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बेंगलुरु में होगा मध्य प्रदेश महोत्सव, आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में दिखेगी MP के पर्यटन व संस्कृति की झलक

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यह आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के सहयोग से होने जा रहा है. यह कार्यक्रम न केवल मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहित करने में भी मददगार होगा.
मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति (MP Culture) और पर्यटन (Madhya Pradesh Toursism) स्थलों की झलक अब कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु (Bengaluru) में देखने को मिलेगी. आर्ट ऑफ लिविंग के बेंगलुरु मुख्य आश्रम (Art of Living International Center) में 9 से 12 जनवरी तक आयोजित होने वाले मध्य प्रदेश उत्सव में मध्य प्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटक स्थलों की जानकारी दी जाएगी. इस आयोजन का उद्देश्य दुनियाभर से आने वाले “आर्ट ऑफ लिविंग” के अतिथियों को राज्य की परंपराओं, कला, संगीत, और खूबसूरत पर्यटन स्थलों से परिचित कराना है. कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के विभिन्न पर्यटन की जानकारी देने के लिए खास सत्र आयोजित किए जाएंगे. साथ ही, प्रदेश की लोककला, पारंपरिक व्यंजन, संगीत, नृत्य प्रस्तुतियां एवं संस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे. निवेश के अवसरों पर भी चर्चा की जाएगी. यह कार्यक्रम न केवल मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहित करने में भी मददगार होगा.

ये होगा खास
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के सहयोग से भव्य आयोजन किया जा रहा है. पर्यटकों को राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों से जोड़ने के लिए कार्यक्रम के दौरान उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर, खजुराहो के मंदिर समूह, ओरछा का इतिहास, पचमढ़ी की पहाड़ियां और सांची के स्तूप जैसे धरोहरों के बारे में आगंतुकों को 360 डिग्री वर्चुअल अनुभव भी कराया जायेगा. साथ ही, मध्य प्रदेश के हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग को भी प्रदर्शित किया जाएगा. यह आयोजन बेंगलुरु के लोगों और दुनियाभर से आए पर्यटकों के लिए एक अद्वितीय अनुभव साबित होगा, जो मध्य प्रदेश की अनमोल सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता से परिचय कराएगा.

कब है बसंत पंचमी? ऐसे करें मां सरस्वती को प्रसन्न, जानिए सही तारीख-शुभ मुहूर्त से पूजा विधि तक

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बसंत पंचमी का त्योहार हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. इस साल बसंत पंचमी की तारीख को लेकर लोगों में कंफ्यूजन हैं. ऐसे में यहां जानते हैं कब है बसंत पंचमी?
माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. इस बार बसंत पंचमी रविवार, 2 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी. इस दिन से बसंत ऋतु का आरंभ भी होता है. हिंदू धर्म के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती अवतरित हुई थी, इसलिए इस दिन बड़े ही धूम-धाम के साथ विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा की जाती है. ऐसे में यहां जानते हैं कब है बसंत पंचमी. इसके साथ ही शुभ मुहूर्त और सरस्वती पूजा विधि भी जानते हैं.

बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की होती है पूजा
बसंत पंचमी का पर्व बसंत ऋतु के आगमन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. वहीं बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है. इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. इसके अलावा बसंत पंचमी का दिन काफी शुभ माना जाता है इसलिए इस दिन को अबूझ मुहूर्त के तौर पर भी जाना जाता है. इस दिन पीले रंग का वस्त्र पहनकर पूजा करना भी शुभ होता है.

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी (Basant Panchami 2025 Date)
हिंदू पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी का त्योहार हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. साल 2025 में पंचमी तिथि रविवार, 2 फरवरी को सुबह 9:14 बजे पर प्रारंभ होगी, जबकि समापन सोमवार, 03 फरवरी 2025 को सुबह 06:52 बजे होगी. ऐसे में इस साल बसंत पंचमी का पर्व 2 फरवरी 2025, रविवार को मनाया जाएगा.
सरस्वती पूजा शुभ मुहूर्त (Saraswati Puja 2025 Shubh Muhurat)
बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का मुहूर्त सुबह 07:08 बजे से शुरू होगा, जो दोपहर 12:34 बजे तक चलेगा. बता दें कि बसंत पंचमी का मध्याह्न क्षण दोपहर 12:34 बजे होगा.

बसंत पंचमी का महत्व (Basant Panchami Importance)
बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करने का महत्व है. ऐसा कहा जाता है कि जो लोग इस अवसर पर माता सरस्वती की पूजा सच्ची भक्ति के साथ करते हैं उन्हें मां बुद्धि, विद्या और ज्ञान प्रदान करती हैं. इस त्योहर पर नए कपड़े पहनते हैं और ज्ञान की देवी की विशेष पूजा करते हैं.

बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती को कैसे करें पूजा (Saraswati Puja Vidhi)
बसंत पंचमी के दिन स्नान करने के बाद पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें.

मां सरस्वती की मूर्ति या फोटो स्थापित करें.

फिर आप पूजा आसन पर बैठ जाएं.

अब उन्हें गंगाजल से स्नान कराएं.

मां सरस्वती को कुमकुम लगाएं. फिर फूल चढ़ाएं.

इसके बाद मां सरस्वती के सामने धूप-दीप, अगरबत्ती जलाएं और उनका ध्यान करें.

मां सरस्वती को भोग लगाए. इस दिन मां सरस्वती को चावल और गुड़ का भोग जरूर लगाएं.

मां सरस्वती के मंत्रों का जाप करें.

अंत में मां सरस्वती को आरती उतारें.

अब मां को प्रणाम कर आशीर्वाद लें.

मां सरस्वती स्तुति

सरस्वतीं शारदां च कौमारी ब्रह्मचारिणीम्। वागीश्वरीं बुद्धिदात्री भारतीं भुवनेश्वरीम्।।
चंद्रघंटां मरालस्थां जगन्मातरमुत्तमाम्। वरदायिनी सदा वन्दे चतुर्वर्गफलप्रदमाम्।।
द्वादशैतानि नामानि सततं ध्यानसंयुतः। यः पठेत् तस्य जिह्वाग्रे नूनं वसति शारदा।।

ट्रंप ने लगाए गंभीर आरोप, बोले ‘सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं बाइडेन

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अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ लेंगे। इससे पहले, रिपब्लिकन नेता ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि डेमोक्रेटिक नेता सत्ता के हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि जो बाइडेन सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अंतिम सप्ताहों में जलवायु और अन्य आधिकारिक मसलों पर बाइडेन के हालिया कार्यकारी आदेशों का हवाला दिया है। ट्रंप, 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे और अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ में बाइडेन की जगह लेंगे।
ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने खुद के सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘बाइडेन सत्ता हस्तांतरण को मुश्किल बनाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए। ‘ग्रीन न्यू स्कैम’, धन की बर्बादी के फैसले और हास्यास्पद कार्यकारी आदेश इसके उदाहरण हैं।’’

यह भी जानें

ट्रंप ने कहा, ‘‘डरो मत, ये सभी आदेश जल्द ही समाप्त हो जाएंगे, और हम सामान्य समझ तथा ताकत वाला देश बन जाएंगे।’’ कांग्रेस (अमेरिकी संसद) द्वारा ट्रंप की जीत की पुष्टि किए जाने से कुछ पहले और बाइडेन के अमेरिका के अधिकांश तटरेखा पर तेल तथा प्राकृतिक गैस के लिए खुदाई पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के बाद उनका यह बयान आया है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव: AAP ने कैंपेन सॉन्ग ‘फिर लाएंगे केजरीवाल’ लॉन्च किया, यहां देखें VIDEO

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आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए आज अपना कैंपेन सॉन्ग ‘फिर लाएंगे केजरीवाल’ लॉन्च कर दिया। इस मौके पर आप नेता केजरीवाल भी मौजूद रहे।
दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी ने कमर कस ली है। इस बीच आज AAP ने अपना कैंपेन सॉन्ग ‘फिर लाएंगे केजरीवाल’ लॉन्च किया है। लॉन्चिंग के मौके पर सीएम आतिशी, आप नेता अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, गोपाल राय और सौरभ भारद्वाज भी मौजूद रहे। आप समर्थक भी गाने की लॉन्चिंग के मौके पर जमकर झूमे। इसका वीडियो भी सामने आया है। आप ने अपने एक्स हैंडल पर इस कैंपेन सॉन्ग को पोस्ट किया है।
सौरभ भारद्वाज ने जताया था ये डर
हालही में आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज का बड़ा बयान सामने आया था। सौरभ भारद्वाज का कहना था कि उन्हें चुनाव टाले जाने का डर था, लेकिन आज दो बजे दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, इससे अच्छी बात आम आदमी पार्टी के लिए नहीं हो सकती। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सभी 70 सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा था, ‘हमारे मन में सिर्फ एक ही डर था कि कहीं भाजपा चुनाव से डर के इस चुनाव को टाल न दे। हो सकता है आज 2 बजे चुनाव की घोषणा हो जाए, इससे अच्छी बात आम आदमी पार्टी के लिए नहीं हो सकती है। हम चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं और मुझे लगता है कि पिछली बार की तरह ही भाजपा को बहुत कम सीटें आएंगी और आम आदमी पार्टी को बड़ा बहुमत मिलेगा।’

आज चुनावों की तारीखों का ऐलान
दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार शुरू कर चुके हैं। इस बीच खबर ये भी है कि आज इस चुनाव की तारीख भी जारी हो जाएगी। चुनाव आयोग मंगलवार दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तारीख का ऐलान करेगा। चुनाव आयोग ने विज्ञान भवन में चुनाव के शेड्यूल की घोषणा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है।

कब खत्म हो रहा विधानसभा का कार्यकाल?
दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को खत्म होने वाला है। साल 2020 में भी दिल्ली में फरवरी महीने में ही विधानसभा चुनाव हुआ था। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की थी।

Mahakumbh 2025: महाकुंभ के लिए रांची रेलमंडल ने शुरू की कई स्पेशल ट्रेनें, देखें लिस्ट

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रांची. 12 साल बाद लगने वाले महाकुंभ को लेकर देशभर में आस्था और उत्साह का माहौल है. रांची रेलमंडल की ओर से भी रांची और आसपास के जिलों के तीर्थ यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेन चलायी जा रही है. अगर आप भी महाकुंभ स्नान करना चाहते हैं तो अपनी टिकट बुक कर सकते हैं. प्रयागराज में 14 जनवरी से शुरू होने वाले महाकुंभ को लेकर देशभर में आस्था का समंदर उमड़ता नजर आ रहा है. रांची और आसपास के जिलों के श्रद्धालुओं के लिए रांची रेलमंडल ने भी स्पेशल ट्रेनों को लेकर खास तैयारी की है.

अगर आप भी महाकुंभ को लेकर प्लानिंग कर रहे हैं तो बिना देर किए अपनी टिकट स्पेशल ट्रेनों में बुक कर सकते हैं. रांची रेलमंडल के सीपीआरओ निशांत कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि रांची रेल मंडल से पांच जोड़ी स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज के लिए तय तारीखों पर गुजरेंगी. आप अपनी सुविधा के अनुसार अपनी टिकट स्पेशल ट्रेन में बुक कर सकते हैं.

महाकुंभ को लेकर चलेंगी ये स्पेशल ट्रेनें
4 स्पेशल ट्रेन रांची रेलवे स्टेशन से और 1 मूरी होकर जाएगी प्रयागराज

* 08067 रांची – टु़ंडला कुंभ मेला स्पेशल, 19 जनवरी को खुलेगी, 1 ट्रिप

* 08068 टु़ंडला- रांची कुंभ मेला स्पेशल, 20 जनवरी को प्रयागराज से वापसी

* 08425 भुवनेश्वर- टूंडला कुंभ मेला स्पेशल (वाया मूरी), 8, 22 जनवरी और 5, 19, 26 फरवरी

* 08426 टूंडला- भुवनेश्वर कुंभ मेला स्पेशल (वाया मूरी), 10, 24 जनवरी और 7, 21, 28 फरवरी

* 08314 टिटिलागढ़- टूंडला कुंभ मेला स्पेशल (वाया रांची), 9, 16, 23 जनवरी और 6, 20, 27 फरवरी

* 08313 टुंडला-टिटिलागढ़ कुंभ मेला स्पेशल (वाया रांची), 11, 18, 25 जनवरी और 8, 22 फरवरी और 1 मार्च

* 07107 तिरुपति- बनारस कुंभ मेला स्पेशल (वाया रांची), 18 जनवरी और 8, 15,22 फरवरी और

* 07108 बनारस विजयवाड़ा कुंभ मेला स्पेशल (वाया रांची), 20 जनवरी और 10, 17 और 24 फरवरी

MP में BJP अध्यक्ष पद के लिए चल सकती है नया दांव, रेस में शामिल हुए यह नाम

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मध्य प्रदेश में बीजेपी के जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पूरी मानी जा रही है, ऐसे में अब प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए एक बार फिर चर्चाएं शुरू होती दिख रही है. बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष पद के चयन के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रभारी बनाया है, जो मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं, ऐसे में राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रधान राज्य की सियासी नब्ज को पहचानते हैं, जिससे अध्यक्ष पद को लेकर सियासी गहमागहमी और तेज हो गई है. वहीं इस बार मध्य प्रदेश के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर एक और सियासी चर्चा चल रही है,
मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेजी से चल रही है कि बीजेपी इस बार राज्य में किसी महिला नेत्री को भी प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है, क्योंकि लंबे समय से प्रदेश में महिला नेतृत्व की मांग भी चलती रही है. हालांकि अब तक इसको लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि 15 जनवरी तक प्रदेश अध्यक्ष पद के नाम का ऐलान हो सकता है. क्योंकि जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया भी लगभग पूरी होने वाली है. राजनीतिक जानकार भी मानकर चल रहे हैं कि बीजेपी अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है, ऐसे में अध्यक्ष पद पर भी ऐसा हो सकता है.
ये महिला नेत्री दावेदार

दरअसल, मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में जब से महिला प्रदेश अध्यक्ष पद की चर्चा शुरू हुई है, तब से कुछ दावेदारों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें बुरहानपुर से विधायक और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, सीधी से विधायक रीति पाठक, प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह जादौन और शहडोल से सांसद हिमाद्री सिंह का नाम सामने आया है. क्योंकि यह महिला नेत्रियां बीजेपी के जातिगत समीकरणों में भी फिट बैठती हैं. दरअसल, बीजेपी के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ब्राह्मण वर्ग से आते हैं, वह खुद भी इस पद के दूसरी बार दावेदार हैं, लेकिन अगर पार्टी उनकी जगह किसी महिला नेत्री पर दांव लगाती है तो अर्चना चिटनिस और रीति पाठक का नाम सामने आ सकता है, क्योंकि चिटनिस सीनियर नेता हैं जबकि उन्हें इस बार मंत्रिमंडल में भी जगह नहीं मिली थी, इसी तरह रीति पाठक दो बार सीधी से सांसद रह चुकी हैं, जबकि इस बार पार्टी ने उन्हें विधायक का चुनाव लड़ाया था, चुनाव जीतने के बाद उनके भी मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन अब उनका नाम अध्यक्ष की रेस में आया है.
वहीं महिला दावेदारों में वर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष सीमा सिंह जादौन का नाम भी शामिल है, जो संगठन में सक्रिए मानी जाती हैं, जबकि अगर एसटी कोटे से महिला अध्यक्ष की बात सामने आती है तो शहडोल से सांसद हिमाद्री सिंह के नाम की चर्चा भी चल रही है. क्योंकि हिमाद्री फिलहाल सभी दावेदारों में सबसे कम उम्र की नेत्री हैं. उनके नाम की चर्चा भी गाहे बगाहे चलती रही हैं. ऐसे में इस बार भी अध्यक्ष की रेस में उनका नाम चल रहा है.

जातिगत समीकरणों को साधना चाहेगी बीजेपी

बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में अध्यक्ष पद के चयन में बीजेपी जातिगत समीकरणों को भी साधना चाहेगी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ओबीसी वर्ग से आने वाले डॉ. मोहन यादव सीएम हैं. वहीं दो डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ब्राह्मण वर्ग से आते हैं जबकि दूसरे डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा अनुसूचित जाति वर्ग का नेतृत्व करते हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी का अगला प्रदेश अध्यक्ष सामान्य वर्ग से ही हो सकता है, ऐसे में चर्चा यह भी है कि बीजेपी किसी महिला नेत्री को आगे करके एक तीर से दो निशाने साध सकती है. फिलहाल इस रेस में नरोत्तम मिश्रा, रामेश्वर शर्मा, अरविंद भदौरिया, अर्चना चिटनिस, बृजेंद्र प्रताप सिंह, फग्गन सिंह कुलस्ते, सुमेर सिंह सोलंकी का नाम आगे चल रहा है.

बीजेपी ने मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष पद के चयन के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पर्यवेक्षक बनाया है, जो 10 जनवरी के बाद मध्य प्रदेश के दौरे पर आ सकते हैं. उनके दौरे के बाद ही रायशुमारी का दौर शुरू हो सकता है. जिससे माना जा रहा है कि 15 जनवरी तक नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो सकती है.

भोपाल गैस कांड वाले जहरीले कचरे पर अगली सुनवाई 18 फरवरी को, इंदौर से जबलपुर ट्रांसफर की थी याचिका

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मध्य प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे मामले में हलफनामा पेश किया और कंटेनर्स में भरे कचरे को अनलोड करने परमिशन मांगी
यूनियन कार्बाइड के ज़हरीले कचरे के विनिष्टीकरण का मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में है. इसपर सोमवार को सुनवाई होना थी. HC चीफ जस्टिस की बेंच में सुनवाई पूरी कर अगली तारीख दी है. HC ने 6 सप्ताह बाद मामले की अगली सुनवाई की तारीख दी. सुनवाई के दौरान सरकार ने हलफनामा पेश किया. इस दौरान गलत पब्लिसिटी और फेक मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर पीथमपुर में हंगामा हुआ, इसकी जानकारी दी. इसके बाद मोहन यादव की सरकार ने HC से कचरे के विनिष्टीकरण के लिए और समय की मांग की. साथ ही कंटेनर्स में भरे कचरे को अनलोड करने अनुमति भी मांगी गई.
मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से रखी दलील में कहा गया कि इस तरह कंटेनर में जहरीला कचरा ज्यादा दिन नहीं रखा जा सकता है. इसपर HC ने सरकार को सावधानीपूर्वक और पूर्व निर्देशों के तहत कंटेनर से कचरे को अनलोड करने निर्देश दे दिए. सुनवाई के दौरान याचिका कर्ताओं में से एक नमन नागरथ की मांग थी कि मामले में गठित हाई लेवल कमिटी को पहले जांच रिपोर्ट पेश करने दी जाए. ये भोपाल गैस कांड का 11 मिलियन मीट्रिक टन जहरीला कचरा है. अभी सिर्फ 337 टन कचरा ही पीथमपुर गया है. पूरी सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 18 फरवरी दी.
यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा पीथमपुर में जलाने को लेकर मामला बढ़ चुका है. पीथमपुर में 3 दिन से हिंसक प्रदर्शन चल रहा है और इसपर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है, जो बाद में जबलपुर हाईकोर्ट में भेज दी गई. इसपर अब 18 फरवरी को सुनवाई होगी. याचिका इंदौर की एमजीएम एलुमनाई एसोसिएशन ने इंदौर खंडपीठ में दायर की थी. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिनव धनओटकर ने मीडिया को कहा सरकार ने इंदौर और पीथमपुर की जनता को भरोसे में लिए बिना एकतरफा फैसला लिया. इंदौर से पीथमपुर की दूरी सिर्फ 30 किलोमीटर है. ऐसे में अगर 358 मीट्रिक टन जहरीला कचरा यहां रखा जाता है तो दोनों शहरों की जनता के लिए रिस्क होगी.

उज्जैन के 3 गांवों का बदला नाम, CM मोहन यादव ने किया ऐलान, अब इस नाम से जाना जाएगा ‘मौलाना

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उज्जैन जिले में ‘सीएम राइज स्कूल’ भवन का लोकार्पण करने के बाद एक समारोह को संबोधित करते हुए मोहन यादव ने कहा कि गांवों और कस्बों का नाम जनभावनाओं को ध्यान में रखकर रखा जाएगा.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने उज्जैन जिले के तीन गांवों के नाम बदलने की रविवार को घोषणा की. मोहन यादव ने कहा कि गजनीखेड़ी पंचायत का नाम अब चामुंडा माता गांव होगा. इसी तरह, जहांगीरपुर अब जगदीशपुर और मौलाना गांव अब विक्रम नगर के नाम से जाना जाएगा.

मोहन यादव ने कहा कि मौलाना बोलने और लिखने में ठीक नहीं लगता है, इसलिए अब मौलाना विक्रम नगर के नाम से जाना जाएगा. एक समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “गांवों और कस्बों का नाम जनभावनाओं को ध्यान में रखकर रखा जाएगा.”

सीएम ने उज्जैन जिले के बड़नगर में ‘सीएम राइज स्कूल’ भवन का लोकार्पण के साथ उप स्वास्थ्य केंद्रों का लोकार्पण किया. इसके अलावा 3500 करोड़ की लागत से बड़नगर में औद्योगिक इकाई और फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा भी की. सीएम ने कार्यक्रम कहा कि मध्य प्रदेश में लगातार निवेशकों के प्रस्ताव आ रहे हैं. अभी तक 4 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे 3 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने वाला है.

अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाएगा इस स्कूल का नाम
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी ‘सीएम राइज स्कूल’ के पूर्व छात्र थे. इसलिए स्कूल का नाम वाजपेयी के नाम पर रखा जाएगा. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. जोशी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने ‘सीएम राइज स्कूल’ की अवधारणा पर काम करके शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है. उन्होंने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए ऐसा निवेश किसी अन्य राज्य में नहीं देखा गया है.

40 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा तैयार
बड़नगर में ‘सीएम राइज स्कूल’ का निर्माण 40 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. जोशी ने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. बता दें सीएम मोहन यादव रविवार को उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय भी पहुंचे. वह यहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत व्यावसायिक पाठ्यक्रम ‘डेयरी टेक्नोलॉजी’ के संदर्भ में आयोजित संगोष्ठी में शामिल हुए.

IND vs AUS: बढ़ती उम्र के साथ और भी खतरनाक होता जा रहा ये गेंदबाज, टेस्ट क्रिकेट में बना डाला खास रिकॉर्ड

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ऑस्ट्रेलिया के एक स्टार गेंदबाज ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 50 विकेट पूरे कर लिए हैं। इस खिलाड़ी ने 35 साल की उम्र में इस मुकाम को हासिल किया।
टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज का 5वां मैच ऑस्ट्रेलिया में खेल रही है। इस मुकाबले में टीम इंडिया की कप्तानी जसप्रीत बुमराह के हाथों में है। बुमराह ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। उनके इस फैसले के बाद टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय बल्लेबाज सिडनी टेस्ट में काफी मुश्किल स्थिति में नजर आए। इसके पीछे ऑस्ट्रेलिया के स्टार गेंदबाज स्कॉट बोलैंड का सबसे अहम योगदान रहा। बोलैंड ने इस मुकाबले में काफी शानदार गेंदबाजी की और ऑस्ट्रेलिया के लिए अब तक सबसे सफल खिलाड़ी रहे। उन्होंने इसी बीच एक बड़ा कारनामा भी किया है।
बोलैंड का कमाल
स्कॉट बोलैंड ने भारत के खिलाफ जैसे ही चार विकेट झटके उन्होंने अपने टेस्ट करियर में कुल 50 विकेट पूरे कर लिए। वह पिछले 50 सालों में 50 टेस्ट विकेट पूरे करने वाले सबसे ज्यादा उम्र के तेज खिलाड़ी हैं। बोलैंड इस वक्त 35 साल के हैं। उन्होंने अपने डेब्यू के बाद से ही काफी कमाल का प्रदर्शन करते आए हैं। बोलैंड का 50वां टेस्ट शिकार नीतीश कुमार रेड्डी बने। उन्होंने रेड्डी को 0 पर आउट किया। इसके अलावा उन्होंने इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली और ऋषभ पंत को आउट किया है।

सबसे ज्यादा बार बोलैंड का शिकार हुए ये बल्लेबाज
विराट कोहली – 4 बार
जो रूट – 4 बार
शुभमन गिल – 3 बार
जैक क्रॉली – 3 बार
जॉनी बेयरस्टो – 3 बार
बढ़ती उम्र के साथ होते जा रहे खतरनाक
बोलैंड अपनी बढ़ती उम्र के साथ और भी खतरनाक गेंदबाज बनते जा रहे हैं। उन्होंने मौजूदा बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 15 विकेट पूरे कर लिए हैं। इसके अलावा बोलैंड विराट कोहली के लिए एक बड़ा खतरा बन गए हैं। उन्होंने अपने इस छोटे से करियर को दौरान विराट कोहली और जो रूट जैसे बड़े बल्लेबाजों को 4 बार अपना शिकार बनाया है। ऐसे में उन्हें हल्के में लेना किसी भी टीम के लिए एक बड़ा खतरा होगा।

चूल्हे पर चढ़ी बजट की कड़ाही, कितना मीठा होगा नया इनकम टैक्स रिजीम?

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2025 का आम बजट आने वाला है. हर कोई इस बात को लेकर उत्सुक है कि वित्त मंत्री इसमें क्या खास बदलाव लाने वाली हैं. आम आदमी की जिंदगी को आसान बनाने से लेकर इंडस्ट्री की समस्याओं का हल ढूंढने तक, इस बार के बजट से कई उम्मीदें जुड़ी हैं. जहां तक पर्सनल टैक्स की बात है, माना जा रहा है कि सरकार नए इनकम टैक्स रिजीम को बढ़ावा देने के लिए कुछ बड़ा कदम उठा सकती है. हालांकि हर बार की तरह इसकी उम्मीद है और लोगों की मांग है. परंतु हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इस बार हर बार की तरह नहीं करेगी और कुछ एक्स्ट्रा पैसा लोगों की जेब में छोड़ेगी.

1 फरवरी अब ज्यादा दूर नहीं है, जब पता चल जाएगा कि सरकार बजट के पिटारे से क्या निकालेगी. इसी बीच चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं कि सरकार नए आयकर सिस्टम (New Tax Regime) को अपनाने के लिए टैक्सपेयर को प्रोत्साहित करने वाले उपायों की घोषणा कर सकती है. जुलाई (2024) के बजट में उठाए गए कदमों के बाद इस बार के बजट से उम्मीद है कि सरकार और बड़े प्रोत्साहन देगी, जिससे करदाताओं का रुझान इस नई प्रणाली की ओर बढ़े.
नया इनकम टैक्स रिजीम कम छूटों (exemptions) के साथ सीधी और सरल व्यवस्था है, लेकिन इसे अपनाने के लिए अब तक लोगों में ज्यादा उत्साह नहीं दिखा है. सरकार के इस कदम का उद्देश्य न केवल कर प्रणाली को सरल बनाना है, बल्कि अर्थव्यवस्था को स्थिरता और गति प्रदान करना भी है.
कंज्पशन बढ़ाने के लिए वित्तीय उपाय
प्रधानमंत्री कार्यालय और प्रमुख अर्थशास्त्रियों के बीच हुई बैठकों में इस बात पर जोर दिया गया है कि उपभोग (Consumption) को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय उपाय जरूरी हैं. ऐसा करने पर इकॉनमी का पहिया तेजी से घूमेगा. हालांकि, यह कदम सरकार के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) के टारगेट को चुनौती दे सकता है.
उद्योग जगत को उम्मीद है कि इस बार के बजट में वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली को सरल बनाने और कंप्लायंस से जुड़ी परेशानियों को कम करने के उपायों पर जोर दिया जाएगा. छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) और कृषि क्षेत्र को सहायता देने के लिए लोन की नई योजनाओं पर विचार किया जा रहा है, जिससे इन क्षेत्रों को बढ़ावा मिले.

बिजनेस कानूनों में सुधार की मांग
इसके साथ ही, ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए कई कानूनी सुधारों की मांग की जा रही है. इसमें कुछ कानूनों का अपराधमुक्त (Decriminalisation) करना भी शामिल है, जिससे बिजनेसों पर कानूनी बोझ कम हो सके और एक पॉजिटिव माहौल बने.
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच इस बजट को तैयार किया जा रहा है. घरेलू स्तर पर बिजनेसों के सामने मौजूद नियामकीय बोझ (Regulatory Burdens) और श्रम बाजार में सुधार की जरूरतें भी सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां हैं. बिजनेस जगत का मानना है कि यदि श्रम सुधारों और मौजूदा कानूनों के बेहतर कार्यान्वयन पर ध्यान दिया जाए, तो यह न केवल निवेश को बढ़ावा देगा, बल्कि रोजगार भी बढ़ेंगे.