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भोपाल में तेज धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी, जानें अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम

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भोपाल. राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में अक्टूबर के पहले दिन तेज धूप और उमस ने लोगों को काफी परेशान किया. बारिश के बाद भोपाल की सड़कों पर धूल के गुबार देखे जा रहे हैं. भोपाल के मुख्य मार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण भी लोगों को धूल-मिट्टी का सामना करना पड़ रहा है. इससे पहले, रविवार को शहर के कैचमेंट एरिया में हुई बारिश के बाद सोमवार सुबह भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट खोले गए थे.

यह उल्लेखनीय है कि इस मानसून सीजन में भोपाल में सामान्य से लगभग 38% अधिक बारिश दर्ज की गई है. हालांकि, अब धीरे-धीरे मानसून की विदाई शुरू हो रही है. मौसम वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती के अनुसार, प्रदेश में अभी कोई स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिसके चलते अगले 5 दिनों तक प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है. मंगलवार को प्रदेश में तेज धूप के कारण तापमान में भी वृद्धि देखी गई.

भोपाल में पारा 34 डिग्री के पार
मंगलवार को राजधानी भोपाल में तेज धूप के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा. यहां तापमान 34.02 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अतिरिक्त, ग्वालियर में 35.8 डिग्री, टीकमगढ़-नर्मदापुरम में 35 डिग्री, उज्जैन में 34.5 डिग्री, जबलपुर में 34.2 डिग्री और इंदौर में 32.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया.

‘ईरान ने आज रात बड़ी गलती की और इसकी कीमत उसे चुकानी होगी’ : बेंजामिन नेतन्याहू

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प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि “ईरान ने आज रात बहुत बड़ी गलती की है और इसकी कीमत उसे चुकानी होगी. जिसने भी हम पर हमला किया है, हम उस पर वापस हमला करेंगे.

इजरायल के प्रधानमंत्री ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उसने तेल अवीव पर हमला करके ‘बहुत बड़ी गलती’ की है और उन्होंने ईरान के मिसाइल हमले का जवाब देने की कसम खाई है. नेतन्याहू ने कहा कि ईरान इजरायल पर हमले की कीमत चुकाएगा, जिसमें 200 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. इससे पूरे इजरायल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे और नागरिकों को सुरक्षित क्षेत्रों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा.

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि “ईरान ने आज रात बहुत बड़ी गलती की है और इसकी कीमत उसे चुकानी होगी. जिसने भी हम पर हमला किया है, हम उसपर वापस हमला करेंगे.” नेतन्याहू ने इस हमले को नाकाम भी बताया और कहा कि ईरान को भी हमास और हिजबुल्लाह आतंकवादी समूहों जैसा ही भाग्य भोगना पड़ेगा.

इससे पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इजरायल पर हवाई हमला किया था, जिसमें हमले के दौरान कब्जे वाले वेस्ट बैंक में एक फिलिस्तीनी व्यक्ति की मौत हो गई थी और मध्य इजरायल में एक स्कूल और तेल अवीव में एक रेस्तरां को निशाना बनाया गया था.

ईरान का यह हमला मध्य पूर्व क्षेत्र में हिंसक आक्रामकता में हो रही बढ़ोतरी को दिखाता है, जो पिछले साल अक्टूबर में हमास द्वारा इजरायल पर हमला किए जाने के बाद से अस्थिर बना हुआ है.

ईरान द्वारा मिसाइलों से किया गया हमला, क्षेत्र में इजरायल के आक्रमण के जवाब में किया गया था, जिसमें लेबनान स्थित हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह, हमास नेता इस्माइल हनियेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के डिप्टी कमांडर अब्बास निलफोरुषन को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर दी गई थी.

एक ही दिन में 101 लोगों के टेस्ट, क्या खतरनाक स्तर पर पहुंच गए चिकनगुनिया-डेंगू के मामले?

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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चिकनगुनिया और डेंगू का खतरा पैदा हो गया है. स्वास्थ्य विभाग ने 1 अक्टूबर को भोपाल में 101 लोगों के चिकनगुनिया टेस्ट किए. यह आंकड़ा एक ही दिन में करीब-करीब चार गुना है. सितंबर में यह आंकड़ा महज 28 था. इतने लोगों का एक दिन में टेस्ट होना यह दिखाता है कि चिकनगुनिया को लेकर मामला गंभीर रूप ले सकता है. हालांकि, इस मामले में स्वास्थ्य अधिकारी फिलहाल कुछ कह नहीं रहे. भोपाल में चिकनगुनिया के 1614 टेस्ट की पॉजिटिव दर 6.9 फीसदी है. इधर, 1 अक्टूबर को चिकनगुनिया के तीन नए मामले भी सामने आए.

गौरतलब है कि भोपाल के बाग मुगलिया, जेके रोड, सोनागिरी, साकेत नगर, कोलार, नरेला शंकरी, रत्नागिरी, भदभदा, बैरागढ़, करोंद, शहीद नगर, शाहपुरा, द्वारका नगर, हबीबगंज, पिपलिया पेंदें खां, एम्स हॉस्टल, बरखेड़ा, अवधपुरी, खजुरीकलां, झील नगर, इंदिरा नगर, एकता नगर, पंचशील नगर, सुरभि कलश, बीडीए कॉलोनी, दानिश नगर, अविनाश नगर इश्वर नगर और बाग सेवनिया इलाके चिकनगुनिया से ग्रसित हैं. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, 1 अक्टूबर को भोपाल में डेंगू के 9 मामले सामने आए. इस तरह इस बीमारी से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 131 हो गया है. पिछले 8 महीनों में भोपाल में डेंगू के 214 मामले जिला मलेरिया कार्यालय में दर्ज किए गए.

इसलिए जरूरी है टेस्टिंग होना
इस बीमारी की पॉजिटिव दर 4 फीसदी हो गई है. इससे स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े हो गए हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों का टेस्ट होना जरूरी है. टेस्ट होने से बीमारी का पता समय पर चल जाता है. बीमारी का पता समय से चलने पर उसका इलाज भी सही वक्त पर हो जाता है. चिकनगुनिया मच्छरों से काटने से फैलता है. इसके लक्ष्णों में बुखार, जोड़े दर्द करना शामिल हैं. ऐसे में अगर कोई इन लक्ष्णों से पीड़ित है तो उसका टेस्ट करना जरूरी होता है. यह भी जानना जरूरी होता है क्या पीड़ित ऐसी जगह गया था, जो चिकनगुनिया से ग्रसित हो.

एक ही दिन में 101 लोगों के टेस्ट, क्या खतरनाक स्तर पर पहुंच गए चिकनगुनिया-डेंगू के मामले?

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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चिकनगुनिया और डेंगू का खतरा पैदा हो गया है. स्वास्थ्य विभाग ने 1 अक्टूबर को भोपाल में 101 लोगों के चिकनगुनिया टेस्ट किए. यह आंकड़ा एक ही दिन में करीब-करीब चार गुना है. सितंबर में यह आंकड़ा महज 28 था. इतने लोगों का एक दिन में टेस्ट होना यह दिखाता है कि चिकनगुनिया को लेकर मामला गंभीर रूप ले सकता है. हालांकि, इस मामले में स्वास्थ्य अधिकारी फिलहाल कुछ कह नहीं रहे. भोपाल में चिकनगुनिया के 1614 टेस्ट की पॉजिटिव दर 6.9 फीसदी है. इधर, 1 अक्टूबर को चिकनगुनिया के तीन नए मामले भी सामने आए.

गौरतलब है कि भोपाल के बाग मुगलिया, जेके रोड, सोनागिरी, साकेत नगर, कोलार, नरेला शंकरी, रत्नागिरी, भदभदा, बैरागढ़, करोंद, शहीद नगर, शाहपुरा, द्वारका नगर, हबीबगंज, पिपलिया पेंदें खां, एम्स हॉस्टल, बरखेड़ा, अवधपुरी, खजुरीकलां, झील नगर, इंदिरा नगर, एकता नगर, पंचशील नगर, सुरभि कलश, बीडीए कॉलोनी, दानिश नगर, अविनाश नगर इश्वर नगर और बाग सेवनिया इलाके चिकनगुनिया से ग्रसित हैं. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, 1 अक्टूबर को भोपाल में डेंगू के 9 मामले सामने आए. इस तरह इस बीमारी से पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 131 हो गया है. पिछले 8 महीनों में भोपाल में डेंगू के 214 मामले जिला मलेरिया कार्यालय में दर्ज किए गए.

इसलिए जरूरी है टेस्टिंग होना
इस बीमारी की पॉजिटिव दर 4 फीसदी हो गई है. इससे स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े हो गए हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों का टेस्ट होना जरूरी है. टेस्ट होने से बीमारी का पता समय पर चल जाता है. बीमारी का पता समय से चलने पर उसका इलाज भी सही वक्त पर हो जाता है. चिकनगुनिया मच्छरों से काटने से फैलता है. इसके लक्ष्णों में बुखार, जोड़े दर्द करना शामिल हैं. ऐसे में अगर कोई इन लक्ष्णों से पीड़ित है तो उसका टेस्ट करना जरूरी होता है. यह भी जानना जरूरी होता है क्या पीड़ित ऐसी जगह गया था, जो चिकनगुनिया से ग्रसित हो.

‘ईरान ने आज रात बड़ी गलती की और इसकी कीमत उसे चुकानी होगी’ : बेंजामिन नेतन्याहू

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प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि “ईरान ने आज रात बहुत बड़ी गलती की है और इसकी कीमत उसे चुकानी होगी. जिसने भी हम पर हमला किया है, हम उस पर वापस हमला करेंगे.

इजरायल के प्रधानमंत्री ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उसने तेल अवीव पर हमला करके ‘बहुत बड़ी गलती’ की है और उन्होंने ईरान के मिसाइल हमले का जवाब देने की कसम खाई है. नेतन्याहू ने कहा कि ईरान इजरायल पर हमले की कीमत चुकाएगा, जिसमें 200 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. इससे पूरे इजरायल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे और नागरिकों को सुरक्षित क्षेत्रों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा.

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि “ईरान ने आज रात बहुत बड़ी गलती की है और इसकी कीमत उसे चुकानी होगी. जिसने भी हम पर हमला किया है, हम उसपर वापस हमला करेंगे.” नेतन्याहू ने इस हमले को नाकाम भी बताया और कहा कि ईरान को भी हमास और हिजबुल्लाह आतंकवादी समूहों जैसा ही भाग्य भोगना पड़ेगा.

इससे पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इजरायल पर हवाई हमला किया था, जिसमें हमले के दौरान कब्जे वाले वेस्ट बैंक में एक फिलिस्तीनी व्यक्ति की मौत हो गई थी और मध्य इजरायल में एक स्कूल और तेल अवीव में एक रेस्तरां को निशाना बनाया गया था.

ईरान का यह हमला मध्य पूर्व क्षेत्र में हिंसक आक्रामकता में हो रही बढ़ोतरी को दिखाता है, जो पिछले साल अक्टूबर में हमास द्वारा इजरायल पर हमला किए जाने के बाद से अस्थिर बना हुआ है.

ईरान द्वारा मिसाइलों से किया गया हमला, क्षेत्र में इजरायल के आक्रमण के जवाब में किया गया था, जिसमें लेबनान स्थित हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह, हमास नेता इस्माइल हनियेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के डिप्टी कमांडर अब्बास निलफोरुषन को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर दी गई थी.

कमला हैरिस ने की इजरायल पर ईरान के हमले की निंदा

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डोनाल्ड ट्ंप और कमला हैरिस दोनों ने ही इजरायल पर ईरान के हमले को गलत बताया है. कमला हैरिस ने इजरायल के लिए अमेरिका की मदद के राष्ट्रपति बाइडेन के फैसले का भी समर्थन किया है.इजरायल पर ईरान के हमले से अमेरिका खफा है,

इसीलिए वह इजरायल की मदद कर रहा है. जो बाइडेन ही नहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी ईरान के मिसाइल अटैक (Trump Kamala Harris On Iran Attack) के खिलाफ हैं. उन्होंने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरान को मिडल ईस्ट में अस्थिर करने वाली और खतरनाक ताकत बताया. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के हमले की निंदा की साथ ही वह अमेरिकी नेतृत्व पर हमला करना भी नहीं भूले.

कमला हैरिस ने की ईरान हमले की निंदा
कमला हैरिस ने कहा, “आज, ईरान ने एक लापरवाह हमले में इज़रायल पर करीब 200 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. मैं इस हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करती हूं.” उन्होंने अमेरिकी सेना को इजरायल को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के राष्ट्रपति जो बाइडेन के आदेश पर भी अपना पूर्ण समर्थन जताया.

हैरिस ने कहा, “मैं स्पष्ट हूं, ईरान मिडल ईस्ट में एक अस्थिर करने वाली खतरनाक ताकत है. इज़रायल पर आज का हमला इस तथ्य को और ज्यादा दिखाता है. मैं राष्ट्रपति बाइडेन और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ सिचुएशन रूम में थी. हम रियल टाइम हमले पर नजर बनाए हुए थे, हमने सुनिश्चित किया कि क्षेत्र में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. मैं अमेरिकी सेना को इजरायल को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के राष्ट्रपति बाडेन के आदेश का पूरी तरह से समर्थन में हूं, जैसा कि हमने अप्रैल में किया था. इजराइल, ईरान और ईरान समर्थित आतंकवादी मिलिशिया के खिलाफ अपनी रक्षा करने की क्षमता रखता है. इजराइल की सुरक्षा के लिए मैं अपनी अटूट प्रतिबद्धता जताती हूं.”

कमला हैरिस ने कहा कि अमेरिका हमलों के असर का अब तक आकलन कर रहा है. शुरुआती नतीजों से पता चला है कि इजरायल ईरान को विफल करने में सफल रहा है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ईरानी क्षेत्र अमेरिकी कर्मियों और नागरिकों के लिए सुरक्षित नहीं है.

ईरान हमले से भड़का डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा
अमेरिकी के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इजरायल पर ईरान के हमले की निंदा की. उन्होंने ट्रुथ सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि अगर वह व्हाइट हाउस में होते तो हमास 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला कर ही नहीं पाता.
साथ ही वह अमरिकी नेतृत्व पर हमला करना नहीं भूले. उन्होंने कहा कि “दुनिया में आग लगी हुई है” और अमेरिकी नेतृत्व गैरमौजूद है. ट्रंप का कहना है कि मडिल ईस्ट में युद्ध के कोई हालात नहीं थे.

ट्रंप ने कहा, “आज दुनिया को देखो – अभी मिडल ईस्ट में उड़ने वाली मिसाइलों को देखो, रूस/यूक्रेन के साथ क्या हो रहा है, देखो, मुद्रास्फीति दुनिया को नष्ट कर रही है, अगर मैं राष्ट्रपति होता तो इनमें से कुछ भी नहीं होता!”

बुरहानपुर में एक तरफ वृद्धों का हुआ सम्मान, दूसरी तरफ इस वजह से परेशान हुए बुजुर्ग

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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के जिला अस्पताल में एक तरफ वृद्धों का सम्मान हुआ, दूसरी तरफ लिफ्ट बंद होने से वृद्ध जन परेशान हुए. देश में आज हर जगह अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जा रहा है, जिसको लेकर वृद्ध जनों का स्वागत सम्मान हो रहा है. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के सरकारी अस्पताल में भी वृद्ध जनों का स्वागत सम्मान का कार्यक्रम आयोजित हुआ. यहां पर डॉक्टर एक ओर वृद्धों का सम्मान कर रहे थे, लेकिन दूसरी ओर जिम्मेदारों ने लिफ्ट बंद कर दी, जिस कारण वृद्ध जनों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिस कारण वह परेशान हो रहे हैं. अब वृद्ध जनों ने जिम्मेदार अफसरों से यहां पर लगी हुई लिफ्टों को शुरू करने की मांग की है ताकि तीन मंजिला भवन चढ़ने में कोई परेशानी नहीं हो.

मरीजों की परेशानी
लोकल 18 की टीम ने जब ग्राउंड पर पहुंचकर पड़ताल की तो यहां पर जिला अस्पताल में उपचार कराने आई सायरा बानो ने लोकल 18 को बताया कि वह अपने पति का उपचार कराने आई हैं. पति की उम्र भी करीब 70 वर्ष है और वह भी बुजुर्ग हैं. उन्हें चढ़ने में परेशानी हो रही है, जी घबरा रहा है, हाथ-पैर दर्द कर रहे हैं और तीन मंजिला अस्पताल में उन्हें सीढ़ियों से जाना पड़ता है. जबकि यहां पर लिफ्ट लगी हुई है, लेकिन वह लिफ्ट बंद है. जिस कारण उन्होंने जिम्मेदारों से लिफ्ट शुरू करने की मांग की है. उनका कहना है कि उनके जैसे और कई बुजुर्ग लोग अस्पताल में उपचार कराने के लिए आते हैं और तीन मंजिल चढ़ना बहुत मुश्किल हो जाता है.

बुरहानपुर में एक तरफ वृद्धों का हुआ सम्मान, दूसरी तरफ इस वजह से परेशान हुए बुजुर्ग

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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के जिला अस्पताल में एक तरफ वृद्धों का सम्मान हुआ, दूसरी तरफ लिफ्ट बंद होने से वृद्ध जन परेशान हुए. देश में आज हर जगह अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जा रहा है, जिसको लेकर वृद्ध जनों का स्वागत सम्मान हो रहा है. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के सरकारी अस्पताल में भी वृद्ध जनों का स्वागत सम्मान का कार्यक्रम आयोजित हुआ. यहां पर डॉक्टर एक ओर वृद्धों का सम्मान कर रहे थे, लेकिन दूसरी ओर जिम्मेदारों ने लिफ्ट बंद कर दी, जिस कारण वृद्ध जनों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिस कारण वह परेशान हो रहे हैं. अब वृद्ध जनों ने जिम्मेदार अफसरों से यहां पर लगी हुई लिफ्टों को शुरू करने की मांग की है ताकि तीन मंजिला भवन चढ़ने में कोई परेशानी नहीं हो.

मरीजों की परेशानी
लोकल 18 की टीम ने जब ग्राउंड पर पहुंचकर पड़ताल की तो यहां पर जिला अस्पताल में उपचार कराने आई सायरा बानो ने लोकल 18 को बताया कि वह अपने पति का उपचार कराने आई हैं. पति की उम्र भी करीब 70 वर्ष है और वह भी बुजुर्ग हैं. उन्हें चढ़ने में परेशानी हो रही है, जी घबरा रहा है, हाथ-पैर दर्द कर रहे हैं और तीन मंजिला अस्पताल में उन्हें सीढ़ियों से जाना पड़ता है. जबकि यहां पर लिफ्ट लगी हुई है, लेकिन वह लिफ्ट बंद है. जिस कारण उन्होंने जिम्मेदारों से लिफ्ट शुरू करने की मांग की है. उनका कहना है कि उनके जैसे और कई बुजुर्ग लोग अस्पताल में उपचार कराने के लिए आते हैं और तीन मंजिल चढ़ना बहुत मुश्किल हो जाता है.

सीएम मोहन यादव से एक साथ क्यों मिले कांग्रेस के 35 विधायक, घर पर हुई अहम बैठक, आखिर माजरा क्या है?

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भोपाल. मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से बड़ी खबर है. 1 अक्टूबर को राजधानी भोपाल में कांग्रेस के करीब 35 विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में सीएम हाउस पहुंचे. यहां उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के समग्र विकास के ध्येय के साथ आज मुख्यमंत्री कार्यालय पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस के अन्य विधायकों से प्रदेश व क्षेत्रीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. वहीं, सिंघार ने कहा कि बीजेपी सरकार कांग्रेस के विधायकों के साथ भेदभाव कर रही है. हमने मुख्यमंत्री से कहा है कि वह राज धर्म निभाएं. जिस तरीके से बीजेपी विधायकों को विकास के लिए राशि आवंटित कर रहे हैं उसी तरह कांग्रेस विधायकों को भी फंड दें.

सिंघार ने कहा कि हमें भी जनता ने ही चुना है. जनता हमें अपेक्षा करती है कि हम विकास करेंगे. लेकिन, जब हम विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे जाते हैं तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता. आज प्रदेश में जहां-जहां बीजेपी विधायक हैं, वहां 15-15 करोड़ रुपये के काम हो रहे हैं. लेकिन, कांग्रेस विधायकों को फंड नहीं दिया जा रहा. इस मामले में दल से उठकर राजनीति होनी चाहिए. मुख्यमंत्री किसी दल के नहीं होते, वे सभी के होते हैं.

कांग्रेस विधायकों को भी मिले फंड- सिंघार
सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने मजबूती से प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रदेश के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा. कांग्रेस ने उनसे कार्रवाई करने की भी मांग की. सरकार प्रदेश में बढ़ रहे महिला अपराधों पर कार्रवाई करे. किसानों को सोयाबीन की 6 हजार रुपये, धान की 3100 रुपये और गेहूं की 2700 रुपये कीमत दे. क्षतिग्रस्त प्रभावित सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों का सर्वे पर मुआवजा दिया जाए. हमने विधानसभा में जल जीवन योजना में घोटाले की बात उठाई थी. आज 3 महीने हो गए हैं. सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.

सबका साथ-सबका विकास पर चल रही सरकार- बीजेपी
दूसरी ओर, बीजेपी ने कहा कि पार्टी सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास पर चल रही है. मोहन सरकार इसी मूलमंत्र पर काम कर रही है. हाल ही में कांग्रेस के विधायकों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह आश्वासन दिया कि विकासशील योजनाओं और सकारात्मक चर्चाओं को भाजपा सरकार हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर रखकर प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देगी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था डबल होगी. सभी विधायक वो चाहे कांग्रेस के हों या बीजेपी के, सभी अपनी-अपनी विधानसभाओं का विजन डॉक्यूमेंट बनाएं. पांच सालों मे विकास के मामले में वो अपनी विधानसभा को कहां ले जाना चाहते हैं और उसमें सरकार समान रूप से सारे विधायकों की मदद करेगी.

सीएम मोहन यादव से एक साथ क्यों मिले कांग्रेस के 35 विधायक, घर पर हुई अहम बैठक, आखिर माजरा क्या है?

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भोपाल. मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों से बड़ी खबर है. 1 अक्टूबर को राजधानी भोपाल में कांग्रेस के करीब 35 विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में सीएम हाउस पहुंचे. यहां उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के समग्र विकास के ध्येय के साथ आज मुख्यमंत्री कार्यालय पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस के अन्य विधायकों से प्रदेश व क्षेत्रीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई. वहीं, सिंघार ने कहा कि बीजेपी सरकार कांग्रेस के विधायकों के साथ भेदभाव कर रही है. हमने मुख्यमंत्री से कहा है कि वह राज धर्म निभाएं. जिस तरीके से बीजेपी विधायकों को विकास के लिए राशि आवंटित कर रहे हैं उसी तरह कांग्रेस विधायकों को भी फंड दें.

सिंघार ने कहा कि हमें भी जनता ने ही चुना है. जनता हमें अपेक्षा करती है कि हम विकास करेंगे. लेकिन, जब हम विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे जाते हैं तो उन्हें स्वीकार नहीं किया जाता. आज प्रदेश में जहां-जहां बीजेपी विधायक हैं, वहां 15-15 करोड़ रुपये के काम हो रहे हैं. लेकिन, कांग्रेस विधायकों को फंड नहीं दिया जा रहा. इस मामले में दल से उठकर राजनीति होनी चाहिए. मुख्यमंत्री किसी दल के नहीं होते, वे सभी के होते हैं.

कांग्रेस विधायकों को भी मिले फंड- सिंघार
सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल ने मजबूती से प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रदेश के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा. कांग्रेस ने उनसे कार्रवाई करने की भी मांग की. सरकार प्रदेश में बढ़ रहे महिला अपराधों पर कार्रवाई करे. किसानों को सोयाबीन की 6 हजार रुपये, धान की 3100 रुपये और गेहूं की 2700 रुपये कीमत दे. क्षतिग्रस्त प्रभावित सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों का सर्वे पर मुआवजा दिया जाए. हमने विधानसभा में जल जीवन योजना में घोटाले की बात उठाई थी. आज 3 महीने हो गए हैं. सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की.

सबका साथ-सबका विकास पर चल रही सरकार- बीजेपी
दूसरी ओर, बीजेपी ने कहा कि पार्टी सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास पर चल रही है. मोहन सरकार इसी मूलमंत्र पर काम कर रही है. हाल ही में कांग्रेस के विधायकों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह आश्वासन दिया कि विकासशील योजनाओं और सकारात्मक चर्चाओं को भाजपा सरकार हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर रखकर प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देगी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था डबल होगी. सभी विधायक वो चाहे कांग्रेस के हों या बीजेपी के, सभी अपनी-अपनी विधानसभाओं का विजन डॉक्यूमेंट बनाएं. पांच सालों मे विकास के मामले में वो अपनी विधानसभा को कहां ले जाना चाहते हैं और उसमें सरकार समान रूप से सारे विधायकों की मदद करेगी.