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कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने सरकार से ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों द्वारा भ्रामक विज्ञापनों से निपटने का किया आग्रह

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नई दिल्ली, 22 मार्च 2025: कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सरकार से पूर्वानुमान आधारित ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म द्वारा भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। श्री पीयूष गोयल (वाणिज्य और उद्योग मंत्री) और श्री अश्विनी वैष्णव (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी, तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री) को लिखित रूप में संबोधित करते हुए, कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने ऐसे प्लेटफार्मों द्वारा अनैतिक विज्ञापन प्रथाओं के प्रचलन की ओर ध्यान आकर्षित किया है जो भारतीय कानूनों को कमजोर करते हैं और उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचाते हैं।

ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्‍यम से उपयोगकर्ता खेल और चुनाव जैसी भविष्य की घटनाओं पर दांव लगा सकते हैं, जो डिजिटल जुआ बाज़ार के रूप में काम कर रहे हैं। 5 करोड़ से अधिक भारतीय उपयोगकर्ताओं और 50,000 करोड़ रुपये के वार्षिक लेन-देन के साथ ये प्लेटफॉर्म काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं जिसमें भ्रामक विज्ञापनों का बहुत बड़ा हाथ है, जो ओपिनियन ट्रेडिंग को कौशल-आधारित खेल के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं, जिसे अक्सर सोशल मीडिया इन्‍फ्लुएंसर्स द्वारा एक विश्वसनीय आय स्रोत के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।

कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भारत सरकार से ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया है, जिसे वह ऑनलाइन जुए का एक रूप मानता है जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम सहित कई भारतीय कानूनों का उल्लंघन करता है। कैट के पत्र में इन प्लेटफ़ॉर्म की भ्रामक विज्ञापन प्रथाओं पर प्रकाश डाला गया है, जो उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिलाते हैं कि वे उच्च जोखिम वाली सट्टेबाजी के बजाय कौशल-आधारित गतिविधियों में शामिल हैं।

सिंगापुर और फ्रांस जैसे देशों ने उपभोक्ता कल्याण और लोकतांत्रिक अखंडता को संभावित नुकसान के कारण ऐसे प्लेटफॉर्म के खिलाफ पहले ही सख्त कदम उठाए हैं। कैट ने सिफारिश की है कि भारतीय प्राधिकरण उल्लंघनों की जांच करें, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाएं, इन्‍फ्लुएंसर्स को नियंत्रित करें और ऐसे प्रचारों को रोकने के लिए सलाह जारी करें।

इसके अलावा, कैट ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए ओपिनियन ट्रेडिंग और इसके प्रमोटरों के खिलाफ नियम लागू करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वित प्रयास की वकालत की है।

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामपाल जाट के निर्देश के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराने के लिए

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निर्धारित शिवर स्थान पर पहुंचे। वहां आप स्वयं का जाना आवश्यक नहीं है, परिवार के किसी भी सदस्य को वहां भेज सकते हैं, मोबाइल ओटीपी नंबर से आपका पंजीयन हो जाएगा। इससे आपको किसान सम्मान निधि की राशि मिलने में कोई रुकावट नहीं आएगी।

फार्मर रजिस्ट्री में निम्नलिखित परिवर्तन की भी आवश्यकता है।

आधार कार्ड की ओटीपी के साथ फिंगर प्रिंट का भी विकल्प हों, महिलाओं के ससुराल एवं माईके (पीहर) दोनों स्थानों पर जमीन नाम हैं। यदि उसकी तहसील,जिला एवं राज्य अलग-अलग हैं। तों एक स्थल की जमीन फार्मर रजिस्ट्री आईडी में छूटेंगी, महिलाएं अधिकांश पीहर पक्ष की जमीन का हक त्याग करतीं है।
उस समय फार्मर आई डी की क्या स्थिति होगी ?
नये सेटलमेंट के तहत् उनियारा तहसील में एक खेत को टूकड़ों में बांट दिया हैं। आपत्तियों के उपरांत भी गलतियों को नहीं सुधारा गया,

गाईड लाईन को प्रकाशित करतें हुए उक्त समस्याओं के समाधान के लिए सरकार सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध करायें।
युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी, प्रदेश मंत्री रतन खोखर, लोकसभा प्रभारी भरतराज, संयोजक बद्री लाल गुर्जर, जिलाध्यक्ष गोपीलाल डोडवाडी, उपाध्यक्ष सीताराम खादवाल, राजेश गुर्जर,छीतर मल डारडा हिन्द, महामंत्री हरिशंकर धाकड़, प्रचार मंत्री राधेश्याम गोहरपुरा,तहसील निवाई अध्यक्ष दशरथ सिंह, पीपलू दुल्लाराम प्रजापत,देवली आत्माराम जाट, टोंक सीताराम मीना,मालपुरा नाथूसिंह राठौड़,टोडा रायसिंह महावीर सैनी, उनियारा परसराम मीना, बनेठा जमनालाल माली, सौंप हेमराज धाकड़, समस्त टोंक जिला टीम।

किसान महापंचायत राजस्थान

वित्त मंत्री चीमा और सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री बैंस ने पत्रकारों को बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करने के लिए अति-आधुनिक प्रेस लॉन्ज का उद्घाटन किया

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इस पहल का उद्देश्य जानकारी तक आसान पहुँच, बेहतर संचार और पत्रकारों के लिए उपयोगी माहौल सुनिश्चित करना है: हरजोत बैंस

हरजोत बैंस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की पत्रकारों की भलाई और पत्रकारिता के समर्थन के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

चंडीगढ़, 21 मार्च:

पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा और सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने आज यहाँ अति-आधुनिक प्रेस लॉन्ज का उद्घाटन किया। यह लॉन्ज पत्रकारों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कार्य वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उल्लेखनीय है कि पंजाब विधानसभा प्रेस गैलरी समिति के प्रयासों से पंजाब सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ की दूसरी मंज़िल पर स्थित इस प्रेस लॉन्ज का दो दशकों के बाद नवीनीकरण किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पंजाब के ओ.एस.डी. (मीडिया) आदिल आज़मी, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सचिव मालविंदर सिंह जग्गी, निदेशक विमल सेतिया, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) संदीप सिंह गाढ़ा, संयुक्त निदेशक (प्रेस) हरजीत सिंह गरेवाल, पंजाब विधानसभा प्रेस गैलरी कमेटी के प्रधान अश्वनी चावला, उप-प्रधान अमित पांडे, सचिव दीपक शर्मा और अन्य वरिष्ठ पत्रकार भी उपस्थित थे।

इस प्रेस लॉन्ज, जिसका नवीनीकरण के बाद आज उद्घाटन किया गया, को अत्याधुनिक तकनीक और आवश्यक सुविधाओं से लैस किया गया है। यह मीडिया की मजबूती और पत्रकारिता के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष व उपयोगी वातावरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस लॉन्ज में हाई-स्पीड इंटरनेट, डेस्कटॉप, प्रिंटर और बैठने की उचित व्यवस्था है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जनता तक जानकारी के प्रसार के लिए पत्रकारों के पास आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों और वे प्रभावी ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।

मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की पत्रकारों की भलाई और पत्रकारिता के समर्थन के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए स हरजोत सिंह बैंस ने लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रेस के महत्व पर जोर दिया और प्रेस लॉन्ज की उपयोगिता को रेखांकित किया।

प्रेस लॉन्ज विभिन्न सरकारी विभागों, राज्य सरकार की गतिविधियों और कार्यों को कवर करने वाले पत्रकारों के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा जानकारी तक बेहतर पहुँच, सुगम संचार और मीडिया पेशेवरों के लिए एक सकारात्मक कार्य वातावरण को सुनिश्चित करती है।

मोहम्मद शमी की बेटी के होली खेलने पर भड़के मौलाना, विश्वास कैलाश सारंग ने दिया करारा जवाब

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क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बेटी के होली खेलने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इसका विरोध किया है। वहीं मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि उस नन्ही मुन्नी बेटी को धमकाया जा रहा है। उसकी मानसिक स्थित क्या होगी।
मोहम्मद शमी की बेटी के होली खेलने पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने काफी विरोध जताया। इसपर मध्य प्रदेश सरकार के खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, कांग्रेस के नेता और विपक्ष के नेता आगे आएं और शहाबुद्दीन रजवी के बयान का विरोध करें। उन्होंने आगे कहा कि चरमपंथी और कट्टरपंथियों की इंतहा हो गई है। पहले मोहम्मद शमी को धमकाया, फिर उनकी नन्ही मुन्नी बेटी होली खेल लेती है तो उसके खिलाफ बातें करते हैं। मैंने आज मोहम्मद शमी और उनकी बेटी को लेटर लिखा है कि कोई घबराने की बात नहीं है। इस देश का हर व्यक्ति उस नन्ही मुन्नी बेटी के साथ है। चरमपंथी और कट्टरपंथी उस बच्ची को धमकी दे रहे हैं, उसकी मानसिक स्थिति क्या होगी।

‘देश से ऊपर कुछ भी नहीं’
विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मोहम्मद शमी ने इस देश के लिए मेहनत करके क्रिकेट में देश का नाम बढ़ाया। पहले उनको धमकी देते हैं कि रमजान के दौरान आप पानी क्यों पी रहे हैं? मैं बताना चाहता हूं चाहे हिंदू धर्म हो या इस्लाम, इस्लाम भी कहता है वतन से ऊपर कुछ नहीं है। देश के लिए जो व्यक्ति खेल रहा है उसको धमका रहे हो। अब तो इंतहा हो गई, उसकी नन्ही मुन्नी बच्ची को भी धमका रहे हो, क्योंकि उसने होली खेल ली। होली संस्कृति से जुड़ी हुई है। इस देश में रहने वाला हर व्यक्ति होली खेलता है, इसमें गलत क्या है?

‘विपक्ष के नेता करें विरोध’
उन्होंने आगे कहा कि आपत्ति तो इस बात पर है कि बेटियों को संरक्षण देने की बात करने वाले प्रियंका गांधी और राहुल गांधी कहां चले गए। वो कहती थीं कि ‘बेटी हूं मैं भी लड़ सकती हूं’, लेकिन इस बेटी को कौन संरक्षण देगा। चरमपंथी और कट्टरपंथी उस बच्ची को धमकी दे रहे हैं, उसकी मानसिक स्थिति क्या होगी? मैंने आज मोहम्मद शमी और उनकी बेटी को लेटर लिखा है कि घबराने की कोई बात नहीं है। इस देश का हर व्यक्ति उस नन्ही मुन्नी बेटी के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, कांग्रेस के नेता और विपक्ष के नेता शहाबुद्दीन रजवी के बयान का विरोध करें।

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में मध्य प्रदेश के चार नए स्थल शामिल, CM यादव बोले- गर्व का पल

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मध्य प्रदेश के चार ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए इसकी संभावित सूची में शामिल किया गया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मान्यता मिली है। हाल ही में राज्य के चार ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में आगे शामिल करने के लिए इसकी संभावित सूची में शामिल किया गया है। इस सूची में मध्य प्रदेश के साथ भारत के कुल छह ऐतिहासिक स्थलों को शामिल किया गया।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य ने विश्व मंच पर अपनी सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने में एक और उपलब्धि हासिल की है, जिसमें अशोक शिलालेख स्थल, चौंसठ योगिनी मंदिर, गुप्त काल के मंदिर और बुंदेलों के महल-किले को यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल किया गया है, जो भारत के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिदृश्य में मध्य प्रदेश के विशिष्ट स्थान को दर्शाता है।”
पिछले साल राज्य के छह विरासत स्थल हुए थे शामिल

उन्होंने आगे कहा, “यह सम्मान राज्य की अमूल्य विरासत को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” पिछले साल भी यूनेस्को ने राज्य के छह अन्य विरासत स्थलों को अपनी संभावित सूची में शामिल किया था, जिसमें ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल घाटी के रॉक आर्ट साइट्स, भोजपुर में भोजेश्वर महादेव मंदिर, मंडला के रामनगर गोंड स्मारक और धामनार का ऐतिहासिक समूह शामिल हैं।

एमपी में अब कुल 18 यूनेस्को मान्यता प्राप्त विरासत स्थल

इस नवीनतम समावेश के साथ, मध्य प्रदेश में अब कुल 18 यूनेस्को मान्यता प्राप्त विरासत स्थल हैं। इनमें से तीन स्थलों को स्थायी सूची में और 15 को संभावित सूची में स्थान मिला है। स्थायी सूची में शामिल स्थलों में खजुराहो मंदिर समूह, भीमबेटका रॉक शेल्टर और सांची के बौद्ध स्मारक हैं। वहीं, संभावित सूची में मांडू के स्मारक, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, नर्मदा घाटी में भेड़ाघाट-लमेटाघाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और भारत का प्रतिष्ठित साड़ी-बुनाई समूह चंदेरी भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह सम्मान विरासत संरक्षण और सतत पर्यटन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड, संस्कृति विभाग, पुरातत्वविदों, इतिहास के प्रति उत्साही लोगों, संगठनों और नागरिकों को बधाई दी, जिन्होंने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में बहुत योगदान दिया है। उन्होंने मध्य प्रदेश के लोगों से इन ऐतिहासिक खजानों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता में एकजुट होने का आह्वान किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राज्य का सांस्कृतिक गौरव वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर बढ़ता रहे।

भारत और चीन के ईवी बाजार: बीवाईडी की सफलता और भारत की चुनौतियाँ

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नई दिल्ली, 13 मार्च 2025: चीन की अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कंपनी बीवाईडी ने 2024 में 4 मिलियन ईवी बेचकर दुनिया भर में तहलका मचा दिया है, जो टेस्ला की बिक्री से दोगुनी है। बीवाईडी की इस सफलता की कहानी, जो वॉरेन बफेट के 2008 में 232 मिलियन डॉलर के निवेश और चीनी सरकार के 2009-2022 के बीच 29 बिलियन डॉलर के निवेश से संचालित हुई, ने वैश्विक ईवी उद्योग में एक नया अध्याय लिखा है। बीवाईडी ने अपनी “ब्लेड बैटरी” तकनीक के साथ, जो सस्ती, सुरक्षित और तेज चार्जिंग वाली है, टेस्ला, फोर्ड और टोयोटा जैसे दिग्गजों को अपनी बैटरी आपूर्ति के लिए मजबूर किया है। चीन ने ईंधन चालित वाहनों को छोड़कर ईवी पर ध्यान केंद्रित किया, खनिज संसाधनों जैसे ग्रेफाइट, कोबाल्ट और लिथियम पर नियंत्रण स्थापित किया, और नीतियों के माध्यम से त्वरित पैमाने पर उत्पादन को बढ़ावा दिया, जिससे बीवाईडी दुनिया की सबसे बड़ी ईवी कंपनी बन गई।

लेकिन भारत के लिए यह सवाल उठता है: क्या भारत चीन की तरह ईवी क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है? भारत का ईवी उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय ईवी बाजार 2022 में 3.21 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2029 तक 113.99 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसमें 66.52% की वार्षिक वृद्धि दर होगी। सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल और फेम-आईआई (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) जैसी नीतियों के माध्यम से ईवी को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए हैं, जिसमें चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और कर छूट शामिल हैं। इसके अलावा, 2030 तक भारत 80 मिलियन ईवी सड़कों पर लाने का लक्ष्य रखता है, जो तेल आयात में कमी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद करेगा।

हालांकि, चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में केवल 650 चार्जिंग स्टेशन हैं, जो ईवी अपनाने में एक बड़ी बाधा है। चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी और उच्च प्रारंभिक लागत के कारण उपभोक्ताओं के लिए ईवी अभी भी आकर्षक नहीं हैं। बीएमडब्ल्यू इंडिया और टोयोटा जैसे कंपनियों ने भी भारतीय बाजार में ईवी और हाइब्रिड वाहनों के उत्पादन में देरी की बात कही है, क्योंकि चार्जिंग नेटवर्क की अनिश्चितता और लागत प्रभावित कर रही है। इसके अलावा, भारत को बैटरी तकनीक और कच्चे माल जैसे लिथियम और कोबाल्ट के लिए चीन पर निर्भरता कम करनी होगी, जो बीवाईडी की सफलता का आधार रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को चीन की तरह बड़े पैमाने पर सरकारी निवेश, स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा, और नवाचार पर ध्यान देना होगा। बीवाईडी की तरह, भारत को भी सस्ती और सुरक्षित बैटरी तकनीक विकसित करनी होगी, साथ ही चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना होगा। हालांकि, गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थिरता पर ध्यान देना होगा, क्योंकि भारतीय उपभोक्ता सस्ते विकल्पों के बजाय विश्वसनीयता चाहते हैं।

बीवाईडी की सफलता से प्रेरणा लेते हुए, भारत को अपनी नीतियों में और सुधार करने की जरूरत है, ताकि ईवी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके और वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई जा सके। लेकिन यह तभी संभव होगा, जब सरकार, उद्योग और उपभोक्ता मिलकर इस परिवर्तनकारी यात्रा में योगदान दें।

विधान सभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से किया अनुशासन बनाए रखने का आह्वान

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चंडीगढ़, 11 मार्च
हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को विस अध्यक्ष की चेयर चिलिंग प्लांट की भूमिका में नजर आई। प्रश्नकाल की समाप्ति पर विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने मिल्क प्लांट की चिलिंग यूनिट का उदाहरण देते हुए सभी सदस्यों से अनुशासन बनाए रखने तथा सिर्फ और सिर्फ चेयर को संबोधित करने की अपील की।
विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि एक बार किसी मिल्क प्लांट के दौरे के दौरान उन्हें बताया गया कि दूध को उबालने के बाद चिलिंग प्लांट में ठंडा किया जाता है। उसके बाद ही उसे पैक किया जाता है। इस तथ्य को सदन से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि अगर सदस्य आपस में बात करते हैं इससे सदन में गर्मी बढ़ती है और कभी-कभी यह सदन की मर्यादा के खिलाफ मोड़ ले जाती है। ऐसी परिस्थितियों में चेयर का एक चिलिंग प्लांट जैसा काम हो जाता है। जो सदस्य चेयर के माध्यम से बात रखेंगे वह बात आगे जाने से पहले ठण्डी हो जाएगी। इसलिए सभी सदस्य चेयर के माध्यम से बात रखें और व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बचें।
इसके साथ ही विस अध्यक्ष ने बताया कि कार्य सलाहकार समिति की बैठक में माननीय राज्यपाल महोदय के अभिभाषण पर चर्चा के लिए 10 घण्टे और 30 मिनट का समय तय हुआ है। उसके मुताबिक अभिभाषण पर बोलने के लिए हर सदस्य को 7 मिनट का समय मिलेगा। यह भी एक व्यवस्था रहेगी कि अगर कोई माननीय सदस्य माननीय राज्यपाल महोदय के अभिभाषण पर अपनी बात रखने से वंचित रह जाएगा तो उसको बजट पर चर्चा के समय प्राथमिकता दी जाएगी।
सभी सदस्य समय की सीमा का भी ध्यान रखें, ताकि शून्य काल में ज्यादा से ज्यादा सदस्य अपनी बात रख सकें। इसके अंदर कोई व्यवधान पैदा न हो और आपस में बहस करने से बचें। जिस सदस्य ने भी अपनी बात रखनी है वह सीधा चेयर को सम्बोधित करें।
फोटो कैप्शन :
हरियाणा विधान सभा के बजट सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही का संचालन करते विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण।

प्रश्नकाल में अर्जुन चौटाला ने सदन में केंद्र की एजेंसी द्वारा भूजल में खतरनाक केमिकल फ्लोराइड और यूरेनियम की भारी मात्रा पाए जाने पर अति महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा

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यूरेनियम से विषाक्त भूजल के कारण हरियाणा के कई जिलों के लोग कैंसर की चपेट में: अर्जुन चौटाला

सप्लीमेंट्री प्रश्न 1: जो पानी की टेस्टिंग हरियाणा सरकार द्वारा की जाती है और सेंट्रल एजेंसियों द्वारा की जाती हैं क्या उनकी रिपोर्ट मिलकर जारी की जाती हैं? और अगर रिपोर्ट मिलकर जारी नहीं की जाती तो क्यों नहीं की जाती?

सप्लीमेंट्री प्रश्न 2: टेस्टिंग के लिए जो उपकरण इस्तेमाल होते हैं उनकी कैलिब्रेशन किस प्रकार की जाती है? और कितनी बार की जाती है?

विधानसभा अध्यक्ष ने अर्जुन चौटाला द्वारा पूछे गए सवाल को बेहद गंभीर माना और एक विस्तृत रिपोर्ट भी जमा करवाने को कहा और साथ ही इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करने की बात भी कही

चंडीगढ़, 11 मार्च। बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान इनेलो के रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला ने विषाक्त भूजल से संबंधित प्रश्न पूछा। जवाब में मंत्री ने एक वेबसाइट का लिंक दिया। लिंक तुरंत खोलने पर लिखा आया कि यह वेबसाइट अंडर मेंटेनेंस है। अर्जुन चौटाला ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि जो वेबसाइट चल ही नहीं रही है, मंत्री उसका लिंक देकर सदन को गुमराह कर रहे हैं।
अर्जुन चौटाला ने कहा कि भूजल की जो रिपोर्ट लोकसभा और सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड ने दी है उस रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाली खतरनाक चीजें सामने आई हैं। जल शक्ति मिशन की रिपोर्ट के अनुसार 23 प्रतिशत पानी के सैंपल में फ्लोराइड की मात्रा डेढ़ मिलीग्राम से ज्यादा पाई गई है। पानी में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा होने से इंसान के शरीर में हड्डियों से संबंधित गंभीर बीमारियां फैलती हैं।
इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली और खतरनाक बात यह है कि सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड द्वारा जारी रिपोर्ट में पानी के अंदर 14.5 प्रतिशत से ज्यादा ऐसे सैंपल हैं जिनके अंदर भारी मात्रा में यूरेनियम पाया गया है। यही कारण है कि हरियाणा के कई जिलों में कैंसर के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यह बेहद गंभीर मामला है और सरकार को इस पर गंभीरता दिखानी चाहिए और एक ऐसी रूपरेखा तैयार करनी चाहिए जिससे घग्गर नदी समेत और सभी नदियों से यूरेनियम की मात्रा को खत्म किया जा सके।
भूजल जांच की रिपोर्ट पर हरियाणा सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट और केंद्र की एजेंसियों की रिपोर्ट में भारी अंतर पाए जाने पर अर्जुन चौटाला ने एक सप्लीमेंट्री प्रश्न भी पूछा कि जो पानी की टेस्टिंग हरियाणा सरकार द्वारा की जाती है और सेंट्रल एजेंसियों द्वारा की जाती हैं क्या उनकी रिपोर्ट मिलकर जारी की जाती हैं? और अगर रिपोर्ट मिलकर जारी नहीं की जाती तो क्यों नहीं की जाती? मंत्री ने जो जवाब दिया उसपर इनेलो विधायक ने कहा कि उन्होंने सवाल कुछ पूछा है और मंत्री ने जवाब कुछ और ही दिया है।
इसी पर दूसरा सप्लीमेंट्री प्रश्न पूछा कि टेस्टिंग के लिए जो उपकरण इस्तेमाल होते हैं उनकी कैलिब्रेशन किस प्रकार की जाती है? और कितनी बार की जाती है?
विधानसभा अध्यक्ष ने अर्जुन चौटाला द्वारा पूछे गए सवाल को बेहद गंभीर माना और एक विस्तृत रिपोर्ट भी जमा करवाने को कहा और साथ ही इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करने की बात भी कही।

युद्ध नशों विरुद्ध: नशा मुक्त पंजाब के निर्माण में खेलें निभाएंगी अहम भूमिका – लालजीत सिंह भुल्लर

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कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की, नशे का खात्मा होगा, रंगला पंजाब बनेगा

चंडीगढ़/श्री मुक्तसर साहिब, 11 मार्च:

मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा नशा मुक्त पंजाब के निर्माण के लिए शुरू किए गए “युद्ध नशों विरुद्ध ” मुहिम को जमीनी स्तर तक लागू करने के उद्देश्य से आज परिवहन एवं जेल मंत्री स लालजीत सिंह भुल्लर ने श्री मुक्तसर साहिब जिले का दौरा किया। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि नशे के काले कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इस दौरान उनके साथ विधायक श्री जगदीप सिंह काका ब्राड़ और श्री हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों विशेष रूप से उपस्थित थे।

कैबिनेट मंत्री स लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि जहां एक ओर सरकार नशे की सप्लाई लाइन को पूरी तरह से तोड़ने के लिए सक्रिय है, वहीं युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए खेलों को आधार बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत श्री मुक्तसर साहिब जिले से हो रही है, जहां “नशा मुक्त श्री मुक्तसर साहिब” अभियान की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा “खेलों वतन पंजाब” की शुरुआत की गई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विजेता खिलाड़ियों को नगद इनाम देकर पंजाब में खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बड़े नशा तस्करों की संपत्तियों को अटैच करने के साथ-साथ अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को बुलडोजर से नष्ट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की लचर नीतियों के कारण ही नशे की समस्या बढ़ी, लेकिन अब मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान की सरकार द्वारा नशे के खिलाफ लिए गए सख्त फैसलों के चलते राज्य को नशा मुक्त बनाने का संकल्प पूरा किया जाएगा। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि गांवों की पंचायतों को प्रस्ताव पास करने चाहिए कि गांव का कोई भी व्यक्ति नशा तस्करी में शामिल लोगों की जमानत नहीं देगा। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग यह संकल्प लेंगे, तभी हम अपने पंजाब को “रंगला पंजाब” बनाने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी नशा तस्कर के खिलाफ कोई नरमी न बरती जाए। उन्होंने कहा कि खेल मैदानों और पार्कों के पास पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि यहां नशा तस्कर नए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।

इससे पहले, डिप्टी कमिश्नर श्री अभिजीत कपलिश, आईएएस और एसएसपी श्री अखिल चौधरी ने कैबिनेट मंत्री को जिले में “युद्ध नशों विरुद्ध ” मुहिम के तहत किए जा रहे विभिन्न प्रयासों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

“नशा मुक्त श्री मुक्तसर साहिब” के लिए खेल अभियान की होगी शुरुआत

कैबिनेट मंत्री स लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जिला प्रशासन श्री मुक्तसर साहिब द्वारा युवाओं को खेलों और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए “नशा मुक्त श्री मुक्तसर साहिब” के लिए खेल अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले में उपलब्ध खेलों से संबंधित बुनियादी ढांचे और मानव संसाधनों का मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसके बाद इस अभियान को प्रभावी तरीके से शुरू किया जाएगा।

10 दिनों में पकड़े गए 100 तस्कर

कैबिनेट मंत्री स लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा शुरू किए गए “युद्ध नशों विरुद्ध ” मुहिम के तहत पिछले 10 दिनों में श्री मुक्तसर साहिब जिले में नशा तस्करों के खिलाफ 64 एफआईआर दर्ज कर 100 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान हॉट स्पॉट इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

माता-पिता और समाज के स्तर पर भी रहेगी सतर्कता

कैबिनेट मंत्री स लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जहां प्रशासनिक स्तर पर नशे के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है, वहीं सामाजिक भागीदारी को बढ़ाने के साथ-साथ माता-पिता को भी युवाओं और बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में इस साल अब तक लोगों से संवाद स्थापित करने के लिए 244 सेमिनार आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में आतंकवाद का खात्मा जन भागीदारी से हुआ था और नशों को भी जन भागीदारी से ही समाप्त किया जाएगा।

इस अवसर पर श्री अमीत सिंह खुडिया, चेयरमैन जगदीप सिंह संधू, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जनरल श्री गुरप्रीत सिंह थिंद, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर विकास श्री सुरिंदर सिंह ढिल्लों, एसपी श्री कंवलप्रीत सिंह चाहल, एसडीएम डॉ. संजीव कुमार और बलजीत कौर, ब्लॉक प्रधान परमजीत सिंह पम्मा, सुखजिंदर सिंह बराड, गुरप्रीत सिंह लंडे रोडे, जगदीप सिंह ढिल्लों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

भोपाल में RSS का विशेष प्रशिक्षण शिविर कार्यक्रम, मोहन भागवत के साथ संगठन के दिग्गजों का जुटान

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भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अनुशांगिक संगठन विद्या भारती विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कर रहा है, जिसका शुभारंभ डॉ. मोहन भागवत करेंगे
नई शिक्षा नीति के तहत स्कूलों के सिलेबस में हो रहे बदलाव के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का अनुशांगिक संगठन विद्या भारती 3 मार्च से 8 मार्च तक एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कर रहा है। यह शिविर राजधानी भोपाल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर उ.मा. आवासीय विद्यालय, शारदा विहार में आयोजित होगा। इस 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत विशेष रूप से शामिल होंगे। इसमें देश भर से आने वाले 700 से ज्यादा पूर्णकालिक कार्यकर्ता विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख, डॉ. मोहन भागवत इस शिविर का औपचारिक शुभारंभ 4 मार्च को करेंगे। डॉ. भागवत 3 मार्च की शाम भोपाल पहुंचेंगे। इसके बाद 5 मार्च को दिल्ली रवाना हो जाएंगे। इस कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी जैसे सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, सुरेश सोनी और अन्य प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल होंगे।

शिविर में 22 सत्र होंगे

यह 5 दिवसीय शिविर दो श्रेणियों, छह समूहों और 11 कार्यक्षेत्रों में विभाजित किया गया है। शिविर में कुल 22 सत्र होंगे, जहां संघ और विद्या भारती के अखिल भारतीय अधिकारी देशभर के कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश देंगे।

समापन सत्र में मुख्यमंत्री की मौजूदगी

शिविर के समापन सत्र में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष उपस्थिति रहेगी, जो कार्यक्रम को समाप्त करेंगे।

प्रशिक्षण का उद्देश्य

इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य संघ के कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक कार्यों, शैक्षिक दृष्टिकोण और नई शिक्षा नीति के बारे में समझ प्रदान करने के साथ चर्चा करना है।