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बिहार और आंध्रप्रदेश को मिला दिवाली का तोहफा, कैबिनेट ने 2 बड़े रेल प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, जानिए फायदे

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नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को कई अहम प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इनमें दो बड़े रेलवे प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं, जिनसे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार को फायदा होगा। इन रेलवे प्रोजेक्ट्स में 6,798 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैबिनेट के फैसलों की बात करें, तो आज कुल 9,17,791 करोड़ रुपये के 7 सेक्टर्स के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इनमें एयरपोर्ट, पोर्ट, हाईवे, रेलवे, मेट्रो, इंडस्ट्रियल और हाउसिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। रेलवे के लिए 51,801 करोड़ रुपये के प्रोजेक्टस को मंजूरी दी गई है। इसमें कुल 12 रेलवे प्रोजेक्ट्स और वाराणसी में नया पुल शामिल है।

अमरावती रेलवे लाइन को मंजूरी
कैबिनेट ने आज 57 किलोमीटर लंबी अमरावती रेलवे लाइन को मंजूरी दी है। यह रेल लाइन 2,245 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी। इससे आन्ध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा। अमरावती की हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता से सीधे कनेक्टिविटी होगी। इस रेलवे लाइन के बनने से अमरलिंगेश्वर स्वामी मंदिर, अमरावती स्तूप, ध्यान बुद्ध प्रतिमा और उंदावल्ली गुफाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी। मछलीपट्टनम बंदरगाह, कृष्णापट्टनम बंदरगाह और काकीनाडा बंदरगाह से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इस प्रोजेक्ट में कृष्णा नदी पर 3 किलोमीटर लंबा ब्रिज भी बनेगा।
नॉर्थ बिहार में डबल होगी रेलवे लाइन
दूसरा बड़ा रेल प्रोजेक्ट नॉर्थ बिहार के लिये आया है। यहां 256 किलोमीटर रेलवे ट्रैक को डबल किया जाएगा। नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढी-मुजफ्फरपुर रेलवे ट्रैक की डबलिंग की जाएगी। इससे उत्तर प्रदेश और नॉर्थ बिहार को फायदा होगा। यह रेलवे ट्रैक नेपाल बॉर्डर के पास होगा, जिससे भारत-नेपाल ट्रेड में भी बढ़ोतरी होगी। इस प्रोजेक्ट में 4,553 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का हो पूरा सम्मान”, BRICS में सुरक्षा और सुधारों पर फोकस जयशंकर का व्याख्यान

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार पर जोर दिया। इसके साथ ही देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान होने का मुद्दा उठाया।
रूस: कज़ान में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान का मुद्दा उठाया। विदेश मंत्री का फोकस सुरक्षा के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) जैसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधारों पर भी रहा। भारत लंबे समय से यूएनएससी में सुधारों की मांग विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है। इस बार विदेश मंत्री जयशंकर ने फिर से ब्रिक्स में इस अहम मुद्दे की ओर विश्व का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा, “…हम एक अधिक न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था कैसे बना सकते हैं?
जयशंकर ने कहा कि इसके लिए सबसे पहले स्वतंत्र प्रकृति के प्लेटफ़ॉर्म को मज़बूत और विस्तारित करना होगा। विभिन्न डोमेन में विकल्पों को व्यापक बनाकर और उन पर अनावश्यक निर्भरता को कम करना पड़ेगा, जिनका लाभ उठाया जा सकता है। इसमें ब्रिक्स ग्लोबल साउथ के लिए एक अंतर बना सकता है….2) स्थापित संस्थानों और तंत्रों में सुधार करके, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी और गैर-स्थायी श्रेणियों में सुधार करके। इसी तरह बहुपक्षीय विकास बैंक मे सुधार करके, जिनकी कार्य प्रक्रियाएँ संयुक्त राष्ट्र की तरह ही पुरानी हैं।

भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान सुधारों का दिया उदाहरण
भारत ने सुधारों के लिए जी-20 की अध्यक्षता का उदाहरण दिया। जयशंकर ने कहा कि भारत ने अपने जी20 प्रेसीडेंसी के दौरान एक प्रयास शुरू किया और हमें यह देखकर खुशी हुई कि ब्राज़ील ने इसे आगे बढ़ाया….3) अधिक उत्पादन केंद्र बनाकर वैश्विक अर्थव्यवस्था का लोकतंत्रीकरण करके…4) वैश्विक बुनियादी ढाँचे में विकृतियों को ठीक करके जो औपनिवेशिक युग से विरासत में मिली हैं। दुनिया को अधिक कनेक्टिविटी विकल्पों की आवश्यकता है जो रसद को बढ़ाएं और जोखिमों को कम करें। यह एक सामूहिक प्रयास होना चाहिए, जिसमें क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का पूरा सम्मान हो….5)अनुभवों और नई पहलों को साझा करके।” इस प्रकार वैश्विक न्याय व्यवस्था का नया प्रारूप तैयार किया जा सकता है।

संघर्षों और तनावों को दूर करने पर जोर
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “संघर्षों और तनावों को प्रभावी ढंग से संबोधित करना आज की विशेष आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि यह युद्ध का युग नहीं है। जयशंकर ने कहा, “…हम इस विरोधाभास का सामना कर रहे हैं कि परिवर्तन की ताकतें आगे बढ़ने के बावजूद कुछ पुराने मुद्दे और भी जटिल हो गए हैं। एक ओर, उत्पादन और उपभोग में लगातार विविधता आ रही है। उपनिवेशवाद से स्वतंत्रता प्राप्त करने वाले राष्ट्रों ने अपने विकास और सामाजिक-आर्थिक प्रगति को गति दी है। नई क्षमताएं उभरी हैं, जिससे अधिक प्रतिभाओं का इस्तेमाल आसान हुआ है। यह आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पुनर्संतुलन अब उस बिंदु पर पहुंच गया है, जहां हम बहु-ध्रुवीयता पर विचार कर सकते हैं।

‘वाह रे कांग्रेस, सीता राम केशरी जी के बाद खड़गे जी’; वायरल वीडियो पर गिरिराज सिंह की प्रतिक्रिया

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गिरिराज सिंह ने अपनी पोस्ट में सीता राम केसरी का जिक्र किया है, जिन्हें 1998 में जबरन कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया गया था। इस दौरान उनकी बहुत बेज्जती की गई थी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के वायरल वीडियो पर बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सीता राम केसरी के बाद मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कांग्रेस ने अपमानजनक व्यवहार किया है। इस घटना को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए निशाना साधा। गिरिराज सिंह ने खरगे का वीडियो शेयर करते हुए लिखा “वाह रे कांग्रेस, सीता राम केशरी जी के बाद खड़गे जी।
वायरल वीडियो वायनाड के कलेक्टर ऑफिस का है। यहां प्रियंका गांधी नामांकन के लिए पहुंची थीं। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता थे। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी उनके साथ पहुंचे थे। हालांकि, नामांकन के दौरान खरगे को कलेक्टर के कमरे के अंदर नहीं घुसने दिया गया। वह दरवाजे के बाहर से झांक रहे थे। इसी दौरान किसी ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो वायरल हो रहा है।
खरगे की घटना को सीता राम केसरी से क्यों जोड़ रहे गिरिराज
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और वह दिग्गज दलित नेता भी हैं। इससे पहले सीता राम केसरी कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं, जो स्वतंत्रता सेनानी और दिग्गज दलित नेता थे। उनके कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनने के बाद लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। ऐसे में सभी बड़े नेताओं ने उनसे यह पद छोड़ने की मांग की थी। सभी नेता चाहते थे कि सोनिया गांधी यह जिम्मेदारी लें। हालांकि, सीता राम केसरी ने यह पद छोड़ने से मना कर दिया था। 1998 में उन्हें बहुत बेइज्जत करके अध्यक्ष के पद से हटाया गया था। कहा जाता है कि कांग्रेस कार्यालय में नारों के बीच उन्हें अपशब्द भी कहे गए थे। इसके बाद सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनीं थीं और आधिकारिक पत्र में पद छोड़ने के लिए सीता राम केसरी की खूब सराहना की गई थी।

बीजेपी साध रही निशाना
भारतीय जनता पार्टी खरगे की घटना को सीता राम केसरी से जोड़कर गांधी परिवार पर निशाना साध रही है। बीजेपी का कहना है कि खरगे गांधी परिवार से नहीं हैं, इस वजह से उन्हें पार्टी का अध्यक्ष होने के बावजूद कमरे के अंदर नहीं जाने दिया गया। वहीं, कुछ नेताओं का कहना है कि कांग्रेस हमेशा से ही दलित नेताओं का अपमान करती रही है। सीता राम केसरी के बार खरगे के साथ अपमानजनक व्यवहार हो रहा है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप, पुलिस ने दर्ज की FIR

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जबलपुर: देश के कई हवाई अड्डों और विमानों को बम से उड़ाने की धमकियों के बीच जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के मुख्यालय को एक मेल के माध्यम से डुमना एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की तरफ से मिले इनपुट पर जबलपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने दर्ज कराई एफआईआर

एयरपोर्ट अथॉरिटी की शिकायत पर खमरिया पुलिस थाने में यह एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी है। डीएसपी आकांक्षा उपाध्याय ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है और अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को प्राथमिकता से देख रही हैं।

जांच में एयरपोर्ट पर कुछ नहीं मिला

धमकी मिलने के बाद डुमना एयरपोर्ट परिसर और अंदर की जांच की गई, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस समय हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा बनाए हुए हैं और अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। बीते 7 दिनों में देश की विभिन्न एयरलाइंस को लगभग 90 बम धमकियां मिल चुकी हैं। जिससे हवाई सुरक्षा एजेंसियों और एयरलाइंस पर भारी दबाव बढ़ा है। इन धमकियों के कारण विमानों की जल्द से जल्द लैंडिंग कराकर गहन जांच की जा रही है, जिसके चलते एयरलाइंस को अब तक करीब 427 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

हर विमान को मिल रही धमकी के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर उतारना पड़ता है और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरे विमान की जांच होती है। इस प्रक्रिया में प्रति उड़ान 2 से 3 करोड़ रुपये का खर्च आता है, जो कि एयरलाइंस के लिए भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है।

पराली जलाने पर सुप्रीम कोर्ट मेंचल रही तीखी बहस,पूछा- ‘तो आपने अफसरों पर मुकदमा क्यों नहीं किया’

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दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रहे वायु प्रदूषण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस अभय एस ओक, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच मामले पर सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने CAQM से पूछा कि आपने क्या एक्शन लिया है.जस्टिस अभय ओक ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिस्टम नहीं बनाया. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम शक्तिहीन हो चुका है. धारा 15 में संशोधन करके दंड की जगह जुर्माना लगा दिया है, और जुर्माना लगाने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा सकता. केंद्र सरकार ने कहा कि दस दिनों के भीतर सेक्शन 15 (जुर्माने से लेकर 5 साल की सजा का  प्रावधान) लागू कर दिया जाएगा. प्रदूषण के मामले पर अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी. सभी पक्षों को अगली सुनवाई से पहले हलफनामा दाखिल करना है.
जस्टिस ओक ने क्या कहा?

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम अब शक्तिहीन हो चुका है.
⁠सजा की जगह मामूली जुर्माना लगा दिया गया है.
राज्य के अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
एश्वर्या भाटी का जवाब
ने दोनों राज्यों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है
पंजाब और हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव, कृषि को नोटिस जारी किया गया हैसुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
नियम आपको मुकदमा चलाने की अनुमति देते हैं
आपको उन पर मुकदमा चलाना चाहिए वरना कुछ नहीं होगा
‘किन धाराओं में केस दर्ज हुआ, हमें पता है’
ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पंजाब- हरियाणा ने पराली जलने की घटना को कम करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं. इस पर अदालत ने कहा कि हम जानते है कि किन धाराओं में FIR दर्ज हुई है. क्या कोई भी मामले को लेकर गंभीर हैं.

रीवा में 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव आज, CM बोले- विकास में नया कीर्तिमान बनाएगा विंध्य

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मध्य प्रदेश के रीवा में आज 5वीं रीजनल इंडस्ट्री कांन्क्लेव है. इस आयोजन से पहले सीएम मोहन यादव ने कहा कि विंध्य विकास में नया कीर्तिमान बनाएगा
मध्य प्रदेश के रीवा में आज बुधवार को पांचवी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन हो रहा है. इस आयोजन से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि यह कॉन्क्लेव सबसे सफल होगी.  सीएम ने कहा कि अभी तक मप्र में 2.45 लाख करोड़ का निवेश मिला. तीन लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं
नया कीर्तिमान बनाएगा
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा प्रदेश सरकार अपने गठन के साथ ही लगातार मध्यप्रदेश के औद्योगिक निवेश और रोजगार की दिशा में लगातार युवाओं को अवसर मिले, हमारे हर युवा के हाथ में काम मिले इसलिए सभी सेक्टर में समान रूप से काम कर रहे हैं. खासकर हमारे आईटी का सेक्टर या एमएसएमई उद्योग का सेक्टर हो, हेवी इंडस्ट्री से लेकर फूड इंडस्ट्री तक सभी क्षेत्रों में लगातार रोजगार निवेश के अभियान में हम लगे हैं. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि रीवा महत्वपूर्ण अंचल है, जो विंध्य और बुंदेलखंड को जोड़ते हुए विकास के लिए एक नया कीर्तिमान बनाएगा
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भूमिपूजन और लोकार्पण भी होगा
डॉ. यादव ने कहा कि आज रीवा में पांचवीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो रही है. इस अवसर पर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों की कई इंडस्ट्री के भूमि पूजन और लोकार्पण के काम भी करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार के साथ हम विकास के इस क्रम को लगातार जारी रखेंगे

मध्य प्रदेश में इंडी अलायंस में फूट, सपा ने कांग्रेस के खिलाफ इस विधानसभा सीट से उतारा अपना उम्मीदवार

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एमपी में दो सीटों पर उपचुनाव होने हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी ने गठबंधन धर्म के तहत कांग्रेस से दो में से एक सीट मांगी थी लेकिन बात नहीं बनी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ कई दौर की चर्चा के बाद भी कांग्रेस की तरफ से कोई सहमति नहीं बनी।
मध्य प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की फूट सामने आ गई है। मध्य प्रदेश के बुधनी और विजयपुर विधानसभा में 13 नवंबर को चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे से खाली हुई बुधनी विधानसभा सीट के उपचुनाव में राजकुमार पटेल को तो वहीं, विजयपुर सीट से मुकेश मल्होत्रा को चुनावी मैदान में उतारा है।
उपचुनाव वाले दोनों सीटों पर कांग्रेस ने उतारे अपने उम्मीदवार
इन्हीं दो सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित करने से समाजवादी पार्टी नाराज है। दरअसल, समाजवादी पार्टी ने दो सीटों पर होने वाले उपचुनाव में से कांग्रेस से एक सीट मांगी थी। इन सीटों पर प्रत्याशी के चयन के लिए बाकायदा मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, सज्जन वर्मा, अरुण यादव समेत समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव भी मौजूद रहे। कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को आश्वस्त किया था कि पार्टी आला कमान से बातचीत के बाद वह अपना निर्णय बताएंगे लेकिन कांग्रेस ने बिना समाजवादी पार्टी को भरोसे में लिए, दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने भी 24 घंटे के अंदर बुधनी सीट से अपना प्रत्याशी उतार कर कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया। इस सीट से समाजवादी पार्टी ने एक दिन पहले ही कांग्रेस से इस्तीफा देकर आए अर्जुन राय को अपना प्रत्याशी बनाया है।

सपा ने एक सीट पर मांगा था टिकट लेकिन वो भी नहीं हो पाया कांग्रेस से
दरअसल, किसान नेता के तौर पर पहचाने जाने वाले अर्जुन राय कांग्रेस में प्रदेश सचिव रहे हैं और लंबे समय से विधानसभा चुनाव में टिकट मांग रहे थे। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो नाराज होकर उन्होंने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। अर्जुन राय 2018 में भी समाजवादी पार्टी में थे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारती ने इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा की अर्जुन आर्य ने 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात कर पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई। जिसके बाद उन्हें पार्टी में शामिल किया गया। यश ने यह भी कहा कि कई दौर की बातचीत के बावजूद कांग्रेस ने दो में से एक सीट गठबंधन धर्म के तहत उन्हें नहीं दी। यश भारती ने कहा कांग्रेस अपनी हार से सबक नहीं लेती है चाहे हार हरियाणा की हो या 2023 की मध्य प्रदेश चुनावों की। कांग्रेस ऐसी पार्टी है जो सहयोगियों से सहयोग नहीं लेना चाहती और सहयोग देना भी नहीं चाहती है।

सीएम मोहन यादव ने किया संपदा-2.0 पोर्टल और ऐप का शुभारंभ, बोले- इसे पूरा देश फॉलो करेगा

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को संपदा-2.0 पोर्टल और ऐप का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन अब कल्पवृक्ष की तरह आमजन की हर जरूरत पूरी कर रहा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को ई-रजिस्ट्री और ई-पंजीयन के नवीन प्रणाली पर विकसित संपदा-2.0 पोर्टल और ऐप का शुभारंभ किया है। मोहन यादव ने इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया डिजिटल इंडिया मिशन अब कल्पवृक्ष की तरह आमजन की हर जरूरत पूरी कर रहा है। जीरो बैलेंस खाता, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और ई-रजिस्ट्री जैसे नवाचार ने सभी का जीवन सरल और सुगम बनाया है।
पूरा देश फॉलो करेगा- मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी कड़ी में मध्यप्रदेश में नवीन तकनीक पर आधारित “संपदा-2.0” का नवाचार ऑनलाइन दस्तावेज पंजीयन में डिजिटल क्रांति का माइलस्टोन बनेगा। इस नवाचार को पूरा देश फॉलो करेगा। पहले प्रदेश में दस्तावेज पंजीयन और अन्य कार्यों के लिए कार्यालय आना पड़ता था लेकिन पोर्टल और ऐप के माध्यम से सभी लोग घर से ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

केन्द्र ने मध्य प्रदेश को दो कार्य दिए- मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश को 2 नए महत्वपूर्ण कार्य सौंपे हैं। इसमें 120 शहरों के जीआईएस कार्य को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से आईटी विभाग द्वारा पूरा किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में जीआईएस लैब स्थापित करने जा रहे हैं। इसका लाभ प्रदेश को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश बहुत उन्नति कर रहा है। आईटी में नवाचार के साथ मध्यप्रदेश सरकार पेपरलेस सिस्टम की दिशा में कदम बढ़ाएगी।

संपदा-2.0 की खूबियां
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने “संपदा-2.0” की खूबियां बताते हुए कहा कि “संपदा-2.0” उन्नत तकनीक पर आधारित सॉफ्टवेयर है। इसमें राजस्व वित्त विभाग और नगरीय प्रशासन के साथ जीएसटी और युनीक आईडी आधार से भी इंटीग्रेटेड किया गया है। जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दर ऐप में लोकेशन के माध्यम से मालूम हो सकेगी। सॉफ्टवेयर से संपत्ति की जीआईसी मैपिंग होगी, बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों की फॉर्मेटिंग भी होगी। दस्तावेजों के पंजीयन के लिए व्यक्तिगत मौजूदगी की जरूरत नहीं होगी। घर बैठे ही दस्तावेज सत्यापन और पंजीकरण हो सकेगा। दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी व्हाट्सएप और ईमेल से आवेदक को प्राप्त होगी।

मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश लगातार नवाचार कर रहा है। इस दिशा में प्रदेश में संपदा-2.0 की नई व्यवस्था प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशानुरूप ईज ऑफ लिविंग को दृष्टिगत रखते हुए लागू की जा रही है। इससे पंजीयन की व्यवस्था सुगम, सरल ओर करप्शन-फ्री बनेगी। नागरिकों को ई-पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग की नवीन प्रणाली का लाभ मिलेगा। लोग घर बैठे अपनी प्रापर्टी को बेच भी सकेंगे और रजिस्ट्री करा सकेंगे। इस प्रणाली से प्रदेश ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के बाहर से भी ऑनलाइन रजिस्ट्रियाँ करवाई जा सकेंगी। इससे आम व्यक्ति का समय भी बचेगा और अनावश्यक रूप से लगने वाले आरोपों से मुक्ति भी मिलेगी।

ई-पंजीयन कराने वालों से संवाद
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ई-पंजीयन एवं ई-स्टांपिंग के नवीन साफ्टवेयर “संपदा-2.0” का शुभारंभ कर इसका लाभ लेने वाले नागरिकों से वर्चुअल संवाद भी किया। हांगकांग से सुरेन्द्र सिंह चक्रावत ने मुख्यमंत्री को बताया कि “संपदा-2.0” के माध्यम से उन्होंने हांगकांग से ही रतलाम में “पॉवर ऑफ अटार्नी” दस्तावेज का पंजीयन करवाया है। इसी प्रकार जबलपुर में जन्मी 78 वर्षीय बुजुर्ग डॉ. शक्ति मलिक जो वर्तमान में दिल्ली में निवासरत है, उन्होंने भी “संपदा-2.0” के माध्यम “पॉवर ऑफ अटार्नी” दस्तावेज का पंजीयन ऑनलाइन करवाया। मुख्यमंत्री से संवाद में डॉ मलिक ने बताया कि मध्य प्रदेश में की गई इस नई व्यवस्था से वे बेहद प्रसन्न है। उन्होंने कहा कि जो काम मुझे रतलाम जाकर करना पड़ता, वह दिल्ली में बैठे-बैठे हो गया।

जो स्पेन में नहीं हुआ, वह एमपी में हुआ-मरियानो मटियास
मुख्यमंत्री मोहन यादव से वर्चुअल संवाद में स्पेन के मरियानो मटियास ने बताया कि आज तक स्पेन में भी ई-रजिस्ट्री का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद के साथ कहा कि जो काम स्पेन में नहीं हुआ, वह मध्यप्रदेश ने उनके नेतृत्व में टीम ने करके दिखा दिया है। बता दें कि कि मध्यप्रदेश मैट्रो रेल कॉर्पोरेशन के वर्क कॉट्रेक्ट का ऑनलाईन पंजीयन “संपदा-2.0” से कॉर्पोरेशन के पदाधिकारियों और दिल्ली में मौजूद स्पेन से आये मरियोनो मटियास अलवरेज अर्स की कंपनी Ayesa Ingeniera Y Arquitecura S.A.U. और पुष्पेन्द्र गुप्ता (Ayesa India Pvt Ltd) द्वारा किया गया।

रजिस्ट्री पंजीयन की डिजिटल प्रक्रिया में एमपी अग्रणी- उप मुख्यमंत्री
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि देश में रजिस्ट्री पंजीयन की डिजिटल प्रक्रिया में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशन में “संपदा-2.0” का सरलीकरण एवं सुधार तेज गति से हुआ है। प्रदेश की जनता के लिये दस्तावेजों के ऑनलाइन पंजीयन के पारदर्शी प्रणाली लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश में पहला राज्य है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 4 जिलों में सफलतापूर्वक संचालन के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया पूर्णत: पेपरलेस होने से गलतियों की गुंजाईश नहीं रहेगी। मोबाईल ऐप से किसी भी लोकेशन की गाईड लाइन दर तत्काल प्राप्त होगी। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने सॉफ्टवेयर बनाने वाली टीम को बधाई और शुभकामनाएं भी दी।

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पंजीयन विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुए कार्यक्रम में “संपदा-2.0” पोर्टल और ऐप पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

बीजेपी विधायक के कहने पर SHO ने दर्ज नहीं की FIR तो दे दिया इस्तीफा, बोले- ‘ऐसी विधायकी मुझे नहीं करनी’, बाद में पलटे

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सागर:मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी से भाजपा विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने अपनी विधानसभा के एक थाने से नाराज होकर पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने इस्तीफा देने की बात कही है। यही नहीं बीजेपी विधायक ने पुलिस थाने में धरना दिया। इस दौरान थाने में उनके समर्थकों की भीड़ भी जुट गई। बीजेपी विधायक घटनाक्रम के कुछ घंटे के अंदर ही इपने बयान से पटल गए और कहा कि आक्रोश में आकर उन्होंने यह कदम उठाया। अब इस्तीफा जैसी कोई बात नहीं है।
थाना प्रभारी ने बात नहीं मानी तो धरने पर बैठे विधायक

जानकारी के अनुसार, देवरी विधानसभा से भाजपा विधायक बृज बिहारी पटेरिया गुरुवार शाम एक पीड़ित पक्ष की शिकायत पर केसली थाने पहुंचे और एक डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे। विधायक के कहने पर जब थाना प्रभारी ने एफआईआर दर्ज नहीं की तो वह नाराज होकर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके साथ ही उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। इस संबंध में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया है। विधायक का इस्तीफा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पीड़ित परिवार से डॉक्टर ने मांगा रिश्वत

विधायक बृज बिहारी पटेरिया ने बताया कि रोहित यादव के पिता की सांप काटने से मौत हो गई थी। पीड़ित परिजन रिपोर्ट लिखाने आए थे। मृतक का पोस्टमार्टम भी हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने के लिए डॉक्टर ने रिश्वत की मांग की। आरोप है कि डॉक्टर ने पीड़ित को कहा कि अगर पैसे नहीं दोगे तो हम सांप काटने से हुई मौत नहीं लिखेंगे।
विधायक के कहने पर भी दर्ज नहीं की एफआईआर

विधायक ने कहा कि पीड़ित गरीब आदमी है। उसके पास नहीं पैसे थे। डॉक्टर ने जो रिपोर्ट बनाई उसमें सर्वदंश नहीं लिखा। हमने टीआई को भी फोन किया। एसपी साहब से भी बात हुई। सब लोगों को बताया कि यह गंभीर मामला है। आपको रिपोर्ट लिखने में क्या दिक्कत है। रिपोर्ट लिखिए जांच कीजिए। एफआईआर सही तो करवाई कीजिए। सही नहीं है तो करवाई मत कीजिए। इस बात को लेकर थोड़ी तनातनी हो गई। अब वह रिपोर्ट लिखने को तैयार नहीं है। वे लोग सर्कुलर दिखा रहे हैं। कह रहे हैं कि यह सेंट्रल गवर्नमेंट का सर्कुलर है। यह स्टेट गवर्नमेंट का सर्कुलर है।

विधायक ने दिया इस्तीफा, बोले- ऐसी विधायकी अब मुझे नहीं करना
पटेरिया ने कहा कि मैंने थाना प्रभारी को कहा कि जब निर्वाचित विधायक के खिलाफ एफआईआर हो सकती है तो डॉक्टर के खिलाफ क्यों नहीं हो सकती। ऐसा निर्वाचित विधायक होने का कोई मतलब नहीं है। यदि विधायक को खुद आना पड़े थाने में पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट लिखने के लिए और रिपोर्ट ना लिखी जाए इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है। वह भी तब जब सत्ता पक्ष के विधायक थाने में खुद हों। इसलिए इस्तीफा दे दिया। ऐसी विधायकी मुझे नहीं करनी है।

इस्तीफा देने की बात से पलटे बीजेपी विधायक

वहीं, इस घटनाक्रम के कुछ घंटे बाद ही ब्रज बिहारी पटेरिया अपनी बात से पलट गए। उन्होंने कहा कि हमने गुस्से में आकर इस्तीफा दिया था। अब इस्तीफा देने जैसी कोई बात नहीं है। संगठन और सरकार मेरे साथ है। मैं स्पीकर और मुख्यमंत्री के आदेश का मैं पालन करूँगा।

सीएम मोहन यादव ने संजय राउत को दिया जवाब, कहा- MP आकर देखें किस तरह चल रही लाडली बहना योजना

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सीएम मोहन यादन ने संजय राउत को जवाब देते हुए कहा है कि प्रदेश में लाडली बहना योजना अभी भी चल रही है। उद्धव ठाकरे की पार्टी के नेता जनता को गुमराह कर रहे हैं।
भोपालः मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाडली बहना योजना बंद होने को लेकर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के बयान पर निशाना साधा है। मोहन यादव ने कहा कि हार के डर से शिवसेना (UBT) के लोग महाराष्ट्र के चुनाव में मतदाताओं को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। मैं एक बार फिर अपने सारे मतदाताओं से कहना चाहूंगा कि ऐसे लोगों के बातों पर भरोसा न करें।
सीएम मोहन यादव ने संजय राउत को दिया जवाब

सीएम मोहन यादव ने कहा कि जब से हमने लाडली बहना योजना शुरू की है। लगातार हर महीने, निश्चित समय पर बहनों को पैसे देने का काम किया है। संजय राउत को मैं बताना चाहूंगा कि एक बार मध्य प्रदेश आकर देखें कि कैसे एक करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में पैसे किस तरह से भेजे जा रहे हैं। जबसे हमने लाडली बहन योजना शुरू की है तब से लगातार हर महीने सारी बहनों को पैसे भेजे जा रहे हैं। हमने अभी हाल में ही एक साथ पूरे प्रदेश की एक करोड़ 29 लाख बहनों के खाते में हमने रकम डाली है।

महिलाएं संजय राउत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लाडली बहनें मेरे पास खुद आई हैं और बोल रही हैं कि हम थाने में शिकायत करेंगे कि हमको अपमानित किया गया। झूठ बोला गया। तो हमने कहा आप शिकायत करने को स्वतंत्र हैं। हम कभी सोच भी नहीं सकते कि इसको हम बंद करेंगे।

संजय राउत के खिलाफ भोपाल मे एफआईआर दर्ज

बता दें कि मध्य प्रदेश पुलिस ने शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत के खिलाफ राज्य सरकार की प्रमुख लाडली बहन योजना के बारे में कथित तौर पर गुमराह करने वाली टिप्पणी को लेकर FIR दर्ज की है। पुलिस ने भाजपा महिला मोर्चा की जिला इकाई की अध्यक्ष वंदना जाचक और इसकी उपाध्यक्ष सुषमा चौधरी की शिकायत पर भोपाल अपराध शाखा ने मामला दर्ज किया है। संजय राउत ने दावा किया था कि मध्य प्रदेश सरकार की लाडली बहन योजना बंद कर दी जाएगी।