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ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया को किंग कोहली का सहारा, टीम की नाव पार लगाने की जिम्मेदारी

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विराट कोहली… क्रिकेट जगत का ऐसा सूरज, जिसकी बैटिंग रूपी रोशनी ने टीम इंडिया को टी20 वर्ल्ड कप 2024 सहित अनगिनत मैचों में विजेता बनाया। उन्होंने अपने बल्लेबाजी कौशल से एक ऐसी लकीर खींची है, जिस पर दूसरे युवा प्लेयर्स चलना चाहेंगे। वह क्रिकेट जगत में उस शिखर पर हैं, जहां पहुंचना किसी भी बल्लेबाज के लिए एक सपना होता है। दुनिया के खतरनाक बॉलर्स कैगिसो रबाडा, मिचेल स्टार्क, जेम्स एंडरसन, हारिस रऊफ भी उनके सामने बेअसर साबित होते हैं। स्पिनर्स के बुने हुए जाल को कोहली ऐसे काटते हैं, जैसे वह प्याज की परत छील रहे हों। उनकी बल्लेबाजी देखना फैंस की आंखों को सुकून देता है और टीम इंडिया को राहत की सांस। वह दुनिया के किसी भी कोने में खेल रहे हों, हमेशा एक अलग छाप छोड़ने के लिए तैयार होते हैं। 22 नवंबर से शुरू होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दुनिया उनकी बैटिंग का जलवा देखने के लिए तैयार है।

भारतीय टीम में मौजूद सबसे अनुभवी प्लेयर  

भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 नवंबर से बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है। पिछली चार बार से टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ BGT की ट्रॉफी जीती है, जिसमें से दो बार तो ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में रौंदा है। लेकिन इस बार टीम इंडिया के लिए सीरीज जीतना बिल्कुल आसान नहीं है, क्योंकि भारत को घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 3-0 से गंवानी पड़ी है और टीम का मनोबल गिरा हुआ है। ऊपर से कोढ़ में खाज ये है कि पहले टेस्ट में नियमित कप्तान रोहित शर्मा भी नहीं खेलेंगे। वह अपने दूसरे बच्चे के जन्म के बाद ऑस्ट्रेलिया नहीं गए हैं। इन परिस्थितियों में अगर टीम इंडिया की नाव कोई पार लगा सकता है, तो वह विराट कोहली ही हैं। मौजूदा भारतीय टीम में वह सबसे अनुभवी प्लेयर हैं और उनके पास विरोधी टीमों को पटखने का अपार अनुभव है। अगर टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने का ख्वाब संजोना है, तो कोहली का बल्ला चलना बहुत ही जरूरी है। उनके पास वह काबिलियत है कि वह किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा सकें।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ निखरकर सामने आता है कोहली का प्रदर्शन

विराट कोहली के रुतबे, क्रिकेट के कद और फैन फॉलोइंग का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत के वहां पहुंचने से पहले ही ऑस्ट्रेलियाई अखबारों में कोहली छाए हुए थे। ऐसा पहले शायद ही कभी किसी भारतीय प्लेयर को स्वागत मिला हो। ऑस्ट्रेलियाई पिचें हमेशा से ही तेज गेंदबाजों की मददगार रही हैं यहां पर फास्ट बॉलर्स को पिच से उछाल और तेज गति मिलती है। ऐसी पिचों पर बल्लेबाजी करना लोहे के चने चबाने जैसा होता है। लेकिन कोहली इन पिचों पर अंगद की तरह पांव रख देते हैं और फिर उन्हें आउट करना किसी भी गेंदबाज के लिए मुश्किल होता है। ऑस्ट्रेलियाई धरती पर उनका प्रदर्शन हमेशा ही निखरकर सामने आया है। ऑस्ट्रेलिया में कोहली ने टेस्ट में चार शतक और 6 अर्धशतक लगाए हैं। कंगारुओं के लिए वह हमेशा से आफत साबित हुए हैं और उनकी आक्रामकता मैदान पर देखते ही बनती है।

CM मोहन यादव ने इतने लाख बेरोजगारों को रोजगार देने का किया ऐलान, भर्ती प्रक्रिया शुरू

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मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव ने प्रदेश भर के साढ़े तीन लाख युवाओं को रोजगार देने का दावा किया है. उन्होंने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया भी शुरू हो गई है
मध्य प्रदेश में बेरोजगारी भी एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा हर चुनाव में बनता आया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इसी मुद्दे को विपक्ष से छिनने के लिए एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि मध्य प्रदेश में साढ़े तीन लाख युवाओं को रोजगार दिया जाने वाला है. इसमें 1,00,000 पद सरकारी भर्ती के हैं. सीएम ने यह भी कहा है कि भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है.

मोहन यादव ने अपनी घोषणा में कहा है कि कुछ पद लोक सेवा संघ आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे, जबकि कुछ पद कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भर्ती किए जाएंगे. सीएम की घोषणा से बेरोजगारियों को काफी उम्मीद बंधी है. हालांकि बयान पर भी राजनीति गर्मा रही है.

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि सरकार केवल मंच से ही नौकरी देने का दावा रही है, जबकि धरातल पर बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है. मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार 20 साल से है. इसके बाद भी बेरोजगारी बढ़ना सरकार की सफलता का प्रमुख कारण है.

निवेशकों के माध्यम से ढाई लाख भर्ती

सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में निवेश हो रहा है. औद्योगिक विकास की दृष्टि से मध्य प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है. इन्हीं निवेशकों की वजह से ढाई लाख नई नौकरियों का सृजन हुआ है. यह नौकरियां भी युवाओं को आगे बढ़ाने और मध्य प्रदेश की तरक्की में महत्वपूर्ण योगदान निभाने वाली है. इन साढ़े तीन लाख पदों में एक लाख पद सरकारी भर्ती के तहत भरे जाएंगे.

दिल्ली में कोहरे का कोहराम, कम विजिबिलिटी के कारण 80 से ज्यादा ट्रेनें लेट; घर से निकलने से पहले देखें लिस्ट

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कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है इसी के चलते ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कई ट्रेन सात से आठ घंटे लेट चल रही हैं। यात्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों की देरी से चलने की लगातार शिकायत कर रहे हैं।
ट्रेनों के परिचालन पर कोहरे का असर जारी है। कम विजिबिलिटी के कारण मंगलवार को कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों पर काफी असर देखा जा रहा है। दिल्ली में भारी प्रदूषण के चलते यहां विजिबिलिटी कम है। यात्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों की देरी से चलने की लगातार शिकायत कर रहे हैं। बीते कुछ दिनों से कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं।
दिल्ली का AQI 500 के पार
मंगलवार सुबह 7 बजे दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली का औसत AQI 494 रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन में सर्वाधिक है। यानी राजधानी में आज सीजन की सबसे खराब हवा रही। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है इसी के चलते ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कई ट्रेन सात से आठ घंटे लेट चल रही हैं।
दिल्ली में स्कूलों को किया बंद

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है और ऑनलाइन क्लासेज शुरू की जा रही हैं। हालांकि 10वीं और 12वीं के छात्रों को स्कूल जाने की इजाजत है, जिन्हें मास्क दिए जाएंगे। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि दिल्ली की सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है।

गाय पर पूर्व मंत्री का अजीबोगरीब बयान, “जो गौ माता पाले उसे ही चुनाव लड़ने का अधिकार मिले

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मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक हरदीप सिंह डंग ने गायों और गौ रक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। आगर मालवा जिले के सालरिया स्थित कामधेनु गौ अभयारण में आयोजित एकवर्षीय गौ कथा कार्यक्रम में पहुंचे हरदीप सिंह डंग ने कहा कि भारतीय नेताओं को केवल भाषण देने की बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए।

चुनाव फार्म रिजेक्ट कर दिया जाए”

डंग ने कहा, “नेता केवल भाषण देते हैं कि हम गौमाता के लिए यह कर रहे हैं, वो कर रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अब समय आ गया है कि भारत में ऐसा कानून बने, जिसमें कोई भी पंच, सरपंच, विधायक, सांसद या कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़े, तो उसे यह शर्त पूरी करनी पड़े कि वह गौ माता पालन करता हो। जो गौ माता पाले उसे ही चुनाव लड़ने का अधिकार हो। अगर कोई यह शर्त पूरी नहीं करता, तो उसका चुनाव फार्म रिजेक्ट कर दिया जाए। खाली बोलने से काम नहीं चलेगा, ठोस कदम उठाने की जरूरत है।” इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक पंचायत में गौशाला खोली जानी चाहिए, ताकि गायों की देखभाल और संरक्षण किया जा सके।

डांस करते वीडियो हुआ था वायरल

बीते दिनों हरदीप सिंह डंग का डांस करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में पूर्व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री और विधायक डंग बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ जमकर थिरकते नजर आए। बताया गया कि जलजीवन मिशन के तहत चंबल नदी का पानी सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के किसानों के खेतों में पहुंचा, इसलिए विधायकजी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह नाचकर खुशी का इजहार किया था। हरदीप सिंह डंग मध्य प्रदेश की सुवासरा विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक हैं।

दिल्ली में GRAP-3 में बैन की गई बसों की एंट्री जारी, मंत्री गोपाल राय ने किया औचक निरीक्षण

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दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के कारण GRAP-3 के नियम लागू किए गए हैं. बीएस-6 से नीचे की सभी डीज़ल बसों की एंट्री पर रोक है. मंत्री गोपाल राय ने औचक निरीक्षण कर सख्त निर्देश दिए.
बढ़ते प्रदूषण की वजह से दिल्ली में GRAP-3 के नियम लागू कर दिए गए हैं. इसके तहत BS-6 से नीचे जितनी भी डीज़ल बसें हैं चाहे वो BS-4 हो या BS-3 सभी की एंट्री पर पूरी तरह से रोक है. इस रोक के बावजूद क्या दिल्ली में ऐसी बसें अभी भी एंट्री कर रही हैं. ये जानने के लिए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय शनिवार को कश्मीरी गेट बस अड्डे पर पहुंचे.

पूछताछ के दौरान मंत्री गोपाल राय ने पाया कि BS-3 और BS-4 डीज़ल इंजन वाली बसें आज भी इस बस अड्डे में आई हैं. ये बसें दूसरे राज्यों से दिल्ली पंहुची है. मंत्री ने कहा कि ऐसी दो बसों का आज चालान भी किया गया है.

इसमें से एक बस हरियाणा से आयी थी और दूसरी बस उत्तराखंड से आयी थी. दोनों बसों का 20-20 हज़ार रुपये का चालान किया गया है. इसके अलावा उन बसों का भी चालान किया जा रहा है जिनके पास पॉल्यूशन सर्टिफ़िकेट नहीं है. औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री गोपाल राय ने अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए कि प्रतिबंधित बसों को किसी तरह से छूट नहीं देनी है जो भी बसें दिल्ली में एंट्री कर रही हैं उनकी पूरी जांच हो और तभी उन्हें प्रवेश दिया जाये.

इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो लोगों को प्रदूषण की मार झेलनी पड़ रही है उसको लेकर एक रिसर्च रिपोर्ट आयी है. जिसमें पता चला है कि 30 फीसदी प्रदूषण दिल्ली के भीतर का है बाक़ी का 70 प्रतिशत प्रदूषण बाहर से यानि पड़ोसी राज्यों का है.

मंत्री ने कहा कि जहां पर BJP की सरकारें हैं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा इन राज्यों से लगातार डीज़ल की बसें दिल्ली भेजी जा रही है. गोपाल राय ने आरोप लगाते हुए कहा कि BJP की सरकारें जान बूझ कर दिल्ली का प्रदूषण बढ़ाने के लिए डीज़ल बसें भेज रहे हैं, जो प्रतिबंधित है.

गोपाल राय ने कहा कि हमने पड़ोसी राज्यों की सरकारों को चिट्ठी भी लिखी थी. उसमें कहा कि जब तक सर्दियों का मौसम में दिल्ली में प्रदूषण न बढ़े इसलिए डीज़ल की बसें न भेजें. लेकिन वो नहीं माने. अब GRAP-3 लागू होने के बाद मजबूरी में हमें ये प्रतिबंध लगाना पड़ा. प्रतिबंध लगाने के बावजूद भी हरियाणा, UP और उत्तराखंड की सरकारें जिन बसों की एंट्री पर रोक लगायी गई है जिसमें BS-3 और BS-4 डीज़ल गाड़ियां शामिल है. उनको भी दिल्ली भेज रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ने यह तय कर लिया है कि दिल्ली में प्रदूषण बढ़ाना है दिल्ली के लोगों की जान के साथ खेलना है. BJP के सरकारें दिल्ली में प्रदूषण क्यों बढ़ाना चाहती है. गोपाल राय ने कहा कि आज जिन प्रतिबंधित बसों का चालान काटा गया, उसमें एक बस उत्तराखंड की और एक बस हरियाणा की है. हम दिल्ली के भीतर कोशिश कर रहे हैं. BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीज़ल की गाड़ियों पर बैन लगा दिया ताकि प्रदूषण ना बढ़े सिर्फ आवश्यक सामग्री से जुड़ी गाड़ियों को ही छूट दी गई है.

गोपाल राय ने कहा कि उसके बावजूद BJP की सरकारें चारों तरफ़ से डीज़ल के बसें भेजकर दिल्ली का प्रदूषण बढ़ा रही है. उन्होंने कहा कि अगर ये आगे भी जारी रहा तो ऐसी सभी बसों का सख़्ती से चालान काटा जाएगा और इन पर रोक लगायी जाएगी.

ग्वालियर-चंबल में रात में बढ़ सकती है ठंड, मध्य प्रदेश में 2 डिग्री तक तापमान गिरने की संभावना

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मध्य प्रदेश में बीते 3 दिनों से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. इस दौरान ग्वालियर और भिंड में घने कोहरे के बीच लोग हेडलाइट जलाकर गाड़ियां चलाते दिखे.
मध्य प्रदेश में ठंड की शुरुआत हो चुकी है. मौसम विभाग ने बताया कि ठंड की शुरुआत प्रदेश के उत्तरी हिस्से से होगी. बीती रात ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में रात के तापमान में 2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि भिंड और निवाड़ी में घना कोहरा भी देखने को मिला. मौसम का ऐसा मिजाज 20 नवंबर तक बना रहेगा और इसके बाद ठिठुरन भरी सर्दी देखने को मिलेगी.

3 दिनों में तापमान में लगातार गिरावट
मध्य प्रदेश में बीते 3 दिनों में धीरे धीरे सर्दी में इजाफा देखने को मिला है. उत्तर-पूर्वी हवाओं का प्रभाव भी कम हुआ है, जबकि पहाड़ो से ठंडी हवाएं आने लगी है. ये हवाएं प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में आ रही है. मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान 2 डिग्री तक नीचे जा सकता है. जिस वजह से प्रदेश के उत्तरी भाग में ठंड का प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा.
छाने लगा कोहरे का असर
प्रदेश में बदलते मौसम के चलते प्रदेश में कोहरे का प्रभाव भी दिखने लगा है. आज शनिवार (16 नवंबर) को सुबह ग्वालियर, भिंड और निवाड़ी में मध्यम कोहरा भी देखने को मिला. कोहरे की वजह से वाहन चालक को हेडलाइट जलाकर गाड़ियां चलानी पड़ी. मौसम विभाग का मानना है कि आज शाम के समय भी धुंध बढ़ सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक इस साल ठंड अपना प्रचंड प्रक्रोप दिखा सकती है.

पचमढ़ी में पारे में बढ़ोत्तरी

प्रदेश का हिल स्टेशन पचमढ़ी जहां रात के तापमान में हल्की सी बढ़ोतरी हुई. बीती रात पचमढ़ी में तापमान 10.2 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि अमरकंटक में 10.4, शहडोल में 11.0, मंडला में 11.2, नौगांव में 12.5, उमरिया में 12.6, बालाघाट में 12.8, छिंदवाड़ा में 13.0, रीवा में 13.6, रायसेन में 14.0, राजगढ़ में 14.0, बैतूल में 14.4, खंडवा में 14.8, खजुराहो में 14.8 और टीकमगढ़ में 14.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया.

दिल्ली के सराय काले खां चौक का बदला नाम, अब बिरसा मुंडा चौक के नाम से जाना जाएगा

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दिल्ली के सराय काले खां चौक का नाम बदलकर बिरसा मुंडा चौक कर दिया गया है. इसकी जानकारी गृह मंत्री अमित शाह ने दी. अब इस चौक को लोग भगवान बिरसा मुंडा चौक के नाम से जानेंगे. केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा इस चौक के नाम बदलने का ऐलान भगवान बिरसा मुंडा की 150वी जयंती पर किया गया.

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐलान करते हुए कहा, “मैं आज घोषणा कर रहा हूं कि आईएसबीटी बस स्टैंड के बाहर बड़े चौक को अब भगवान बिरसा मुंडा के नाम से जाना जाएगा. इस प्रतिमा और चौक का नाम देखकर न केवल दिल्ली के नागरिक बल्कि बस स्टैंड पर आने वाले लोग भी उनके जीवन से प्रेरणा ले पाएंगे.”
कौन हैं भगवान बिरसा मुंडा
दरअसल, बिहार-झारखंड में भगवान की तरह पूजे जाने वाले धरती आबा बिरसा मुंडा की आज 150वीं जयंती है. इस दिन को जनजातिय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत पीएम मोदी द्वारा की गई थी. इतना ही नहीं इस खास मौके पर पीएम मोदी भी बिहार के जमुई पहुंचे और देश को 6 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात भी दी.

अंग्रेजो के खिलाफ छेड़ी थी जंग
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भगवान बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को रांची के उलीहातू गांव में एक आदिवासी परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम सुगना मुंडा था और उनकी मां का नाम करमी मुंडा था. उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा मिशनरी स्कूल से की थी. पढ़ाई के वक्त उन्होंने देखा कि अंग्रेजों द्वारा भारतीयों पर जुल्म किया जा रहा है. इस जुल्म के खिलाफ उन्होंने बिगुल फूंक दिया. 1895 में भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के खिलाफ लगान माफी आंदोलन की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्हें गिरफ्ताऱ भी कर लिया गया था. 1900 तक भगवान बिरसा मुंडा और अंग्रेजों के बीच युद्ध होते रहे थे.

झारखंड के देवघर में PM मोदी का प्लेन हुआ खराब, अब वायु सेना के विमान से लौटेंगे दिल्ली

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झारखंड के देवघर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)के प्लेन में शुक्रवार को तकनीकी खराबी आ गई. मोदी का प्लेन देवघर एयरपोर्ट पर खड़ा है. उन्हें लाने के लिए दिल्ली से वायुसेना का दूसरा प्लेन भेजा गया है. प्रधानमंत्री देवघर एयरपोर्ट से बिहार के जमुई गए थे, जहां उन्होंने बिरसा मुंडा जयंती समारोह में हिस्सेदारी की थी. जमुई से लौटने के बाद वे देवघर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हो रहे थे. इसी दौरान उनके प्लेन में खराबी आ गई. सीनियर पायलट ने प्लेन के टेक ऑप में दिक्कत आने की जानकारी ATC और हेडक्वार्टर को दी, जिसके बाद प्लेन को देवघर रोकने का फैसला लिया गया.

सीनियर पायलट से PM मोदी के प्लेन में तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भी हरकत में आ गया. दिल्ली से वायुसेना का प्लेन भेजा जा गया है. वहीं, देवघर में भी प्लेन की तकनीकी खराबी को दूर करने की कोशिश की जा रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आदिवासी प्रतीक बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड में दो रैलियों को संबोधित किया. बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. PM मोदी ने देवघर और जमुई मे रैली की. जमुई में प्रधानमंत्री ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासी समुदायों के योगदान को मान्यता नहीं देने पर कांग्रेस सरकार की आलोचना की.

PM मोदी ने कहा, “सारा क्रेडिट सिर्फ एक पार्टी और एक परिवार को देने की कोशिश की गई. अगर हमारे देश को एक परिवार की वजह से आजादी मिली, तो बिरसा मुंडा ने ‘उलगुलान’ आंदोलन क्यों शुरू किया? PM मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के आदिवासी समुदाय को पिछली सरकारों के तहत वह मान्यता नहीं मिली, जिसके वो हकदार थे.
गोड्डा में फंसा रहा राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर को देवघर में ही टेक ऑफ की परमिशन नहीं मिली थी. राहुल गांधी शुक्रवार को झारखंड के गोड्डा में ही चुनावी सभा के बाद दिल्ली लौटने वाले थे. बताया जा रहा है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल ( ATC) से गोड्डा के बेलबड्डा से हेलिकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिली थी. जिसके बाद देवघर एयरपोर्ट पर उन्हें 45 मिनट तक रुकना पड़ा. इस दौरान राहुल गांधी हेलिकॉप्टर में ही बैठे रहे और मोबाइल देखते रहे.

3 दिन में पीएम मोदी की दूसरी बिहार यात्रा, जनता बोली.. 2025 चुनाव की प्लानिंग! समझें इशारा

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जमुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 नवंबर को जमुई आ रहे हैं जहां वह बल्लोपुर में जनजातीय गौरव दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे. पिछले तीन दिनों में ऐसा दूसरी बार है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह बिहार यात्रा है. इससे पहले 13 नवंबर को पीएम ने दरभंगा में एम्स के शिलान्यास तथा कई परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह में हिस्सा लिया. तीन दिनों में दूसरी बार पीएम बिहार आ रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमुई से बिहार के लोगों को 6500 करोड रुपए के योजनाओं की सौगात देंगे तथा इसका शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे. ऐसे में सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा काफी तेज हो गई है कि कहीं इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव का टोन 2024 में तो नहीं सेट कर रहे हैं? सवाल यह भी है कि आखिर पीएम की यह लगातार बिहार यात्रा के पीछे का कारण क्या है?

दरभंगा में 12 हजार करोड़ की योजनाओं की दी थी सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 नवंबर को दरभंगा आए, जहां से उन्होंने करीब 12100 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. दरभंगा में 1260 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले एम्स की आधारशिला रखी. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में करीब 5070 करोड़ रुपये की लागत वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया. इसके अलावा बजट में बिहार के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गई थी, जिनमें बिहार को करीब 58 हजार करोड़ का पैकेज दिया गया था.

सड़क परियोजनाओं के लिए 26 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल था. बाढ़ प्रबंधन के लिए भी बिहार को 11 हजार 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा हुई थी. इसके अलावा 21 हजार 400 करोड़ रुपये की लागत से पीरपैंती में 2400 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाले पावर प्लांट को मंजूरी दी गई थी
समझिए पीएम के बिहार कार्यक्रम के क्या हैं सियासी मायने
बात अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे की करें तो सियासी गलियारों में इसके कई अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. कुछ लोग इसे 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं और इस बात की भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री बिहार को इन योजनाओं की सौगात अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा को लेकर ही दे रहे हैं. तो वहीं कुछ लोगों का यह भी मानना है कि पीएम का जमुई दौरा झारखंड विधानसभा में जनजातीय वोटरों को प्रभावित करने के लिए भी हो सकता है. हालांकि इसे लेकर स्थानीय लोगों का अलग ही मानना है.

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर लोकल 18 की टीम ने कुछ स्थानीय लोगों से बात की. इस दौरान शंशाक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार को अग्रणी राज्य बनाना चाहते हैं, जिसे लेकर उनकी तरफ से यह सारी कोशिश की जा रही है और लगातार बिहार को अलग-अलग पैकेज दिया जा रहा है. जब सरकार लेकर बात की गई तो शंशाक ने कहा कि ऐसी बात नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार को विकसित राज्य बनाना चाहते हैं. इसी को लेकर वह लगातार बिहार को सौगात दे रहे हैं.

जनता ने कह दी यह बड़ी बात, बताया क्यों आ रहे पीएम
जमुई जिले के खैरा प्रखंड क्षेत्र का बल्लोपुर गांव तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत को लेकर तैयार है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार बिहार दौरे को लेकर स्थानीय लोगों का कुछ अलग ही मानना है. स्थानीय बब्लू यादव का कहना है कि बिहार में 2025 में विधानसभा चुनाव है. ऐसे में अभी जो चीज की जा रही हैं, उससे चुनाव का कोई लेना-देना नहीं है. लोगों का यह जरूर मनाना है कि झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर पीएम का यह दौरा हो सकता है. क्योंकि यह कार्यक्रम जनजातीय लोगों के लिए है और झारखंड में जनजाति लोगों की आबादी अच्छी खासी है. ऐसे में पीएम के लगातार बिहार दौरे को लेकर सियासी गणित लगाया जा रहा है. लोग इसके सियासी मायने तलाश रहे हैं. परंतु प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ चुका है और लोग प्रधानमंत्री के आगमन के बाद यहां से भी बिहार के लिए बड़ी घोषणाओं की आस लगाए बैठे हैं.

महाराष्ट्र चुनावः दिग्रस विधानसभा सीट पर शिवसेना वर्सेज कांग्रेस, मानिकराव और संजय राठौड़ के बीच कांटे की टक्कर

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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 20 नवंबर को मतदान होना है। इसके अलावा 23 नवंबर को चुनाव के परिणाम घोषित किए जाएंगे। महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों में से एक सीट है दिग्रस विधानसभा सीट, जिसपर सभी निगाहें टिकी हुई हैं। दिग्रस विधानसभा सीट उन चुनिंदा विधानसभा सीटों में से एक है, जिसपर लोगों का ध्यान अटका पड़ा है। इस सीट से वर्तमान में शिवसेना उम्मीदवार संजय राठौड़ विधायक हैं। 2019 के विधानसभा चुनाव में संजय राठौड़ को 1,36,338 वोट मिले थे। इस दौरान एनसीपी के तारिक साहिर लोखंडवाला और निर्दलीय उम्मीदवार देशमुख संजय उत्तमराव को हार का सामना करना पड़ा था।

कौन हैं संजय राठौड़
संजय दुलीचंद राठौड़ महाराष्ट्र के यवतमान जिले से शिवसेना के नेता है। वे दिग्रस-दरव्हा विधानसभा सीट से शिवसेना के विधायक हैं। साल 2014 में उन्होंने दिग्रस विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। इस दौरान संजय राठौड़ को 1,21,216 वोट मिले थे। जबकि एनसीपी उम्मीदवार वसंतराव विश्वासराव घुईखेड़कर को 41,352 वोट मिले थे। इस दौरान संजय राठौड़ ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 79,864 वोटों के अंतर से हराया था। बता दें कि राठौड़ विदर्भ में शिवसेना के नेता हैं, जो यूबीटी सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, लेगिन 2022 में वह एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना के खेमें शामिल हो गए थे।

कौन हैं मानिकराव ठाकरे
मानिकराव गोविंदराव ठाकरे महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। इससे पहले वह 1985 से 2004 तक दारव्हा विधानसभा सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य थे। बाद में उन्हें जनवरी 2003-2004 के दौरान उर्जा मंत्रालय का पोर्टफोलियों उन्हें दिया गया और जुलाई 2004 में वह महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे द्वारा मंत्री पद से हटाए गए 22 मंत्रियों में से एक थे। बता दें कि माणिकराव भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं।

दिग्रस विधानसभा सीट का इतिहास
साल 2014 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना के नेता संजय राठौड़ ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 1,21,216 वोट मिले थे। वहीं एनसीपी के उम्मीदवार वसंत विश्वासराव घुईखेड़कर को 41,352 वोट मिले थे। इसके अलावा 2019 विधानसभा चुनाव में संजय राठौड़ को शिवसेना के उम्मीदवार संजय राठौड़ को 1,36,824 वोट मिले थे। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार संजय देशमुख को 73,217 वोट मिले थे।