पत्नी और बच्चों को मायके ले जाकर 5 लाख की मांग, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

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बिजनौर जिले के चांदपुर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी पत्नी और बच्चों को जबरन मायके ले जाने तथा पांच लाख रुपये की मांग करने का आरोप ससुराल पक्ष पर लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।

ग्राम शाहपुर भसौड़ी निवासी सतबीर पुत्र राजेन्द्र सिंह ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी शादी वर्ष 2017 में अमरोहा जिले के ग्राम आजमपुर निवासी कुसुम के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद दोनों के दो बच्चे हुए, जिनमें आठ वर्ष की बेटी कृतिज्ञा और चार वर्ष का बेटा हितेश है। सतबीर का कहना है कि उसने अपनी पत्नी को हमेशा खुश रखने की कोशिश की, लेकिन उसकी सास उषा लगातार उसकी पत्नी को उसके खिलाफ भड़काती रहती थी।

पीड़ित के अनुसार सास अक्सर उस पर दबाव बनाती थी कि वह अपने माता-पिता से अलग होकर किसी शहर में मकान लेकर रहे और अपनी जमीन बेचकर उसका पैसा पत्नी के नाम कर दे। सतबीर ने बताया कि वह अपनी पैतृक जमीन बेचने के लिए तैयार नहीं था, इसी कारण ससुराल पक्ष नाराज रहने लगा। कई बार उसकी सास बिना बताए उसकी पत्नी को मायके ले जाती थी और काफी प्रयास के बाद ही वापस भेजती थी।

सतबीर ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को जब वह घर पर नहीं था, तब उसके ससुर पूरन सिंह और साला कामेंद्र उसके घर आए और उसकी पत्नी तथा दोनों बच्चों को अपने साथ ले गए। इसके बाद 28 दिसंबर 2025 की शाम करीब साढ़े सात बजे जब उसने अपनी सास से फोन पर बात की तो उसने गाली-गलौज करते हुए पांच लाख रुपये की मांग की और कहा कि पैसे दे दो और झगड़ा खत्म कर लो, वरना वह अपनी बेटी को दूसरी जगह शादी कर देगी।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी घर से ढाई ग्राम के कुंडल, एक ताबीजिया नोज पिन, एक चांदी का पेंडल, एक सोने की चैन और करीब पांच हजार रुपये नकद भी अपने साथ ले गई। इसके अलावा वह मायके जाने के बाद कई रिश्तेदारों के यहां घूमती रही और पति को कोई सूचना नहीं देती थी।

सतबीर का कहना है कि वह अपनी पत्नी और बच्चों को वापस घर लाना चाहता है, लेकिन उसके पास पांच लाख रुपये देने की क्षमता नहीं है। उसने बताया कि 1 जनवरी 2026 को वह इस मामले की शिकायत लेकर थाना बान्दपुर पहुंचा, जहां से उसे जलीलपुर चौकी भेज दिया गया। चौकी प्रभारी ने उसका प्रार्थना पत्र तो ले लिया, लेकिन आज तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए मांग की है कि थाना चांदपुर पुलिस को मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं और उसकी पत्नी तथा बच्चों को उसके साथ भिजवाया जाए। साथ ही ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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