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देवरिया: विवाहिता पर पति और ससुरालवालों का उत्पीड़न, धमकी और मारपीट का आरोप

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देवरिया जिले की संजना देवी, जो भटनी बाजार की निवासी हैं, ने अपने पति और ससुरालवालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संजना की शादी थाना भटनी के मायापुर ईमीलिया क्षेत्र में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही उनके साथ मारपीट और धमकी देने की घटनाएं होने लगीं।

संजना ने बताया कि उनका पति, सुनील चौहान, शादी के बाद उन्हें सूरत में जो सचिन स्थान पर ले गया और वहाँ मारपीट शुरू कर दी। एक बार तो संजना गर्भवती थीं और उस दौरान भी उनके पति और ससुरालवालों ने उन पर अत्याचार किया। संजना ने अपनी मां से शिकायत की, जिसके बाद मामला थाना गोपालगंज में दर्ज कराया गया। केस चार साल तक चला, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।

संजना के अनुसार, उनके पति ने उन्हें तीन साल पहले मायके छोड़ दिया था और उनकी खुराकी का भुगतान भी सही से नहीं किया। जब वह सूरत के स्थान सचिन वापस गईं, तो उनके पति ने एक अन्य महिला और पुरुष को लेकर उन पर फिर से हमला किया। उनके पति और ससुरालवालों द्वारा लगातार उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

1 जुलाई 2024 को संजना एक बार फिर अपने ससुराल गईं, जहां उनकी देवर देवरानी ने उन्हें खाने में कुछ संदिग्ध वस्तु मिलाकर खिलाने की कोशिश की। इस घटना के बाद घर में विवाद हो गया और संजना की मां को भी चोट पहुंचाई गई। संजना की चाची और दादी ने उन्हें और उनकी मां को गालियाँ दीं और उनके कपड़े तक उतारने की धमकी दी, यह कहते हुए कि वह उन्हें पूरे गांव में घुमाएंगी संजना ने अब प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके पति और ससुरालवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।

संजना ने मीडिया के माध्यम से लगाई पुलिस और सरकार से मदद की गुहार

देवरियाः भटनी बाजार की निवासी संजना देवी, जो अपने पति और ससुरालवालों द्वारा लगातार उत्पीड़न और मारपीट का शिकार हो रही हैं, ने अब मीडिया के माध्यम से पुलिस और सरकार से मदद की गुहार लगाई है। संजना ने बताया कि उनकी शादी देवरिया जिले के थाना लटनी के मायापुर ईमीलिया क्षेत्र में हुई थी, लेकिन शादी के बाद से ही उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार शुरू हो गया।

संजना ने कहा कि उनके पति सुनील चौहान उन्हें सचिन ले जाकर मारपीट करते थे और जान से मारने की धमकी देते थे। संजना ने गोपालगंज थाने में केस भी दर्ज कराया था, जो चार साल तक चला, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

संजना का आरोप है कि उनके पति ने उन्हें मायके में छोड़ दिया और खुराकी का भुगतान भी बंद कर दिया। जब वह वापस ससुराल गईं, तो उन्हें एक अन्य महिला और पुरुष के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। ससुरालवालों द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, और उनकी चाची और दादी ने उन्हें अपमानित करने की धमकी तक दी।

अब संजना ने पुलिस और सरकार से न्याय की मांग की है और अपने पति और ससुरालवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

आमिर खान ने फिल्म के लिए सीखी तैराकी:पानी के अंदर घायल हो गए थे अक्षय; अंडरवाटर शूट आसान नहीं, रेस्क्यू डाइवर्स का रहना जरूरी

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जमीन की तुलना में पानी में शूट करने में पैसा, समय और सामर्थ्य तीन गुना ज्यादा खर्च होता है। पानी के अंदर शूट करने के लिए खास तकनीक की जरूरत होती है। यहां डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी (DOP) की अहमियत काफी बढ़ जाती है। पानी के अंदर शूट कैसे करना है, यह इन पर ही डिपेंड होता है।

इसके अलावा एक्टर्स को भी खास तरह की तैयारियां करनी पड़ती हैं। उन्हें पहले स्विमिंग सिखाई जाती है। डाइट पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

अंडरवाटर शूट करने से पहले सेफ्टी का खास ख्याल रखा जाता है। सेट पर रेस्क्यू डाइवर्स मौजूद रहते हैं, ताकि अगर कोई डूबे, तो उसे बचाया जा सके।

कई हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्में अंडरवाटर शूट हुई हैं। इन फिल्मों की मेकिंग कैसे होती है और चुनौतियां क्या आती हैं, रील टु रियल के नए एपिसोड में इस पर बात करेंगे। इसके लिए हमने स्टंट आर्टिस्ट सनोबर पार्डीवाला, अंडरवाटर सिनेमैटोग्राफर प्रिया सेठ और एक्ट्रेस मधुरिमा तुली से बात की।

जिनके फेफड़े मजबूत नहीं होते, उन्हें अंडरवाटर शूटिंग में होती है दिक्कत रियल लोकेशन पर शूट के दौरान 4 से 5 लोग ही पानी के अंदर जा पाते हैं। इसमें दो कैमरामैन, एक रेस्क्यू डाइवर और आर्टिस्ट होते हैं। जिन एक्टर्स के फेफड़े मजबूत नहीं होते, उन्हें अंडरवाटर शूटिंग करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि जमीन की तुलना में पानी में शूटिंग करने से थकान जल्दी होती है। साथ ही एक्टर्स को तैराकी आनी बहुत जरूरी है। बिना इसके वे अंडरवाटर शूट कर ही नहीं सकते।

पानी के अंदर कैमरा हैंडलिंग सबसे चुनौतियों वाला काम कैमरे के अंदर पानी न जाए, इसके लिए उसे एक खास तरह के ग्लास से कवर किया जाता है। यह एक वाटर प्रूफ ग्लास होता है। यहां पर सिनेमैटोग्राफर का रोल बहुत बढ़ जाता है।

सिनेमैटोग्राफर प्रिया सेठ ने कहा, ‘जमीन पर तो हम आसानी से कैमरा हैंडल कर लेते हैं, लेकिन उसे पानी में लेकर शूट करना काफी चुनौतियों वाला काम है। एक अंडरवाटर सिनेमैटोग्राफर को फिजिक्स की नॉलेज होनी बहुत जरूरी है। पानी के अंदर कैमरे का वजन कितना होगा। कैसे मूव किया जाएगा। एक्टर्स को कैसे गाइड करना है, ये सारी बातें एक सिनेमैटोग्राफर को पता होनी चाहिए। इसके अलावा एक्टर्स को भी अपनी जॉब समझनी चाहिए। कई बार उनकी तैयारी पूरी नहीं होती, जिसकी वजह से पूरा शूट खराब हो जाता है।’

अंडरवाटर शूट के लिए भी बुलाए जाते हैं स्टंट आर्टिस्ट फाइट या खतरनाक एक्शन सीक्वेंस के लिए अक्सर एक्टर्स के बॉडी डबल को बुलाया जाता है, ठीक वैसे ही पानी के अंदर शूटिंग के लिए भी कभी-कभार स्टंट आर्टिस्ट को बुलाया जाता है। ये स्टंट आर्टिस्ट बेहतरीन तैराक होते हैं, जो गहरे से गहरे पानी में भी एक्शन सीक्वेंस फिल्माते हैं।

तैराकी न आने की वजह से दो स्टंट आर्टिस्ट की मौत हो गई थी स्टंट आर्टिस्ट सनोबर ने कहा, ‘अंडरवाटर स्टंट करते वक्त दिमाग शांत होना चाहिए और सांसों पर कंट्रोल होना चाहिए। अंडरवाटर सीक्वेंस उसी स्टंट आर्टिस्ट से कराना चाहिए जो एक सर्टिफाइड स्विमर हो। ऐसा न होने से बहुत बड़ा खतरा भी हो सकता है।’

सनोबर ने कहा कि एक बार साउथ फिल्म की शूटिंग के दौरान दो स्टंट आर्टिस्ट की मौत हो गई थी। दरअसल, उन दोनों को हेलिकॉप्टर से तालाब में छलांग लगानी थी। वे नीचे कूद तो गए, लेकिन उन्हें सही से तैरना नहीं आता था। दुर्भाग्यवश दोनों की मौत हो गई।

समुद्र में शूट करना आसान नहीं, इसलिए ज्यादातर सेट स्टूडियो में बनाए जाते हैं समुद्र में जाकर शूट करना आसान नहीं होता। हर वक्त चक्रवात और तूफान का डर बना रहता है। साथ ही पानी के अंदर खतरनाक मछलियों और एक्टर्स की सेफ्टी का मसला भी रहता है। इसके अलावा पानी के अंदर शूट करने में कैमरा हैंडलिंग सहित कई दिक्कतें भी आती हैं।

इसी वजह से जो फिल्में पूरी तरह वाटर सेंट्रिक होती हैं, उनके मेकर्स स्टूडियोज में शूट करना ज्यादा बेहतर समझते हैं।

स्टूडियो के अंदर आर्टिफिशियल तूफान और चक्रवात भी दिखाए जा सकते हैं बेल्जियम में एक अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो है। इसके अंदर जो पूल है, वो 10 मीटर गहरा है। यहां बिजली की मदद से एक मीटर तक ऊंची लहरें उठाई जा सकती हैं। यहां आर्टिफिशियल बारिश भी कराई जा सकती है। पूल के पानी को गर्म रखने के लिए सोलर पैनल और हीट पंप का इस्तेमाल किया जाता है।

यहां स्पेशल इफेक्ट्स के जरिए तूफान और चक्रवात के सीन भी दिखा सकते हैं। इसके अलावा पानी के कलर को भी बदला जा सकता है। इसे तैयार करने वाले शख्स विम मिशिल्स खुद एक गोताखोर और सिनेमैटोग्राफर हैं।

यह कोई समुद्र नहीं बल्कि बेल्जियम में स्थित एक अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो है।
यह कोई समुद्र नहीं बल्कि बेल्जियम में स्थित एक अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो है।

 

अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो बनाने की जरूरत क्यों? अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो बनाने के पीछे भी एक खास वजह है। दरअसल विम मिशिल्स अपने क्रू मेंबर के साथ कई-कई दिन समुद्र के पास जाकर लहरें उठने का इंतजार करते थे। इससे फिल्म की शूटिंग में काफी देरी हो जाती थी। ऊपर से एक्टर्स के लिए एक्चुअल लोकेशन पर शूट करना खतरनाक भी हो जाता था, इन्हीं बातों को सोचकर उन्होंने अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो का निर्माण किया।

जब अंडरवाटर शूट करते वक्त घायल हुए अक्षय कुमार, डर था मछलियां निगल जाएंगी 2009 में आई हिंदी फिल्म ब्लू पूरी तरह से वाटर सेंट्रिक फिल्म थी। फिल्म की अधिकतर शूटिंग अंडरवाटर हुई थी। इस फिल्म के लीड एक्टर अक्षय कुमार एक सीन के दौरान घायल भी हो गए थे।

 

भारत-बांग्लादेश दूसरे टेस्ट का पहला दिन:आकाश दीप ने जाकिर के बाद शादमान को पवेलियन भेजा, BAN 37/2

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भारत और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला जा रहा है। टीम इंडिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। शुक्रवार को पहला दिन है और पहला सेशन जारी है।

बांग्लादेश ने पहली पारी में 37 रन पर 2 विकेट गंवा दिए हैं। मोमिनुल हक और कप्तान नजमुल हसन शांतो क्रीज पर हैं।

शादमान इस्लाम 24 और जाकिर हसन शून्य पर आउट हुए। दोनों को आकाश दीप ने पवेलियन भेजा।उन्होंने शादमान को LBW किया, जबकि जाकिर को यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराया। मैदान गीला होने की वजह से टॉस होने में देरी हुई, क्योंकि कानपुर में गुरुवार रात को बारिश हुई है।

दोनों टीमों की प्लेइंग-11

भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह।

बांग्लादेश : नजमुल हसन शांतो (कप्तान), शादमान इस्लाम, जाकिर हसन, मोमिनुल हक, मुश्फिकुर रहीम, शाकिब अल हसन, लिट्टन दास (विकेटकीपर), मेहदी हसन मिराज, तैजुल इस्लाम, हसन महमूद और खालिद अहमद।

LBW की अपील, अंपायर ने नकारा; DRS पर आउट

आकाश दीप ने भारत को दूसरा विकेट दिला दिया है। बांग्लादेश ने 29 रन पर दूसरा विकेट गंवाया। शादमान इस्लाम 24 रन बनाकर LBW आउट हुए। 13वें ओवर की पहली बॉल शादमान के पैड पर लगी। वे ऑफ स्टंप के बाहर से अंदर आती बॉल को लेग पर खेलना चाहते थे, लेकिन चूक गए।

फील्ड अंपायर के अपील नकारने पर रोहित शर्मा ने DRS लिया और रिप्ले देखने के बाद थर्ड अंपायर ने फैसला पलट दिया।

बांग्लादेश का पहला विकेट गिरा, जाकिर शून्य पर आउट

9वें ओवर में बांग्लादेश ने पहला विकेट गंवा दिया है। आकाश दीप ने पहले ही ओवर में विकेट दिलाया। उन्होंने जाकिर हसन को यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराया। हसन गुड लेंथ की बॉल को रोकना चाहते थे, लेकिन स्विंग के कारण बॉल गली के पास जायसवाल के पास चली गई। जायसवाल ने शानदार कैच पकड़ा।

जायसवाल ने शानदार कैच पकड़ा।
टीम इंडिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, बांग्लादेश में 2 बदलाव

टीम इंडिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। कानपुर टेस्ट के लिए पिछले मैच की प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि बांग्लादेश की टीम 2 बदलाव के साथ उतरी है। टीम ने नाहिद और तस्कीन की जगह खालिद और तैजुल को मौका दिया है।

बांग्लादेश के लिए शांतो ने सबसे ज्यादा रन बनाए, हसन महमूद टॉप विकेटटेकर

बांग्लादेश की ओर से चेन्नई टेस्ट में कप्तान नजमुल हसन शांतो को छोड़ कर कोई भी अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका था। उन्होंने इस मैच की दूसरी पारी में अर्धशतक लगाया था। वे इश सीरीज में अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं।

टीम के तेज गेंदबाज हसन महमूद टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने पिछले मैच में 5 विकेट लिए थे। उनके अलावा तस्कीन अहमद 4 विकेट के साथ दूसरे नंबर पर हैं।

हेड-टु-हेड में भारत आगे

भारत और बांग्लादेश के बीच अब तक 14 टेस्ट मैच खेले गए हैं। इसमें से 12 मैच भारत ने जीते और 2 मैच ड्रॉ रहा। दोनों टीमों के बीच आखिरी टेस्ट मुकाबला इसी सीरीज में खेला गया था, जब टीम इंडिया ने बांग्लादेश को चेन्नई में 280 रन से हरा दिया था।

 

सेंसेक्स 85,978 और निफ्टी ने 26,277 का ऑलटाइम हाई बनाया:अभी बाजार में 80 अंक की तेजी, IT सेक्टर शेयर्स में सबसे ज्यादा बढ़त

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शेयर बाजार ने आज यानी 27 सितंबर को लगातार 8वें दिन ऑल टाइम हाई बनाया। सेंसेक्स ने 85,978 और निफ्टी ने 26,277 का स्तर छुआ। अभी सेंसेक्स 80 अंक की तेजी के साथ 85,910 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 40 अंक की बढ़त है, ये 26,250 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 21 में तेजी और 9 में गिरावट है। निफ्टी के 50 शेयरों में से 34 में तेजी और 16 में गिरावट है। NSE के सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो IT सेक्टर के शेयर्स में सबसे ज्यादा तेजी है।

एशियाई बाजारों में भी आज तेजी

  • एशियाई बाजार में जापान के निक्‍केई में 0.10% और हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स में 2.56% की तेजी है। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में 1.03% की बढ़त है।
  • 26 सितंबर को अमेरिका का डाओ जोंस 0.62% चढ़कर 42,175 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.60% बढ़कर 18,190 पर बंद हुआ। S&P 500 भी 0.40% चढ़ा।
  • NSE के डेटा के अनुसार, विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 26 सितंबर को 629.96 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने भी 2,405.12 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

डिफ्यूजन इंजीनियर्स के IPO के लिए बोली लगाने का आज दूसरा दिन

डिफ्यूजन इंजीनियर्स लिमिटेड के इनिशियल पब्लिक ऑफर यानी IPO में निवेश का आज दूसरा दिन है। पहले दिन डिफ्यूजन इंजीनियर्स का IPO टोटल 7.34 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल कैटेगरी में यह इश्यू 11.58 गुना, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) में 0.03 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटगरी में 6.85 गुना सब्सक्राइब हुआ।

कल भी बाजार ने बनाया था ऑल टाइम हाई

इससे पहले कल यानी 26 सितंबर को शेयर बाजार ने लगातार 7वें दिन ऑल टाइम हाई बनाया था। सेंसेक्स ने 85,930 और निफ्टी ने 26,250 का स्तर छुआ था। दिनभर के कारोबार के बाद सेंसेक्स 666 अंक (0.78%) की तेजी के साथ 85,836 के स्तर पर बंद हुआ था।निफ्टी में भी 211 अंक (0.81%) की तेजी रही, ये 26,216 के स्तर पर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 में तेजी और 4 में गिरावट थी। निफ्टी के 50 शेयरों में से 41 में तेजी और 9 में गिरावट थी।

चीन की परमाणु पनडुब्बी डूबने का दावा:सैटेलाइट इमेज में नजर नहीं आ रही; अमेरिका बोला- ड्रैगन के लिए यह शर्मनाक

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चीन की एक नई परमाणु पनडुब्बी मई या जून में समुद्र में डूब गई। घटना वुहान के पास वुचांग शिपयार्ड में हुई। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इस घटना का खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है।

डूबने वाली पनडुब्बी झाओ क्लास की थी और परमाणु ऊर्जा से चलती थी। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी अधिकारियों ने पनडुब्बी हादसे को छिपाने की काफी कोशिश की होगी। यही वजह है कि खुलासे में देर हुई।

वॉशिंगटन में चीनी ऐंबैसी के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उनके पास इससे जुड़ी कोई जानकारी नहीं है।

यह सैटेलाइट इमेज 10 मई की है। इसमें झाउ-क्लास सबमरीन दिखाई दे रही है। फोटो- Planet Labs PBC
यह सैटेलाइट इमेज 10 मई की है। इसमें झाउ-क्लास सबमरीन दिखाई दे रही है। फोटो- Planet Labs PBC
यह तस्वीर 15 जून को ली गई थी। इसमें सबमरीन दिखाई नहीं दे रही है। फोटो- Planet Labs PBC
यह तस्वीर 15 जून को ली गई थी। इसमें सबमरीन दिखाई नहीं दे रही है। फोटो- Planet Labs PBC

16 मई के बाद लापता हुआ सबमरीन 10 मार्च को मैक्सार टेक्नोलॉजीज की सैटेलाइट इमेज में झाउ-क्लास सबमरीन को वुहान के पास शिपयार्ड में खड़ा देखा गया था। इस सबमरीन को उसकी लंबी टेल से पहचाना जाता है। इसके बाद इसे प्लैनेट लैब्स की सैटेलाइट इमेज में 16 मई को भी देखा गया। जून के आखिर में यहां की और तस्वीरें ली गईं, जिसमें इसे नहीं देखा गया।

सैटेलाइट इमेज पर रिसर्च करने वाले टॉम शुगार्ट ने सबसे पहले इसकी जानकारी दी। इसके बाद वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस पर स्टोरी की।

शुगार्ट ने कहा कि पहले उन्हें लगा कि कोई पनडुब्बी डूब गई होगी, लेकिन बाद में पता चला कि वह तो परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी थी। उन्होंने कहा-

पनडुब्बी को लेकर चीन ने कोई जानकारी नहीं दी वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक पनडुब्बी को बचा लिया गया है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि इसे फिर से काम पर लगने में कई महीने लग सकते हैं। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने भी अब तक इस घटना की कोई पुष्टि नहीं की है।

अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह पता नहीं चल पाया है कि इसके डूबने का कारण क्या था। जब ये डूबी तब उसमें न्यूक्लियर फ्यूल था या नहीं इसकी भी जानकारी नहीं है। इस हादसे में कोई हताहत हुआ या नहीं इसका भी पता नहीं चला है।

चीनी इक्वीपमेंट्स की क्वालिटी पर उठे सवाल एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने CNN से कहा कि चीन का डिफेंस सेक्टर भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। यह घटना PLA की जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है। एक दूसरे अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि यह बीजिंग के लिए एक शर्मिंदगी की तरह है, जो नेवी के विस्तार में जुटा हुआ है।

सबसे ज्यादा परमाणु पनडुब्बी बनाने की तैयारी में चीन चीन मिलिट्री पावर रिपोर्ट 2023 के मुताबिक चीन के पास 6 न्यूक्लियर फ्यूल बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, 6 न्यूक्लियर फ्यूल पावर अटैक पनडुब्बी और 48 डीजल अटैक पनडुब्बी थीं। परमाणु पनडुब्बी दो तरह की होती हैं। बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी और अटैक पनडुब्बी। बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी ज्यादा ताकतवर होती है।

वहीं, अमेरिका के पास 53 तेज गति से हमला करने वाली पनडुब्बी, 14 बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी और चार गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी हैं। अमेरिका का पूरा पनडुब्बी बेड़ा परमाणु ऊर्जा से चलता है।

चीन अपनी पनडुब्बियों की संख्या को साल 2025 तक 65 और साल 2035 तक 80 तक ले जाना चाहता है। चीन के पास पहले से ही 370 से अधिक जहाजों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है। चीन ने अब न्यूक्लियर फ्यूल से जलने वाले हमलावर पनडुब्बियों की एक नई पीढ़ी का उत्पादन शुरू कर दिया है।

केंद्र सरकार ने स्टैंडिंग कमेटियों का गठन किया:कांग्रेस को चार समितियों की अध्यक्षता; राहुल गांधी रक्षा मामलों की समिति के मेंबर

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मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में साल 2024-25 के लिए 24 डिपार्टमेंटल पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी का गुरुवार देर रात गठन किया गया। हर समिति में राज्यसभा और लोकसभा दोनों के सदस्य शामिल हैं।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से 6 स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्षता की मांगी थी, लेकिन उसे चार प्रमुख पैनलों की अध्यक्षता दी गई है। इसमें विदेश, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण मामलों की समिति शामिल हैं।

राहुल गांधी को रक्षा मामलों की समिति का सदस्य बनाया गया है। सोनिया गांधी का नाम किसी भी समिति में नहीं है।

बीजेपी 11 समितियों की अध्यक्षता करेगी। TMC और DMK के खाते में 2 -2 समितियों की अध्यक्षता आई है। JDU, TDP, SP, शिवसेना (एकनाथ), NCP (अजित) को एक-एक समिति की अध्यक्षता दी गई है।

हर डिपार्टमेंटल पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी में 31 मेंबर्स होते हैं, जिसमें से 21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से चुने जाते हैं। इन सभी कमेटी का कार्यकाल एक साल से ज्यादा नहीं होता है।

24 विभागों की पार्लियामेंट्री कमेटी

सांसद समिति का नाम
1 भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह (अध्यक्ष)
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (सदस्य)
रक्षा मामलों की समिति
2 कांग्रेस सांसद शशि थरूर (अध्यक्ष)

भाजपा सांसद अरुण गोविल (सदस्य)

असदुद्दीन ओवैसी (सदस्य)

विदेश मामलों की समिति
3 कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी समिति
4 कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण संबंधी समिति
5 सपा सांसद रामगोपाल यादव स्वास्थ्य और परिवार कल्याण समिति
6 भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (अध्यक्ष)

सदस्य
सपा सांसद जया बच्चन
शिवसेना (UBT) प्रियंका चतुर्वेदी
बीजेडी सांसद सुष्मित पात्रा
कांग्रेस सांसद केटीएस तुलसी
भाजपा सांसद अनिल बलूनी
भाजपा सांसद कंगना रनौत
भाजपा सांसद पूनम मादम
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा

संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति
7 कांग्रेस सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ग्रामीण और पंचायती राज
8 भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब वित्त संबंधी समिति
9 बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर कोयला, खदान और इस्पात समिति
10 भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी जल संसाधन समिति
11 डीएमके सांसद तिरुचि शिवा उद्योग संबंधी समिति
12 भाजपा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल गृह मामलों की समिति
13 टीएमसी सांसद डोला सेन वाणिज्य संबंधी समिति
14 भाजपा सांसद सी एम रमेश रेल मामलों की समिति
15 एनसीपी (अजित) सांसद सुनील तटकरे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस
16 टीडीपी सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी आवास और शहरी मामलों
17 शिवसेना (एकनाथ) सांसद श्रीरंग अप्पा चंदू बारने ऊर्जा संबंधी समिति
18 टीडीपी सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी आवास और शहरी मामलों की समिति
19 भाजपा सांसद भुवनेश्वर कालिता विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण समिति
20 जेडी(यू) सांसद संजय झा परिवहन, पर्यटन और संस्कृति समिति
21 भाजपा सांसद बसवराज बोम्मई जलवायु परिवर्तन तथा श्रम संबंधी समिति
22 भाजपा सांसद पीसी मोहन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी समिति
23 भाजपा सांसद ब्रिज लाल कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय समिति
24 डीएमके सांसद के.कनिमोझी उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण समिति

सरकार की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी से जुड़े सवाल-जवाब…

सवाल: सरकार की कुल कितनी डिपार्टमेंटल पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी हैं? जवाब: भारत सरकार के सभी मंत्रालयों/विभागों से जुड़ी कुल 24 डिपार्टमेंटल पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी हैं। ये कमेटी दो प्रकार की होती हैं – पहली- स्टैंडिंग कमेटी, दूसरी- एड हॉक कमेटी। एड हॉक कमेटी को कुछ विशेष कामकाज के लिए बनाया जाता है। एक बार जब वो काम पूरा हो जाता है तो कमेटी खत्म कर दी जाती है।

सवाल: क्या लोकसभा-राज्यसभा में अलग-अलग कमेटी होती है? जवाब: कुल 24 पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी को दो हिस्सों में बांटा गया है। 16 कमेटी लोकसभा में आती हैं, वहीं 8 कमेटी राज्यसभा के अंतर्गत संचालित होती हैं।

सवाल: इन कमेटी में कितने मेंबर होते हैं? जवाब: इनमें से हर कमेटी में 31 मेंबर्स होते हैं, जिसमें से 21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से चुने जाते हैं। इन सभी कमेटी का कार्यकाल एक साल से अधिक नहीं होता है।

सवाल: कमेटी में सदस्यों का चयन कौन करता है? जवाब: स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों को, जिन्हें सांसदों के पैनल के रूप में भी जाना जाता है। इन्हें सदन के अध्यक्ष की तरफ से नॉमिनेट किया जाता है। ये अध्यक्ष के निर्देश के अनुसार काम करते हैं।

सवाल: कमेटी का कार्यकाल कितना होता है? जवाब: संसद में कुल 50 संसदीय कमेटी होती हैं। इनमें 3 फाइनेंशियल कमेटीज, 24 डिपार्टमेंटल कमेटीज, 10 स्टैडिंग कमेटीज और 3 एडहॉक कमेटीज का कार्यकाल 1 साल का होता है। 4 एडहॉक कमेटीज और 1 स्टैडिंग कमेटी का कार्यकाल 5 साल का होता है। वहीं, 5 अन्य स्टैडिंग कमेटीज का कार्यकाल फिक्स नहीं होता।

सवाल: पार्लियामेंट्री कमेटी का क्या काम होता है? जवाब: हर विभाग की कमेटी अलग होती है। उससे जुड़े मामलों में गड़बड़ी की जांच करना, नए सुझाव देना, नए नियम-कानून का ड्रॉफ्ट तैयार करना इन कमेटी का मुख्य काम है।

उदाहरण: कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल संसद की पब्लिक अकाउंट कमेटी (PAC) की अध्यक्षता करते हैं। यह कमेटी हाल में चर्चा में आई थी। खबर थी कि PAC सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) चीफ माधबी पुरी बुच पर लगे आरोपों की जांच कर सकती है। PAC इस मामले में वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालयों के अधिकारियों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। इस मामले में जांच के लिए बुच को सितंबर के अंत तक PAC के सामने पेश होने के लिए बुलाया जा सकता है।

सवाल: पार्लियामेंट्री कमेटी को ये अधिकार कहां से मिले? जवाब: पॉर्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी में शामिल सांसदों (कमेटी सदस्य) को संविधान के तहत दो अधिकार मिलते हैं। पहला आर्टिकल 105 – यह सांसदों को किसी कामकाज में दखल देने का विशेष अधिकार देता है। जिसके तहत वे कमेटी में अपनी राय और सुझाव देते हैं। दूसरा आर्टिकल 118- यह संसद के कामकाज में नियम-कानून बनाने का अधिकार देता है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार (17 अगस्त) को साल 2024-25 के लिए 5 नई संसदीय समितियों का गठन किया है। ये समितियां सरकारी खर्चे की जांच करेगी। सभी समितियों के अध्यक्ष और सदस्य भी नियुक्त किए गए हैं।कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को पब्लिक अकाउंट कमेटी (PAC) का अध्यक्ष बनाया गया। PAC का नेतृत्व आमतौर पर प्रमुख विपक्षी दल के सीनियर लीडर करते हैं।

प्लान कीजिए अपनी छुटि्टयां:वर्ल्ड टूरिज्म डे पर जानिए दुनिया के सबसे फेवरेट टूरिस्ट स्पॉट्स, कहां जाते हैं सबसे ज्यादा पर्यटक

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दुनिया के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल प्रकृति की अनोखी रचना है, साथ ही कुछ स्थल मानव द्वारा निर्मित अद्भुत संरचनाओं का प्रस्तुतिकरण करती हैं। दुनिया के खूबसूरत पर्यटन स्थल सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। ये स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करके न केवल उनके अनुभवों को समृद्ध करते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करते हैं।

विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर दुनिया भर में स्थित ऐतिहासिक इमारतों, धार्मिक स्थल, और यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहरों के बारे में सभी को जागरूक किया जाता है, ताकि पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके। वैसे तो दुनिया के सात अजूबों को सबसे प्रसिद्ध और खूबसूरत स्थलों में गिना जा सकता है। लेकिन इसके अलावा भी विश्व अद्भुत और आकर्षक पर्यटन स्थलों से समृद्ध हैं। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर लोगों के बीच अपनी अद्भुत सुंदरता के लिए प्रसिद्ध सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों के बारे में जान सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे प्रमुख स्थलों के बारे में जो दुनिया के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में गिने जाते हैं:

आल्प्स पर्वत श्रृंखला, स्विट्जरलैंड

वैसे तो स्विट्जरलैंड की सुंदरता विश्व विख्यात है लेकिन भारतीयों के बीच स्विट्जरलैंड एक ऐसे स्थल के रूप में मशहूर है जो कि सबसे बेस्ट हनीमून डेस्टिनेशन हो सकता है। फिल्मों का असर कह लें या स्विट्जरलैंड के मनमोहक दृश्य जो दुनिया में इसे सबसे सुंदर बनाते हैं। स्विट्जरलैंड की आल्प्स पर्वत श्रृंखला दुनिया के सबसे मनमोहक स्थानों में से एक है। बर्फ से ढके पहाड़, हरी-भरी घाटियां, और चमचमाती झीलें यहां का मुख्य आकर्षण हैं। जरमैट, इंटरलकेन, लूसर्न, और जंगफ्राओ यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। वहीं स्कीइंग, हाइकिंग, और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए यह स्थान पर्यटकों का स्वर्ग माना जाता है।

पेरिस, फ्रांस

फ्रांस का पेरिस शहर भी अपनी अकल्पनीय सुंदरता के लिए लोकप्रिय है। पेरिस को “सिटी ऑफ लाइट्स” के नाम से जाना जाता है और यह शहर अपनी कला, फैशन, और ऐतिहासिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। घूमने के लिए अधिकतर पर्यटक पेरिस का रुख करते हैं, जहां एफिल टॉवर, लौवर म्यूजियम, नॉट्रे डेम कैथेड्रल, और चैंप्स-एलिसी मुख्य आकर्षण हैं। अपने फैशन, कला, और रोमांस के लिए पेरिस दुनिया के सबसे पसंदीदा शहरों में से एक है।

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मालदीव

मालदीव के द्वीप अपनी साफ नीली समुद्री लहरों और सफेद रेत वाले बीच के लिए मशहूर हैं। जो लोग समुद्र तटों के बीच छुट्टी मनाने का शौक रखते हैं, वह मालदीव को अपनी लिस्ट में सबसे ऊपर रख सकते हैं। मालदीव के शानदार रिसॉर्ट्स, समुद्र के भीतर के विला, और कोरल रीफ्स यहां का मुख्य आकर्षण हैं। स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, और पानी के खेलों के लिए यह एक प्रमुख स्थल है। सोशल मीडिया पर मालदीव की तस्वीरें ही लोगों को आकर्षित करती हैं।

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ग्रैंड कैन्यन

संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित ग्रैंड कैन्यन को सबसे खूबसूरत स्थलों में गिना जाता है। ग्रैंड कैनियन एक अद्वितीय भूगर्भीय स्थल है, जहां विशाल घाटियों और चट्टानों की सुंदरता आपको मंत्रमुग्ध कर देती है।नॉर्थ और साउथ रिम ग्रैंड कैन्यन के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। यह स्थान एडवेंचर और फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है।

पति और ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर महिला की संदिग्ध मौत, पिता ने लगाया हत्या का आरोप

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संत कबीर नगर, जनपद संत कबीर नगर के धनघटा थाना क्षेत्र के बरंडा गांव निवासी नईम अहमद ने अपनी बेटी गुलशन अंसारी की संदिग्ध मौत के बाद पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। नईम अहमद ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी बेटी गुलशन अंसारी का विवाह वर्ष 2015 में मुस्लिम रीति-रिवाज से नबी अहमद पुत्र मुस्लिम, निवासी ग्राम टेटार, थाना महोली, जनपद संत कबीर नगर के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही गुलशन को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाने लगा।

विवाह के बाद शुरू हुई प्रताड़ना

शादी के बाद गुलशन को न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित किया जाने लगा। गुलशन के पति नबी अहमद और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने उस पर लगातार दहेज लाने का दबाव बनाना शुरू किया। गुलशन ने कई बार अपने पिता और परिवार को इस बारे में बताया, लेकिन उसे यह उम्मीद थी कि समय के साथ हालात सुधर जाएंगे।

पंचों की मध्यस्थता से समझौता

गुलशन के पिता नईम अहमद ने बताया कि जब स्थिति असहनीय हो गई, तो उन्होंने 20 जुलाई 2024 को ग्राम पंचायत के पंचों के सामने मामले को उठाया। पंचों की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया, जिसमें नबी अहमद ने यह वादा किया था कि वह गुलशन के साथ कोई मारपीट या अभद्र व्यवहार नहीं करेगा। समझौते की शर्तों के अनुसार, 26 जुलाई 2024 को गुलशन की विदाई नबी अहमद के साथ की गई।

समझौते की शर्तें निम्नलिखित थीं:

1. मारपीट और गाली-गलौज बंद करने का वादा: नबी अहमद ने पंचों के सामने यह स्वीकार किया था कि वह गुलशन को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं करेगा। नबी ने वादा किया कि वह अपनी पत्नी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखेगा।

2. भविष्य में विवाद न करने की सहमति: दोनों पक्षों ने यह भी तय किया कि भविष्य में किसी भी प्रकार का झगड़ा नहीं होगा और विवादों को आपसी सहमति से सुलझाया जाएगा।

3. दुर्व्यवहार पर कानूनी कार्रवाई: समझौते में यह भी शर्त रखी गई थी कि अगर नबी अहमद भविष्य में गुलशन के साथ दुर्व्यवहार करता है, तो उसे गुलशन के शादी से लेकर अब तक के सभी खर्चों की भरपाई करनी होगी और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

समझौते के बावजूद प्रताड़ना जारी

समझौते के बावजूद नबी अहमद और उसके परिवार का व्यवहार नहीं बदला। गुलशन को लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा। नईम अहमद का कहना है कि उनकी बेटी ने कई बार उन्हें फोन कर यह बताया कि नबी अहमद और उसके परिवार वाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। गुलशन का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न बदस्तूर जारी रहा, लेकिन उसने अपने परिवार की प्रतिष्ठा और समाज के डर से इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया।

संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

6 सितंबर 2024 की शाम को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब गुलशन को उनके ससुराल वालों के घर की छत की कुंडी से लटका पाया गया। गांव के लोगों ने नईम अहमद को इस घटना की सूचना दी। शाम करीब 5:30 बजे यह घटना हुई, और जब तक नईम अहमद वहां पहुंचे, गुलशन का शव नीचे उतारा जा चुका था।

नईम अहमद का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी कभी भी आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकती थी। गुलशन के पिता ने सीधे तौर पर गुलशन के पति नबी अहमद, सास फातिमा, देवर वसी अहमद और ननद इरकोना पर उनकी बेटी की हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष ने मिलकर गुलशन की हत्या की और फिर उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए उसके शव को छत की कुंडी से लटका दिया।

पिता ने दर्ज कराई शिकायत, आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

नईम अहमद ने थानाध्यक्ष महोली को दी गई तहरीर में यह साफ किया कि उनकी बेटी को शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने गुलशन के पति नबी अहमद और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि गुलशन को बार-बार प्रताड़ित करने के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की, जिसकी वजह से आज यह दुखद घटना घटी।

थानाध्यक्ष महोली से अनुरोध किया गया है कि इस गंभीर मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि गुलशन को न्याय मिल सके।

क्यों न्याय मिलने में हो रही देरी?

महिला हेल्पलाइन नंबर पर भी फोन करने पर आज तक नहीं हुई कोई कार्यवाही और ने आरोपियों की कोई गिरफ्तारी हुई पिता ने मीडिया के माध्यम से लगाई न्याय की गुहार पीड़ित पिता न्याय के लिए दर-दर भटकनें को मजबूर आरोपियों पर कोई नहीं हुई कार्यवाही और आरोपी खुले आम घूम रहे हैं इस प्रकार की घटनाओं से समाज पर क्या असर पड़ता है पीड़ित पिता ने कहा कि अगर मेरी बच्ची को न्याय मिले तो उसकी आत्मा को शांति मिल सके और समाज में ऐसी घटनाओं के प्रति सरकार और पुलिस प्रशासन सतर्क रहे ताकि गुलशन के साथ जो हुआ वह किसी और के साथ ना हो।

मृतक गुलशन के पिता नईम अहमद ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया की विदाई के समय एक नहीं बल्कि पति को सौ बार बताया कि मेरी बेटी के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार नहीं करेगा परंतु उसने किसी की एक न मानी और वह मेरी बेटी के साथ अभद्र व्यवहार करता रहा अपने परिवार की लाज के लिए उसने अपने माता-पिता को कुछ नहीं बताया दहेज प्रताड़ना का मुकदमा न्यायालय में चला हुआ है और वह सारे दस्तावेज पिता नईम अहमद के पास मौजूद हैं उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी को न्याय दिला कर रहेंगे और आरोपियों को जेल तक पहुंचाएंगे और इसमें जो आर्थिक नुकसान हुआ है उसकी भरपाई भी ससुराल वालों और आरोपी पति से की जाएगी। इस मामले में पुलिस भी किसी प्रकार की मदद नहीं कर रही और आरोपी सरेआम घूम रहे है। अतः पीड़ित पिता नईम अहमद नें सरकार से लगाई इंसाफ और मदद की गुहार।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

फर्जी दस्तावेज़ों से सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला: राज्य महिला आयोग में शिकायत, नियुक्ति रद्द करने की मांग

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धार जिले के डिलवानी गांव में फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर सरकारी नौकरी पाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रार्थी कविता अनारे, पत्नी पातल सिंह अनारे ने राज्य महिला आयोग, भोपाल, म.प्र. शासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए भुरीबाई, पत्नी मोहब्बत पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

कविता अनारे का कहना है कि पटेलपुरा ग्राम, दिलवानी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद के लिए निकली सूची में उनका नाम दूसरे स्थान पर था, लेकिन भुरीबाई ने फर्जी 12वीं की अंकसूची दिखाकर नौकरी हथिया ली। कविता का आरोप है कि भुरीबाई कई बार 12वीं में फेल हो चुकी थी, फिर भी उसने महाराष्ट्र बोर्ड से 77% अंक प्राप्त करने का दावा किया, जो संदेहास्पद है।

कोरोना काल में परीक्षा पर संदेह

कविता ने बताया कि 2020-21 के कोरोना काल में, जब देशभर में यात्रा प्रतिबंध थे, भुरीबाई महाराष्ट्र कैसे जाकर परीक्षा देकर अच्छे अंक प्राप्त कर पाई? यह संदेह का विषय है। उन्होंने भुरीबाई की 12वीं की अंकसूची को फर्जी बताया और उसकी गहन जांच की मांग की है।

फर्जी दस्तावेज़ों का खेल?

प्रार्थी का कहना है कि भुरीबाई की शैक्षणिक योग्यता पहले से ही संदिग्ध रही है और गांव में चर्चा थी कि वह पढ़ाई में कमजोर थी। कविता ने मांग की है कि अगर भुरीबाई की अंकसूची फर्जी साबित होती है, तो उसकी नियुक्ति निरस्त कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

कोई कार्रवाई नहीं होने पर राज्य महिला आयोग से गुहार

कविता ने पहले महिला एवं बाल विकास परियोजना बाग के अधिकारी के समक्ष शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः उन्होंने राज्य महिला आयोग से न्याय की अपील की है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित परिवार ने मीडिया के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है कि फर्जी तरीके से लगी नियुक्ति को निरस्त किया जाए और वास्तविक हकदार को नौकरी दी जाए।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

 

 

बर्थ एनिवर्सरी-देव आनंद को देख फैंस ने तुड़वाए थे दांत:’गाइड’ बनाने पर लोगों ने कहा था-पागल हो क्या, बर्बाद हो जाओगे

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देव आनंद। हिंदी सिनेमा के एक ऐसे स्टार जिनकी लोकप्रियता केवल भारत ही नहीं बल्कि विदेश में भी थी।

लाहौर से ग्रेजुएशन करने के बाद 1943 में जेब में 30 रुपए लेकर देव आनंद बॉम्बे आए और फिर सुपरस्टार बन गए। 3 दिसंबर, 2011 को उनका निधन हो गया था।

आज देव आनंद के 101वें जन्मदिन के मौके पर नजर डालते हैं उनसे जुड़े दिलचस्प किस्सों पर…

किस्सा 1: जब देव आनंद जैसी स्माइल के लिए फैंस तुड़वाने लगे दांत 1943 में जब देव आनंद लाहौर से बॉम्बे आए थे तो शुरुआत में उन्हें क्लर्क की नौकरी करनी पड़ी। इसके बाद ब्रिटिश सरकार के दफ्तर में उन्होंने सैनिकों की चिट्ठियां पढ़ने का काम किया, लेकिन इसमें मन नहीं रमा तो एक्टर बनने की ठानी। एक दिन उनकी मुलाकात फिल्म प्रोड्यूसर बाबूराव से हुई। देव आनंद की कदकाठी, चाल-ढाल और हावभाव से बाबूराव इंप्रेस हो गए और उन्हें 1946 में आई फिल्म ‘हम एक हैं’ में रोल दे दिया।

इस बारे में देव आनंद ने अपनी किताब ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में लिखा था – ‘फिल्म की शूटिंग के दौरान मुझसे कहा गया कि मेरे दांतों के बीच गैप है जिसके लिए फिलर देना पड़ेगा। मैंने इनकार नहीं किया और फिलर भर दिया गया, मगर मुझे ये अटपटा लग रहा था। मैंने फिल्म के मेकर्स से फिलर हटाने की गुजारिश की और उन्होंने फिलर हटा दिया। मैं इस बात से खुश था कि फिल्मों में मैं जैसा था जनता ने मुझे वैसे ही पसंद किया था।’

‘हरे रामा हरे कृष्णा’, ‘जॉनी मेरा नाम’ जैसी हिट फिल्मों के बाद देव आनंद इतने मशहूर हो गए थे कि लड़के उनके जैसे दांतों का शेप रखने के लिए अपने दांत तक तुड़वाने लगे थे।

किस्सा 2: जब इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति ने देखी शूटिंग इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो भी देव आनंद के फैन थे। इससे जुड़ा एक किस्सा देव आनंद ने अपनी किताब रोमांसिंग विद लाइफ में शेयर किया था। उन्होंने कहा था, फिल्म ‘काला पानी’ की शूटिंग देखने इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो आए थे।

उस दिन हम ‘बेखुदी में तुमको पुकारे चले गए’ गाने की शूटिंग कर रहे थे। हमें पहले ही बता दिया गया था कि वो सेट पर आएंगे। हमने दो घंटे उनका इंतजार किया, लेकिन वे नहीं आए तो हमने गाना शूट कर लिया। शूटिंग खत्म होते ही राष्ट्रपति आ गए। हमने उनके लिए दोबारा शूटिंग की। उन्होंने शूटिंग के दौरान खूब तालियां बजाई थीं।

जवाहरलाल नेहरू के साथ देव आनंद।
जवाहरलाल नेहरू के साथ देव आनंद।

किस्सा 3: जब देव आनंद की बात सुनकर हंस पड़े जवाहरलाल नेहरू ये किस्सा 1947 का है जब प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने देव आनंद को खाने पर बुलाया था। इस दौरान देव आनंद के साथ राज कपूर और दिलीप कुमार भी मौजूद थे। तीनों रियल लाइफ में काफी गहरे दोस्त थे।

देव आनंद ने इस मुलाकात का किस्सा अपनी किताब रोमांसिंग विद लाइफ में शेयर करते हुए लिखा है, जब हम उनसे (नेहरू) मिलने पहुंचे तो उन्होंने हम तीनों को गले लगाया। वो बीमार चल रहे थे, लेकिन फिर भी हमसे बेहद गर्मजोशी से मिले। राज कपूर ने उनसे पूछा, ‘पंडितजी हमने सुना है आप जहां भी जाते थे महिलाएं आपके पीछे भागा करती थीं।

नेहरू ने कहा, मैं इतना पॉपुलर नहीं जितने तुम लोग हो। फिर मैंने उनसे सवाल किया, आपकी स्माइल ने लेडी माउंटबेटन को इम्प्रेस कर दिया था। क्या ये बात सच है?

नेहरू ने जोर से हंसते हुए कहा, अपने बारे में ये कहानियां सुन कर मुझे बेहद मजा आता है।

फिर दिलीप कुमार बोल पड़े, मगर लेडी माउंटबेटन ने खुद कहा था कि आप उनकी कमजोरी थे। नेहरू फिर जोर से हंसे और बोले, लोग चाहते हैं कि मैं इन कहानियों पर यकीन कर लूं।

'गाइड' के लिए देव आनंद को बेस्ट एक्टर और वहीदा रहमान को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था।
‘गाइड’ के लिए देव आनंद को बेस्ट एक्टर और वहीदा रहमान को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था।

किस्सा 4: ‘गाइड’ बनाने पर लोगों ने कहा- पागल 1965 में रिलीज हुई फिल्म ‘गाइड’ देव आनंद के करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में एक थी। यह फिल्म उस जमाने के हिसाब से काफी बोल्ड थी जिसमें एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर को दिखाया गया था। यही वजह है जब देव आनंद इस फिल्म को बना रहे थे तो फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों ने उन पर सवाल उठाए। ये बात देव आनंद ने खुद एक इंटरव्यू में बताई थी।

उन्होंने कहा था, जब हमने गाइड बनाई जो कि एडल्ट्री पर थी। लोगों ने मुझे कहा ये पागल हो गया है। देव अपने आपको बर्बाद कर रहा है, इसका स्टारडम खत्म हो जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब फिल्म बन गई और देव आनंद ने फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक स्पेशल प्रीमियर शो रखा तो कई सेलेब्स फिल्म देखने तो आए, लेकिन उन्होंने शो के बाद एक शब्द भी नहीं कहा। जब फिल्म रिलीज हुई तो धीरे-धीरे इसे पॉजिटिव रिव्यू मिलने लगे और फिल्म देखने के लिए दर्शक सिनेमाघरों का रुख करने लगे। इसे आज भी क्लासिक फिल्म माना जाता है।

किस्सा 5: जब डाकू ने खटखटाया देव आनंद के कमरे का दरवाजा बात 1957 की है जब देव आनंद फिल्म ‘नौ दो ग्यारह’ की शूटिंग कर रहे थे। शूटिंग मध्यप्रदेश के शिवपुरी में चल रही थी। उस दौर में उस इलाके में डाकुओं का बोलबाला था। शूटिंग का पैकअप होने के बाद देव आनंद सहित पूरी टीम एक गेस्ट हाउस में ठहरी थी। आधी रात को किसी ने देव आनंद के कमरे का दरवाजा खटखटाया।

उन्होंने अंदर से पूछा-कौन है? आवाज आई- हम हैं अमर सिंह। देव आनंद ने डरते हुए दरवाजा खोला तो सामने बड़ी-बड़ी मूंछों वाला डाकू खड़ा था। देव आनंद कुछ बोल पाते, इससे पहले ही डाकू ने एक्टर की तस्वीर निकाली और कहा-आप इस पर अपने साइन कर दीजिए। ये सुनते ही देव आनंद की जान में जान आई। उन्होंने झट से अपनी तस्वीर पर ऑटोग्राफ दिया जिसे देखकर डाकू ने कहा-देव साहब आपको कभी भी किसी चीज की जरूरत पड़े तो हमें याद कीजिएगा।

फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा में जीनत अमान और देव आनंद।
फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा में जीनत अमान और देव आनंद।

किस्सा 6: जीनत अमान ने ऑफर की सिगरेट और देव आनंद ने कहा- हीरोइन बनोगी? देव आनंद ने बड़े भाई चेतन आनंद के साथ मिलकर 1949 में अपना बैनर नवकेतन लॉन्च किया था। इसके बैनर तले बनी सबसे सफल फिल्मों में से एक 1971 में आई फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ थी जिसमें देव आनंद की बहन के किरदार में जीनत अमान नजर आई थीं। फिल्म में जीनत की कास्टिंग के पीछे भी एक दिलचस्प किस्सा है। दरअसल, उस दौर में कोई भी एक्ट्रेस देव आनंद की बहन का किरदार नहीं निभाना चाहती थी। देव आनंद भी ऐसा चेहरा ढूंढ-ढूंढकर थक गए थे। तभी एक पार्टी में उनकी नजर मिस एशिया का खिताब जीत चुकी जीनत अमान पर पड़ी। जीनत देव आनंद के सामने बैठी थीं।

देव आनंद को जीनत में अपनी फिल्म की मेन लीड एक्ट्रेस की छवि दिख गई। देव आनंद ने देखा कि जीनत ने अपनी जेब से सिगरेट का पैकेट और लाइटर निकाला। फिर सिगरेट होठों से दबाई और उसे लाइटर से जलाया। जब जीनत की नजर उन्हें देख रहे देव आनंद पर पड़ी तो उन्होंने प्यारी सी स्माइल देकर देव आनंद को भी सिगरेट ऑफर की। देव आनंद इनकार नहीं कर सके। फिर देव आनंद ने उनसे पूछा कि क्या आप फिल्मों में काम करेंगी? जीनत ने देव आनंद के चेहरे पर सिगरेट का धुआं छोड़ा और उन्हें देखती रहीं। देव आनंद ने अगला सवाल करते हुए कहा कि क्या मैं तुम्हें स्क्रीन टेस्ट के लिए बुला सकता हूं।

जीनत ने पूछा, कब?

देव आनंद ने कहा कल आ जाओ। जो भी समय तुम्हें सही लगे। जीनत अगले दिन स्क्रीन टेस्ट के लिए पहुंच गईं और इस तरह उन्हें अपनी डेब्यू फिल्म मिली।

फिल्म में जीनत अमान पर फिल्माया और आशा भोसले का गाया गाना ‘दम मारो दम’ बेहद पॉपुलर हुआ और जीनत बड़ी स्टार बन गईं।