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तीसरे स्पिनर के साथ उतर सकती है टीम इंडिया:कुलदीप या अक्षर किसे मिलेगा मौका; दूसरे टेस्ट के लिए पॉसिबल प्लेइंग-11

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भारत और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच कल से कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत दो मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है।

ग्रीन पार्क में पेसर्स के मुकाबले स्पिनर्स को ज्यादा विकेट मिले हैं। इसे देखते हुए भारतीय टीम 3 स्पिनर्स को मौका दे सकती है। अगर 3 स्पिनर रहे तो कुलदीप यादव या अक्षर पटेल में से किसी एक को मौका मिल सकता है।

बैटिंग लाइन-अप में बदलाव नहीं होगा कानपुर में संभव है कि बैटिंग लाइन-अप में बदलाव नहीं होगा। इसमें पांच बैटर और एक विकेटकीपर को मौका मिलेगा। विराट कोहली, केएल राहुल और विकेटकीपर ऋषभ पंत जैसे सीनियर प्लेयर्स की टेस्ट टीम में वापसी हो चुकी है। पंत ने तो पहले टेस्ट के दूसरी पारी में शतक लगाकर शानदार वापसी की। टॉप-3 पोजिशन पर रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल का खेलना तय है।

2 ऑलराउंडर्स का खेलना तय टॉप-6 बैटर्स के बाद टीम इंडिया रवींद्र जडेजा और पिछले मैच में सेंचुरी लगाने वाले रविचंद्रन अश्विन के रूप में 2 सीनियर स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर्स को मौका देगी। स्पिन डिपार्टमेंट में अगर टीम ने 3 बॉलर्स रखे तो कुलदीप यादव या अक्षर पटेल में से किसी एक को ही मौका मिला। बांग्लादेश को देखते हुए टीम इंडिया अपनी बॉलिंग डिपार्टमेंट को ही मजबूत करने पर ध्यान देगी। ऐसे में कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 में शामिल कर सकती है।

2 तेज गेंदबाजों को मिल सकता है मौका भारत प्लेइंग-11 में 2 तेज गेंदबाजों को मौका दे सकता है। इसमें जसप्रीत बुमराह खेल सकते हैं। उनके अलावा मोहम्मद सिराज, यश दयाल और आकाश दीप रेस में हैं। पिछले मैच में मोहम्मद सिराज और आकाश दोनों ने अच्छा प्रदर्शन किया था। इसलिए इन्हीं 2 में से किसी एक को मौका मिलेगा। सिराज का इकोनॉमी रेट अच्छा था, इसलिए सिराज यहां बाजी मार सकते हैं। यश दयाल अब तक डेब्यू नहीं कर सके हैं, इसलिए उन्हें मौका मिलना मुश्किल है।

जुरेल, दयाल और सरफराज को रिलीज कर सकती है टीम ध्रुव जुरेल, यश दयाल और सरफराज खान अगर प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं हुए तो टीम उन्हें ईरानी कप के लिए रिलीज कर सकती है। वहीं अक्षर पटेल और आकाश दीप को बेंच पर बैठना पड़ सकता है।

 

बांग्लादेश भी प्लेइंग-11 में तीसरा स्पिनर शामिल कर सकती है दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश के भी प्लेइंग-11 में एक बदलाव हो सकता है। टीम में 2 स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर्स शाकिब अल हसन और मेहदी हसन मिराज का खेलना लगभग तय है। टीम तेज गेंदबाज नाहिद राणा की जगह तीसरा स्पिनर तैजुल इस्लाम को शामिल कर सकती है।दूसरे मुकाबले के लिए महमुदुल हसन जॉय, नाहिद राणा, नईम हसन, सैयद खालिद अहमद और जाकिर अली अनिक बाहर बैठ सकते हैं।

 

OpenAI की CTO मीरा मुराती ने इस्तीफा दिया:दो और टेक्निकल लीडर्स ने छोड़ी कंपनी, ऑल्टमैन बोले- हर चीज के लिए धन्यवाद मीरा

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चैटजीपीटी को बनाने वाली कंपनी OpenAI के टॉप 3 टेक्निकल लीडर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर मीरा मुराती, वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च बैरेट जोफ और चीफ रिसर्च ऑफिसर बॉब मैकग्रे शामिल हैं। मुराती ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर अपने इस्तीफे के बारे में जानकारी दी।

मीरा मुराती ने X पर लिखा- मेरे पास आपके साथ शेयर करने के लिए कुछ है। बहुत विचार-विमर्श के बाद, मैंने OpenAl को छोड़ने का कठिन निर्णय लिया है। OpenAl टीम के साथ मेरे साढ़े 6 साल एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी प्रिविलेज रहे हैं। मैं इसलिए पद छोड़ रही हूं क्योंकि मैं अपने खुद के एक्सप्लोरेशन के लिए टाइम और स्पेस क्रिएट करना चाहती हूं।

ऑल्टमैन बोले – हर चीज के लिए धन्यवाद मीरा

फो फाउंडर ऑल्टमैन ने मीरा मुराती के पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए लिखा- हर चीज के लिए धन्यवाद मीरा। यह कहना मुश्किल है कि मीरा OpenAI, हमारे मिशन और व्यक्तिगत रूप से हम सभी के लिए कितना मायने रखती है। मैं इसके लिए उत्साहित हूं कि वह आगे क्या करेगी। हम जल्द ही परिवर्तन योजनाओं के बारे में और अधिक बताएंगे।

OpenAI की अंतरिम CEO भी रह चुकी हैं मीरा मुराती

नवंबर 2023 में जब OpenAI बोर्ड ने सैम ऑल्टमैन को कंपनी के CEO पद से हटाने का निर्णय लिया था, तब मुराती को कंपनी के अंतरिम CEO के रूप में नियुक्त किया गया था। OpenAI में 2018 में शामिल होने से पहले उन्होंने 2012 से 2013 जोडियक एयरोस्पेस में और कुछ समय टेस्ला में भी काम किया है। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2011 में इंटर्न के तौर पर गोल्डमैन सैक्स में की थी।

2022 में ChatGPT को पब्लिकली अनवील किया था

OpenAI ने नवंबर 2022 में दुनिया के लिए ChatGPT अनवील किया था। इस AI टूल ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। म्यूजिक और पोएट्री लिखने से लेकर निबंध लिखने तक, ChatGPT बहुत सारे काम कर सकता है। यह एक कन्वर्सेशनल AI है। एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जो आपको इंसानों की तरह जवाब देता है।

OpenAI में माइक्रोसॉफ्ट जैसी बिग टेक कंपनी ने 13 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश कर रखा है। कंपनी ने अपने सर्च इंजन ‘बिंग’ में भी ChatGPT को इंटीग्रेट किया है। और भी कई कंपनियां ChatGPT का इस्तेमाल करने के लिए आतुर हैं। ऐसे में AI बेस्ड इस चैटबॉट का इस्तेमाल आने वाले दिनों में कहीं ज्यादा फैलने की उम्मीद है।

आलोचकों का कहना है कि AI का बढ़ता इस्तेमाल लोगों के लिए मुश्किलें पैदा करेगा। नौकरियां खत्म होंगी, लोगों की इस पर निर्भरता बढ़ती जाएगी और शायद एक दिन ऐसा भी आए कि इंसान सोचने का काम पूरी तरह AI पर छोड़ दे। सैम ऑल्टमैन इस खतरे को नकारते नहीं हैं। हालांकि, वो कहते हैं कि इंसानी दिमाग की जरूरत ही न पड़े ऐसी दुनिया की कल्पना मुश्किल है।

ChatGPT पर आप किस तरह के सवाल पूछ सकते हैं?

इससे आप कोई भी सवाल पूछ सकते हैं। यानी ईमेल लिखने से लेकर CV तक आप इससे बनवा सकते हैं। रील या अपनी वीडियो कैसे वायरल करना है, इसका भी जवाब ChatGPT देता है। वाइफ को क्या गिफ्ट दें, इस पर भी ChatGPT आपको सुझाव देता है।

ChatGPT लंबे जवाब की बजाय छोटे और सटीक शब्दों पूरी जानकारी देता है। किसी स्टूडेंट को डेमोक्रेसी पर एसे यानी निबंध लिखना है तो वह तुरंत ChatGPT पर टाइप करेगा Write an essay on democracy। इसके बाद आपके सामने पूरा एसे लिखा हुआ आ जाएगा।

 

पुतिन ने पश्चिमी देशों को न्यूक्लियर हमले की चेतावनी दी:बोले- परमाणु नीति में बदलाव करेंगे, रूस को बचाने के लिए ये जरूरी

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर से पश्चिम देशों को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दी है। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन ने राजधानी मॉस्को में बुधवार को सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक बुलाई थी। इसमें उन्होंने कहा कि सरकार परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े नियम और शर्तों को बदलने जा रही है।

पुतिन ने कहा कि देश के परमाणु नियमों में कई नई चीजें जोड़ी जाएंगी। इसमें रूस के खिलाफ मिसाइल या फिर ड्रोन हमलों के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भी शामिल है। अगर रूसी इलाके में बड़े पैमाने पर मिसाइल या ड्रोन हमला होता है, जिससे देश की संप्रभुता पर गंभीर खतरा आ सकता है, तब भी रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।

रूसी राष्ट्रपति ने ये भी कहा कि यदि कोई गैर-परमाणु संपन्न देश किसी परमाणु संपन्न देश के समर्थन से रूस पर हमला करता है तो इसे दोनों देशों की तरफ से किया गया हमला माना जाएगा। उन्होंने कहा कि रूस के परमाणु हथियार, देश और उसके नागरिकों की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी हैं।

राष्ट्रपति पुतिन ने बुधवार को परमाणु नीति पर चर्चा के लिए मॉस्को में सुरक्षा परिषद के साथ बैठक की थी।
राष्ट्रपति पुतिन ने बुधवार को परमाणु नीति पर चर्चा के लिए मॉस्को में सुरक्षा परिषद के साथ बैठक की थी।

पुतिन बोले- परमाणु नीति में बदलाव समय की मांग पुतिन का ये बयान तब आया है, जब यूक्रेन पश्चिमी देशों से रूस में दूर तक हमला करने वाली मिसाइलों के इस्तेमाल की इजाजत मांग रहा है। पुतिन ने कहा कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की शर्तों में बदलाव जरूरी था, क्योंकि दुनिया तेजी से बदल रही है।

यूक्रेन को ब्रिटेन ने स्टॉर्म शैडो, अमेरिका ने आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) मिसाइलें दी हुई हैं। ये लंबी दूरी की घातक मिसाइलें हैं, जो करीब 300 किमी तक सटीक निशाना लगा सकती हैं।

यूक्रेन इन मिसाइलों का इस्तेमाल रूस में नहीं, बल्कि सिर्फ अपनी सीमा के भीतर ही कर सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की चाहते हैं कि इन प्रतिबंधों को हटाया जाए, ताकि वे रूस के भीतर लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल कर सकें।

जेलेंस्की इस समय अमेरिका दौरे पर हैं। वे बाइडेन से रूस में लंबी दूरी के मिसाइल दागने की अनुमति मांग सकते हैं।
जेलेंस्की इस समय अमेरिका दौरे पर हैं। वे बाइडेन से रूस में लंबी दूरी के मिसाइल दागने की अनुमति मांग सकते हैं।

बाइडेन से आज मिलेंगे जेलेंस्की यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की इस समय अमेरिका के दौरे पर हैं। वे गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात करने वाले हैं। इस दौरान वे रूस में लंबी दूरी की मिसाइलों के इस्तेमाल की अनुमति मांग सकते हैं।

यह पहली बार नहीं है, जब पुतिन ने पश्चिमी देशों को परमाणु युद्ध की धमकी दी हो। रूसी राष्ट्रपति ने 12 सितंबर को कहा था कि अगर पश्चिमी देश यूक्रेन को क्रूज मिसाइल के इस्तेमाल की अनुमति देते हैं तो इसका मतलब यह समझा जाएगा कि NATO, रूस के खिलाफ जंग में उतर चुका है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो वे इसका जवाब जरूर देंगे।

यूक्रेन ढाई साल से अमेरिका और पश्चिमी देशों के समर्थन से रूस के खिलाफ जंग लड़ रहा है। यूक्रेन ने अगस्त में रूस में घुस कर उसके कई इलाकों पर कब्जा कर लिया था। रूस अपने इलाकों को छुड़ाने की कोशिश में जुटा है।

ऑनलाइन गेम की लत ने लिया 12 लाख का कर्ज, मोहम्मद कौसर की जिंदगी में आया संकट

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बिहार के मोहम्मद कौसर, जिनकी उम्र अभी 25 साल है, मोबाइल गेम की लत के कारण बड़े आर्थिक संकट में फंस गए हैं। शुरुआत में यह शौक सिर्फ मनोरंजन के लिए था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक गंभीर लत बन गया। लूडो जैसे ऑनलाइन गेम्स पर छोटी रकम से शुरू हुआ यह खेल आज मोहम्मद कौसर को 12 लाख रुपए के कर्ज में डुबो चुका है।

कैसे शुरू हुई लत?

कौसर ने शुरुआत में केवल 50-100 रुपए के दांव से खेलना शुरू किया। लेकिन जैसे-जैसे जीतने की उम्मीद और लालच बढ़ता गया, उन्होंने अपनी जमा-पूंजी तक गंवा दी। जब भी वे हारते, उन्हें लगता कि अगली बार वे यह नुकसान पूरा कर लेंगे, लेकिन हर बार हार उनके हिस्से आई। इस बीच, आर्थिक बोझ बढ़ता गया और उन्हें अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी। यहाँ तक कि बाकी सामान भी गिरवी रखना पड़ा, लेकिन 12 लाख का कर्ज बढ़ता गया।

समस्या सिर्फ कौसर की नहीं है

यह समस्या सिर्फ मोहम्मद कौसर तक सीमित नहीं है। उनके इलाके में और भी कई युवा इस ऑनलाइन गेम की लत के शिकार हो चुके हैं। लूडो जैसे सरल दिखने वाले गेम ने उन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया है। मोहम्मद कौसर के बस्ती और कॉलोनी के कई युवा भी इसी तरह अपने पैसे और भविष्य को इस लत में गंवा रहे हैं।

प्रशासन और पुलिस की असमर्थता

मोहम्मद कौसर ने प्रशासन और पुलिस से मदद की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें कोई ठोस सहयोग नहीं मिला। ऑनलाइन गेम्स और इस प्रकार के फ्रॉड से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिसके कारण कौसर जैसे लोग अपनी शिकायतें लेकर इधर-उधर भटक रहे हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे गेम्स के बढ़ते प्रचार को रोकना चाहिए, जो युवा पीढ़ी को आर्थिक और मानसिक रूप से बर्बाद कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर आवाज उठाने की कोशिश

कौसर अब सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात दुनिया के सामने लाना चाहते हैं ताकि अन्य लोग इस तरह के फ्रॉड का शिकार न हों। उन्होंने अपील की है कि इस मुद्दे पर जागरूकता फैलानी चाहिए और प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है, “यह सिर्फ मेरे साथ ही नहीं हो रहा, और भी कई लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं। मैं चाहता हूं कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए और इसे रोका जाए।”

आर्थिक संकट से मानसिक संकट तक

कर्ज के बोझ तले दबे मोहम्मद कौसर न केवल आर्थिक रूप से परेशान हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी भारी तनाव में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वे इस संकट से कैसे उबर पाएंगे। ऑनलाइन गेम की लत ने उनके जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और वह दूसरों को इस जाल में फंसने से रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

समाधान की ओर एक कदम

इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि ऑनलाइन गेम्स और उनसे जुड़े फ्रॉड पर नियंत्रण किया जा सके। प्रशासन और समाज को मिलकर ऐसे मामलों में सक्रियता से काम करना चाहिए ताकि अन्य युवाओं को इस खतरनाक लत से बचाया जा सके।

यह कहानी सिर्फ मोहम्मद कौसर की नहीं है, बल्कि उन सभी युवाओं की है जो ऑनलाइन गेम्स की लत के शिकार हो रहे हैं। समाज को इस दिशा में कदम उठाने की जरूरत है ताकि कौसर और उनके जैसे अन्य लोग इस चक्रव्यूह से बाहर निकल सकें।

17 वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे चंद्र प्रसाद मीडिया और प्रशासन से मांगी मदद की गुहार

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नमस्कार दोस्तों, ई खबर में आपका स्वागत है आज हम आपके सामने एक महत्वपूर्ण मुद्दा लेकर आए हैं, जो हमारे समाज की असंवेदनशीलता और सरकारी तंत्र की उदासीनता को दर्शाता है। यह कहानी है चंद्र प्रसाद की, जो दिल्ली के गांव घोगा के निवासी हैं। चंद्र प्रसाद लगातार 17 वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके पिता, स्वर्गीय श्री हेम लाल, शिक्षा विभाग में चौकीदार के रूप में कार्यरत थे, जिनका 28 जनवरी 2007 को निधन हो गया। अपने पिता के निधन के बाद से, चंद्र प्रसाद ने करुणामूलक आधार पर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिला है।

चंद्र प्रसाद ने 2018 में अदालत का दरवाजा खटखटाया, और उन्हें अदालत से उनके पक्ष में फैसला भी मिला। आदेश संख्या (OA No. 797/2018, MA No. 868/2018) के अनुसार, उन्हें नौकरी देने का निर्देश दिया गया था। लेकिन दुर्भाग्य से, आज तक उस आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह हमारी न्याय प्रणाली और सरकारी विभागों की निष्क्रियता को उजागर करता है।

चंद्र प्रसाद की मां बीमार हैं, घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है, और उनके पास कोई स्थायी आय का स्रोत नहीं है। ऐसे में, वह दिल्ली सरकार और शिक्षा निदेशक से मदद की अपील कर रहे हैं कि उन्हें जल्द से जल्द करुणामूलक आधार पर नौकरी दी जाए, ताकि वह अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। चंद्र प्रसाद ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई है कि वह उनके मामले में हस्तक्षेप करें और उन्हें न्याय दिलाएं।

आशा करते हैं कि सरकार और प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देंगे, और चंद्र प्रसाद जैसे पीड़ितों को उनका हक दिलाएंगे। धन्यवाद।

17 वर्षीय कुशुम की संघर्ष कहानी: गरीबी से लड़ाई और यूट्यूब पर सफलता”

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नमस्कार, ई खबर मीडिया में आपका स्वागत है। आज हम आपके सामने बिहार के नवादा जिले की 17 वर्षीय कुशुम की प्रेरणादायक कहानी लेकर आए हैं।

कुशुम, जो नीतीश कुमार की पत्नी हैं और जिनके पति नीतीश एक सुपरवाइजर हैं, सोशल मीडिया के माध्यम से गरीबी से लड़ने का प्रयास कर रही हैं। हाल ही में, कुशुम ने यूट्यूब पर अपना अकाउंट बनाया है, जिसका नाम @NitishKumar-dx7tt है। उनके 78 सब्सक्राइबर हैं, और उन्होंने 162 वीडियो अपलोड की हैं, जिन पर अब तक 17,848 व्यूज़ आ चुके हैं।

कुशुम का मकसद अपने कंटेंट के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारना और अपने गांव और राज्य का नाम रोशन करना है। उन्होंने बताया कि वह यूट्यूब पर एक्टिव रहते हुए रोज़ाना वीडियो और रील्स अपलोड करती हैं, ताकि उनकी बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके।

कुशुम बताती हैं कि वह एक गरीब परिवार से हैं, लेकिन उन्होंने ठान लिया है कि अपने वीडियो के जरिए अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालेंगी। उन्होंने दर्शकों से अपील की है कि वे उनके यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें और उनके सपनों को साकार करने में मदद करें।

कुशुम के फैंस बेसब्री से उनके वीडियो का इंतजार करते हैं, और अब सोशल मीडिया पर उन्हें “कुशुम दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा है। हाल ही में, उन्होंने 78 सब्सक्राइबर्स पूरे होने पर अपने चाहने वालों को धन्यवाद दिया और कहा, “आपके बिना मैं कुछ नहीं।”

तो अगर आप भी कुशुम की इस प्रेरणादायक कहानी से प्रभावित हुए हैं, तो उनके यूट्यूब चैनल @NitishKumar-dx7tt को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करें, ताकि वह अपने सपनों को पूरा कर सकें और अपने परिवार को एक बेहतर जीवन दे सकें। धन्यवाद!

देश का मानसून ट्रैकर:मुंबई में आज रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद, महिला की मौत, 14 फ्लाइट डायवर्ट; 11 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

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मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में आज भारी बारिश का रेड अलर्ट है। मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी कर दी गई है। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है।

मुंबई में बुधवार शाम करीब पांच घंटों के दौरान कई इलाकों में 3.9 इंच से अधिक बारिश हुई। सड़कें नदियों में बदल गईं। जलजमाव के कारण गाड़ियां देर रात तक कई किलोमीटर लंबे जाम में फंसी रही। मुंबई एयरपोर्ट पर 14 फ्लाइट्स डायवर्ट की गईं। लोकल ट्रेनें भी देरी से चलीं। अंधेरी में महिला की नाले में डूबने से मौत हो गई।

गुजरात के सूरत में बुधवार को 2 घंटे में 2 इंच बारिश से कदरसा और संग्रामपुरा इलाके की नहरों में बाढ़ आ गई। स्कूलों में बच्चे फंस गए। दमकल विभाग ने बच्चों का रेस्क्यू किया। सिविल अस्पताल में भी पानी भर गया। इससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। गुजरात में अगले 5 दिनों तक बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर समेत 21 जिलों में बुधवार को बारिश हुई। खंडवा में 9 घंटे में 2.3 इंच बारिश हुई। उत्तर प्रदेश के मथुरा में बारिश से कई इलाकों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया। रजिस्ट्री ऑफिस में पानी घुस गया।

मुंबई में बारिश की तस्वीरें…

मुंबई में लंबे समय बाद बुधवार को जमकर बारिश हुई। सड़कों पर पानी भर गया। IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है।
मुंबई में लंबे समय बाद बुधवार को जमकर बारिश हुई। सड़कों पर पानी भर गया। IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है।
मुंबई में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक जाम के बीच धीरे-धीरे आगे बढ़ते वाहन।
मुंबई में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक जाम के बीच धीरे-धीरे आगे बढ़ते वाहन।
मुंबई के कुर्ला पूर्व इलाके में सड़क पर जलभराव देखा गया।
मुंबई के कुर्ला पूर्व इलाके में सड़क पर जलभराव देखा गया।

27 सितंबर को 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

  • मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उपहिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात में भारी से बहुत भारी (12 सेमी) तक बारिश हो सकती है।
  • उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश (7 सेमी) का अलर्ट है।तेज बारिश के सिस्टम की वजह से मध्यप्रदेश एक बार फिर तरबतर हो गया है। बुधवार को भोपाल, इंदौर समेत 21 जिलों में पानी गिरा। गुरुवार को जबलपुर, सागर समेत 16 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सितंबर का चौथा स्ट्रॉन्ग सिस्टम है। राजस्थान में करीब एक सप्ताह से बंद पड़ा बारिश का दौर बुधवार से फिर शुरू होगा। बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ और उदयपुर के सलूंबर एरिया में 1 इंच से ज्यादा बरसात दर्ज हुई। इधर, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश जिलों में आसमान साफ रहा। धूप के साथ उमस रही। मौसम केन्द्र जयपुर ने आज राजस्थान के 11 जिलों में बारिश का अलर्ट है
  • हरियाणा में मानसून एक्टिव हो चुका है। सूबे के 5 जिलों पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला में मौसम बदलने के आसार बन रहे हैं। इन जिलों में बादल छाएंगे, तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना बन रही है। इसके अलावा जीटी रोड बेल्ट के कुछ जिलों में भी बादल छाए रहने के साथ हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

आयुष्मान पखवाड़ा अंतर्गत जिला स्तर पर कार्यशाला का हुआ आयोजन

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देवास आयुष्मान पखवाड़ा अंतर्गत जिला स्तर पर कार्यशाला का आयोजन जिला अस्‍पताल में किया गया। कार्यशाला में सभी कार्यक्रम अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सर्वे कर पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिये। ब्लॉक स्तर पर आयुष्मान मेला एवं जांच शिविर आयोजन की जानकारी नागरिकों देने के निर्देश दिये। ग्राम औेर शहरी क्षेत्र में आयुष्मान का अधिक से अघिक प्रचार-प्रसार किया जाये एवं कार्यशाला में सभी को शपथ भी दिलाई गयी। आयुष्मान पखवाड़ा अंतर्गत जिले में निरन्तर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही है। स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं में प्रति मंगलवार और शुक्रवार आयोजित ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर स्वास्थ्य कार्यक्रर्ता और ग्राम तर्दथ समिति के सदस्यों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी जा रही। स्कूलों में बच्चों को शालेय टीकाकरण कार्यक्रम में आयुष्मान योजना के बारे में बताया जा रहा है।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

सीएम हेल्‍पलाइन पर लम्बित शिकायतों का निराकरण नहीं करने पर 06 अधिकारियों का सितम्‍बर माह का वेतन रोका

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देवास कलेक्‍टर श्री ऋषव गुप्‍ता ने सीएम हेल्‍पलाइन पर लम्बित शिकायतों का निराकरण नहीं करने और विभागीय प्रगति रिपोर्ट में डी ग्रेड में रहने पर कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग श्री मनीष मरकाम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सरोजिनी जेम्स, प्रभारी तहसीलदार हाटपिपलीया सुश्री हर्षा वर्मा, प्रभारी तहसीलदार उदयनगर सुश्री पीहू कुरील, तहसीलदार कन्नौद सुश्री अंजली गुप्ता और तहसीलदार टोंकखुर्द श्री विजय तलवारे का सितम्‍बर माह का वेतन रोकने के आदेश दिये है। अधिकारियों को समय-समय पर सीएम हेल्‍पलाइन अंतर्गत लम्बित शिकायतों के त्‍वरित निराकरण के निर्देश दिये गये।‍ किन्‍तु इनके द्वारा शिकायतों के निराकरण में रूचि नहीं ली गई। जो कि पदीय कर्तव्‍यों के निर्वहन में लापरवाही/उदासिनता एवं गंभीर अनियमि‍तता है।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

 

राजनीतिक हितों को साधने संवैधानिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करती रही कांग्रेस -विधायक गोपालसिंह इंजीनियर

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आष्टा । भारतीय जनता पार्टी सीहोर अजा मोर्चा द्वारा विधायक कार्यालय आष्टा में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यवक्ता एवं आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता अपने राजनीतिक हित साधने के लिए संविधान और संवैधानिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करते रहे हैं। संविधान और दलितों के अपमान की भावना कांग्रेस की नस-नस में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में आरक्षण के विरोध में दिया गया बयान भी कांग्रेस की इसी भावना का परिचायक है। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा उनके इस बयान की निंदा करता है और इसके खिलाफ प्रदेश के हर जिले में जनजागरण किया जा रहा है ।

बाबा साहब और दलितों का अपमान करती रही कांग्रेस”

विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने लगभग 57 वर्षों तक देश पर शासन किया, लेकिन इस दौरान कभी उसने संविधान में प्रदत्त मूलभूत आरक्षण के सिद्धांत को सही भावना और स्वरूप में लागू करने की इच्छा शक्ति नहीं दिखाई। तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने 1956 में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने से संबंधित काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। 1961 में पं. नेहरू ने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा था कि आरक्षण से अक्षमता और दोयम दर्जे का मानक पैदा होता है। पं. नेहरू ने ही बाबा साहब अंबेडकर के सामाजिक और राजनीतिक जीवन का समाप्त करने का षडयंत्र रचा, उन्हें लोकसभा चुनाव में हराने का पाप किया। श्री इंजीनियर ने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस की सरकारों ने कभी भी बाबा साहेब का तैल चित्र संसद में नहीं लगने दिया था और न ही उन्हें कभी भारत रत्न देने का प्रयास किया गया।

“संविधान की आत्मा को कुचलती रही है कांग्रेस”

विधायक श्री इंजीनियर ने कहा कि अगर हम कांग्रेस का इतिहास देखें, तो पता चलता है कि उसने बार-बार संविधान की आत्मा को कुचलने का काम किया है और उसके नेता राहुल गांधी का विदेश की धरती पर एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के खिलाफ बयान ऐसे ही एक षडयंत्र का हिस्सा है। श्री इंजीनियर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने 1975 में अपने राजनीतिक हितों के लिए संविधान को कुचलते हुए देश में आपातकाल लगा दिया था। इस दौरान पत्रकारों की आवाज को दबाया गया और विरोधी दलों के नेताओं को जेलों में ठूंस दिया गया। 1960 से 1977 के बीच कांग्रेस की सरकार ने 25 से अधिक बार संविधान में संशोधन किया। श्री इंजीनियर ने कहा कि 2014 में जब से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, केवल 8 बार संविधान में संशोधन किए गए हैं। राजीव गांधी ने ही मंडल आयोग की रिपोर्ट का विरोध किया तथा 1990 में लोकसभा में आरक्षण का भी विरोध किया। श्री इंजीनियर ने कहा कि डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर और संविधान सभा ने संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण को मान्यता नहीं दी थी, मगर कांग्रेस ने 42 वें संशोधन के बाद इसके रास्ते खोल दिये। वर्तमान में ओबीसी कोटा से मुस्लिमों को आंध्रप्रदेश में 4 प्रतिशत, केरल में 8 प्रतिशत और तमिलनाडु में 3.5 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, जो दलितों, आदिवासियों और पिछड़ा वर्ग के साथ धोखाधड़ी है। श्री इंजीनियर ने कहा कि कांग्रेस की केंद्र सरकार ने देश में 90 से अधिक बार निर्वाचित राज्य सरकारों को बर्खास्त करके अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया।

“संविधान को सम्मान, दलितों को अधिकार दे रही मोदी सरकार”

विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा कि संविधान के आदर की भावना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मन में हमेशा से रही है। 2010 में जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने भव्य संविधान यात्रा निकाली थी। केंद्र में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कश्मीर से धारा 370 और 35-ए हटाई और आजादी के 75 वर्षों के बाद वहां भारत के संविधान को लागू करके दलितों, आदिवासियों तथा पिछड़ों को आरक्षण प्रदान किया। मोदी सरकार ने वर्ष 2017 में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया। 2019 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण देने का प्रावधान किया। 2019 में ही संविधान की छठी अनुसूची में संशोधन किया और इसी साल लोकसभा तथा विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को 10 वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार ने 2021 में राज्यों को ओबीसी सूची में परिवर्तन का अधिकार दिया। कांग्रेस ने 57 सालों तक सरकार में रहते हुए कभी संविधान दिवस नहीं मनाया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने 2015 में सरकारी स्तर पर संविधान दिवस मनाने की शुरुआत की और 2015 में ही संसद में दो दिनों तक संविधान पर चर्चा कराई, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की सरकार ने कल्याण मंत्रालय को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के रूप में बदला। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार ने बाबा साहेब के जीवन से जुड़े महू, लंदन, नागपुर, दिल्ली और मुंबई में स्थित ऐतिहासिक स्थलों का पंचतीर्थ के रूप में विकास किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ही 2017 में अनुसूचित जातियों पर अध्ययन अनुसंधान, विश्लेषण और नीति निर्माण करने के लिए डॉक्टर अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र की नींव रखी। श्री इंजीनियर ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर कभी ध्यान नहीं दिया, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार हर वर्ग के लोगों को बिजली, पानी, बैंक खाता, शौचालय, आवास और पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है।
पत्रकार-वार्ता के दौरान जिला मीडिया प्रभारी सुशील संचेती, अनुसूचित जाति मोर्चे के जिला महामंत्री राजाराम मालवीय,अजा मोर्चा के सदस्यता प्रभारी मनोहर मालवीय आदि उपस्तिथ रहे।

अनुसूचित जाति मोर्चे ने सुभाष चौक पर प्रदर्शन कर राहुल गांधी के खिलाफ की नारेबाजी

पत्रकारवार्ता के पूर्व मोर्चे के जिला महामंत्री राजाराम मालवीय एवं मनोहर मालवीय के नेतृत्व में सुभाष चौक पर सुभाष प्रतिमा के सामने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा विदेश में आरक्षण के विरोध में जो कहा उसका अनुसूचित जाति मोर्चे ने कड़ा विरोध कर राहुल गांधी के खिलाफ जम कर नारेबाजी की ।
पत्रकारवार्ता में उपस्तिथ सभी पत्रकारो का जिला मीडिया प्रभारी सुशील संचेती एवं मोर्चे के जिला महामंत्री राजाराम मालवीय ने स्वागत किया एवं अंत मे मोर्चे के मनोहर मालवीय ने सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया।

ई खबर मीडिया के लिए राजकुमार की रिपोर्ट