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IND vs AUS: रविचंद्रन अश्विन के रिटायरमेंट का फैसला सुन चौंक गए थे जडेजा, बताया मुझे नहीं था इसका अंदाजा

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रविचंद्रन अश्विन के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के अचानक फैसले को सुनकर सभी फैंस जहां हैरान रह गए थे तो वहीं उनके साथ लंबे समय तक खेलने वाले रवींद्र जडेजा ने भी अब इस बात का खुलासा किया है कि उन्हें भी सिर्फ 5 मिनट पहले अश्विन के इस फैसले के बारे में जानकारी हुई थी।
रविचंद्रन अश्विन ने जब गाबा टेस्ट मैच के खत्म होने के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से अपने संन्यास का ऐलान किया था तो फैंस सहित काफी सारे पूर्व खिलाड़ियों ने इसपर अपनी हैरानी व्यक्त की थी। वहीं अब उनके साथ लंबे समय तक खेलने वाले स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी रवींद्र जडेजा का भी पहला रिएक्शन सामने आया है जिसमें उन्होंने इस बात का खुलासा किया है कि उन्हें भी अश्विन के रिटायरमेंट लेने के फैसले के बारे में बिल्कुल भी नहीं पता था और सिर्फ 5 मिनट पहले उन्हें ये जानकारी मिली।
मैं पूरे दिन उनके साथ था लेकिन इसका बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था
रवींद्र जडेजा ने मेलबर्न में खेले जाने वाले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के चौथे मुकाबले से पहले वहां पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 21 दिसंबर को दिए अपने बयान में बताया कि मैं अश्विन के साथ पूरे दिन था लेकिन उन्हें उनके रिटायरमेंट की खबर बिल्कुल आखिरी समय पर मिली वह भी प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक 5 मिनट पहले, ये मेरे लिए काफी चौंकाने वाला जरूर था। हम सभी जानते हैं अश्विन का दिमाग किस तरह से काम करता है। वह मेरे लिए मैदान पर एक मेंटर के तौर पर काम करते थे। हमने कई सालों तक साथ खेला है। हम मैदान पर लगातार एक-दूसरे को जरूरी सलाह देते रहते थे कि किस तरह हालात को देखते हुए गेंदबाजी करनी होगी और बल्लेबाज क्या करने की सोच रहा है।

मैं उन्हें काफी मिस करूंगा
जडेजा ने अपने बयान में आगे कहा कि मैं मैदान पर अश्विन को काफी मिस करूंगा। हम उम्मीद कर सकते हैं कि हमें उनसे बेहतर ऑलराउंडर बल्लेबाज और गेंदबाज मिलेगा। ऐसा नहीं है उन्हें कोई खिलाड़ी रिप्लेस नहीं कर सकता है, लेकिन उसके लिए हमें प्रयास करना होगा। भारत में आपको एक से एक बेहतरीन टैलेंट जरूर मिलेंगे और ऐसा नहीं है कि कोई किसी को रिप्लेस नहीं कर सकता है। अब हमें इससे आगे बढ़ना होगा और किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना होगा जो इसे पूरी तरह से भुना सके।

उज्जैन में ‘गायब’ हो रही कुंभ की जमीन! BJP विधायक बोले- अब कहां लगेगा सिंहस्थ, टेंशन में आया प्रशासन

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उज्जैनः मध्य प्रदेश के उज्जैन से बड़ी खबर सामने आई है. यहां हर 12 साल में लगने वाले कुंभ यानी सिंहस्थ मेले की जमीन को लेकर गड़बड़ियां सामने आई हैं. कुंभ मेले वाली जमीन कर अवैध कब्जा बढ़ता जा रहा है. खुद बीजेपी विधायक ने बढ़ते अतिक्रमण को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ कहां लगेगा. साथ ही कांग्रेस नेता ने भी अतिक्रमण होने की बात कही है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरा मामला…

बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने कहा सरकारी आती जाती रहती हैं, लेकिन सिंहस्थ कई हजारों साल से लगातार आयोजित किया जा रहा है. ऐसे में हिंदुओं की आस्था के केंद्र सिंहस्थ को लेकर भी लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं. सिंहस्थ क्षिप्रा नदी के किनारे आयोजित किया जाता है. उसके आसपास की जमीनों पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है. उन्हें खुर्द बुर्द किया जा रहा है. ऐसे में सरकार को उसे तरफ ध्यान देना चाहिए, सरकार को जांच करानी चाहिए कि आखिर कौन वह लोग हैं जो सिंहस्थ की जमीन पर लगातार अतिक्रमण कर रहे हैं.
कांग्रेस की विधायक राम सिया भारती का कहना है कि यदि हम सवाल उठाते हैं तो सत्ता पक्ष कहता है कि कांग्रेस आरोप लगा रही है. लेकिन जब उनके ही विधायक अगर सिंहस्थ की जमीन में हेरा फेरी का आरोप लगा रहे हैं तो मामला बेहद गंभीर है. सिंहस्थ लाखों करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और यदि उसकी जमीन में गड़बड़ी की जाएगी तो आने वाले समय में सिंहस्थ कहां लगेगा? इसको लेकर सवाल खड़ा होता है, ऐसे में सरकार को इस मामले में गंभीरता से ध्यान देना चाहिए ताकि हिंदुओं की आस्था आहत न हो.
गौरतलब है कि अक्टूबर महीने में भी सिंहस्थ की भूमि पर किए जा रहे अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. जिसमें मदीना कॉलोनी में सिंहस्थ भूमि पर अवैध कब्जे को हटाया गया था. शहर के जूना सोमवारिया स्थित मदीना कॉलोनी में प्रशासन ने करीब 80 मकान और 10 गोदामों को हटाया था. इस कार्रवाई में सिंहस्थ मेले के लिए आरक्षित करीब 3 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण को हटाया गया था. बता दें कि, साल 2028 में उज्जैन की क्षिप्रा नदी के किनारे सिंहस्थ आयोजित होना है. करोड़ों हिंदू भक्त और संत सिंहस्थ स्नान के लिए उज्जैन पहुंचते हैं.

दिल्ली में AAP को लगा झटका, पूर्व विधायक सुखबीर सिंह दलाल बीजेपी में शामिल

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डीएसजीएमसी सदस्य सरदार बलबीर सिंह दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए।आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक सुखबीर सिंह दलाल ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। वहीं, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य सरदार बलबीर सिंह भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बलबीर को सदस्यता ग्रहण कराई। जानकारी के अनुसार, सरदार बलबीर सिंह लंबे समय से डीएसजीएमसी से जुड़े रहे हैं।
सुखबीर सिंह दलाल साल 2015 से 2020 तक दिल्ली देहात के विधायक रहे। पिछले चुनाव में दलाल का टिकट कट गया था। इस बार भी पार्टी ने उन्हें वहां से अपना उम्मीदवार नहीं बनाया। बीजेपी में शामिल होने के बाद सुखबीर सिंह दलाल ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा।

आम आदमी पार्टी ने महरौली से उम्मीदवार बदला, नरेश यादव की जगह इस नेता को मिला टिकट

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नरेश यादव पर कुरान बेअदबी के आरोप लगे है और मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में उनका विरोध हो रहा था। इसके बाद उन्होंने खुद चुनाव न लड़ने का फैसला किया। उनकी जगह महेंद्र चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए आम आदमी पार्टी ने महरौली से अपना उम्मीदवार बदल दिया है। नरेश यादव की जगह महेंद्र चौधरी को इस सीट से नया उम्मीदवार बनाया गया है। नरेश यादव पर कुरान बेअदबी के आरोप लगे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके जानकारी दी थी कि वो इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके बाद महेंद्र चौधरी को इस सीट से टिकट दिया गया है। आम आदमी पार्टी सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है।
नरेश यादव महरौली से मौजूदा विधायक भी हैं। पार्टी ने एक बार फिर उनके ऊपर भरोसा जताया था, लेकिन विवादों में फंसने के बाद उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।

नरेश यादव ने क्या लिखा था?
नरेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”आज से बारह साल पहले आदरणीय अरविंद केजरीवाल जी की ईमानदारी की राजनीति से प्रेरित होकर मैं आम आदमी पार्टी में आया था। इस पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। आज अरविंद जी से मिलकर मैंने उनको बताया की जब तक कोर्ट से मैं बा-इज्जत बरी नहीं हो जाता, तब तक मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा। मैं पूरी तरह से निर्दोष हूं और मुझ पर लगाए गए इल्जाम राजनीति से प्रेरित और झूठे हैं। इसलिए मैंने उनसे गुजारिश की है कि मुझे चुनाव लड़ने से मुक्त कर दें। महरौली के लोगों की सेवा करता रहूंगा और एक आम कार्यकर्ता की तरह जी जान लगाकर केजरीवाल जी को फिर से सीएम बनाऊंगा। जय हिन्द। भारत माता की जय।
आम आदमी पार्टी की चार लिस्ट जारी
आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में 11 नाम थे। वहीं, दूसरी लिस्ट में 20 नाम थे। तीसरी लिस्ट में सिर्फ एक नाम था और चौथी लिस्ट में 38 नाम थे। पार्टी ने दूसरी लिस्ट में जिन 20 नामों का ऐलान किया था, उनमें से 17 नए चेहरे थे। वहीं, चौथी लिस्ट में दो नए चेहरे थे। इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी एंटी इनकंबेंसी से निपटने की भी तैयारी कर चुकी है। आम आदमी पार्टी ने मनीष सिसोदिया की सीट बदल दी है। अब तक वह पटपड़गंज विधानसभा से चुनाव लड़ते थे और जीत भी हासिल कर रहे थे, लेकिन इस बार वह जंगपुरा से चुनाव लड़ रहे हैं। पटपड़गंज सीट से सिसोदिया की जगह यूट्यूबर और शिक्षक अवध ओझा को टिकट दिया गया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव अगले साल फरवरी के महीने में हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने अब तक चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया है।

मध्य प्रदेश में सरकार का ऐतिहासिक कदम, जनविश्वास विधेयक-2024 से पारदर्शिता और सुशासन की नई शुरुआत

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन विश्वास विधेयक-2024 पेश किया, जिसका उद्देश्य जनता और उद्यमियों के लिए जीवन और व्यवसाय को आसान बनाना है।
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक-2024 पेश किया है। इस विधेयक का उद्देश्य आम जनता और उद्यमियों के लिए जीवन और व्यवसाय को आसान बनाना है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि न्याय की प्रक्रिया इतनी सरल हों कि आम नागरिक और व्यापारी बिना किसी परेशानी के अपने काम कर सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस विधेयक को एक नई सोच के साथ आगे बढ़ाया है। उनका मानना है कि इससे न केवल शासन में पारदर्शिता आएगी, बल्कि मध्यप्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसरों में भी तेजी से बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के जरिए राज्य में विकास और सुशासन के नए अध्याय की शुरुआत होगी।
शासन और विकास का नया अध्याय लिखेगा विधेयक’
केंद्र सरकार के जन विश्वास अधिनियम 2023 से यह विधेयक प्रेरित है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर 42 केंद्रीय अधिनियमों में 183 प्रावधानों को अपराध-मुक्त किया। इसने छोटे अपराधों को गैर-अपराधीकरण करते हुए, दंड प्रणाली को तर्कसंगत बनाया और नागरिकों व उद्यमियों के लिए नियामकीय बाधाओं को दूर किया। मुख्यमंत्री ने इस विधेयक को राज्य की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग रैंकिंग को और मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक मध्य प्रदेश में शासन और विकास का नया अध्याय लिखेगा, जिससे निवेश बढ़ेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

युवाओं और महिलाओं के स्टार्ट-अप में रिकॉर्ड वृद्धि
सरकार ने विधेयक में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। अब छोटे अपराधों के लिए जेल भेजने की अपेक्षा जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। पुराने और जटिल कानूनों को हटाकर, कानूनी ढांचे को समय के अनुसार अपडेट किया गया है। इससे आम जनता और उद्यमियों को यह विश्वास होगा कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनके काम को आसान बनाना चाहती है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में कई सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। सरकार ने 920 पुराने और अतार्किक हो चुके कानूनों को खत्म किया है, जिससे कानूनी प्रक्रिया सरल और तेज हुई है। स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे युवाओं और महिलाओं के स्टार्ट-अप में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
जनता और सरकार के बीच भरोसे का एक मजबूत पुल’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि यह विधेयक न केवल एक कानूनी बदलाव है, बल्कि जनता और सरकार के बीच भरोसे का एक मजबूत पुल है। जब कानून सरल होंगे और अनुपालन में कठिनाई नहीं होगी, तो निवेश भी बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह पहल मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है। सरकार का यह प्रयास राज्य में शासन और विकास का एक नया मॉडल पेश करेगा, जिससे हर वर्ग को लाभ होगा।

पहले पंखा आएगा, फिर बिजली आएगी’, Adani Group का यह ऐड वीडियो हो रहा वायरल, जानिए क्या है मैसेज

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अडानी ग्रुप की रिन्यूएबल कंपनी अडानी ग्रीन ने साल 2030 तक 50 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी डेवलप करने का टार्गेट रखा है।
पहले पंखा आएगा, फिर बिजली आएगी.. अडानी ग्रुप का यह विज्ञापन काफी वायरल हो रहा है। भारत के दूसरे सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी की अगुआई वाले इस ग्रुप ने ‘हम करके दिखाते हैं’ कैंपेन लॉन्च किया है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए ऐड कैंपेन शुरू किया गया है। इसकी टैगलाइन ‘पहले पंखा आएगा, फिर बिजली आएगी’ है। गौतम अडानी ने खुद इस ऐड वीडियो को शेयर किया है। अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस वीडियो के साथ लिखा, ‘हम जो वादे करते हैं, उन्हें पूरा करके दिखाते हैं। ये वादे सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में नहीं हैं, बल्कि आशा, प्रगति और एक उज्जवल भविष्य के बार में हैं। हम करके दिखाते हैं।’
खूब पसंद किया जा रहा ऐड वीडियो
अडानी ग्रुप के इस ऐड वीडियो को काफी पसंद किया जा रहा है। इस वीडियो में एक दूर-दराज के एक गांव को दिखाया गया है, जहां बिजली नहीं है। एक बच्चा अपने पापा से पूछता है कि बिजली कब आएगी। इस पर उसके पापा कहते हैं कि पहले पंखा आएगा फिर बिजली आएगी। जब बच्चा अपने स्कूल और दोस्तों में यह बात बताता है तो सब मजाक उड़ाते हैं। फिर एक दिन गांव में पवन चक्की आती है, एक बड़ा सा पखा.. और इससे गांव में बिजली की सप्लाई होती है। अडानी ग्रुप ने इस वीडियो के अंत में कहा कि वे पर्यावरण से बिजली बनाने के साथ लोगों के जीवन में खुशियां भी बांटते हैं।
50 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी का टार्गेट
अडानी ग्रुप की रिन्यूएबल कंपनी अडानी ग्रीन ने साल 2030 तक 50 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी डेवलप करने का टार्गेट रखा है। कंपनी गुजरात के खावड़ा में ग्रीन एनर्जी पार्क भी डेवलप कर रही है। 538 वर्ग किलोमीटर में फैला यह प्रोजेक्ट पेरिस शहर से 5 गुना ज्यादा बड़ा है। इस प्लांट की कैपेसिटी 30 गीगावाट की है। इसे 2029 तक विकसित किया जाना है। हाल ही में यहां 250 मेगावाट कैपेसिटी की पहली पवन ऊर्जा का ऑपरेशन शुरू किया गया है।

Year Ender 2024: शूटिंग से लेकर हॉकी, चेस सहित इन खेलों में प्लेयर्स ने बढ़ाया देश का मान

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क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भी देश के खिलाड़ियों ने अपना परचम लहराने का काम किया है। इस साल हुए ओलंपिक में भारतीय एथलीटों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद सभी को थी जिसमें थोड़ी निराशा भी हुई लेकिन शूटिंग के इवेंट में पहले से बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला वहीं हॉकी में टीम इंडिया ब्रॉन्ज मेडल जीतने में देश के लिए साल 2024 खेलों में काफी बेहतरीन माना जा सकता है, जिसमें एक तरफ जहां क्रिकेट मैदान पर टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप जीतने में कामयाब रही तो अन्य खेलों में भी भारतीय प्लेयर्स और टीम का कमाल प्रदर्शन देखने को मिला। इस साल पेरिस में ओलंपिक गेम्स का भी आयोजन हुआ था, जिसमें सभी फैंस को पहले के मुकाबले अधिक मेडल की उम्मीद थी, लेकिन उसमें थोड़ा निराश जरूर होना पड़ा इसके बावजूद भी कुछ खेलों में देश मेडल जीतने में कामयाब रहा जिनकी उम्मीद काफी कम की गई थी। इसमें शूटिंग पहले नंबर पर आएगा जिसमें मनु भाकर ने एक नहीं बल्कि 2 मेडल अपने नाम किए थे, वहीं जैवलिन थ्रो इवेंट में नीरज चोपड़ा इस बार गोल्ड जीतने में तो कामयाब नहीं हो सके लेकिन सिल्वर मेडल को जरूर अपने नाम किया। ऐसे में हम आपको साल 2024 में क्रिकेट छोड़ अन्य खेलों में कैसा प्रदर्शन रहा उसके बारे में बताने जा रहे हैं।
हॉकी में जीता ब्रॉन्ज मेडल
इस बार भारतीय हॉकी टीम का भी ओलंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला जिसमें भले ही वह गोल्ड मेडल मैच में पहुंचने में कामयाब नहीं हो सके लेकिन इसके बावजूद ब्रॉन्ज मेडल जरूर अपने नाम किया, जिससे ओलंपिक में फिर से फैंस को भारतीय हॉकी का जादू देखने को मिला। भारतीय हॉकी टीम ने पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में स्पेन की टीम को 2-1 से मात देने के साथ पदक अपने नाम किया। इस मुकाबले के बाद भारतीय हॉकी इतिहास के सबसे सफल गोलकीपर में से एक पीआर श्रीजेश ने इस खेल को अलविदा भी कह दिया था।

चेस में डी गुकेश ने बनाया अपना दबदबा
चेस का नाम सुनते ही सभी भारतीय फैंस के मन में सबसे पहले विश्वनाथन आनंद का नाम आता है, लेकिन साल 2024 में डी गुकेश का चेस में दबदबा देखने को मिला और वह इस खेल में देश के उभरते हुए सितारे बन गए। गुकेश ने चीन के डिंग लिरेन को हराकर वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वह सिर्फ 18 साल के हैं। गुकेश ने डिंग लिरेन को 14वीं और अंतिम बाजी में हराया और वर्ल्ड चैंपियन बने।

रेसलिंग अमन सहरावत ने रचा इतिहास
रेसलिंग में हमेशा भारत का दबदबा देखने को मिला है, लेकिन इस बार ओलंपिक में रेसलर्स उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सके। हालांकि 21 साल के अमन सहरावत ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ इतिहास रचने में जरूर कामयाब हुए। अमन ने पुरुषों के 57 किग्रा कैटेगिरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता जिसमें वह देश के सबसे कम उम्र के ओलंपिक पदक विजेता भी बन गए।

दिल्लीवाले पढ़ लें एडवाइजरी, अगले कुछ महीनों तक कालिंदी कुंज में ट्रैफिक देगा टेंशन; इन रास्तों का करें इस्तेमाल

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कालिंदी कुंज के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के आगरा कैनाल रोड पर एक पुल का निर्माण हो रहा है। इसकी वजह से कालिंदी कुंज के पास से गुजरना वाले वाहनों को रोजाना जाम से दो-चार होना पड़ रहा है। इसी के चलते दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को एडवाइजरी जारी की है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के कारण कालिंदी कुंज ‘जंक्शन’ (मार्ग संधि स्थल) पर ट्रैफिक प्रभावित होगा। दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें कहा गया है कि आगरा कैनाल रोड पर एक पुल समेत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अगले कुछ महीनों तक जारी रहने की उम्मीद है। एडवाइजरी में कहा गया है कि इसके कारण कालिंदी कुंज ‘जंक्शन’ पर काफी यातायात जाम देखा गया है, यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए व्यस्त समय के दौरान कालिंदी कुंज ‘जंक्शन’ के आसपास के क्षेत्र से नहीं गुजरने की सलाह दी जाती है।
इन रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह
एडवाइजरी के अनुसार, फरीदाबाद से नोएडा जाने वाले यात्रियों को भीड़भाड़ वाले इलाके से बचने के लिए मथुरा रोड और रोड नंबर-13 का इस्तेमाल करने, जबकि नोएडा से दिल्ली जाने वालों को डीएनडी फ्लाईओवर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। साथ ही सड़कों को भीड़भाड़ कम करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अपनाने की सलाह दी गई है।
आगरा कैनाल रोड पर हो रहा पुल का निर्माण
बता दें कि कालिंदी कुंज के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के आगरा कैनाल रोड पर एक पुल का निर्माण हो रहा है। इसके निर्माण का काम अगले कुछ महीनों तक चलने की संभावना है। इसकी वजह से कालिंदी कुंज के पास से गुजरना वाले वाहनों को रोजाना जाम से दो-चार होना पड़ रहा है। ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से यातायात में कुछ बदलाव किए गए हैं और लोगों से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

एमपी-राजस्थान के बीच पानी का 20 साल पुराना झगड़ा खत्म, सीएम मोहन बोले- आधुनिक युग के भागीरथ हैं पीएम मोदी

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जयपुर/भोपाल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 दिसंबर को जयपुर में पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना का शिलान्यस किया. इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच पानी को लेकर 20 साल से चल रहा झगड़ा खत्म कर दिया. इस परियोजना से दोनों प्रदेशों को फायदा होगा. इस परियोजना में 72 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्णाण होंगे. इससे 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी. चालीस लाख लोगों की आबादी को पीने का पानी मिलेगी. इस प्रोजेक्ट से मध्य प्रदेश के 3217 गांवों को फायदा होगा. इससे मालवा-चंबल इलाके में खुशियां आएंगी. इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधुनिक युग के भागीरथ हैं. इस मौके पर राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा भी मौजूद थे.

सीएम यादव ने कहा कि आज का दिन कई मायनों में अद्भुत दिन है. मैं बाबा महाकाल से प्रार्थना करता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीर्घायु और यशस्वी हों. ये अद्भुत मौका पीएम मोदी की वजह से ही आया है. दोनों प्रदेशों के बीच इस जल का 20 साल पुराना झगड़ा हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट में चलता रहा. अब ये झगड़ा पीएम मोदी की वजह से खत्म हुआ. वे आधुनिक भागीरथ हैं. हमें उनका आशीर्वाद मिल रहा है. मध्य प्रदेश नदियाों का मायका है. यहां से निकलकर ये नदियां कई राज्यों की मदद करती हैं.

पीएम मोदी ने प्रेरित किया और फंड उपलब्ध कराया- सीएम यादव
सीएम यादव ने कहा कि पार्वती-काली सिंध-चंबल का उद्गम स्थल मध्य प्रदेश है. ये योजना मध्य प्रदेश और राजस्थान की साझा योजना थी. छोटे-मोटे कई कारणों से 20 साल निकल गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल हमें इस योजना को पूरा करने के लिए प्रेरित किया, बल्कि इस योजना की 90 फीसदी राशि भी दी. दोनों राज्यों को इस योजना की केवल 10 फीसदी लागत ही देनी है.

राजस्थान में कई योजनाओं का शिलान्यास
गौरतलब है कि, पीएम नरेंद्र मोदी राजस्थान सरकार के ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होनंने राजस्थान में रेल-सड़क सहित कई परियोजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण किया. उन्होंने इस मौके पर कहा कि विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए विकसित राजस्थान भी जरूरी है. राजस्थान के सर्वांगीण विकास के लिए डबल इंजन सरकार दिन-रात मेहनत कर रही है.

दिल्ली मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना, अप्लाई शुरू होने से लेकर पात्रता संबंधी सारी जानकारी यहां पढ़ें

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दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली की सभी महिला मतदाता मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत आवेदन करने के लिए पात्र नहीं हैं।
दिल्ली सरकार द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की घोषणा की गई, जिसके तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को ₹1,000 की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करना है। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने 13 दिसंबर को एक प्रेस वार्ता में कहा था कि इस योजना के लिए पंजीकरण अगले सात से 10 दिनों में शुरू हो जाएगा, क्योंकि राज्य सरकार अभी भी इस पर काम कर रही है। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में इस तरह की योजना पहले से चल रही है, जिसका काफी फायदा वहां की सरकार को चुनाव में हुआ है। आइए जानते हैं कि दिल्ली में रहने वाले किन महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। इस स्कीम का लाभ लेने के लिए पात्रता क्या होगी? पढ़ें A2Z जानकारी।

इस योजना के लिए कौन पात्र?
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी में रहने वाली और पंजीकृत मतदाता हर महिला इस योजना का लाभ उठा सकती है। हालांकि, कुछ श्रेणियों में आने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

पात्रता के लिए मानदंड क्या हैं?
दिल्ली की निवासी महिला और दिल्ली के पते वाली मतदाता पहचान पत्र वाली महिला इस स्कीम का लाभ ले सकती है।
महिला की आयु 12 दिसंबर, 2024 (योजना अधिसूचित करने की तिथि) को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड
दिल्ली का पता दर्शाने वाला वोटर आईडी कार्ड
पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, माध्यमिक हाई स्कूल प्रमाण पत्र या 12 दिसंबर, 2024 तक 18 वर्ष या उससे अधिक आयु दर्शाने वाला कोई अन्य दस्तावेज।
महिला लाभार्थियों को किस्त कब मिलेगी?
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के अनुसार, चुनाव की तारीखों की घोषणा से यह तय होगा कि लाभार्थियों के खातों में धनराशि कब जमा होगी। भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा जल्द ही दिल्ली चुनाव 2025 की तारीख की घोषणा किए जाने की संभावना है। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लाभार्थियों को 31 मार्च, 2025 से पहले कम से कम एक या दो किस्तें मिल जानी चाहिए।