Home Blog Page 28

प्रतिष्ठा द्वादशी पर अयोध्या में CM योगी, बोले- ‘रामभक्तों, कारसेवकों और संतों के हम ऋणी हैं’

0

अयोध्या: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या में प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘अयोध्या में हर दिन डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु अयोध्या में दर्शन के लिए आ रहे हैं। आज अयोध्या जिस रूप में हम सबके सामने है। आपने देखा होगा, ये अवसर हम सबके लिए किस रूप में आया, किसी से सोचा था अयोध्या के बारे में? आज से पांच साल, दस साल पहले इसी अयोध्या में बिजली तक नहीं मिलती थी। हजारों साल पहले लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए बाद भगवान श्री राम अयोध्या विराजे थे और आज हजारों सालों बाद भी अयोध्या में कोई एयरपोर्ट नहीं था, जहां फ्लाइट लैंड कर सके, लेकिन आज अयोध्या के पास खुद का एयरपोर्ट है।’

देश की पहली सोलर सिटी बनी अयोध्या
उन्होंने कहा, ‘आज आप अयोध्या में कहीं भी जाएंगे तो अयोध्या में होने का एहसास होता है। आज अयोध्या देश की पहली सोलर सिटी बन चुकी है। सूर्यवंशियों की अयोध्या सूर्य से चल रही है। ये नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। लेकिन ये अचानक नहीं हुआ। इसके लिए एक लंबे संंघर्ष को आगे बढ़ाना पड़ा। दर्जनों पीढ़ीयां चली गईं और उनकी कामना यही थी कि अयोध्या में प्रभु श्री राम को विराजमान देख सकें। संकल्प उनका इतना दृढ़ था कि उसे पूरा करने के लिए हम सौभाग्यशाली हैं कि इन तिथियों को देखने का सौभाग्य हमें प्राप्त है।’

आज अयोध्या में त्रेता युग का आभास होता है
सीएम योगी ने कहा, ‘राम काज के इन सभी कार्यों के लिए त्याग और तपस्या पूज्य संतों और राम भक्तों की थी। उन रामभक्तों, कार्यसेवकों, पूज्य संतों, उन सबके हम ऋणी हैं। जो अपने मार्ग से कभी विचलित नहीं हुए। आज जो भी अयोध्या आता है तो कहता है कि अयोध्या तो त्रेता युग का आभास करा रही है।’ उन्होंने कहा, ‘इस मौके पर मैं यही आह्वान करूंगा कि प्रतिष्ठा द्वादशी हम सभी को राष्ट्रीय एकत्मता को मजबूती प्रदान करने के लिए आह्वान कर रही है और प्रधानमंत्री मोदी जी ने प्राण प्रतिष्ठा के दिन देशवासियों से यही आह्वान किया था कि राम तो हमारे लिए राष्ट्र के प्रतिक हैं। राम हैं तो राष्ट्र है और राष्ट्र है तो राम हैं। दोनों एक दूसरे के पूरक हैं।

मेलोनी के साथ मीम्‍स पर क्‍या बोले PM मोदी? बताया अमेर‍िका के वीजा रद्द करने पर कैसा फील हुआ

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पॉडकास्‍ट इंटरव्‍यू में इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी से जुड़े सवालों के जवाब द‍िए. साथ ही ये भी बताया क‍ि जब अमेर‍िका ने उनका वीजा रद्द कर द‍िया था तो उन्‍हें कैसा फील हुआ था.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और पीएम नरेंद्र मोदी की दोस्‍ती अक्‍सर सुर्खियों में रहती है. मेलोनी भी कई बार पीएम मोदी के व‍िजन की तारीफ कर चुकी हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों को लेकर खूब मीम्‍स वायरल होते हैं. जब इस बारे में पीएम मोदी से पूछा गया क‍ि क्‍या उन्‍होंने भी ये मीम्‍स देखे हैं? इस पर पीएम मोदी ने हंसते हुए कहा- ‘वो तो चलता रहता है. मैं उसमें अपना टाइम खराब नहीं करना चाहता हूं.’ इसके साथ ही ये भी बताया क‍ि जब अमेर‍िका ने वीजा रद्द कर द‍िया था तो उन्‍हें कैसा फील हुआ था.

निख‍िल कामथ के साथ पॉडकास्‍ट में पीएम मोदी ने कहा, एक दौर वो भी था जब अमेर‍िकन सरकार ने मेरा वीजा रद्द कर द‍िया था. व्‍यक्‍त‍ि के रूप में मेरा अमेर‍िका जाना नहीं जाना, कोई बड़ी बात नहीं थी. लेकिन एक चुनी हुई सरकार के मुख‍िया का अपमान, ये मैं महसूस करता था. मुझे मन में कसक थी. क्‍या हो रहा है. कुछ लोगों ने झूठ चला द‍िया और दुन‍िया ने ये मान ल‍िया. इस तरह के निर्णय होने लगे. क्‍या ऐसे चलती है दुन‍िया. तभी मैंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था, मैं अब ऐसा ह‍िन्‍दुस्‍तान देखता हूं क‍ि दुन‍िया वीजा के ल‍िए लाइन में खड़ी रहेगी. पीएम मोदी ने कहा-ये 2005 का मेरा स्‍टेटमेंट है. आज 2025 है, देख लीजिए. मुझे द‍िख रहा है क‍ि अब समय भारत का है
ताइवान के इंजीनियर का क‍िस्‍सा
इसके साथ ही पीएम मोदी ने ताइवान के एक इंजीनियर का क‍िस्‍सा सुनाया. पीएम मोदी ने कहा, मैं एक बार ताइवान गया. वहां मैं ज‍ितने नेताओं से मिला, यह देखकर हैरान था क‍ि जो ज‍िस डिपार्टमेंट का मिन‍िस्‍टर था, उसमें उसने पीएचडी कर रखी थी. जैसे ट्रांसपोर्ट का मिन‍िस्‍टर था तो उसके पास दुन‍िया की बेस्‍ट यूनिवर्सिटी से ट्रांसपोर्ट में पीएचडी थी. पीएम मोदी ने कहा, मेरे देश में भी मैं ऐसा यूथ चाहता हूं जो, उस लेवल तक ले जाए. ताइवान में एक इंजीनियर था, जो मेरा अनुवादक था. उसने पूछा- क्‍या अभी भी ह‍िन्‍दुस्‍तान में काला जादू चलता है. सांप-सपेरे चलते हैं. तब हमने उन्‍हें बताया क‍ि अब हमारे देश का बच्‍चा सांप नहीं माउस के साथ खेलता है.

फिर विवादों में घिरी कंगना रानौत! किसका अपमान करने का लगा आरोप, क्या कोर्ट सुनाएगा फैसला?

0

कंगना रनौत विवादों में घिर गई हैं. एक्ट्रेस पर कुछ आरोप लगे हैं. आगरा के वकील रमाशंकर शर्मा ने उनके खिलाफ याचिका दायर की है.
भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं. केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के दौरान 26 अगस्त 2024 को कंगना ने किसानों पर कुछ आरोप लगाए थे. उनके इन बयानों को किसानों का अपमान मानते हुए आगरा के वकील रमाशंकर शर्मा ने एमपी-एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की थी.
नोटिस के बावजूद जवाब नहीं!
कोर्ट ने कंगना रनौत को क्रमशः 17 सितंबर, 30 अक्टूबर, और 13 दिसंबर 2024 को नोटिस जारी कर अपना बयान देने का आदेश दिया. बावजूद इसके कंगना या उनके वकील की ओर से कोर्ट में अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया है.

9 जनवरी 2025 को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए न्यू आगरा थाना पुलिस को 20 दिनों के भीतर गवाहों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया. 29 जनवरी को पुलिस की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी. यदि कंगना की ओर से इस अवधि में जवाब दाखिल नहीं किया गया तो कोर्ट 8 फरवरी को अपना फैसला सुनाएगा. उनके खिलाफ जमानती और गैर-जमानती वारंट भी जारी हो सकता है.
किसानों के अपमान का मामला
वकील रमाशंकर शर्मा का कहना है कि वह किसान के बेटे हैं और कंगना का बयान बेहद अपमानजनक था. उन्होंने कहा कि कंगना ने किसानों के आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया और वह कोर्ट के जरिए उन्हें सजा दिलाकर रहेंगे. राहुल गांधी ने भी इस मामले को संसद में भी उठाया और इसे गंभीर मुद्दा बताया था. अब सभी की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं.

बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुई जब कंगना विवादों से घिरी हों. इससे पहले भी कंगना कई बार ट्रोल हो चुकी हैं. हमेशा किसी ने किसी वजह से कंगला लाइमलाइट में रहती हैं.

2025 में 6.6% और 2026 में 6.8% रह सकती है भारत की ग्रोथ रेट, UN की रिपोर्ट से जानिए देश के लिए कैसा रहेगा यह साल

0

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में खुदरा महंगाई दर साल 2025 में घटकर 4.3 फीसदी रह सकती है।
भारतीय अर्थव्यवस्था में 2025 में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, जिसे मुख्य रूप से मजबूत निजी खपत तथा निवेश का सपोर्ट मिलेगा। साथ ही, दक्षिण एशिया में आर्थिक वृद्धि इस साल मजबूत रहने की उम्मीद है, जो मुख्य रूप से भारत की ‘‘मजबूत परफॉर्मेंस’’ से प्रेरित रहेगी। ‘संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति व संभावना 2025’ रिपोर्ट में यह बात कही गई, जिसे बुधवार को जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि दक्षिण एशिया के लिए निकट अवधि का परिदृश्य मजबूत रहने की उम्मीद है, जिसमें 2025 में 5.7 प्रतिशत और 2026 में 6.0 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। यह भारत में मजबूत परफॉर्मेंस के साथ-साथ भूटान, नेपाल तथा श्रीलंका सहित कुछ अन्य अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक सुधार से प्रेरित है।
2026 में 6.8% रह सकती है ग्रोथ रेट
भारतीय अर्थव्यवस्था के साल 2024 में 6.8 प्रतिशत की दर से और 2025 में 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। भारतीय अर्थव्यवस्था के 2026 में फिर 6.8 प्रतिशत की वृद्धि पर लौटने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘दक्षिण एशिया क्षेत्र में सबसे बड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था के 2025 में 6.6 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है, जिसे मुख्य रूप से मजबूत निजी खपत तथा निवेश से समर्थन मिलेगा। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे के विकास पर पूंजीगत व्यय से आने वाले वर्षों में वृद्धि पर मजबूत गुणक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।’’

2025 में कृषि उत्पादन बढ़ने की संभावना
इसके साथ ही 2024 में अनुकूल मानसून की बारिश से सभी प्रमुख फसलों की ग्रीष्मकालीन बुवाई में सुधार होगा, जिससे 2025 में कृषि उत्पादन बढ़ने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्वी एशिया तथा दक्षिण एशिया में निवेश वृद्धि विशेष रूप से मजबूत रही है। यह आंशिक रूप से नई आपूर्ति श्रृंखलाओं में घरेलू तथा विदेशी निवेश से प्रेरित है, खासकर भारत, इंडोनेशिया और वियतनाम में। भारत में सार्वजनिक क्षेत्र बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, भौतिक तथा डिजिटल संपर्क और स्वच्छता व जल आपूर्ति में सुधार सहित सामाजिक बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 2025 में मजबूत निवेश वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है।

महंगाई में गिरावट
भारत में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति 2024 में अनुमानित 4.8 प्रतिशत से घटकर 2025 में 4.3 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है, जो केंद्रीय बैंक द्वारा निर्धारित दो से छह प्रतिशत के मध्यम अवधि लक्ष्य सीमा के भीतर रहेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में रोजगार संकेतक 2024 तक मजबूत बने रहे जिससे श्रम बल भागीदारी रिकॉर्ड स्तर के करीब रही। इस अवधि में शहरी बेरोजगारी 6.6 प्रतिशत रही, जो 2023 में दर्ज 6.7 प्रतिशत की दर से लगभग अपरिवर्तित है। साथ ही देश में महिला कार्यबल की भागीदारी में प्रगति हुई है, फिर भी लैंगिक असमानता बनी हुई है।

इसमें कहा गया है कि जलवायु संबंधी झटकों ने 2024 में दक्षिण एशिया को बुरी तरह प्रभावित किया है। वर्ष की पहली छमाही में बांग्लादेश, भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका सहित क्षेत्र के कई देशों में लू, सूखा और अनियमित वर्षा की स्थिति रही, जिसके कारण फसल की पैदावार कम हुई और खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ीं। इसके अलावा मौसम संबंधी घटनाओं ने गरीब ग्रामीण परिवारों को असमान रूप से प्रभावित किया है, जिससे आय में कमी आई है और आय असमानता बढ़ी है।

मलेशिया ओपन के क्वार्टरफाइनल में पहुंचे सात्विक-चिराग, प्रणय का सफर हुआ समाप्त

0

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी एच एस प्रणय मलेशिया सुपर 1000 बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुष एकल के दूसरे दौर में चीन के लि शि फेंग से हारकर बाहर हो गए।
भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने मलेशिया सुपर 1000 बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया लेकिन एच एस प्रणय दूसरे दौर में हारकर बाहर हो गये। सात्विक और चिराग की जोड़ी ने 43 मिनट तक चले राउंड 16 मुकाबले में मलेशिया के एन अजरिन और टान डब्ल्यूके को 21-15 21-15 से शिकस्त दी। अब क्वार्टरफाइनल में सातवीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी का सामना यिउ सिन ओंग और ऐ यि टियो की स्थानीय प्रबल दावेदार जोड़ी से होगा।
दूसरी तरफ, प्रणय पुरुष एकल के दूसरे दौर में चीन के लि शि फेंग से हारकर बाहर हो गए। भारत के 32 साल के खिलाड़ी को एक घंटे 22 मिनट तक चले मैच में सातवें वरीय लि से 8-21, 21-15, 21-23 से हार मिली। मालविका बंसोड को महिलाओं के राउंड 16 में चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त और दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी हान युए से 18-21 11-21 से शिकस्त मिली। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ी को राउंड 16 मैच में चीन की जिया यि फान और झांग शु जियान से 21-15, 19-21, 19-21 से पराजय झेलनी पड़ी।

ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को मिली हार
मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी को 44 मिनट में चीन की चेंग जिंग और झांग चि की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी से 13-21, 20-22 से शिकस्त मिली। सतीश करूणाकरन और आद्या वरियथ की एक अन्य मिक्स्ड डबल्स जोड़ी को मलेशिया के सून हुआर गोह और शेवोन जेमी लाई से 10-21 17-21 से हार मिली।

इससे पहले एच एस प्रणय और उभरती हुई शटलर मालविका बंसोड ने 8 जनवरी को मलेशिया ओपन में क्रमश: पुरुष और महिला एकल के शुरूआती मुकाबले जीतकर प्री क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। वहीं, भारत के लिए तनीषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला तथा सतीश कुमार कुरूणाकरन और आद्या वरियथ की जोड़ी ने भी सुपर 1000 टूर्नामेंट के मिश्रित युगल प्री क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। छत से पानी टपकने के कारण देर से हुए मुकाबले में प्रणय ने कनाडा के प्रतिद्वंद्वी ब्रायन यांग को एक घंटे 29 में 21-12, 17-21, 21-15 से शिकस्त दी।

दिल्ली विधानसभा चुनाव: केजरीवाल का एक और बड़ा दांव, RWA के लिए की ये खास घोषणा

0

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर अरविंद केजरीवाल ने एक और बड़ा दांव चला है। केजरीवाल ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के लिए बड़ा ऐलान किया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2024 का बिगुल फूंका जा चुका है। इस बार दिल्ली में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के बीच है। सभी राजनीतिक दलों की ओर से जनता को लुभाने के लिए एक के बाद एक कई बड़ी घोषणाएं की जा रही हैं। इस बीच आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने एक और बड़ी घोषणा कर दी है। अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है कि अगर दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत होती है तो रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड रखने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
भाजपा को दिल्लीवालों की परवाह नहीं- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी की जमकर आलोचना की। केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने दिल्ली के निवासियों की भलाई की परवाह नहीं की है। यही कारण है कि भाजपा दिल्ली में 27 वर्ष से सत्ता से दूर हैं।

दिल्ली को क्राइम कैपिटल बना दिया गया- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली को केंद्र सरकार ने क्राइम कैपिटल बना दिया है। लोग डरे हुए हैं। केजरीवाल ने कहा- “बीजेपी को दिल्ली से कोई लेना देना नहीं हैं। मुझे तो लेना देना है। अगर आप की सरकार बनेगी तो दिल्ली के सभी RWA को प्राइवेट सिक्योरिटी रखने के लिए पैसे देगी।” इसका मकसद है कि लोग निजी सुरक्षा गार्ड की भर्ती करके अपने आस-पास बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

कब हैं दिल्ली में चुनाव?
चुनाव आयोग ने बीते मंगलवार को केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। दिल्ली में 70 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराया जाएगा। चुनाव आयोग के मुताबिक, दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 5 फरवरी 2025 की तारीख को होगी। वहीं, चुनाव का परिणाम 8 फरवरी 2025 को जारी किया जाएगा।

पीएम मोदी का पहला पॉडकास्ट, निखिल कामथ से कहा- ‘राजनीति में मिशन लेकर आएं, एंबिशन नहीं’

0

निखिल कामथ ने इससे पहले भी एक वीडियो शेयर किया था, लेकिन उसमें पीएम मोदी नजर नहीं आ रहे थे। अब निखिल कामथ ने पीएम मोदी के साथ बातचीत के कुछ अंश शेयर किए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ के साथ अपना पहला पॉडकास्ट किया है। ‘पीपल बाय डब्ल्यूटीएफ’ शो में पीएम मोदी पहली बार किसी पॉडकास्ट में नजर आएंगे। निखिल कामथ ने पीएम मोदी के पहले पॉडकास्ट का एक टीजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। यह टीजर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लोग | एपिसोड 6 ट्रेलर @नरेंद्र मोदी।” इस टीजर में पीएम मोदी को कुछ दिलचस्प सवालों के जवाब देते हुए देखा जा सकता है।
निखिल कामथ ने पीएम मोदी से पूछा कि क्या राजनीति एक गंदी जगह है? इस पर भी पीएम मोदी ने सहजता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता तो वो कामथ के साथ नहीं बैठे होते। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राजनीति में अच्छे लोग आते रहने चाहिए। उन्हें महत्वाकांक्षाएं लेकर राजनीति में नहीं आना चाहिए, बल्कि एक मिशन लेकर आना चाहिए।
बुधवार को शेयर की थी क्लिप
निखिल कामथ ने बुधवार को एक पॉडकास्ट की क्लिप पोस्ट की थी, जिसमें वे एक अतिथि से सवाल पूछते नजर आ रहे थे। जवाब देने वाला व्यक्ति नहीं दिख रहा था, लेकिन यह एक बड़ा संकेत था कि जवाब देने वाले व्यक्ति पीएम मोदी ही थे। ऐसे में जब कामथ ने प्रधानमंत्री के चेहरे के साथ वीडियो शेयर किया तो लोगों को ज्यादा हैरानी नहीं हुई। बुधवार की क्लिप में कामथ अपने गेस्ट को कुछ साल पहले बेंगलुरु में हुई मुलाकात की याद दिलाते नजर आ रहे थे।

पीएम बोले- मैं इंसान हूं, भगवान नहीं
अपने पहले पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने कहा “यह पहली बार है जब मैं किसी पॉडकास्ट पर आया हूं। मुझे नहीं पता कि आपके दर्शक इस पर कैसी प्रतिक्रिया देंगे।” जवाब में कामथ ने कहा कि देश के पीएम के साथ बैठकर बातचीत करना उनके लिए बड़ी बात है। क्लिप के एक फ्रेम में पीएम मोदी कहते हैं, “जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब एक भाषण में मैंने लोगों से कहा था कि मैंने भी गलती की है, मैं एक इंसान हूं, भगवान नहीं।”
भारत युद्ध में तटस्थ नहीं, शांति के पक्ष में
कामथ ने वैश्विक स्थिति और युद्धों के बारे में सवाल पूछा तो पीएम मोदी ने कहा, “हमने कहा है कि हम तटस्थ नहीं हैं। हम शांति के पक्ष में हैं।” जब पीएम मोदी से कहा गया कि हमारे दिमाग में बचपन से ऐसा भर दिया जाता है कि राजनीति गंदी जगह है। इस पर पीएम मोदी ने कहा “जैसा आप कह रहे है, हकीकत वैसी ही होती तो आज हम यहां नहीं होते।” जब कामथ ने कहा कि उनकी हिंदी इतनी अच्छी नहीं है तो दोनों हंसने लगे, प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत कहा कि मेरी स्थिति आपसे अलग नहीं है।

जितने से पूरे MP का एक महीने तक भर सकता था पेट, वो गोदामों में सड़ गया, 900000 क्विटंल अनाज खराब

0

भोपाल: अधिकारियों की लापरवाही कहिए ये फिर सिस्टम का फेल्योर. लेकिन इसका हर्जाना आमजन को भुगतना पड़ सकता है. करीब 9 लाख क्विंटल अनाज, जिससे की पूरे मध्य प्रदेश के लोगों का एक महीने तक पेट भरा जा सकता था, वो सरकारी गोदामों में सड़ गया है. यहां तक कि ये अनाज अब पशुओं के चारा लायक भी नहीं रहे. लोकसभा में दिए गए एज जवाब के मुताबिक यह घटना उस देश की है, जो ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 105वें स्थान पर है और ऐसे राज्य की यह घटना है, जहां 5 साल से कम उम्र के 26 फीसदी से अधिक बच्चे कम वजन के हैं. लोकसभा में एक उत्तर के अनुसार, यह देश में सबसे खराब स्थिति है.

सड़े हुए अनाजों में 90 फीसदी से अधिक गेहूं
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुातबिक मप्र राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने सड़े हुए खाद्यान्नों को बेचने के लिए टेंडर जारी करनी पड़ा ताकि कम से कम लागत का कुछ हिस्सा वसूल हो सके. इसमें 90 फीसदी से अधिक गेहूं हैं. इस तरह के टेंडर 2024 में 13 मार्च से 5 नवंबर के बीच कम से कम चार बार जारी किए गए थे. निगम ने इस तरह से लगभग 8.9 लाख क्विंटल खाद्यान्न बेचा, कुछ बासी चावल को छोड़कर, वह भी कम मात्रा में बेचा गया था.

अनाजों का इंश्योरेंस कराने का निर्देश
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री, गोविंद सिंह राजपूत ने टीओआई को बताया, “यह एक पुराना मामला है, जो अभी मेरे संज्ञान में आया है. मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसी घटना फिर से नहीं होनी चाहिए. मैंने यह भी आदेश दिया है कि ऐसी चीजों को कवर करने के लिए बीमा कंपनियों को शामिल किया जाना चाहिए. हम एक नई बीमा पॉलिसी बना रहे हैं, जिसमें ऐसी परिस्थितियों के लिए कवरेज शामिल है. इस बीच मैंने यह भी निर्देश दिया है कि समय-समय पर निरीक्षण किया जाना चाहिए और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए जो भी जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए.”

करीब 200 करोड़ का हुआ नुकसान!
सूत्र ने कहा, “इन बासी खाद्यान्नों को बेचने से सरकार को कितना नुकसान हुआ, यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे कि जिस वर्ष इसे खरीदा गया था, उस वर्ष खरीद की लागत, भंडारण लागत, परिवहन लागत और वह श्रेणी जिसके तहत इसे बेचा गया था. कुल मिलाकर, मोटे अनुमान कहते हैं इन 9 लाख क्विंटल से लगभग 200 करोड़ रुपये का नुकसान होगा.”

सनातन के मुद्दे पर खुलकर बोले स्वामी रामदेव, CM योगी और PM मोदी की तारीफ की

0

योग गुरू स्वामी रामदेव इंडिया टीवी के सत्य सनातन कॉन्क्लेव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सनातन के मुद्दे पर खुलकर बात की और कहा कि सीएम योगी और पीएम मोदी के शासन से सनातन का गौरव है।
नई दिल्ली: योग गुरू स्वामी रामदेव इंडिया टीवी के सत्य सनातन कॉन्क्लेव में शामिल हुए। इस मौके पर स्वामी रामदेव ने सनातन को लेकर विस्तृत चर्चा की। रामदेव ने कहा कि सनातन धर्म ही युगधर्म है। सनातन तो शाश्वत है। ये सनातन का गौरव काल है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी सनातन है, जल सनातन है। अग्नि का धर्म तेजस्विता सनातन है। मनुष्य में मनुष्यता सनातन है। सनातन शाश्वत था, शाश्वत है, शाश्वत रहेगा।
क्या है सनातन का गौरव? रामदेव ने बताया
स्वामी रामदेव ने कहा कि माथे पर तिलक सनातन का गौरव है। भगवा ध्वज सनातन का गौरव है। हमारे मंदिर सनातन के गौरव हैं। राम और कृष्ण सनातन के गौरव हैं। सनातन धर्म के गौरव से भारत का गौरव बढ़ेगा। सनातनी आस्था के केंद्रों को वापस लौटा देना चाहिए।

भारत में या तो वक्फ बोर्ड ना हो, या सनातन बोर्ड का गठन हो: रामदेव
स्वामी रामदेव ने कहा कि मुस्लिमों को आगे आकर खुद से आस्था के केंद्रों को लौटाना चाहिए। आस्था के केंद्र पर सरकार न्यायपूर्ण रास्ता निकाले। भारत में या तो वक्फ बोर्ड ना हो, या सनातन बोर्ड का गठन हो।

उन्होंने ये भी कहा कि सनातन में कोई मिलावट नहीं है।

रियल इंटेलिजेंस ही भारतीय शिक्षा पद्धति: रामदेव
रामदेव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नहीं, रियल इंटेलिजेंस ही भारतीय शिक्षा पद्धति है। भारतीय शिक्षा बोर्ड से पढ़ने वाला सनातन विरोधी नहीं बनेगा। सनातन का बोध होगा तो सनातनियों के बीच तनातनी नहीं होगी। दूध में मिलावट होने पर क्या दूध पीना छोड़ दें? हवा में मिलावट होने पर क्या सांस लेना छोड़ दें? सनातन में कोई मिलावट नहीं है।

सीएम योगी और पीएम मोदी की तारीफ की, कुंभ को बताया गौरव
रामदेव ने कहा कि कुंभ सनातन का गौरव है। योगी-मोदी के शासन से सनातन का गौरव है। यूपी में योगी और देश में महायोगी मोदी का शासन है।

चैंपियंस ट्रॉफी की टीम चुनने में सेलेक्टर्स को आएगा पसीना, बैटर्स दमदार, पर पेसर बढ़ा रहे सिरदर्द

0

ऑस्ट्रेलिया में शिकस्त झेलने वाली भारतीय टीम का एक और चैलेंज इंतजार कर रहा है. भारत को अब 22 जनवरी से इंग्लैंड के साथ द्विपक्षीय सीरीज खेलनी है. यह ऐसी सीरीज नहीं, जिसके लिए टीम इंडिया या सेलेक्टर्स को माथापच्ची करनी पड़े. लेकिन 19 फरवरी से होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी सेलेक्टर्स का सिरदर्द बढ़ा सकती है. चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम का ऐलान 12 जनवरी तक करना है.

भारतीय चयनकर्ता जब चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम का चयन करेंगे तो उन्हें सबसे ज्यादा मशक्कत तेज गेंदबाजों पर करनी पड़ सकती है. बैटर्स को चुनने के लिए शायद ऐसा ना करना पड़े. वजह- भारत के पास बैटर्स और ऑलराउंडर्स के कई अच्छे विकल्प हैं. स्पिन ऑलराउंडर में रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल हैं. पेस ऑलराउंडर्स के लिए हार्दिक पंड्या, नीतीश रेड्डी और शिवम दुबे हैं.
रोहित शर्मा और विराट कोहली भले ही आउट ऑफ फॉर्म हों, लेकिन उनका चयन तय लगता है. रोहित और शुभमन गिल टीम की ओपनिंग करते दिख सकते हैं. तीसरे नंबर पर विराट कोहली और चौथे नंबर पर ऋषभ पंत का सेलेक्शन भी तय समझिए. पांचवें नंबर के लिए टीम के पास केएल राहुल, श्रेयस अय्यर का विकल्प खुला है. छठे से 11वें नंबर तक ऑलराउंडर और गेंदबाज नजर आएंगे. ऑलराउंडर के लिए भारत के पास कई नाम हैं. स्पिनर की भूमिका रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव में से कोई तीन निभाएंगे. अभी यह तय नहीं कि पेस अटैक किसके हाथों में होगा.

अगर सभी पेसर फिट रहते हैं तो भारत जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और अर्शदीप सिंह के साथ जाना चाहेगा. बुमराह की चोट पर अभी कोई अपडेट नहीं है. अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता कि वे कब तक मैच खेलने के लिए फिट हो जाएंगे. मोहम्मद शमी घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं. लेकिन उन्हें ऑस्ट्रेलिया ना भेजा जाना इस बात का सबूत है कि उनकी फिटनेस पर भी संदेह बाकी है.
अगर बुमराह और शमी की फिटनेस पर सवाल उठे तो भारत का पेस अटैक कमजोर पड़ सकता है. इन दोनों के ना होने पर भारत के पेस अटैक की अगुवाई अर्शदीप सिंह और मोहम्मद सिराज कर सकते हैं. तीसरे गेंदबाज के लिए हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, मुकेश कुमार, खलील अहमद में से किसी का चयन होगा. यह ऐसा पेस अटैक है, जिसमें अनुभव की कमी झलकती है. अब देखना है कि भारतीय चयनकर्ता टीम को इस मुश्किल से कैसे बाहर निकालते हैं.