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भोपाल में वैज्ञानिकों का जमावड़ा आज से, 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुभारंभ करेंगे CM मोहन

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मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल व राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद्, भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से स्कूली छात्रों हेतु 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का आयोजन दिनांक 03 से 06 जनवरी, 2025 को रविन्द्र भवन, भोपाल में किया जा रहा है.
मध्य प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) भोपाल में 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (31st National Children’s Science Congress 2025) का शुभारंभ करेंगे. 31वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का 4 दिवसीय आयोजन 3 से 6 जनवरी तक होगा. भारत के विभिन्न राज्यों के 700 से अधिक बाल वैज्ञानिक, शिक्षक और मेंटर्स इस आयोजन में भाग लेंगे. साथ ही बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, ओमान और सऊदी अरब जैसे ग़ल्फ़ देशों के बाल वैज्ञानिक भी अपनी प्रस्तुतियों के साथ शामिल होंगे. इसके साथ ही देश के प्रमुख वैज्ञानिक जैसे डॉ. चेतन सोलंकी (IIT मुंबई), डॉ. नंद कुमार (AIIMS दिल्ली), और डॉ. चैतन्य पूरी (IISER पुणे) छात्रों के साथ संवाद करेंगे. उद्घाटन कार्यक्रम में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. अभय कारंदिकर, मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव अनुराग जैन, आईआईटी इंदौर के निदेशक डॉ सुहास जोशी सम्मिलित होंगे.
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस क्या है?
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (NCSC) एक राष्ट्रीय विज्ञान संचार कार्यक्रम है जिसकी शुरुआत 1993 में हुई थी. यह भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत संचालित एक मंच है, जो 10-17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, रचनात्मकता और नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है.
इस बार की थीम ये है…
इस वर्ष राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय “स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना” है. यह कार्यक्रम बच्चों में वैज्ञानिक सोच को विकसित करने और उन्हें समाज की समस्याओं के समाधान में नवाचार का उपयोग करने के लिए प्रेरित करेगा.
वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला के ऑटोमेशन का शुभारंभ भी होगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव वराह मिहिर खगोलीय वेधशाला के ऑटोमेशन का उद्घाटन भी करेंगे. इस पहल से आम नागरिक घर बैठे खगोलीय अध्ययन कर सकेंगे, जो मध्यप्रदेश को खगोल विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा. इसमें दो बच्चों का एक समूह मार्गदर्शक शिक्षक के साथ किसी स्थानीय समस्या का चयन करता है और वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से उसका समाधान प्रस्तुत करता है. यह प्रक्रिया गहन अवलोकन, प्रश्न उठाने, मॉडल बनाने और प्रयोग के माध्यम से समाधान खोजने पर आधारित होती है. बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में जिज्ञासा और खोज की भावना को प्रोत्साहित करती है, साथ ही उन्हें वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोचने और समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है.

BJP ने दी शिवराज सिंह चौहान को बड़ी जिम्मेदारी, कई केंद्रीय मंत्रियों का नाम शामिल, यहां देखें पूरी लिस्ट

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भोपालः भारतीय जनता पार्टी ने संगठन चुनाव के लिए चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति की है, जिसमें केंद्रीय मंत्री से लेकर संगठन के मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है. प्रदेश अध्यक्षों एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए यह नियुक्ति की गई है. मध्य प्रदेश में होने वाले संगठन के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है. भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी और सांसद डॉ. के लक्ष्मण ने लिस्ट जारी की है. 29 राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश के लिए चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं.

वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को कर्नाटक की ज़िम्मेदारी दी गई है. जबकि विनोद तावड़े को छत्तीसगढ़ का चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है. इसके अलावा बिहार के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और विधायक सरदार नरिंदर सिंह रैना, हरियाणा के लिए राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को हिमाचल प्रदेश और वहीं उत्तर प्रदेश के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को जिम्मेदारी दी गई है.

अजमेर दरगाह में मंदिर विवाद के बीच PM मोदी ने भेजी चादर, नहीं तोड़ी परंपरा; हाजी सलमान चिश्ती ने किया स्वागत

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प्रधानमंत्री मोदी हर साल खास मौके पर अजमेर शरीफ दरगाह के लिए चादर भिजवाते हैं। इस साल 11वीं बार पीएम मोदी की चादर चढ़ाई जाएगी। पीएम की ओर से ये चादर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामला मंत्री किरण रिजिजू को सौंपी गई है।
अजमेर की गरीब नवाज हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में 813वां उर्स शुरू हो गया है। इस खास मौके पर 4 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी की चादर अजमेर शरीफ दरगाह में मजार पर चढ़ाई जाएगी। बता दें कि पीएम मोदी ने 11वीं बार अजमेर शरीफ की दरगाह पर चादर भेजी है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री तथा संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू 4 जनवरी को अजमेर आएंगे जहां वे ख्वाजा गरीब नवाज के उर्स के मौके पर पीएम मोदी की चादर पेश करेंगे।
मंत्री की यात्रा का आधिकारिक कार्यक्रम जारी
मंत्री किरेन रिजिजू की यात्रा का आधिकारिक कार्यक्रम जारी किया गया है। किरेन रिजिजू चादर लेकर शुक्रवार सुबह 9.30 बजे हजरत निजामुद्दीन दरगाह जाएंगे। इस दौरान बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता भी उनके साथ होंगे। निजामुद्दीन दरगाह के बाद चादर लेकर महरौली की दरगाह होते हुए काफिला जयपुर के लिए रवाना होगा। कल अल्पसंख्यक कार्य मंत्री सिर्फ हजरत निजामुद्दीन दरगाह के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद शनिवार को वह अजमेर में पीएम की चादर मजार पर चढ़ाएंगे।

ये 140 करोड़ देशवासियों को तोहफा- हाजी सलमान चिश्ती
इस मौके पर अजमेर दरगाह के खादिम और चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सलमान चिश्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भेजी चादर का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की तरफ से जो चादर भेजी गई है, वो देश के 140 करोड़ देशवासियों को एक तोहफा है, मोहब्बत का… अमन का… एकता का।
अजमेर की दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा
बता दें कि पीएम मोदी की दी गई चादर को अजमेर शरीफ दरगाह की मजार पर ऐसे समय में चढ़ाई जाएगी, जब पिछले दिनों हिंदू राष्ट्र सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अजमेर की दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा करते हुए कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर अगली सुनवाई 24 जनवरी को होगी।

अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन ने दिया था 23 मंदिर तोड़ने का आदेश’, LG ऑफिस ने किया भंडाफोड़

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दिल्ली की सीएम आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उपराज्यपाल और बीजेपी पर मंदिर तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया था। आतिशी ने कहा था कि धार्मिक कमेटी की सिफारिश से एलजी ने दिल्ली के 7 धार्मिक स्थलों को तोड़ने के आदेश दिए हैं जिसका एलजी ने खंडन किया था।
उपराज्यपाल सचिवालय ने आम आदमी पार्टी (AAP) नेता अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री आतिशी और आप द्वारा की जा रही सांप्रदायिकता भड़काने वाली झूठी और गंदी राजनीति का भंडाफोड़ किया है। उपराज्यपाल सचिवालय ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए, उन दस्तावेजों को उजागर किया जिनमें पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने खुद 8 फरवरी 2023 को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में 9 मंदिरों को ध्वस्त करने की सिफारिश की थी।
केजरीवाल और दिल्ली सरकार के तत्कालीन गृह विभाग के मंत्री मनीष सिसोदिया ने इन 9 मंदिरों को तोड़ने की धार्मिक कमेटी की सिफारिशों को मंजूरी दी थी। केजरीवाल ने जिन 9 मंदिरों को तोड़ने की मंजूरी दी उनमें से 7 मंदिर करावल नगर इलाके में स्थित थे, जबकि अन्य 2 मंदिर न्यू उस्मानपुर इलाके में स्थित थे।

सत्येंद्र जैन ने 8 मंदिरों को तोड़ने की दी थी मंजूरी
इससे पहले 23 जून 2016 को दिल्ली सरकार के तत्कालीन गृह विभाग के मंत्री सत्येन्द्र जैन ने भी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में 8 मंदिरों को तोड़ने की मंजूरी दी थी। दस्तावेजों से यह भी पता चला है कि वर्ष 2016 से 2023 तक केजरीवाल और उनके मंत्रियों द्वारा कुल 24 धार्मिक ढांचों को तोड़ने की मंजूरी दी गई थी जिनमें 22 मंदिर और केवल 1 दरगाह शामिल थी। दिलचस्प बात यह है कि सत्येन्द्र जैन ने 17.7.2017 को 2 अज्ञात मजारों को तोड़ने के लिए दी गई धार्मिक कमेटी की सिफारिशों को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इनसे धार्मिक भावनाएं और संवेदनाएं आहत हो सकती हैं। हालांकि धार्मिक कमेटी ने माना था कि इन ढाचों का कोई भी ऐतिहासिक महत्व नहीं था और यहां हर सप्ताह केवल 5-10 लोग ही आते थे।

फिल्मिस्तान सिनेमा से डीसीएम चौक तक ग्रेड सेपरेटर के निर्माण के लिए इन दो मजारों को हटाना महत्वपूर्ण था, जिसके लिए भूमि उत्तरी रेलवे द्वारा एमसीडी को हस्तांतरित कर दी गई थी। सचिवालय के अधिकारियों ने कहा कि प्रस्तुत तथ्यों को देखते हुए उपराज्यपाल सचिवालय के खिलाफ आरोप लगाने वालों को अपने बयान वापस लेने चाहिए, माफी मांगनी चाहिए और ओछी और गंदी राजनीति में शामिल होने से बचना चाहिए।

आतिशी ने LG और बीजेपी पर लगाया था आरोप
बता दें कि दिल्ली की सीएम आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उपराज्यपाल और बीजेपी पर मंदिर तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया था। आतिशी ने कहा था कि धार्मिक कमेटी की सिफारिश से एलजी ने दिल्ली के 7 धार्मिक स्थलों को तोड़ने के आदेश दिए हैं जिसका एलजी ने खंडन किया था। आतिशी ने कहा था धार्मिक कमेटी अब सीधे LG को रिपोर्ट करती है। अगर ये कमेटी पहले की तरह चुनी हुई सरकार के सीएम को रिपोर्ट करती तो दिल्ली सरकार कभी मंदिरों को तोड़ने नहीं देती। इसी के जवाब में आज एलजी ऑफिस ने डेटा जारी करके कहा है कि अरविंद केजरीवाल के आदेश से दिल्ली में 23 मंदिरों के तोड़ा गया था।

शिवराज बोले- केजरीवाल ने किसानों को धोखा दिया, आतिशी का जवाब- पीएम से कहिए पंजाब के किसान से बात करें

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दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री ने सीएम आतिशी को पत्र लिखकर सरकार को घेरा है। वहीं, आतिशी ने भी शिवराज सिंह चौहान को जवाब दिया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह की चिट्ठी का दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने जवाब दिया है। आतिशी ने कहा कि बीजेपी का किसानों के बारे में बात करना वैसे ही है जैसे दाऊद अहिंसा पर प्रवचन दे रहा हो। जितना बुरा हाल किसानों का बीजेपी के समय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं, पीएम मोदी से कहिए उनसे बात करें। किसानों से राजनीति करना बंद करो। बीजेपी राज में किसानों पर गोलियां, लाठियां चलाई गयीं।
इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को लिखी एक जनवरी 2025 को चिट्ठी लिखी थी। पत्र में शिवराज ने आरोप लगाया कि आपने दिल्ली में किसानों के हित में कभी उचित निर्णय नहीं लिए। केंद्र सरकार की किसान हितैषी योजना को दिल्ली में लागू होने से रोका गया।

शिवराज सिंह चौहान ने क्या लिखा पत्र में

केंद्रीय कृषि मंत्री ने पत्र में लिखा कि दिल्ली सरकार द्वारा केंद्र की अनेक किसान कल्याणकारी योजनाओं को लागू नहीं किये जाने से किसान भाई-बहन इन योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। मैने पूर्व में भी आपको पत्र लिखकर दिल्ली के किसानो की समस्याओं से अवगत कराया था लेकिन यह चिंता का विषय है कि आपकी सरकार ने इन समस्याओं का कोई निराकरण नहीं किया है।

केजरीवाल ने किसानों को धोखा दियाः शिवराज

विगत 10 वर्षों से दिल्ली में आप की सरकार है लेकिन सदैव यह प्रतीत हुआ है कि पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने किसान भाई बहनों के साथ सिर्फ धोखा किया है और चुनावों से पहले बड़ी बड़ी घोषणाएँ कर उनका राजनैतिक लाभ लिया है। केजरीवाल ने सरकार में आते ही हमेशा जनहितैषी निर्णयों को लेने के स्थान पर अपना रोना रोया है। आपकी सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण केंद्र सरकार की एकीकृत बागवानी विकास मिशन को लागू नहीं किया गया है।

केंद्र की योजनाएं दिल्ली में नहीं लागू करने का आरोप

केंद्रीय मंत्री पत्र में यह भी लिखा कि आप के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के द्वारा केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय कृषि विकास योजना को भी लागू नहीं किया गया है। इस योजना को लागू नहीं करने से किसान भाई बहनों का नुकसान हुआ है, क्योंकि इस योजना के माध्यम से राज्य अपनी विशिष्ट परियोजनाएं शुरू कर सकते हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना को लागू नहीं होने के कारण कृषि मशीनीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य, फसल अवशेष प्रबंधन, परंपरागत कृषि विकास योजना, कृषि वानिकी और फसल डायवर्सिफिकेशन के लिए सब्सिडी जैसी योजनाओं का लाभ दिल्ली के किसान नहीं ले पा रहे हैं।

पत्र में यह भी लिखा है कि दिल्ली में न सिर्फ केंद्र सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं को आपने लागू नहीं किया है बल्कि आपकी नीतियां भी कृषि एवं किसान विरोधी रही है। मुझे दिल्ली के किसानों ने बताया है कि दिल्ली में किसानों के ट्रैक्टर, हार्वेस्टर जैसे आवश्यक कृषि उपकरणों का पंजीकरण कमर्शियल व्हीकल श्रेणी में किया जा रहा है जिससे किसानों को अधिक दाम में अपने कृषि उपकरण खरीदने पड़ रहे हैं।

किसानों से ज्यादा बिजली बिल वसूलने का आरोप

आप फ्री बिजली की बात करती हैं लेकिन दिल्ली में आप की सरकार ने किसानों के लिए उच्च बिजली दरें निर्धारित कर रखी है। किसानों से वर्तमान में दिल्ली में बिजली के लिए वाणिज्यिक दरों पर शुल्क लिया जा रहा है। सिंचाई एवं अन्य कृषि कार्यों के लिए सस्ती बिजली जरूरी है लेकिन दिल्ली में किसानों से कृषि बिजली के लिए बड़ी राशी वसूली जा रही है। आपकी सरकार ने यमुना से लगे हुए गांवों में सिंचाई उपकरणों के बिजली कनेक्शन काट दिए है जिससे उन्हें सिंचाई कार्यों में बहुत मुश्किल हो रही है। किसानो की फसलें सूख रही है और उनकी आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है।

ग्वालियर पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता, एटीएम लूटने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

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ग्वालियर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो एटीएम लूट की घटना में शामिल थे। ग्वालियर पुलिस के एसपी ने इसे लेकर कहा कि 26-27 दिसंबर 2024 की रात एक एटीएम लूट की घटना की सूचना मिली थी। छापेमारी के बाद 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। दरअसल ग्वालियर पुलिस ने एक गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसे लेकर ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह ने कहा, ‘ग्वालियर पुलिस ने आज एक बहुत ही सफल ऑपरेशन में एक गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 26-27 दिसंबर 2024 की रात को बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में एक एटीएम लूट की घटना की सूचना मिली थी। अनुभव के आधार पर यह अनुमान लगाया गया था कि इस घटना में ‘मेवात गैंग’ का हाथ हो सकता है। पिछले 4 से 5 दिनों में सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। इस गिरोह ने घटना के दौरान लगातार अलग-अलग नंबर प्लेट का भी इस्तेमाल किया।’
ग्वालियर पुलिस को मिली सफलता
ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह ने आगे कहा कि छापेमारी के बाद अपराधियों को पकड़ना बहुत ही चुनौतीपूर्ण काम था। 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना में प्रयुक्त वाहन को जब्त कर लिया गया है और लूटी गई रकम भी बरामद कर ली गई है।” बता दें कि इससे पूर्व मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मानसिक रूप से विक्षिप्त एक युवक ने अपने पड़ोसी की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। घटना शहर के रहिया थाना क्षेत्र के ग्राम करहिया की है। आरोपी युवक 15 साल से मानसिक रूप से बीमार है, जिसे परिवार वाले गांव से तीन किमी दूर खेतों में बांधकर रखते थे। लेकिन रविवार को किसी तरह से जंजीर खुल गया। इसके बाद बीमार शख्स कुल्हाड़ी लेकर अपने घर पहुंचा और उसने घर के बाहर बैठे बुजुर्ग पर हमला कर दिया।
ग्वालियर में मानसिक रूप से बीमार शख्स ने की हत्या
दरअसल घटना के वक्त ग्वालियर के देहात करहिया थाना क्षेत्र के ग्राम करहिया के रावत मोहल्ला में रहने वाले 65 साल के रतन रावत अपने पड़ोसी सिरनाम रावत के घर के बाहर बैठकर बातचीत कर रहे थे। तभी सिरनाम रावत का 35 साल का बेटा राजेंद्र रावत अपने हाथों में कुल्हाड़ी लेकर आया और घर के बाहर बैठे रतन रावत के सिर में कुल्हाड़ी से दोर बार हमला कर उन्हें घायल कर दिया। ये देख रतन रावत का बेटा करण अपने पिता को तत्काल इलाज के लिए जयरोग अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जसप्रीत बुमराह अकेले ढो रहे टीम का जिम्मा, कप्तान ने दिग्गज गेंदबाज के वर्कलोड पर ये क्या कह दिया?

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IND vs AUS: मेलबर्न टेस्ट में जसप्रीत बुमराह 50 से ज्यादा ओवर गेंदबाजी की और ऑस्ट्रेलिया के 9 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। इस दौरान उन्होंने एक पारी में 5 विकेट लेने का भी बड़ा कारनामा किया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का चौथा मैच मेलबर्न में खेला गया। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 184 रनों से धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए 5 मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। मेलबर्न टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों ने काफी निराश किया जिससे जसप्रीत की पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। बुमराह ने दोनों पारियों में मिलकर जमकर गेंदबाजी की और एक 5 विकेट हॉल सहित सबसे ज्यादा 9 विकेट अपने नाम किए। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम को मिली एकमात्र जीत में बुमराह का अहम योगदान था। इस सीरीज में बुमराह ने चार टेस्ट मैचों में अब तक कुल 141.2 ओवर गेंदबाजी की है और उन्होंने इस दौरान 30 विकेट झटके हैं। बुमराह के कंधो पर टीम इंडिया का कितना ज्यादा भार है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह इस सीरीज में सबसे ज्यादा ओवर फेंकने वाले गेंदबाज हैं और सबसे ज्यादा विकेट भी उन्हीं की झोली में हैं। पैट कमिंस 136.4 ओवर के साथ दूसरे नंबर पर रहे और मिचेल स्टार्क 131.2 ओवर के साथ तीसरे स्थान पर।
वीडियो हुआ था वायरल
मेलबर्न टेस्ट के आखिरी दिन बुमराह जरूरत से ज्यादा गेंदबाजी करते नजर आए। एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्होंने कहा कि बस अब और गेंदबाजी नहीं कर सकते क्योंकि अब एनर्जी नहीं बची है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ।मेलबर्न टेस्ट खत्म होने के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी माना कि जसप्रीत बुमराह ने काफी गेंदबाजी की। इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन हर टेस्ट मैच में आपको गेंदबाजों के वर्कलोड मैनेजमेंट के बारे में पता होता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई इतनी शानदार लय में है, तो आप जितना संभव हो सके उसका फायदा उठाने की कोशिश करना चाहते हैं और हम बुमराह के साथ यही करने की कोशिश कर रहे हैं।

बुमराह को इंजरी का खतरा ज्यादा
रोहित इस बात से भी सहमत नजर आए कि किसी को भी बुमराह को लेकर सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि उनके चोटिल होने का खतरा ज्यादा रहता है। उन्होंने कहा कि एक समय आता है जब आपको थोड़ा पीछे हटने की जरूरत होती है और गेंदबाज को थोड़ी अतिरिक्त राहत भी देनी होती है। इसलिए हम इस मामले में बहुत सावधान रहे हैं। बुमराह से इस बारे में बात करते रहते हैं कि कि वह कैसा महसूस करते हैं।

साल के आखिरी दिन शेयर बाजार में कोहराम, निफ्टी 23,600 के नीचे लुढ़का, बड़ी गिरावट के ये हैं 5 कारण

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बीएसई सेंसेक्स 404.34 अंक टूटकर 77,843.80 अंक पर खुला है। वहीं, एनएसई 89.60 अंकों की गिरावट के साथ 23,554.80 अंकों पर कारोबार कर रहा है।
2024 के आखिरी कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला है। बीएसई सेंसेक्स 404.34 अंक टूटकर 77,843.80 अंक पर खुला है। वहीं, एनएसई 89.60 अंकों की गिरावट के साथ 23,554.80 अंकों पर कारोबार कर रहा है। बाजार में आज दूसरे दिन बड़ी गिरावट है। सोमवार को मजबूत खुलने के बाद आखिरी कारोबारी घंटे में बाजार में बिकवाली हावी हो गया था। आज बाजार खुलते ही धड़ाम हो गया है। अगर इंडेक्स पर नजर डालें तो आईटी, फार्मा, ऑटो समेत सभी प्रमुख सेक्टर में गिरावट है।
सेंसेक्स में लिस्ट 30 कंपनियों में से टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, जोमैटो, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। कोटक महिंद्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में रहे जबकि हांगकांग का हैंगसेंग फायदे में रहा। अमेरिकी बाजार सोमवार को नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। आखिर बाजार में बड़ी गिरावट की क्या है वजह? आइए जानते हैं।

बाजार में गिरावट की क्या है वजह?
अमेरिकी बाजार में कोहराम: आज भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट की अहम बजट अमेरिकी बाजार में बड़ी गिरावट है। सोमवार को डाउ जोन्स और नैस्डैक में बड़ी गिरावट रही। इसका असर आज भारतीय बाजार में दिखाई दे रहा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली थम नही रही: भारतीय बाजार में गिरावट की दूसरी अहम वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली है। विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इसके चलते भारतीय बाजार रिकॉर्ड हाई से लगातार नीचे जा रहा है।
मजबूत होता डॉलर: भारतीय बाजार में गिरावट की तीसरी मुख्य वजह डॉलर में लगातार मजबूती आना है। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है। रुपया टूटकर 85प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार में निवेश करने से हतोत्साहित करता है। यह उनके लाभ को कम करता है, जब वे इसे अपनी घरेलू मुद्राओं में वापस बदलते हैं, जिससे विदेशी पूंजी बाहर निकलती है और बाजारों पर और दबाव पड़ता है। इसका भी असर भारतीय बाजार पर हो रहा है।
कंपनियों के हालत सुधरने के संकेत नहीं: भारतीय कंपनियों की पहली और दूसरी तिमाही के रिजल्ट अच्छे नहीं रहे। तीसरी यानी दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे भी ज्यादा बेहतर रहने की उम्मीद नहीं है। इसका असर भी भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है।
मैक्रोइकॉनोमिक बाधाएं: भारत की बिगड़ती मैक्रोइकॉनोमिक तस्वीर को लेकर नई चिंताएं उभरी हैं, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। नवंबर में देश का व्यापार घाटा अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा आर्थिक विकास दर भी धीमी हुई है। भारत की दूसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर लगभग दो वर्षों में सबसे कम रही और लगातार तीसरी तिमाही में विकास दर में कमी देखी गई। इसका असर भी भारतीय स्टॉक मार्केट पर दिखाई दे रहा है।

दिल्ली एम्स में ‘गंभीर मरीजों’ के लिए अब अलग से होगा इलाज, बनाया जा रहा एक नया सेक्शन, जानिए कब होगा तैयार?

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दिल्ली एम्स में बड़ी संख्या में मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है। अलग बनाए जा रहे इस सेक्शन में 200 बेड एक्सट्रा लगाए जाएंगे।
दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में देश के कोने-कोने से मरीज इलाज कराने आते हैं। वहीं, अब दिल्ली एम्स में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अलग से इलाज किए जाएगा। गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार में सुधार लाने के उद्देश्य से जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के परिसर में एक नया ‘क्रिटिकल केयर’ सेक्शन बनाएगा। संस्थान के निदेशक डॉक्टर एम श्रीनिवास ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अगले दो सालों में हो जाएगा तैयार
डॉक्टर श्रीनिवास ने बताया कि नए सेक्शन में 200 अतिरिक्त बिस्तर होंगे, जिससे अस्पताल की क्षमता बढ़ेगी और इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि इसे अगले दो सालों में तैयार होने की उम्मीद है।

दिल्ली एम्स में लगाए गए AI संचालित सीसीटीवी कैमरा
श्रीनिवास ने यह भी बताया कि संस्थान में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के तौर पर कुछ प्रमुख बिंदुओं पर कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) संचालित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

कोलकाता कांड के बाद से बढ़ाई गई सिक्योरिटी
उन्होंने कहा कि यह कदम कोलकाता के एक अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की घटना के परिप्रेक्ष्य में उठाया गया है। ऐसे कैमरे चेहरे की पहचान तकनीक के साथ सभी आगंतुकों को पहचानने में सक्षम होंगे।साथ ही सुरक्षा कर्मचारियों को यह पहचानने में मदद करेंगे कि कौन सा व्यक्ति बार-बार प्रवेश कर रहा है और बाहर निकल रहा है, जिससे उन्हें अनधिकृत व्यक्तियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

MP के किसानों को राहत, मौसम में बदलाव को देखते हुए CM मोहन यादव ने की ये घोषणाएं

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति के प्रावधानों के अनुसार किसानों को राहत राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के किसी भी संकट में सरकार संवेदनशील होकर उनके साथ खड़ी है।
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बदलते मौसम के मद्देनजर किसानों सहित सभी नागरिकों से पर्याप्त सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौसम में बदलाव आ चुका है और इसके परिणामस्वरूप किसानों की फसलों को नुकसान होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि किसानों को धान उपार्जन के लिए अतिरिक्त समय देंगे और ऐसे छोटे किसान जिनकी फसलों का उपार्जन नहीं हो पाता और वे अपने स्तर से फसल बेच देते हैं उन्हें प्रति हैक्टेयर राशि प्रदान करने अथवा बोनस के संबंध में आवश्यक सहायता के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाएगा।
किसी भी संकट में किसानों के साथ सरकार”

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश में मौसम में बदलाव के कारण किसानों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति के प्रावधानों के अनुसार किसानों को राहत राशि दी जाएगी। सीएम ने कहा कि किसानों के किसी भी संकट में सरकार संवेदनशील होकर उनके साथ खड़ी है। उन्होंवने कहा कि सरकार यह भी विचार कर रही है कि छोटे किसान जिन्हें अपनी फसल उपार्जन केंद्रों तक नहीं ले जाने का मौका मिलता, उन्हें प्रति हैक्टेयर सहायता राशि या बोनस प्रदान किया जाए। उन्होंने बताया कि खास तौर से आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए शीघ्र निर्णल लिया जाएगा।

फसलों के नुकसान पर जिला स्तर पर निर्देश

मुख्यमंत्री ने ओला, पाला आदि के कारण फसलों के नुकसान पर जिला स्तर पर आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत अधिकारियों को फसल क्षति का आकलन करने और किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

किसानों और नागरिकों से एहतियात बरतने की अपील

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से आह्वान किया कि विपरीत मौसम में फसलों के साथ ही स्वयं की सुरक्षा के लिए समस्त एहतियात बरतें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में ट्यूबवेल खुले नहीं रहना चाहिए। ट्यूबवेल खुले रखना प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में जानकारी मिलते ही क्षेत्र के थाने में जानकारी दी जाए। ऐसी लापरवाही पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नागरिकों को भी असमय वर्षा, शीत आदि से बचाव के लिए सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।