुई है, जो राज्य के लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।
गाड़ियों की बिक्री बढ़ाने में कल्याणकारी योजनाओं ने निभाई सबसे बड़ी भूमिका
छत्तीसगढ़ में इस साल गाड़ियों की बिक्री में दर्ज की गई धमाकेदार बढ़ोतरी के पीछे राज्य में लागू की गईं कल्याणकारी योजनाओं की सबसे बड़ी भूमिका है, जो सीधे तौर पर आम जनता की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से विभिन्न हितग्राहियों को आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन प्रदान किया गया है, जिससे उनकी खरीदने की शक्ति में बढ़ोतरी हुई है।

छत्तीसगढ़ ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को भी छोड़ा पीछे
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, अलग-अलग पेंशन योजनाएं और कौशल विकास जैसे कार्यक्रमों ने राज्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई हैं। इन योजनाओं का असर न सिर्फ जीवन का स्तर सुधारने में हुआ है, बल्कि बाजार की गतिविधियों में भी तेजी आई है। छत्तीसगढ़ के लिए ये वाकई में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है क्योंकि इस राज्य ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।

नवंबर 2024 में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में Wagon R टॉप पर
बताते चलें कि इस साल नवंबर में भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में मारुति सुजुकी की Wagon R सबसे ऊपर रही। नवंबर में Wagon R की 16,567 यूनिट्स की बिक्री हुई। इस लिस्ट में 15,311 यूनिट्स के साथ मारुति स्विफ्ट दूसरे, 14,916 यूनिट्स के साथ टाटा नेक्सॉन तीसरे, 14,383 यूनिट्स के साथ टाटा पंच चौथे और 13,393 यूनिट्स के साथ मारुति ब्रेजा 5वें स्थान पर रही।