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मणिपुर के उखरुल में हिंसा, 3 की मौत:10 से ज्यादा घायल, जमीन विवाद में दो पक्षों में फायरिंग; चुराचांदपुर में उग्रवादी की हत्या

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मणिपुर के उखरुल जिले में बुधवार को नगा समुदाय के दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई। 10 से ज्यादा घायल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163, 2023 की उप-धारा 1 के तहत इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अगले आदेश तक लोगों के घरों से निकलने पर रोक है।

पुलिस ने बताया कि दोनों पक्ष नगा समुदाय के हैं, लेकिन हुनफुन और हंगपुंग नाम के दो अलग-अलग गांव हैं। दोनों पक्ष एक जमीन पर अपना दावा करते हैं। स्वच्छता अभियान के तहत विवादित जमीन की सफाई को लेकर दोनों पक्षों के बीच हिंसा हुई। इलाके में असम राइफल्स को तैनात किया गया है।

चुराचांदपुर में उग्रवादी की गोली मारकर हत्या
दूसरी तरफ, चुराचांदपुर जिले के लीशांग गांव के पास मंगलवार को अज्ञात लोगों ने एक प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के टाउन कमांडर की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान जिले के कपरंग गांव के निवासी सेखोहाओ हाओकिप के रूप में की गई।

पुलिस ने बताया कि मृतक यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) का सदस्य था। घटना कल सुबह 12:15 बजे चुराचांदपुर में टोरबुंग बंगले से करीब 1.5 किमी दूर हुई। पुलिस ने हाओकिप के शव को चुराचांदपुर मेडिकल कॉलेज के मॉर्चुरी में रखवा दिया है।

थौबल में 48 घंटे का बंद, जनजीवन प्रभावित
इधर, मणिपुर के थौबल जिले में उग्रवादियों द्वारा दो युवकों की किडनैपिंग के विरोध में जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) ने 48 घंटे का बंद बुलाया था। इससे मंगलवार, 1 अक्टूबर को सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

पुलिस ने बताया कि उग्रवादियों ने ​​​​​​ 27 सितंबर को दो स्थानीय युवकों का अपहरण कर लिया था। इसे लेकर JAC ने 1 अक्टूबर को सुबह 3 बजे से बंद का आह्वान किया है। JAC ने 30 अक्टूबर की रात तक युवाओं को रिहा नहीं किए जाने पर विरोध-प्रदर्शन और जिले में पूर्ण बंद की धमकी दी थी। सोमवार को थौबल मेला ग्राउंड में विरोध-प्रदर्शन भी हुआ। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे (NH) भी जाम कर दिया।

दरअसल, कुकी मिलिटेंट्स ने तीन युवकों को बंदी बनाया था, उनमें से एक को छोड़ दिया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है की बाकी दोनों को भी छोड़ा जाए। प्रदर्शन में पीड़ितों के परिवार भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पीड़ित थोकचोम थोइथोइबा की मां बेहोश हो गईं।

जॉइंट एक्शन कमेटी के रिप्रेजेंटेटिव ने CM एन बीरेन सिंह से मुलाकात की। उनका कहना है कि राज्य सरकार को दी गई समय सीमा सोमवार दोपहर 1:30 बजे ही समाप्त हो चुकी है। इसलिए वे विरोध-प्रदर्शन के लिए बाहर जा रहे हैं।

मणिपुर में हिंसा को लगभग 500 दिन हुए
कुकी-मैतेई के बीच चल रही हिंसा को लगभग 500 दिन हो गए। इस दौरान 237 मौतें हुईं, 1500 से ज्यादा लोग जख्मी हुए, 60 हजार लोग घर छोड़कर रिलीफ कैंप में रह रहे हैं। करीब 11 हजार FIR दर्ज की गईं और 500 लोगों को अरेस्ट किया गया।इस दौरान महिलाओं की न्यूड परेड, गैंगरेप, जिंदा जलाने और गला काटने जैसी घटनाएं हुईं। अब भी मणिपुर दो हिस्सों में बंटा हैं। पहाड़ी जिलों में कुकी हैं और मैदानी जिलों में मैतेई। दोनों के बीच सरहदें खिचीं हैं, जिन्हें पार करने का मतलब है मौत।

स्कूल- मोबाइल इंटरनेट बंद किए गए। मणिपुर में अचानक बढ़ी हिंसक घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने 10 सितंबर को 5 दिन के लिए इंटरनेट पर बैन लगाया था। हालांकि, 12 सितंबर को ब्रॉडबेन्ड इंटरनेट से बैन हटा लिया गया था।

4 पॉइंट्स में समझिए मणिपुर हिंसा की वजह…

मणिपुर की आबादी करीब 38 लाख है। यहां तीन प्रमुख समुदाय हैं- मैतेई, नगा और कुकी। मैतई ज्यादातर हिंदू हैं। नगा-कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ST वर्ग में आते हैं। इनकी आबादी करीब 50% है। राज्य के करीब 10% इलाके में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल ही है। नगा-कुकी की आबादी करीब 34 प्रतिशत है। ये लोग राज्य के करीब 90% इलाके में रहते हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद: मैतेई समुदाय की मांग है कि उन्हें भी जनजाति का दर्जा दिया जाए। समुदाय ने इसके लिए मणिपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई। समुदाय की दलील थी कि 1949 में मणिपुर का भारत में विलय हुआ था। उससे पहले उन्हें जनजाति का ही दर्जा मिला हुआ था। इसके बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से सिफारिश की कि मैतेई को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किया जाए।

मैतेई का तर्क क्या है: मैतेई जनजाति वाले मानते हैं कि सालों पहले उनके राजाओं ने म्यांमार से कुकी काे युद्ध लड़ने के लिए बुलाया था। उसके बाद ये स्थायी निवासी हो गए। इन लोगों ने रोजगार के लिए जंगल काटे और अफीम की खेती करने लगे। इससे मणिपुर ड्रग तस्करी का ट्राएंगल बन गया है। यह सब खुलेआम हो रहा है। इन्होंने नागा लोगों से लड़ने के लिए आर्म्स ग्रुप बनाया।

नगा-कुकी विरोध में क्यों हैं: बाकी दोनों जनजाति मैतेई समुदाय को आरक्षण देने के विरोध में हैं। इनका कहना है कि राज्य की 60 में से 40 विधानसभा सीट पहले से मैतेई बहुल इंफाल घाटी में हैं। ऐसे में ST वर्ग में मैतेई को आरक्षण मिलने से उनके अधिकारों का बंटवारा होगा।

सियासी समीकरण क्या हैं: मणिपुर के 60 विधायकों में से 40 विधायक मैतेई और 20 विधायक नगा-कुकी जनजाति से हैं। अब तक 12 CM में से दो ही जनजाति से रहे हैं।

इस बार शारदीय नवरात्र पर बरसेगी माता की कृपा, बन रहा खास संयोग, 9 दिन व्रत रखने वाले जान लें कब करना है पारण

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प्रयागराज. शारदीय नवरात्र की गुरुवार तीन अक्टूबर से शुरूआत होने जा रही है. ग्रहों और नक्षत्रों के खास संयोग के चलते इस बार की नवरात्रि बेहद खास मानी जा रही है. धर्म और ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक इस बार की शारदीय नवरात्रि पर देवी मां अपने भक्तों पर अमृत वर्षा करने जा रही हैं. इस बार चतुर्थी तिथि की बढ़ोतरी हो रही है, जबकि नवमी तिथि की हानि होगी. इसके बावजूद नवरात्रि पूरे नौ दिन की ही रहेगी. नवरात्रि पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओ के व्रत का पारण इस बार विजयादशमी के दिन होगा.

ज्योतिषाचार्य और वास्तु शास्त्री आचार्य अविनाश राय के मुताबिक इस बार नवरात्रि का प्रारंभ हस्त नक्षत्र में हो रहा है. प्रतिपदा यानि पहले दिन ही सुबह के वक्त से लेकर दोपहर 3.18 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा. कलश स्थापना के लिए यह बेहद शुभ मुहूर्त है. इस अवधि में कलश स्थापना करना बेहद फलदाई होगा. उनके मुताबिक इस बार की शारदीय नवरात्रि पर बृहस्पति-सूर्य और शनि का खास संयोग बन रहा है. इस तरह का खास सहयोग करने पर प्रयागराज में कुंभ का आयोजन होता है. इस बार बृहस्पति की स्थिति देवी मां की आराधना करने वाले भक्तों पर अमृत वर्षा करेगी. लोगों को हर तरह और हर तरफ से लाभ होगा.

दशहरे के दिन होगा पारण
आचार्य अविनाश राय के मुताबिक इस बार चतुर्थी तिथि में बढ़ोतरी होने से लोगों पर भगवान गणेश की भी कृपा बरसेगी. चतुर्थी के दिन श्रद्धालुओं को देवी मां की आराधना के साथ ही प्रथम पूज्य भगवान गणेश की भी पूजा अर्चना करनी चाहिए. उनके मुताबिक इस बार अष्टमी और नवमी दोनों एक ही दिन पड़ रही है. हालांकि, अष्टमी का व्रत शुक्रवार के दिन रहना होगा. इसी दिन महानिशा पूजा भी होगी. महानिशा पूजा का मुहूर्त सिर्फ कुछ अवधि के लिए ही है. इस मौके पर पूजा अर्चना करने वालों को मनचाहे फल की प्राप्ति होगी. अष्टमी के दिन ही नवमी की भी पूजा होगी, लेकिन व्रत का पारण विजयदशमी की सुबह होगा.

इस बार की नवरात्री बेहद खास
आचार्य अविनाश राय का कहना है कि इस बार की नवरात्रि इसलिए भी बेहद खास है, क्योंकि देवी मां इस बार डोला और नौका पर सवार होकर आएंगी. उनके मुताबिक बच्चों-बूढ़ों और बीमार लोगों को छोड़कर सभी को नवरात्रि में पूरे नौ दिनों का व्रत रखना चाहिए. इस अवधि में नियम और संयम के साथ रहना चाहिए.

तिरुपति बालाजी मंदिर के महाप्रसाद में मिलावट को लेकर हिन्दू समाज में जनआक्रोश

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अलीगढ़ । तिरुपति बालाजी मंदिर प्रसाद में मिलावटी घी, जानवर की चर्बी को लेकर हिंदू समाज में आक्रोश पैदा हो गया आज दिनांक 28 सितंबर 2024, शनिवार को विश्व हिंदू परिषद व समस्त हिंदू समाज हरिगढ़ द्वारा हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों और भेदभाव और उनकी आस्था और भावनाओं को ठेस पहुँचाने के प्रयासों के विरोध में जनआक्रोश रैली निकालकर विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। वार्ष्णेय महाविद्यालय क्रीड़ा स्थल से अचल ताल, मदारगेट, दुबे की पड़ाव होते हुए अचलताल स्थित रामलीला मैदान पर आकार समापन हुआ। तिरुपति बालाजी मंदिर प्रसाद में मिलावत के विरोध में सीबीआई जांच व दोषियों पर कार्यवाही हेतु राष्ट्रपति जी को सम्बोधित कर निम्नलिखित मांगे रखते हुए एसीएम को ज्ञापन सौंपा।
विश्व हिंदू परिषद व समस्त हिंदू समाज की मांग निम्नलिखित है:
1). तिरुपति बालाजी मंदिर सहित सभी हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए।
2). मंदिरों की संपत्ति और आय का उपयोग मंदिरों के विकास और हिंदुओं के धार्मिक कार्यों के लिए किया जाए।
3). मंदिरों के संचालन के लिए एक निश्चित व्यवस्था का प्रारूप तैयार किया जाए.
4). सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं द्वारा मंदिरों की संपत्ति और आय के दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए।
हिंदू समाज की यह मांग संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के अनुसार है, जो हिंदुओं को अपने धर्म के अनुसार जीने और पूजा करने का अधिकार देता है।
जन आक्रोश विशाल धरना प्रदर्शन रैली में महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती, हिंदू युवा वाहिनी विभाग प्रमुख महंत योगी कौशलनाथ, विश्व हिंदू परिषद महानगर कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश शास्त्री, कोल विधायक अनिल पाराशर, पूर्व पार्षद नितिन अरोरा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महानगर कार्यवाह रतन वार्ष्णेय, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पूर्व विश्व विद्यालय संयोजक (गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर) हिमांक अरोरा, विश्व हिंदू परिषद विभाग संयोजक मुकेश राजपूत, विश्व हिंदू परिषद महानगर मंत्री मयंक कुमार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विभाग प्रचारक गोविंद, विभाग कार्यवाह योगेश, महानगर प्रचारक विक्रांत, सह प्रचार प्रमुख राजनारायण सिंह, आदि अनुषांगिक संगठनो के प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर डॉक्टर अन्नपूर्णा भारती ने कहा, ‘आज भारत में बड़ी ही विषम स्थितियों पैदा हो गई हैं। यह जिहादी मानसिकता ही है कि जूस में गंदगी मिलाई जा रही है। दुका जलाई जा रही हैं। बहन बेटियों की आबरू से खेला जा रहा है। अब तो और भी विषम स्थिति पैदा हो गई कि जो हिंदुओं के आस्था के केंद्र श्री तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में भी चर्बी मिलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि धर्म को भ्रष्ट करने वालों को हम खुद मौका दे रहे हैं क्योंकि आज हिंदू समाज कट्टर नहीं है।’
महामंडलेश्वर ने कहा कि जब भी हम लोग किसी गलत काम का विरोध करते हैं तो कभी प्रशासन दुश्मन बनता है तो कभी वोट बैंक की राजनीति हमारे विरोध में आ जाती है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को चंद्रशेखर आजाद, सरदार भगत सिंह और वीर सावरकर जैसा बनना चाहिए। इन महान देश भक्तों को कोई इसलिए नहीं डिगा पाया क्योंकि वह अडिग थे।
महामंडलेश्वर ने साथ ही यह भी कहा कि जिस बांग्लादेश में हमारी बहन -बेटियों और हिंदुओं के साथ अत्याचार हो रहा है, उसके साथ भारत का मैच हो रहा है यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उधर तिरुपति बालाजी में मिलावटी लड्डू देकर इतना बड़ा कांड हो जाता है और सब शांत हैं।

ई खबर मीडिया के लिए अलीगढ़ से नितिन अरोड़ा की रिपोर्ट

रतलाम नगर निगम का बड़ा फेसला , नवरात्रि मेले मैं दुकानदारों को नाम एवम पते का लगाना होगा एक अलग बोर्ड।

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मध्यप्रदेश के रतलाम नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। हर साल की तरह इस बार भी कालिका माता मंदिर में 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि मेले में इस बार दुकानदारों को दुकान पर नाम और पता का बोर्ड लगाना होगा जो सभी दुकानदारों के लिए अनिवार्य होगा। 12 अक्टूबर तक चलने वाले मेले में MP, UP, राजस्थान, गुजरात के भी व्यापारी दुकान लगाते हैं। पहली बार मेले में आने वाले दुकानदारों को अपने नाम का बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। नगर निगम के राजस्व समिति प्रभारी दिलीप गांधी का कहना है कि यह निर्णय इसलिए लेना पड़ा, क्योंकि कोई बिचौलिया बीच में न आए एवम सही व वास्तिवक व्यक्ति को ही दुकान मिले।

ई खबर मीडिया के लिए लोकेंद्र तंवर की रिपोर्ट 

लड़ रहे इजरायल-ईरान, हलक में फंसी 90 लाख भारतीयों की जान, मोदी को कर रहे याद, फिर होगा यूक्रेन जंग वाला चमत्कार?

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इजरायल और ईरान के बीच सालों से चली आ रही इंतकाम की आग अब विकराल रूप धारण कर लिया है. गाजा, हिजबुल्ला और हूतियों पर हमले से तिलमिलाया ईरान अब इजरायल पर मिसाइल पर मिसाइल दागने लगा है. बीती रात ईरान ने इजरायल पर ताबड़तोड़ 200 से ज्यादा मिसाइलें दाग कर जो तबाही मचाई, उसकी गूंज अमेरिका तक सुनाई दिया. ऐसे में अब अमेरिका की भी नींद उड़ गई है. विदेशी मामलों के जानकार इसे महाप्रलय की आहट बता रहे हैं. ईरान-इजरायल की लड़ाई के जद में सिर्फ दो देशों के नागरिक ही नहीं पूरा गल्फ कंट्री के साथ-साथ दुनिया भी आ सकता है. इससे गल्फ कंट्री में रह रहे 90 लाख भारतीयों के जीवन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं.

जानकारों की मानें तो अमेरिका अगर इजरायल का साथ नहीं दिया तो इजरायल की हालत पतली हो सकती है. क्योंकि, ज्यादातर मुस्लिम कंट्री इजरायल को बर्बाद करने की कसम खाई है. पिछले कई महीनों से इजरायल हमास, हिजबुल्ला और हूतियों से लड़ते-लड़ते थक गई है. ऐसे में अमेरिका की एंट्री होना तय माना जा रहा है. अगर ईरान-इजरायल में युद्ध लंबा चला तो दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था तो चौपट होगी ही साथ ही रोजी-रोटी और रोजगार के भी संकट आ सकते हैं.

कितना खतरनाक होगा ईरान-इजरायल युद्ध?
ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका इजरायल का साथ देता है तो ईरान खाड़ी के देशों में अमेरिकी बेस पर भी हमला करेगा. इसका नतीजा ये होगा कि पूरे गल्फ कंट्री की हालत खराब हो जाएगी. क्योंकि, अमेरिका का ईरान और इराक को छोड़कर गल्फ कंट्री के हर देश में अमेरिकी बेस है. इससे तेल की आपूर्ति बाधित होगी और लोगों के रोजगार और जीवन पर भी संकट के बादल मंडरा सकते हैं.

क्या कहते हें विदेशी मामलों के जानकार
विदेश मामलों के जानकार कमर आगा न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहते हैं, ‘ईरान-इजरायल में जो लड़ाई शुरू हुई है, ऐसा लग रहा है कि यह 2 दिन या दो महीने में बंद नहीं होने वाला है. अगर इसे रोका नहीं गया तो ये लड़ाई लंबा चलेगा. अमेरिका ने भी इस लड़ाई में एंट्री ले ली तो स्थिति और भयावह और विनाशकारी हो सकता है. क्योंकि, ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका इजरायल का साथ देता है तो वह खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस पर भी हमला करेगा. इससे यह लड़ाई पूरे क्षेत्र में फैलने की संभावन बन रही है.

लड़ रहे इजरायल-ईरान, हलक में फंसी 90 लाख भारतीयों की जान, मोदी को कर रहे याद, फिर होगा यूक्रेन जंग वाला चमत्कार?

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इजरायल और ईरान के बीच सालों से चली आ रही इंतकाम की आग अब विकराल रूप धारण कर लिया है. गाजा, हिजबुल्ला और हूतियों पर हमले से तिलमिलाया ईरान अब इजरायल पर मिसाइल पर मिसाइल दागने लगा है. बीती रात ईरान ने इजरायल पर ताबड़तोड़ 200 से ज्यादा मिसाइलें दाग कर जो तबाही मचाई, उसकी गूंज अमेरिका तक सुनाई दिया. ऐसे में अब अमेरिका की भी नींद उड़ गई है. विदेशी मामलों के जानकार इसे महाप्रलय की आहट बता रहे हैं. ईरान-इजरायल की लड़ाई के जद में सिर्फ दो देशों के नागरिक ही नहीं पूरा गल्फ कंट्री के साथ-साथ दुनिया भी आ सकता है. इससे गल्फ कंट्री में रह रहे 90 लाख भारतीयों के जीवन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं.

जानकारों की मानें तो अमेरिका अगर इजरायल का साथ नहीं दिया तो इजरायल की हालत पतली हो सकती है. क्योंकि, ज्यादातर मुस्लिम कंट्री इजरायल को बर्बाद करने की कसम खाई है. पिछले कई महीनों से इजरायल हमास, हिजबुल्ला और हूतियों से लड़ते-लड़ते थक गई है. ऐसे में अमेरिका की एंट्री होना तय माना जा रहा है. अगर ईरान-इजरायल में युद्ध लंबा चला तो दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था तो चौपट होगी ही साथ ही रोजी-रोटी और रोजगार के भी संकट आ सकते हैं.

कितना खतरनाक होगा ईरान-इजरायल युद्ध?
ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर अमेरिका इजरायल का साथ देता है तो ईरान खाड़ी के देशों में अमेरिकी बेस पर भी हमला करेगा. इसका नतीजा ये होगा कि पूरे गल्फ कंट्री की हालत खराब हो जाएगी. क्योंकि, अमेरिका का ईरान और इराक को छोड़कर गल्फ कंट्री के हर देश में अमेरिकी बेस है. इससे तेल की आपूर्ति बाधित होगी और लोगों के रोजगार और जीवन पर भी संकट के बादल मंडरा सकते हैं.

क्या कहते हें विदेशी मामलों के जानकार
विदेश मामलों के जानकार कमर आगा न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहते हैं, ‘ईरान-इजरायल में जो लड़ाई शुरू हुई है, ऐसा लग रहा है कि यह 2 दिन या दो महीने में बंद नहीं होने वाला है. अगर इसे रोका नहीं गया तो ये लड़ाई लंबा चलेगा. अमेरिका ने भी इस लड़ाई में एंट्री ले ली तो स्थिति और भयावह और विनाशकारी हो सकता है. क्योंकि, ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका इजरायल का साथ देता है तो वह खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस पर भी हमला करेगा. इससे यह लड़ाई पूरे क्षेत्र में फैलने की संभावन बन रही है.

क्या मुंबई जैसी ऊंची-ऊची होंगी MP की कमर्शियल बिल्डिंगें, जानें किस नियम में हो सकता है बदलाव, क्या है तैयारी?

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भोपाल. मध्य प्रदेश से बड़ी खबर है. अब प्रदेश की कमर्शियल बिल्डिंग और ऊची होंगी. सरकार कर्मशियल बिल्डिंग में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को दोगुना कर सकती है. भोपाल में एफएआर फिलहाल 2.5 है, लेकिन अब इसे 5 या 7 करने की योजना है. खास बात यह है कि, इस तरह की बिल्डिंगों में केंद्र सरकार के नेशनल बिल्डिंग कोड का पालन करना जरूरी होगा. इस कोड के पालन से भवन और ज्यादा मजबूत और सुरक्षित होंगे. इसके मद्देनजर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टी एंड सीपी) ने संशोधन प्रस्ताव तैयार किया है. यह प्रस्ताव टी एंड सीपी के भूमि विकास नियम-2012 के लिए तैयार किया गया है.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार नियमों के बदलाव होने के बाद उन्हीं के आधार पर अनुदान तय करेगी. इस तरह की बिल्डिंग बनने के बाद हर दुकान-मकान में आग के सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने होंगे. इस तरह की ऊंची कॉलोनी बनाने वालों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग के लिए स्टेशन बनाना होगा. भवन निर्माताओं को ग्राउंड कवरेज की लिमिट से छूट मिल सकती है. उन्हें एक न्यूनतम क्षेत्र की खुला रखना पड़ेगा. अभी तक बनी हाईराइज बिल्डिंगों में 50 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखना पड़ता है. रिहाशयी इलाके में 30 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखने का नियम है. जबकि, कमर्शियल में अभी तक 40 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखा जाता है.
केंद्र सरकार तय करेगी अनुदान
बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे शहरी क्षेत्रों में सुधार करें. भोपाल से प्रकाशित हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक, केंद्र सरकार ने यह इसलिए करने का कहा है, ताकि शहरी विकास योजनाओं और अमृत योजना के लिए अनुदान मिल सके. ये बदलाव होने के बाद जो सुधार होंगे, उन्हीं के आधार पर केंद्र सरकार अनुदान का फंड तय करेगी. इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि टी एंड सीपी ने नगरीय विकास एवं आवास को भूमि विकास नियम में संशोधन के लिए प्रस्ताव दिए थे. विभाग ने उन्हें और बेहतर तरीके से तैयार करने को कहा है. इसके बाद केंद्र सरकार जो मंशा होगी उस पर विचार किया जाएगा. उसके बाद इसे लागू किया जाएगा.

क्या मुंबई जैसी ऊंची-ऊची होंगी MP की कमर्शियल बिल्डिंगें, जानें किस नियम में हो सकता है बदलाव, क्या है तैयारी?

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भोपाल. मध्य प्रदेश से बड़ी खबर है. अब प्रदेश की कमर्शियल बिल्डिंग और ऊची होंगी. सरकार कर्मशियल बिल्डिंग में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को दोगुना कर सकती है. भोपाल में एफएआर फिलहाल 2.5 है, लेकिन अब इसे 5 या 7 करने की योजना है. खास बात यह है कि, इस तरह की बिल्डिंगों में केंद्र सरकार के नेशनल बिल्डिंग कोड का पालन करना जरूरी होगा. इस कोड के पालन से भवन और ज्यादा मजबूत और सुरक्षित होंगे. इसके मद्देनजर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टी एंड सीपी) ने संशोधन प्रस्ताव तैयार किया है. यह प्रस्ताव टी एंड सीपी के भूमि विकास नियम-2012 के लिए तैयार किया गया है.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार नियमों के बदलाव होने के बाद उन्हीं के आधार पर अनुदान तय करेगी. इस तरह की बिल्डिंग बनने के बाद हर दुकान-मकान में आग के सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने होंगे. इस तरह की ऊंची कॉलोनी बनाने वालों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग के लिए स्टेशन बनाना होगा. भवन निर्माताओं को ग्राउंड कवरेज की लिमिट से छूट मिल सकती है. उन्हें एक न्यूनतम क्षेत्र की खुला रखना पड़ेगा. अभी तक बनी हाईराइज बिल्डिंगों में 50 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखना पड़ता है. रिहाशयी इलाके में 30 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखने का नियम है. जबकि, कमर्शियल में अभी तक 40 फीसदी ग्राउंड कवरेज रखा जाता है.
केंद्र सरकार तय करेगी अनुदान
बताया जाता है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे शहरी क्षेत्रों में सुधार करें. भोपाल से प्रकाशित हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक, केंद्र सरकार ने यह इसलिए करने का कहा है, ताकि शहरी विकास योजनाओं और अमृत योजना के लिए अनुदान मिल सके. ये बदलाव होने के बाद जो सुधार होंगे, उन्हीं के आधार पर केंद्र सरकार अनुदान का फंड तय करेगी. इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि टी एंड सीपी ने नगरीय विकास एवं आवास को भूमि विकास नियम में संशोधन के लिए प्रस्ताव दिए थे. विभाग ने उन्हें और बेहतर तरीके से तैयार करने को कहा है. इसके बाद केंद्र सरकार जो मंशा होगी उस पर विचार किया जाएगा. उसके बाद इसे लागू किया जाएगा.

बाप रे बाप! 2000 करोड़ की कोकीन, दिल्ली पुलिस ने पकड़ी ड्रग्स की बहुत बड़ी खेप

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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स के एक बड़े इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने बुधवार को एक करीब 500 किलोग्राम से ज्यादा कोकीन को जब्त किया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल कार्यवाही में 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के कोकीन बरामद किया है. इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस इस मामले को नार्को टेरर एंगल से मामले की जांच शुरू कर दी.

बाप रे बाप! 2000 करोड़ की कोकीन, दिल्ली पुलिस ने पकड़ी ड्रग्स की बहुत बड़ी खेप

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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स के एक बड़े इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने बुधवार को एक करीब 500 किलोग्राम से ज्यादा कोकीन को जब्त किया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल कार्यवाही में 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के कोकीन बरामद किया है. इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस इस मामले को नार्को टेरर एंगल से मामले की जांच शुरू कर दी.